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उत्तराखंड के बागेश्वर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और ट्रक मालिकों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए उनसे पूछा गया है कि क्या वे हर साल हजारों रुपये का टीडीएस (TDS) छोड़ रहे हैं? इस बेहद जरूरी जानकारी को उन्हें अभी देखने की सलाह दी गई है।

1 hr ago
user_मेरा हक न्यूज
मेरा हक न्यूज
Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
1 hr ago

उत्तराखंड के बागेश्वर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और ट्रक मालिकों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए उनसे पूछा गया है कि क्या वे हर साल हजारों रुपये का टीडीएस (TDS) छोड़ रहे हैं? इस बेहद जरूरी जानकारी को उन्हें अभी देखने की सलाह दी गई है।

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  • उत्तराखंड के बागेश्वर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और ट्रक मालिकों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए उनसे पूछा गया है कि क्या वे हर साल हजारों रुपये का टीडीएस (TDS) छोड़ रहे हैं? इस बेहद जरूरी जानकारी को उन्हें अभी देखने की सलाह दी गई है।
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    उत्तराखंड के बागेश्वर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और ट्रक मालिकों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए उनसे पूछा गया है कि क्या वे हर साल हजारों रुपये का टीडीएस (TDS) छोड़ रहे हैं? इस बेहद जरूरी जानकारी को उन्हें अभी देखने की सलाह दी गई है।
    user_मेरा हक न्यूज
    मेरा हक न्यूज
    Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • बागेश्वर जिले के गरुड़ में पिछले साल की दैवी आपदा में अपना घर गंवाने वाले परिवारों के लिए बनाई जा रही नई बसासत अब सवालों के घेरे में आ गई है। मूसलाधार बारिश के बाद यहाँ निर्माणाधीन मकानों में दरारें आने से प्रभावित परिवारों में फिर से डर का माहौल बन गया है। बीती रात हुई भारी बारिश के बाद चार निर्माणाधीन मकानों की दीवारों और लिंटर में गहरी दरारें पड़ गई हैं। आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए 4.25 लाख रुपये की सहायता से नए मकान बनाने की मंजूरी दी गई थी। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे कर्ज लेकर किसी तरह अपना मकान बनवा रहे हैं, लेकिन अब उनकी सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में प्रधान संगठन ने पुनर्वास स्थल के चयन की जांच करने और सहायता राशि को बढ़ाने की मांग उठाई है।
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    बागेश्वर जिले के गरुड़ में पिछले साल की दैवी आपदा में अपना घर गंवाने वाले परिवारों के लिए बनाई जा रही नई बसासत अब सवालों के घेरे में आ गई है। मूसलाधार बारिश के बाद यहाँ निर्माणाधीन मकानों में दरारें आने से प्रभावित परिवारों में फिर से डर का माहौल बन गया है। बीती रात हुई भारी बारिश के बाद चार निर्माणाधीन मकानों की दीवारों और लिंटर में गहरी दरारें पड़ गई हैं।

आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए 4.25 लाख रुपये की सहायता से नए मकान बनाने की मंजूरी दी गई थी। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे कर्ज लेकर किसी तरह अपना मकान बनवा रहे हैं, लेकिन अब उनकी सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में प्रधान संगठन ने पुनर्वास स्थल के चयन की जांच करने और सहायता राशि को बढ़ाने की मांग उठाई है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से पहले माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। बलिया दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर जोरदार विरोध किया। काले झंडे दिखाए जाने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने मंच से समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए, जिससे दोनों पक्षों के बीच सियासी जंग और तेज हो गई है।
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    उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से पहले माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। बलिया दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर जोरदार विरोध किया।

काले झंडे दिखाए जाने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने मंच से समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए, जिससे दोनों पक्षों के बीच सियासी जंग और तेज हो गई है।
    user_G EXPRESS
    G EXPRESS
    Local News Reporter दुगनाकुरी, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है। समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है। मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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    अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है।

समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है।

मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    13 min ago
  • नैनीताल के डीएसबी परिसर में युवाओं को प्रेरित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हर भारतीय का है और हमारा देश हर रूप में सक्षम होगा। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने पर विशेष जोर दिया। राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, "विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।" पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, क्योंकि विदेशों में बसे भारतीय युवाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने बदलते एआई (AI) के दौर में भारतीय सभ्यता को आधार बनाकर अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया। इससे पूर्व, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने भी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान कूटा के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
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    नैनीताल के डीएसबी परिसर में युवाओं को प्रेरित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हर भारतीय का है और हमारा देश हर रूप में सक्षम होगा। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, "विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।" पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, क्योंकि विदेशों में बसे भारतीय युवाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने बदलते एआई (AI) के दौर में भारतीय सभ्यता को आधार बनाकर अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया।

