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बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के किरनापुर तहसील के ग्राम जानवा में एक नया केंद्रीय विद्यालय खोलने को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जानवा स्थित 208 कोबरा बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के परिसर में इस केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू किया जाएगा। यह विद्यालय अक्टूबर 2025 में स्वीकृत देश के 57 नए केंद्रीय विद्यालयों में से एक है। भूमि हस्तांतरण और अस्थायी भवन उपलब्ध होने के बाद इसे औपचारिक स्वीकृति मिली है। प्रारंभिक चरण में यहां बालवाटिका-1 से बालवाटिका-3 तक और कक्षा 1 से 5 तक प्रत्येक कक्षा में एक-एक सेक्शन संचालित होगा, जिसका विस्तार आवश्यकतानुसार बाद के वर्षों में किया जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी के निरंतर प्रयासों को दिया जा रहा है। सांसद श्रीमती पारधी ने 27 मार्च 2026 को लोकसभा के शून्यकाल में जानवा में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग प्रमुखता से उठाई थी और केंद्र सरकार से शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया था। यह उनके दो वर्ष के कार्यकाल में संसदीय क्षेत्र का तीसरा केंद्रीय विद्यालय है; इससे पहले तिरोड़ी और बरघाट में केंद्रीय विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। यह लगातार तीन विद्यालयों की स्वीकृति शिक्षा क्षेत्र में उनके प्रभावी प्रयासों और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जानवा में इस केंद्रीय विद्यालय के खुलने से किरनापुर, बैहर, लांजी सहित आसपास के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और केंद्रीय स्तर की शिक्षा अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी, जिससे अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने निर्देश दिए हैं कि प्रवेश प्रक्रिया तथा भूमि एवं अस्थायी भवन से संबंधित सभी लंबित औपचारिकताएं 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएं। विद्यालय का संचालन केंद्रीय विद्यालय, 208 कोबरा बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, जानवा, पोस्ट-बड़गांव, तहसील किरनापुर, जिला बालाघाट में किया जाएगा। इस स्वीकृति को बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने सांसद भारती पारधी के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और समग्र विकास को गति मिलेगी।

4 hrs ago
user_लोकेश गोखले
लोकेश गोखले
Local News Reporter किरनापुर, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के किरनापुर तहसील के ग्राम जानवा में एक नया केंद्रीय विद्यालय खोलने को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जानवा स्थित 208 कोबरा बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के परिसर में इस केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू किया जाएगा। यह विद्यालय अक्टूबर 2025 में स्वीकृत देश के 57 नए केंद्रीय विद्यालयों में से एक है। भूमि हस्तांतरण और अस्थायी भवन उपलब्ध होने के बाद इसे औपचारिक स्वीकृति मिली है। प्रारंभिक चरण में यहां बालवाटिका-1 से बालवाटिका-3 तक और कक्षा 1 से 5 तक प्रत्येक कक्षा में एक-एक सेक्शन संचालित होगा, जिसका विस्तार आवश्यकतानुसार बाद के वर्षों में किया जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी के निरंतर प्रयासों को दिया जा रहा है। सांसद श्रीमती पारधी ने 27 मार्च 2026 को लोकसभा के शून्यकाल में जानवा में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग प्रमुखता से उठाई थी और केंद्र सरकार से शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया था। यह उनके दो वर्ष के कार्यकाल में संसदीय क्षेत्र का तीसरा केंद्रीय विद्यालय है; इससे पहले तिरोड़ी और बरघाट में केंद्रीय विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। यह लगातार तीन विद्यालयों की स्वीकृति शिक्षा क्षेत्र में उनके प्रभावी प्रयासों और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जानवा में इस केंद्रीय विद्यालय के खुलने से किरनापुर, बैहर, लांजी सहित आसपास के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और केंद्रीय स्तर की शिक्षा अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी, जिससे अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने निर्देश दिए हैं कि प्रवेश प्रक्रिया तथा भूमि एवं अस्थायी भवन से संबंधित सभी लंबित औपचारिकताएं 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएं। विद्यालय का संचालन केंद्रीय विद्यालय, 208 कोबरा बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, जानवा, पोस्ट-बड़गांव, तहसील किरनापुर, जिला बालाघाट में किया जाएगा। इस स्वीकृति को बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने सांसद भारती पारधी के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और समग्र विकास को गति मिलेगी।

