भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं है। उनका आरोप है कि यह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित एक सोची-समझी 'सोशल मीडिया टूलकिट' या राजनीतिक प्रयोग है, जिसका सीधा मकसद युवाओं को भड़काना और पीएम मोदी की छवि को नुकसान पहुँचाना है। दूसरी तरफ, आंदोलनकारी छात्रों और स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों की वास्तविक आवाज और शांतिपूर्ण विरोध को 'राजनीति से प्रेरित' बता रही है। छात्रों का आरोप है कि सरकार इस तरह के दावे करके जनता को असली मुद्दों से गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, पूरे मामले में 'मोदी विरोध की राजनीति बनाम राहुल गांधी का पीएम चेहरा' का समीकरण भी चर्चा में है। विश्लेषण के अनुसार, भले ही मोदी को टारगेट किया जा रहा हो, लेकिन राहुल गांधी का पीएम बनना अभी दूर की कौड़ी है और विपक्ष की अपनी कई कमजोरियां सामने आ रही हैं।
भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों का दावा है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई साधारण छात्र आंदोलन नहीं है। उनका आरोप है कि यह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित एक सोची-समझी 'सोशल मीडिया टूलकिट' या राजनीतिक प्रयोग है, जिसका सीधा मकसद युवाओं को भड़काना और पीएम मोदी की छवि को नुकसान पहुँचाना है। दूसरी तरफ, आंदोलनकारी छात्रों और स्वतंत्र विश्लेषकों का कहना है कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए छात्रों की वास्तविक आवाज और शांतिपूर्ण विरोध को 'राजनीति से प्रेरित' बता रही है। छात्रों का आरोप है कि सरकार इस तरह के दावे करके जनता को असली मुद्दों से गुमराह करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, पूरे मामले में 'मोदी विरोध की राजनीति बनाम राहुल गांधी का पीएम चेहरा' का समीकरण भी चर्चा में है। विश्लेषण के अनुसार, भले ही मोदी को टारगेट किया जा रहा हो, लेकिन राहुल गांधी का पीएम बनना अभी दूर की कौड़ी है और विपक्ष की अपनी कई कमजोरियां सामने आ रही हैं।
- राजस्थान के अजमेर जिले में मांगलियावास-पीसांगन थाना क्षेत्र के बख्तावरपुरा गांव में 17 जुलाई को हुई 70 वर्षीय बेवा गांधी देवी की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया है। घटना के सात दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा मामले का खुलासा न किए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और शीघ्र खुलासे की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, 17 जुलाई की सुबह गांधी देवी का शव उनके घर के आंगन में चारपाई पर पड़ा मिला था। घटना के बाद पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कराया था तथा फॉरेंसिक और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए थे। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मामले का खुलासा नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मामले में पीसांगन पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही "दूध का दूध और पानी का पानी" कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।1
- राजस्थान के पाली जिला स्थित बर थाना प्रभारी श्री पन्नालाल ने क्षेत्रवासियों से कानून एवं नियमों का पूर्ण पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है, और सभी के सहयोग से ही क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने और अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल सत्यापित जानकारी पर विश्वास करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। थाना प्रभारी श्री पन्नालाल ने बताया कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से पुलिस का सहयोग करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा, "सुरक्षित समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक कानून का सम्मान करे और अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करे।"1
- सोनम सर ने आज 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। अनशन खत्म करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद अब छात्रों पर किसी भी तरह का लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए।1
- अजमेर में दरगाह बाईपास, नागफनी रोड, अढ़ाई दिन का झोपड़ा सड़क, अंदर कोट और नई सड़क बाईपास की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़कों के हिस्से टूट-टूटकर रास्ते पर गिर रहे हैं और पूरी सड़क जर्जर हो चुकी है। प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए इन रास्तों पर तुरंत सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की माँग उठाई गई है। इन प्रमुख मार्गों से होकर बहुत से मेहमान और श्रद्धालु शहर में आते हैं, जिससे अजमेर की छवि खराब हो रही है। दरगाह बाईपास और आसपास की सड़कों की दुर्दशा पर ध्यान देने और निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की माँग की गई है।1