इससे पूर्व, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने भी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान कूटा के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    13 min ago
  • उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक बड़ा संकट मंडराने लगा है, जिससे इस मार्ग पर यातायात कभी भी पूरी तरह ठप हो सकता है। नैनीताल के गरमपानी क्षेत्र में रामगाढ़ पुल के ठीक बगल में हुए भारी भूधंसाव के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। पहाड़ी खिसकने और लगातार हो रहे भूकटाव की वजह से सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभरा कर सीधे नीचे नदी अथवा खाई में समा गया है। हालात इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि पुल के मुहाने से सटी जमीन पूरी तरह खोखली हो गई है। सड़क का आधा हिस्सा ढह जाने के कारण अब वहां आवाजाही के लिए महज कुछ फीट का ही रास्ता बचा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित हिस्से पर ईंट-पत्थर रखकर छोटे वाहनों को जैसे-तैसे निकाला जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही दरारों को देखते हुए भारी वाहनों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक हो चुका है।
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    उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक बड़ा संकट मंडराने लगा है, जिससे इस मार्ग पर यातायात कभी भी पूरी तरह ठप हो सकता है। नैनीताल के गरमपानी क्षेत्र में रामगाढ़ पुल के ठीक बगल में हुए भारी भूधंसाव के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। पहाड़ी खिसकने और लगातार हो रहे भूकटाव की वजह से सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभरा कर सीधे नीचे नदी अथवा खाई में समा गया है। हालात इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि पुल के मुहाने से सटी जमीन पूरी तरह खोखली हो गई है।

सड़क का आधा हिस्सा ढह जाने के कारण अब वहां आवाजाही के लिए महज कुछ फीट का ही रास्ता बचा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित हिस्से पर ईंट-पत्थर रखकर छोटे वाहनों को जैसे-तैसे निकाला जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही दरारों को देखते हुए भारी वाहनों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक हो चुका है।
    user_Local khabre NTL
    Local khabre NTL
    Local News Reporter Nainital, Uttarakhand•
    38 min ago
  • एक मां अपने बच्चों को पालती है, लेकिन बच्चों की जिंदगी में एक बाप का होना क्या होता है और यह कितना जरूरी है, इसे पूरी तरह समझने के लिए इस वीडियो को आखिरी तक देखना बेहद जरूरी है।
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    एक मां अपने बच्चों को पालती है, लेकिन बच्चों की जिंदगी में एक बाप का होना क्या होता है और यह कितना जरूरी है, इसे पूरी तरह समझने के लिए इस वीडियो को आखिरी तक देखना बेहद जरूरी है।
    user_PUBLIC MEDIA NEWS
    PUBLIC MEDIA NEWS
    Local News Reporter Nainital, Uttarakhand•
    2 hrs ago
  • अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विकासखंड के ऐना गांव में शुक्रवार रात हुए दिल दहला देने वाले सागर सिंह हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गांव के ही आरोपी युवक जगत सिंह बोरा को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का हथौड़ा और चाकू बरामद कर लिया है। मेरठ में पढ़ाई करने वाला 19 वर्षीय सागर सिंह सेना भर्ती की तैयारी के लिए ऐना गांव में अपनी बुआ जानकी देवी के घर आया हुआ था। शुक्रवार शाम आरोपी हथौड़ा और चाकू लेकर घर में घुसा और पहले सागर के सिर पर हथौड़े से वार किया, फिर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसका गला रेत दिया। बीच-बचाव करने पहुंचीं सागर की बुआ जानकी देवी और उनकी चचिया सास सबुली देवी पर भी आरोपी ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सबुली देवी के गले पर गंभीर चोटें आईं और उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर घोड़के ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी जगत सिंह बोरा को जानाडु होटल के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब दो महीने पहले एक शादी समारोह के दौरान स्कूटी पर खरोंच (स्क्रैच) लगने को लेकर उसका सागर और कृष्णा सिंह से विवाद हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक भुवन चन्द्र जोशी, कांस्टेबल कमल गोस्वामी, कांस्टेबल वरुण राज टम्टा और होमगार्ड आनंद सिंह शामिल रहे।
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    अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विकासखंड के ऐना गांव में शुक्रवार रात हुए दिल दहला देने वाले सागर सिंह हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गांव के ही आरोपी युवक जगत सिंह बोरा को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल किया गया लोहे का हथौड़ा और चाकू बरामद कर लिया है।

मेरठ में पढ़ाई करने वाला 19 वर्षीय सागर सिंह सेना भर्ती की तैयारी के लिए ऐना गांव में अपनी बुआ जानकी देवी के घर आया हुआ था। शुक्रवार शाम आरोपी हथौड़ा और चाकू लेकर घर में घुसा और पहले सागर के सिर पर हथौड़े से वार किया, फिर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसका गला रेत दिया। बीच-बचाव करने पहुंचीं सागर की बुआ जानकी देवी और उनकी चचिया सास सबुली देवी पर भी आरोपी ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सबुली देवी के गले पर गंभीर चोटें आईं और उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर घोड़के ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी जगत सिंह बोरा को जानाडु होटल के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब दो महीने पहले एक शादी समारोह के दौरान स्कूटी पर खरोंच (स्क्रैच) लगने को लेकर उसका सागर और कृष्णा सिंह से विवाद हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक भुवन चन्द्र जोशी, कांस्टेबल कमल गोस्वामी, कांस्टेबल वरुण राज टम्टा और होमगार्ड आनंद सिंह शामिल रहे।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    23 hrs ago
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