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  • बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के किरनापुर तहसील के ग्राम जानवा में एक नया केंद्रीय विद्यालय खोलने को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जानवा स्थित 208 कोबरा बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के परिसर में इस केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू किया जाएगा। यह विद्यालय अक्टूबर 2025 में स्वीकृत देश के 57 नए केंद्रीय विद्यालयों में से एक है। भूमि हस्तांतरण और अस्थायी भवन उपलब्ध होने के बाद इसे औपचारिक स्वीकृति मिली है। प्रारंभिक चरण में यहां बालवाटिका-1 से बालवाटिका-3 तक और कक्षा 1 से 5 तक प्रत्येक कक्षा में एक-एक सेक्शन संचालित होगा, जिसका विस्तार आवश्यकतानुसार बाद के वर्षों में किया जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी के निरंतर प्रयासों को दिया जा रहा है। सांसद श्रीमती पारधी ने 27 मार्च 2026 को लोकसभा के शून्यकाल में जानवा में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग प्रमुखता से उठाई थी और केंद्र सरकार से शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया था। यह उनके दो वर्ष के कार्यकाल में संसदीय क्षेत्र का तीसरा केंद्रीय विद्यालय है; इससे पहले तिरोड़ी और बरघाट में केंद्रीय विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। यह लगातार तीन विद्यालयों की स्वीकृति शिक्षा क्षेत्र में उनके प्रभावी प्रयासों और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जानवा में इस केंद्रीय विद्यालय के खुलने से किरनापुर, बैहर, लांजी सहित आसपास के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और केंद्रीय स्तर की शिक्षा अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी, जिससे अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने निर्देश दिए हैं कि प्रवेश प्रक्रिया तथा भूमि एवं अस्थायी भवन से संबंधित सभी लंबित औपचारिकताएं 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएं। विद्यालय का संचालन केंद्रीय विद्यालय, 208 कोबरा बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, जानवा, पोस्ट-बड़गांव, तहसील किरनापुर, जिला बालाघाट में किया जाएगा। इस स्वीकृति को बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने सांसद भारती पारधी के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और समग्र विकास को गति मिलेगी।
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    बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के किरनापुर तहसील के ग्राम जानवा में एक नया केंद्रीय विद्यालय खोलने को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से जानवा स्थित 208 कोबरा बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के परिसर में इस केंद्रीय विद्यालय का संचालन शुरू किया जाएगा।

यह विद्यालय अक्टूबर 2025 में स्वीकृत देश के 57 नए केंद्रीय विद्यालयों में से एक है। भूमि हस्तांतरण और अस्थायी भवन उपलब्ध होने के बाद इसे औपचारिक स्वीकृति मिली है। प्रारंभिक चरण में यहां बालवाटिका-1 से बालवाटिका-3 तक और कक्षा 1 से 5 तक प्रत्येक कक्षा में एक-एक सेक्शन संचालित होगा, जिसका विस्तार आवश्यकतानुसार बाद के वर्षों में किया जाएगा।

इस उपलब्धि का श्रेय बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी के निरंतर प्रयासों को दिया जा रहा है। सांसद श्रीमती पारधी ने 27 मार्च 2026 को लोकसभा के शून्यकाल में जानवा में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग प्रमुखता से उठाई थी और केंद्र सरकार से शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया था। यह उनके दो वर्ष के कार्यकाल में संसदीय क्षेत्र का तीसरा केंद्रीय विद्यालय है; इससे पहले तिरोड़ी और बरघाट में केंद्रीय विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। यह लगातार तीन विद्यालयों की स्वीकृति शिक्षा क्षेत्र में उनके प्रभावी प्रयासों और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जानवा में इस केंद्रीय विद्यालय के खुलने से किरनापुर, बैहर, लांजी सहित आसपास के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और केंद्रीय स्तर की शिक्षा अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी, जिससे अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने निर्देश दिए हैं कि प्रवेश प्रक्रिया तथा भूमि एवं अस्थायी भवन से संबंधित सभी लंबित औपचारिकताएं 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएं। विद्यालय का संचालन केंद्रीय विद्यालय, 208 कोबरा बटालियन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, जानवा, पोस्ट-बड़गांव, तहसील किरनापुर, जिला बालाघाट में किया जाएगा।