- अजमेर में जनप्रतिनिधि वाद से जुड़े आनासागर वेटरलैंड मामले में न्यायालय में सुनवाई हुई। इस मामले में अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल पक्षकार हैं। याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि आनासागर वेटरलैंड का सीमांकन (डिमार्केशन) किए बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाए। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने न्यायालय को जानकारी दी कि कुल 12 पक्षकारों में से 4 पक्षकार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके साथ ही, संबंधित पक्ष की ओर से कोई भी आवश्यक दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। इस मामले में आगे की सुनवाई अब न्यायालय के निर्देशानुसार संपन्न होगी।1
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पहली मांग रखी है। बेनीवाल ने कहा कि सरकार की रणनीति अपनी मीठी बातों से हर प्रदर्शन को खत्म करने की होती है, इसलिए CJP के लोगों को इस सरकार के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि CJP के लोग बहकावे में आ गए तो देश का युवा उन्हें भी माफ नहीं करेगा, क्योंकि यह भीड़ सिर्फ CJP के बैनर तले नहीं आई है। हनुमान बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में व्यवस्था लाने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन जंतर-मंतर से शुरू होकर अब पूरे देश में फैल चुका है, क्योंकि प्रत्येक युवा चाहता है कि पेपर लीक जैसे मामले ना हों और यह देश के नौजवानों के भविष्य का सवाल है। सांसद ने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने का काम कर रहे हैं।1
- लगातार बारिश और बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही के कारण आलनियावास गांव के रास्ते पूरी तरह बदहाल हो चुके हैं। खराब और कीचड़युक्त रास्तों से गुजरने वाले इन भारी वाहनों के कारण आम लोगों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने कई स्थानों पर रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर रखकर बजरी से भरे वाहनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया था। हालांकि, आरोप है कि बजरी खनन से जुड़े लोगों ने उन पत्थरों को हटाकर रास्ता फिर से खोल दिया और पत्थर रखने वाले ग्रामीणों को धमकियां भी दीं। इसके बाद ग्रामीणों ने थांवला थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार उनके लौटते ही बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली फिर से उसी रास्ते से गुजरने लगे। इस स्थिति को देखते हुए कुछ किसानों ने दोबारा बीच रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर लगाकर भारी वाहनों का रास्ता बंद कर दिया। वहीं, गांव के छोटे वाहनों और लोगों की आवाजाही बनी रहे, इसके लिए ग्रामीणों ने अपने घरों के सामने एक वैकल्पिक रास्ता भी तैयार किया है ताकि स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को दिक्कत न हो। ग्रामीण डालूराम माली ने बताया कि उनके घर के सामने से प्रतिदिन सैकड़ों बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजरते हैं, जिससे पूरा रास्ता खराब हो गया है। मामले में गोपीराम माली, ताराचंद माली और ओमप्रकाश माली ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और सुरक्षित आवागमन मिल सके। इस संबंध में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि मामले की जानकारी खनन विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अवैध रूप से निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी, खराब रास्ते की मरम्मत के लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया जाएगा और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।1
- अजमेर जिले के पीसांगन उपखंड क्षेत्र स्थित लीडी ग्राम पंचायत के पाबूथान राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने छात्रों और शिक्षकों को विद्यालय से बाहर निकाला और मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। घटना की जानकारी मिलने पर पीसांगन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वीणा अग्रावत, पीआईओ भारती जाटव और सरपंच प्रतिनिधि भंवर लाल चौधरी मौके पर पहुंचे और वार्ता की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि विद्यालय भवन तालाब की गैर मुमकिन पाल पर स्थित होने के कारण इस पर सरकारी पैसा खर्च नहीं किया जा सकता। नसीराबाद विधायक की अनुशंसा पर डी एम एम टी फंड से दो कमरों के लिए स्वीकृत लगभग ₹14 लाख की राशि भी इसी कारण उपयोग में नहीं लाई जा सकी थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खेल मैदान और स्कूल भवन के लिए स्वीकृत आठ बीघा जमीन पर नए कक्षा-कक्ष बनाए जाएंगे और जब तक नया भवन तैयार नहीं होता, तब तक विद्यालय इसी भवन में संचालित रहेगा। इस सहमति के बाद सुबह करीब 10:30 बजे ताला खोला गया, जिसके बाद मल्लाराम गुर्जर, बलवीर, जितेंद्र, टीकम और जगदीश समेत ग्रामीणों ने अधिकारियों का आभार जताया।1
- पेपर लीक मामले को लेकर जारी 'स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट' के भारी दबाव और जंतर-मंतर पर चल रहे बड़े प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात 12 बजे एक 'मिडनाइट वीडियो' जारी किया है। इस वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि कैबिनेट कल इस मामले पर सख्त फैसला लेगी। प्रधानमंत्री ने यह भी वादा किया है कि संसद में नया बिल पास कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जंतर-मंतर पर लगातार बन रहे दबाव के बाद आए इस संदेश को युवाओं के गुस्से को शांत करने की कोशिश और डैमेज कंट्रोल मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है।1