कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने पुलिस-जन सहयोग को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं को समझने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा से सटे लाछा-मराडबरा-उमरझोला गाँवों में रात्रि विश्राम किया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब ये गाँव पहले घोर नक्सल प्रभावित रहे थे। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के भाई-बहनों और अन्य ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। श्री सिंह ने गाँव में एक चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया, जहाँ उन्होंने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सुरक्षा संबंधी मुद्दों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके पश्चात्, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक के सीधे गाँव तक पहुँचने और उनकी समस्याओं को सुनने पर ग्रामीणों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया।
कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने पुलिस-जन सहयोग को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं को समझने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा से सटे लाछा-मराडबरा-उमरझोला गाँवों में रात्रि विश्राम किया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब ये गाँव पहले घोर नक्सल प्रभावित रहे थे। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के भाई-बहनों और अन्य ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। श्री सिंह ने गाँव में एक चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया, जहाँ उन्होंने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सुरक्षा संबंधी मुद्दों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके पश्चात्, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक के सीधे गाँव तक पहुँचने और उनकी समस्याओं को सुनने पर ग्रामीणों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया।
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- डिंडौरी जिले के विकासखंड शहपुरा के ग्राम ढ़ोढ़ा में 19 जून 2026 को प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक कार्यशाला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मध्य जनकल्याणकारी योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 216 किसानों ने सहभागिता की। कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और खेती के गहरे संबंधों के साथ-साथ प्राकृतिक तरीकों से खेती करने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी के स्वास्थ्य का संरक्षण होता है, पर्यावरण संतुलन बना रहता है और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है। इस दौरान, उपस्थित कृषकों को प्रगतिशील कृषक श्री बिहारी लाल साहू जी के जैविक केंद्र और बीआरसी यूनिट का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का अवलोकन किया। जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी आय बढ़ती है और रासायनिक खाद के उपयोग से होने वाले खर्च में कमी आती है। उन्होंने जैविक खेती को महत्वपूर्ण बताते हुए गाय, भैंस और बकरी पालन को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने, शुद्ध दूध प्राप्त करने और जैविक खाद से खेतों की उर्वरता बढ़ाकर दूध बिक्री से अतिरिक्त आय अर्जित करने का सुझाव दिया। उपाध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने भी संगोष्ठी चौपाल को संबोधित किया और बताया कि वे स्वयं एक किसान परिवार से हैं तथा नियमित रूप से प्राकृतिक खेती एवं जैविक खाद का उपयोग करते हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी आती है, फलस्वरूप लाभ अधिक होता है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों में जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम, उपाध्यक्ष श्री ज्ञानदीप त्रिपाठी, श्री आशीष वैश्य, श्री राहुल पांडे, श्री घनश्याम कछवाहा, श्री विष्णु प्रसाद साहू और किसान संघ अध्यक्ष श्री बिहारी लाल साहू उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, परियोजना संचालक आत्मा श्री आर.पी.एस. नायक, उपसंचालक कृषि श्री संजय दोषी, उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती रुचि टेकाम, एसएडीओ शहपुरा श्री गुमान सिंह चौहान, कृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री के.के. देशमुख, श्रीमती गीता सिंह, एटीएम श्री विनय टेकाम (मेहंदवानी) सहित तहसीलदार श्री रामप्रसाद मार्को, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग एवं जन अभियान परिषद के अधिकारीगण भी मौजूद थे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक किसानों को पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना था।1
- एक भयावह घटना में, एक JCB का टायर हवा भरते ही 'बम' की तरह फट गया। इस भीषण धमाके के कारण वहां मौजूद लोग करीब 15 फीट ऊपर उछल गए, और इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।1