इस स्वीकृति को बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र के शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने सांसद भारती पारधी के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और समग्र विकास को गति मिलेगी।
    user_लोकेश गोखले
    लोकेश गोखले
    Local News Reporter किरनापुर, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लांजी नगर मुख्यालय में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण एक मकान ढह गया, जिससे एक निजी बैंक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 2 और 3 जुलाई की मध्य रात्रि में हुई जब वार्ड नंबर साले टेकरी रोड स्थित एक मकान में ईसाफ बैंक के कर्मचारी तपेश रहांगडाले (28 वर्ष) किराए पर रहते थे। भारी बारिश के कारण मकान एक तरफ झुक गया और क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना में घर में सो रहे तपेश रहांगडाले गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया और सिविल अस्पताल लांजी लाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए बालाघाट जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। समाचार मिलने तक घायल का उपचार जारी था। जानकारी के अनुसार, घटना के समय मकान मालिक घर पर मौजूद नहीं थीं और सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचीं। बाद में, एक तरफ झुक चुके मकान को जेसीबी की सहायता से पूरी तरह ढहा दिया गया।
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    लांजी नगर मुख्यालय में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण एक मकान ढह गया, जिससे एक निजी बैंक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 2 और 3 जुलाई की मध्य रात्रि में हुई जब वार्ड नंबर साले टेकरी रोड स्थित एक मकान में ईसाफ बैंक के कर्मचारी तपेश रहांगडाले (28 वर्ष) किराए पर रहते थे। भारी बारिश के कारण मकान एक तरफ झुक गया और क्षतिग्रस्त हो गया।

इस घटना में घर में सो रहे तपेश रहांगडाले गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया और सिविल अस्पताल लांजी लाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए बालाघाट जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। समाचार मिलने तक घायल का उपचार जारी था। जानकारी के अनुसार, घटना के समय मकान मालिक घर पर मौजूद नहीं थीं और सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचीं। बाद में, एक तरफ झुक चुके मकान को जेसीबी की सहायता से पूरी तरह ढहा दिया गया।
    user_Ramanuj Tidke
    Ramanuj Tidke
    Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर स्थित भानपुर गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। खेत में कृषि कार्य करने गए 16 ग्रामीण अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ जाने से बाढ़ की चपेट में आ गए थे, जिसके कारण चारों तरफ पानी भर जाने से उनका संपर्क पूरी तरह से कट गया था। घटना की खबर मिलते ही किरनापुर पुलिस और हट्टा पुलिस के साथ SDRF तथा हॉक फोर्स गोदरी की एक संयुक्त टीम ने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू किया। तेज बहाव और विषम परिस्थितियों के बावजूद, जवानों ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी 16 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के कारण सभी की जान बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई। बाढ़ में फंसे इन 16 ग्रामीणों के लिए पुलिस, SDRF और हॉक फोर्स की टीम देवदूत बनकर सामने आई।
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    मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर स्थित भानपुर गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। खेत में कृषि कार्य करने गए 16 ग्रामीण अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ जाने से बाढ़ की चपेट में आ गए थे, जिसके कारण चारों तरफ पानी भर जाने से उनका संपर्क पूरी तरह से कट गया था।

घटना की खबर मिलते ही किरनापुर पुलिस और हट्टा पुलिस के साथ SDRF तथा हॉक फोर्स गोदरी की एक संयुक्त टीम ने बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू किया। तेज बहाव और विषम परिस्थितियों के बावजूद, जवानों ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी 16 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

