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सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल

1 hr ago
user_Vinay kumar giri
Vinay kumar giri
Reporter Vinay Kumar Giri सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल
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    सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल
    user_Vinay kumar giri
    Vinay kumar giri
    Reporter Vinay Kumar Giri सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं श्रद्धा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। भंडारे के शुभ अवसर पर हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण शुरू किया गया। जैसे-जैसे भंडारे की जानकारी लोगों को हुई, वैसे-वैसे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। आयोजकों और सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन की सराहना की। भंडारे में स्थानीय लोगों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सेवा कार्य किया और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर डुमरी के अध्यापक सौरभ राज, अनिल राज, सौरभ राज, सतीश चौबे, प्रदीप वर्मा, राजेश, बड़कू अग्रहरि, ऋषभ राज, राकेश विश्वकर्मा, रमेश प्रधान तथा लाभजनक मौर्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग दिया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण में सहभागिता की। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और भंडारे का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण करना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को एक साथ आने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने हनुमान जी का दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। देर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
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    हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान
गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं श्रद्धा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला।
भंडारे के शुभ अवसर पर हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण शुरू किया गया। जैसे-जैसे भंडारे की जानकारी लोगों को हुई, वैसे-वैसे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। आयोजकों और सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन की सराहना की।
भंडारे में स्थानीय लोगों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सेवा कार्य किया और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर डुमरी के अध्यापक सौरभ राज, अनिल राज, सौरभ राज, सतीश चौबे, प्रदीप वर्मा, राजेश, बड़कू अग्रहरि, ऋषभ राज, राकेश विश्वकर्मा, रमेश प्रधान तथा लाभजनक मौर्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग दिया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण में सहभागिता की।
आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और भंडारे का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण करना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को एक साथ आने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है।
भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने हनुमान जी का दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। देर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
    user_उपेंद्र राज
    उपेंद्र राज
    सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने एसएसपी को सौंपा शिकायत प्रार्थना-पत्र सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
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    मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग

सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है।

प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है।

शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।


मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने एसएसपी को सौंपा शिकायत प्रार्थना-पत्र
सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
    user_Dk Pandey
    Dk Pandey
    सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • प्रेमी को छुड़ाने थाने पहुंची शादीशुदा महिला, साथ जाने की जिद पर अड़ी संभल, उत्तर प्रदेश: रजपुरा थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक शादीशुदा महिला ने रात के समय अपने प्रेमी को घर बुलाया। इसी दौरान परिजनों को दोनों के बारे में जानकारी हो गई और उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। परिजनों द्वारा दोनों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इसके बाद प्रेमी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामला सामने आने के अगले दिन महिला अपने प्रेमी को छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गई। बताया जा रहा है कि महिला थाने में अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। इस दौरान काफी देर तक मामला चर्चा का विषय बना रहा। आरोप है कि बाद में महिला के परिजन उसे थाने के बाहर से अपने साथ ले गए। जानकारी के मुताबिक महिला का पति दिल्ली में मजदूरी करता है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। महिला और उसके प्रेमी के संबंध में सामने आए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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    प्रेमी को छुड़ाने थाने पहुंची शादीशुदा महिला, साथ जाने की जिद पर अड़ी
संभल, उत्तर प्रदेश: रजपुरा थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक शादीशुदा महिला ने रात के समय अपने प्रेमी को घर बुलाया। इसी दौरान परिजनों को दोनों के बारे में जानकारी हो गई और उन्होंने दोनों को पकड़ लिया।
परिजनों द्वारा दोनों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इसके बाद प्रेमी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामला सामने आने के अगले दिन महिला अपने प्रेमी को छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि महिला थाने में अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। इस दौरान काफी देर तक मामला चर्चा का विषय बना रहा। आरोप है कि बाद में महिला के परिजन उसे थाने के बाहर से अपने साथ ले गए।
जानकारी के मुताबिक महिला का पति दिल्ली में मजदूरी करता है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। महिला और उसके प्रेमी के संबंध में सामने आए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Shikha pandey
    Shikha pandey
    Local News Reporter सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • बयान पर विवाद, पत्रकार संगठन ने जताई आपत्ति गोरखपुर में आयोजित Gen-Z महाजुटान कार्यक्रम के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में विभिन्न संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए बयान की आलोचना की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में नेहा बोरा ने शिक्षा, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक और सरकार की नीतियों को लेकर तीखी टिप्पणी की। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित रूप से इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह कहा कि लोकतंत्र में सरकार और मुख्यमंत्री की नीतियों की आलोचना करने का सभी को अधिकार है। जंतर-मंतर जैसे सार्वजनिक मंचों पर किसी भी व्यक्ति के विचारों और आंदोलनों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ अपशब्दों और व्यक्तिगत टिप्पणियों का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदू-मुस्लिम सहित समाज के सभी वर्गों के लोग अपना नेता मानते हैं, इसलिए राजनीतिक मतभेदों को मर्यादित भाषा में ही व्यक्त किया जाना चाहिए। रत्नाकर सिंह ने कहा कि किसी भी नेता या कार्यकर्ता या छात्रा को खुद को हाईलाइट करने के लिए ऐसी भाषा का सहारा नहीं लेना चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। उन्होंने प्रशासन से पूरे वीडियो और बयान की निष्पक्ष जांचकरने की मांग की। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे स्वस्थ बहस, तथ्यात्मक आलोचना और संवैधानिक भाषा की परंपरा को मजबूत करें।
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    बयान पर विवाद, पत्रकार संगठन ने जताई आपत्ति
गोरखपुर में आयोजित Gen-Z महाजुटान कार्यक्रम के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में विभिन्न संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए बयान की आलोचना की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में नेहा बोरा ने शिक्षा, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक और सरकार की नीतियों को लेकर तीखी टिप्पणी की। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित रूप से इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह कहा कि लोकतंत्र में सरकार और मुख्यमंत्री की नीतियों की आलोचना करने का सभी को अधिकार है। जंतर-मंतर जैसे सार्वजनिक मंचों पर किसी भी व्यक्ति के विचारों और आंदोलनों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ अपशब्दों और व्यक्तिगत टिप्पणियों का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदू-मुस्लिम सहित समाज के सभी वर्गों के लोग अपना नेता मानते हैं, इसलिए राजनीतिक मतभेदों को मर्यादित भाषा में ही व्यक्त किया जाना चाहिए।
रत्नाकर सिंह ने कहा कि किसी भी नेता या कार्यकर्ता या छात्रा को खुद को हाईलाइट करने के लिए ऐसी भाषा का सहारा नहीं लेना चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। उन्होंने प्रशासन से पूरे वीडियो और बयान की निष्पक्ष जांचकरने की मांग की। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे स्वस्थ बहस, तथ्यात्मक आलोचना और संवैधानिक भाषा की परंपरा को मजबूत करें।
    user_फ़िरोज़ अहमद
    फ़िरोज़ अहमद
    Photographer वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    42 min ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ,नेहा बोरा के गोरखपुर में कथित बयान के बाद बढ़ सकती है मुश्किलें..। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ,नेहा बोरा के गोरखपुर में कथित बयान के बाद बढ़ सकती है मुश्किलें..।
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ,नेहा बोरा के गोरखपुर में कथित बयान के बाद  बढ़ सकती है मुश्किलें..।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ,नेहा बोरा के गोरखपुर में कथित बयान के बाद  बढ़ सकती है मुश्किलें..।
    user_Nihal
    Nihal
    Media house वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गोरखपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन मिशन 2027 पर हुई गंभीर चर्चा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। पूर्व सांसद कमांडो कमल किशोर के आवास पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान गोरखपुर की विधानसभा सीटों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने राजनीतिक लक्ष्य और संकल्प भी व्यक्त किए।
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    गोरखपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन मिशन 2027 पर हुई गंभीर चर्चा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। पूर्व सांसद कमांडो कमल किशोर के आवास पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान गोरखपुर की विधानसभा सीटों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने राजनीतिक लक्ष्य और संकल्प भी व्यक्त किए।
    user_Gorakhpurhalchal Saeed Alam Kh
    Gorakhpurhalchal Saeed Alam Kh
    Court reporter वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • विवेचना कर लौट रहे थे दोनों पुलिसकर्मी, अचानक सामने आई बकरी से अनियंत्रित हुई बाइक सहजनवा, गोरखपुर। थाना सहजनवा में तैनात उपनिरीक्षक (एसआई) भवानी फर और कांस्टेबल गुरु प्रसाद मंगलवार को एक मामले की विवेचना के सिलसिले में ग्राम सभा मडर गए थे। विवेचना पूरी करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी बाइक से वापस सहजनवा थाने लौट रहे थे। इसी दौरान सहजनवा-बखिरा मार्ग पर अचानक एक बकरी बाइक के सामने आ गई। बकरी को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसा इतना तेज था कि बाइक से गिरने के कारण एसआई भवानी फर के पैर में गंभीर चोट लग गई और पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं कांस्टेबल गुरु प्रसाद के हाथ और पैर में चोट आई है। बाइक की चपेट में आने से बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घायलों की मदद में जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं, हालांकि एसआई भवानी फर के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृत बकरी के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सहजनवा-बखिरा मार्ग पर कई स्थानों पर आवारा पशुओं का सड़क पर विचरण करना आम बात है। अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से वाहन चालकों को उन्हें बचाने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
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    विवेचना कर लौट रहे थे दोनों पुलिसकर्मी, अचानक सामने आई बकरी से अनियंत्रित हुई बाइक
सहजनवा, गोरखपुर। थाना सहजनवा में तैनात उपनिरीक्षक (एसआई) भवानी फर और कांस्टेबल गुरु प्रसाद मंगलवार को एक मामले की विवेचना के सिलसिले में ग्राम सभा मडर गए थे। विवेचना पूरी करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी बाइक से वापस सहजनवा थाने लौट रहे थे। इसी दौरान सहजनवा-बखिरा मार्ग पर अचानक एक बकरी बाइक के सामने आ गई। बकरी को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई।
हादसा इतना तेज था कि बाइक से गिरने के कारण एसआई भवानी फर के पैर में गंभीर चोट लग गई और पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं कांस्टेबल गुरु प्रसाद के हाथ और पैर में चोट आई है। बाइक की चपेट में आने से बकरी की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घायलों की मदद में जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं, हालांकि एसआई भवानी फर के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता बताई गई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृत बकरी के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सहजनवा-बखिरा मार्ग पर कई स्थानों पर आवारा पशुओं का सड़क पर विचरण करना आम बात है। अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से वाहन चालकों को उन्हें बचाने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
    user_उपेंद्र राज
    उपेंद्र राज
    सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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