राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पहली मांग रखी है। बेनीवाल ने कहा कि सरकार की रणनीति अपनी मीठी बातों से हर प्रदर्शन को खत्म करने की होती है, इसलिए CJP के लोगों को इस सरकार के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि CJP के लोग बहकावे में आ गए तो देश का युवा उन्हें भी माफ नहीं करेगा, क्योंकि यह भीड़ सिर्फ CJP के बैनर तले नहीं आई है। हनुमान बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यवस्था लाने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन जंतर-मंतर से शुरू होकर अब पूरे देश में फैल चुका है, क्योंकि प्रत्येक युवा चाहता है कि पेपर लीक जैसे मामले ना हों और यह देश के नौजवानों के भविष्य का सवाल है। सांसद ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने का काम कर रहे हैं।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पहली मांग रखी है। बेनीवाल ने कहा कि सरकार की रणनीति अपनी मीठी बातों से हर प्रदर्शन को खत्म करने की होती है, इसलिए CJP के लोगों को इस सरकार के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि CJP के लोग बहकावे में आ गए तो देश का युवा उन्हें भी माफ नहीं करेगा, क्योंकि यह भीड़ सिर्फ CJP के बैनर तले नहीं आई है। हनुमान बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यवस्था लाने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन जंतर-मंतर से शुरू होकर अब पूरे देश में फैल चुका है, क्योंकि प्रत्येक युवा चाहता है कि पेपर लीक जैसे मामले ना हों और यह देश के नौजवानों के भविष्य का सवाल है। सांसद ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने का काम कर रहे हैं।
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पहली मांग रखी है। बेनीवाल ने कहा कि सरकार की रणनीति अपनी मीठी बातों से हर प्रदर्शन को खत्म करने की होती है, इसलिए CJP के लोगों को इस सरकार के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि CJP के लोग बहकावे में आ गए तो देश का युवा उन्हें भी माफ नहीं करेगा, क्योंकि यह भीड़ सिर्फ CJP के बैनर तले नहीं आई है। हनुमान बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यवस्था लाने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन जंतर-मंतर से शुरू होकर अब पूरे देश में फैल चुका है, क्योंकि प्रत्येक युवा चाहता है कि पेपर लीक जैसे मामले ना हों और यह देश के नौजवानों के भविष्य का सवाल है। सांसद ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने का काम कर रहे हैं।1
- भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं है। उनका आरोप है कि यह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित एक सोची-समझी 'सोशल मीडिया टूलकिट' या राजनीतिक प्रयोग है, जिसका सीधा मकसद युवाओं को भड़काना और पीएम मोदी की छवि को नुकसान पहुँचाना है। दूसरी तरफ, आंदोलनकारी छात्रों और स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों की वास्तविक आवाज और शांतिपूर्ण विरोध को 'राजनीति से प्रेरित' बता रही है। छात्रों का आरोप है कि सरकार इस तरह के दावे करके जनता को असली मुद्दों से गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, पूरे मामले में 'मोदी विरोध की राजनीति बनाम राहुल गांधी का पीएम चेहरा' का समीकरण भी चर्चा में है। विश्लेषण के अनुसार, भले ही मोदी को टारगेट किया जा रहा हो, लेकिन राहुल गांधी का पीएम बनना अभी दूर की कौड़ी है और विपक्ष की अपनी कई कमजोरियां सामने आ रही हैं।1
- सोनम सर ने आज 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद अब छात्रों पर किसी भी तरह का लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए।1
- रियान बड़ी उपखंड क्षेत्र के लुगिया गांव निवासी मेघवाल परिवार ने अपनी पुश्तैनी अनुसूचित जाति (एससी) भूमि के कथित फर्जी नामांतरण का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है। ज्ञापन में नाथूराम मेघवाल, धारूराम मेघवाल और उनकी बहनों चुका देवी व सोहनी देवी ने बताया कि ग्राम बीजाथल स्थित खसरा नंबरों की भूमि पर उनके पूर्वज, जैसे शिवरण पुत्र घिसा, राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 लागू होने से पहले से ही काश्तकार रहे हैं। नाथूराम मेघवाल के अनुसार, उनके पिता ने आर्थिक तंगी के कारण जमीन उगमाराम जाट को केवल बटाई पर दी थी। आरोप है कि पिता के निधन के बाद उगमाराम जाट ने कूटचित दस्तावेजों के आधार पर बिना वैधानिक रूपांतरण के एससी वर्ग की भूमि ओबीसी वर्ग में अपने नाम करवा ली। वहीं, सुगनचंद जैन पर आरोप है कि उन्होंने बंटवारे के दौरान पिता की जाति गलत तरीके से जैन दर्ज करवाकर अवैध रूप से भूमि अपने नाम कर ली। पीड़ित पक्ष का दावा है कि प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से सैकड़ों