उनकी त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के कारण सभी की जान बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई। बाढ़ में फंसे इन 16 ग्रामीणों के लिए पुलिस, SDRF और हॉक फोर्स की टीम देवदूत बनकर सामने आई।
    user_INDRAJEET SINGH DASHMER
    INDRAJEET SINGH DASHMER
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • खाद, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में किसान संगठनों ने एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने सरकार को इन मूल्य वृद्धियों के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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    खाद, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में किसान संगठनों ने एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने सरकार को इन मूल्य वृद्धियों के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • शुक्रवार, 3 जुलाई को मिली जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग ने ग्राम पांडुका में बड़ी कार्रवाई करते हुए 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त की है। यह कार्रवाई खरीफ सीजन 2026 के दौरान अवैध उर्वरक भंडारण और नकली खाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल के निर्देशन और उपसंचालक कृषि राजकुमार सोलंकी के मार्गदर्शन में विभाग की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। विभाग की टीम को मिली सूचना के आधार पर राजेश वर्मा के गोदाम में जांच की गई, जहां महाराष्ट्र निर्मित 202 बोरी खाद मिली, जिस पर डीएपी अंकित था। सूचना यह भी थी कि यह खाद किसानों को 1900 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही थी। जांच के दौरान राजेश वर्मा ने खाद को मनोज वर्मा का बताया, हालांकि वे खरीदी और भंडारण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों के अभाव में कृषि विभाग ने पूरा स्टॉक जब्त कर लिया है और यह प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज और अन्य कृषि आदान सामग्री खरीदें और खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य लें। विभाग ने कालाबाजारी, मुनाफाखोरी, अवैध भंडारण या नकली खाद से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को देने का भी आग्रह किया है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लखेश्वर तिवारी, देवेंद्र वर्मा और अश्विन पटौती मौजूद थे।
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    शुक्रवार, 3 जुलाई को मिली जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग ने ग्राम पांडुका में बड़ी कार्रवाई करते हुए 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त की है। यह कार्रवाई खरीफ सीजन 2026 के दौरान अवैध उर्वरक भंडारण और नकली खाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल के निर्देशन और उपसंचालक कृषि राजकुमार सोलंकी के मार्गदर्शन में विभाग की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

विभाग की टीम को मिली सूचना के आधार पर राजेश वर्मा के गोदाम में जांच की गई, जहां महाराष्ट्र निर्मित 202 बोरी खाद मिली, जिस पर डीएपी अंकित था। सूचना यह भी थी कि यह खाद किसानों को 1900 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही थी। जांच के दौरान राजेश वर्मा ने खाद को मनोज वर्मा का बताया, हालांकि वे खरीदी और भंडारण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों के अभाव में कृषि विभाग ने पूरा स्टॉक जब्त कर लिया है और यह प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज और अन्य कृषि आदान सामग्री खरीदें और खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य लें। विभाग ने कालाबाजारी, मुनाफाखोरी, अवैध भंडारण या नकली खाद से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को देने का भी आग्रह किया है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लखेश्वर तिवारी, देवेंद्र वर्मा और अश्विन पटौती मौजूद थे।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • किरनापुर जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत मौदा और कटंगी के बीच नदी पर बने उच्चस्तरीय पुल की एप्रोच सड़क पहली ही बारिश में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर कई स्थानों पर स्पष्ट रूप से दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई थी। योजना के नियमों के अनुसार, निर्माण एजेंसी या ठेकेदार को सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव के लिए पाँच साल की गारंटी देनी होती है। ऐसे में, पाँच साल की गारंटी के बावजूद पहली ही बारिश में सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त हो जाना स्थानीय लोगों के बीच गहरी चिंता और चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शुरुआती बारिश में ही सड़क में दरारें आ गई हैं, तो आगामी भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित होगा, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने, दोषी निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्से की तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है।
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    किरनापुर जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत मौदा और कटंगी के बीच नदी पर बने उच्चस्तरीय पुल की एप्रोच सड़क पहली ही बारिश में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर कई स्थानों पर स्पष्ट रूप से दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई थी।

योजना के नियमों के अनुसार, निर्माण एजेंसी या ठेकेदार को सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव के लिए पाँच साल की गारंटी देनी होती है। ऐसे में, पाँच साल की गारंटी के बावजूद पहली ही बारिश में सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त हो जाना स्थानीय लोगों के बीच गहरी चिंता और चर्चा का विषय बन गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि शुरुआती बारिश में ही सड़क में दरारें आ गई हैं, तो आगामी भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित होगा, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाएगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराने, दोषी निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और क्षतिग्रस्त हिस्से की तुरंत मरम्मत कराने की मांग की है।
    user_ASHISH NEWARE Journalist
    ASHISH NEWARE Journalist
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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