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। यह टीम आज अयोध्या से लखनऊ लौटकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस पूरे विवाद को लेकर ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है, और उन्हें पद से हटाया भी जा सकता है।1
- मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।1
- बिलासपुर जिले के फारच्युन एलीमेंट बोदरी में शुक्रवार को जेसीबी मशीन का टायर फट जाने से उसके हेल्पर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। चकरभाठा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फारच्युन एलीमेंट बोदरी के सिक्योरिटी इंचार्ज विनय पांडे (उम्र 42 साल) ने शुक्रवार दोपहर 13:42 बजे थाने पहुंचकर मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे उन्हें ऋषभ कुमार से घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर विनय पांडे ने ओसामा (टायर पंचर मिस्त्री), भूपेंद्र राव (जेसीबी ड्राइवर) और अमृत लाल यादव को घायल अवस्था में पाया, जबकि जेसीबी मशीन का हेल्पर उमाकांत कौशिक मृत पड़ा था। घटना के संबंध में वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड दुर्गेश कुमार केंवट ने बताया कि ओसामा जेसीबी मशीन के बड़े चक्के के टायर में हवा भर रहा था। उस समय भूपेंद्र राव, अमृत लाल, उमाकांत कौशिक, रोलर ड्राइवर रमेश यादव और दुर्गेश टावर के किनारे बैठे थे। सुबह करीब 11:13 बजे अचानक टायर हवा भरते समय फट गया, जिससे टायर और डिस्क ऊपर की ओर उछल गए और इन सभी लोगों को चोटें आईं तथा वे इधर-उधर गिर गए। विनय पांडे ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर घायल ओसामा, भूपेंद्र और अमृत लाल को कंपनी की गाड़ी से तत्काल श्रीराम केयर अस्पताल बिलासपुर में इलाज के लिए भिजवाया। मृतक जेसीबी हेल्पर की पहचान उमाकांत कौशिक (पिता लखन कौशिक, उम्र 22 साल), निवासी सीपत थाना, सीपत, बिलासपुर के रूप में हुई है। टायर फटने से उमाकांत के दाहिने जबड़े और बाईं आंख में गंभीर चोटें आई थीं। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां उमाकांत कौशिक मृत अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिल्हा अस्पताल के चिरघर भिजवाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है।1
- देश की शिक्षा व्यवस्था पर लगातार बड़े सवाल उठाने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार का 'खटाखट मॉडल' बुरी तरह विफल हो गया है, जहाँ सरकारी कॉलेजों की छतें ढह रही हैं। यह स्थिति जमीनी हकीकत से उनके "जीरो कनेक्ट" का जीता-जागता सबूत है, जिसके चलते बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके विपरीत, भाजपा शासित बिहार की महिलाओं ने स्वयं राहुल गांधी के सामने बताया कि वहाँ के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर, किताबें और पढ़ाई पहले से कहीं बेहतर हुई है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव आए हैं। इसलिए, राहुल गांधी को अब अधूरे तथ्यों पर आधारित "डर की राजनीति" बंद करनी चाहिए और वास्तविक जमीनी हकीकत को स्वीकार करना चाहिए।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के रामावैली प्रिमियम कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान में 19 वर्षीय गार्ड ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में चकरभाठा पुलिस जाँच में जुटी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब 12 बजे रामावैली प्रिमियम वार्ड क्रं 01 बोदरी निवासी राकेश कुमार टहलरमानी (37) ने थाने में मौखिक सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई राहुल टहलरमानी के निर्माणाधीन मकान में लगभग दो महीने पहले सागर महिपाल (19), जो ग्राम नकटीडीह, थाना बम्हनीडीह, जिला जांजगीर चांपा का निवासी था, को चौकीदार रखा गया था। सागर ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह 10:15 बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसका कमरा अंदर से बंद था। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची, जहाँ दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और मृतक के शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया। मृतक के पास से एक छोटा सुसाइड नोट और मृत्यु से पहले खुद के मोबाइल में बनाए गए दो-तीन छोटे वीडियो भी बरामद हुए हैं। इन वीडियो में मृतक बार-बार कहता नजर आ रहा है कि उसे किसी से कोई शिकायत नहीं है और वह अपनी मर्जी से फांसी लगा रहा है, क्योंकि उसे भगवान बुला रहे हैं। शव को बिल्हा अस्पताल के चिर घर में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक अविवाहित था और किसी प्रकार का नशा नहीं करता था। दो साल पहले एक सड़क दुर्घटना में उसका एक पैर क्षतिग्रस्त होने के कारण काट दिया गया था और उसमें नकली पैर लगा हुआ था। मृतक ने किस वजह से आत्महत्या की है, यह जाँच का विषय है।1