बीघा भूमि का रिकॉर्ड बदला गया है, जबकि नियमतः बिना रूपांतरण के एससी भूमि किसी अन्य वर्ग के नाम दर्ज नहीं की जा सकती। परिवार ने जिला प्रशासन से दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पुश्तैनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है। इस संबंध में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने ज्ञापन मिलने की बात स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि मामले की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बीकानेर के ब्लॉक कोलायत में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना को लेकर ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। ब्लॉक नोडल अधिकारी डॉ. सुनील कुमार जैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध रिपोर्टिंग और स्वास्थ्य संस्थानों पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) की समय पर पहचान, नियमित एएनसी जांच, जोखिम वाली गर्भवतियों का सतत फॉलो-अप, समयबद्ध रेफरल और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम के तहत 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की हाईपरटेंशन, मधुमेह, ओरल कैंसर, स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की नियमित स्क्रीनिंग और उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, निक्षय पोषण योजना का लाभ दिलाने, संपर्क अनुरेखण और वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बीसीएमओ डॉ. भरत ओझा, डॉ. मनीष पुष्करणा, डॉ. कपिल सारस्वत, डॉ. दुर्गावती टाक, डॉ. कुंदन मल, बीपीएम अल्ताफ अली, एसटीएलएस राजेश कुमार रंगा, एसटीएस लक्ष्मीकांत सहित ब्लॉक के चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ, एएनएम और नर्सिंग ऑफिसर उपस्थित रहे। इसके अलावा पीएमएसएमए, नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण, वीएचएनडी, पीसीटीएस व ई-हेल्थ पोर्टल पर डेटा अपडेट करने, दवाइयों व जांच सेवाओं की उपलब्धता और रिकॉर्ड संधारण के संबंध में आवश्यक निर्देश देकर टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।1
- बीकानेर में लगातार हो रही बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटे में यहाँ 91 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते अधिकतम तापमान गिरकर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए और बारिश होने की संभावना जताई है।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी स्थित ग्राम पंचायत जसवंताबाद के आईटीआई सेवा केंद्र में राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर का फॉलोअप शिविर आयोजित किया गया। इसमें 22 विभागों ने संयुक्त रूप से सेवाएं देते हुए वर्षों से लंबित मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि प्रजापत समाज के चार भाइयों—चेतनराम प्रजापत, धर्माराम प्रजापत, चेनाराम प्रजापत एवं हनुमानराम प्रजापत—के बीच 35 वर्षों से लंबित भूमि बंटवारे का आपसी सहमति से समाधान रहा। राजस्व बंटवारे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चारों भाइयों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशी जताई और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं, प्रशासक संतोष देवी बाना और उनके प्रतिनिधि रामअवतार बाना के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा उठाई गई बिजली समस्या पर कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग ने महज दो घंटे में नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। सहायक विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद सैनी ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य पूर्व में आयोजित शिविरों के लंबित प्रकरणों का निस्तारण करना और नियमित सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। शिविर में राजस्व विभाग ने 9 म्यूटेशन, 1 फार्मर रजिस्ट्री पंजीयन, 3 अभिलेख शुद्धिकरण तथा 7 जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए। ग्रामीणों द्वारा नियमित जलापूर्ति न होने की शिकायत पर नायब तहसीलदार प्रेमकुमार ढेबाना ने संबंधित विभाग को पेयजल व्यवस्था में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए। इस शिविर में नायब तहसीलदार प्रेमकुमार ढेबाना, भू-अभिलेख निरीक्षक सुरेश कुमार, पशु चिकित्सक डॉ. विपुल ककड़ावा, आयुष चिकित्सक डॉ. रतनाराम, ग्राम विकास अधिकारी आकाश तिवाड़ी, पटवारी चेनाराम, कनिष्ठ अभियंता मनोज कुमार, कृषि पर्यवेक्षक गोपाल बराड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को केवल सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की सजा दी जा रही है। राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं। उन्होंने छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।1