अरवल जिले के माली पंचायत के ग्राम माली के वार्ड संख्या 9 में एक गली की हालत 'नरक जैसी' बनी हुई है। पंचायत सरकार भवन से लगभग 50 मीटर और माननीय सरपंच जी के घर से भी लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित इस गली में प्रकाश पासवान के घर से लेकर शिवनारायण पासवान के घर तक नाली के पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते गंदा पानी लगातार गली में जमा रहता है, जिससे लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या का सबसे अधिक खामियाजा यहाँ रहने वाले दलित समाज के परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। दुख की बात यह है कि माननीय मुखिया जी और सरपंच जी प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरते हैं, फिर भी आज तक इस विकट स्थिति के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस वीडियो के माध्यम से, गाँव के सभी सम्मानित नागरिकों से निवेदन किया गया है कि वे स्वयं इस स्थिति को देखें और विचार करें कि क्या यह उचित है। साथ ही, यह प्रश्न भी उठाया गया है कि क्या विकास केवल कागज़ों तक ही सीमित रहना चाहिए, या हर वार्ड और हर नागरिक तक पहुँचना चाहिए। प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान कर नाली के पानी की उचित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अरवल जिले के माली पंचायत के ग्राम माली के वार्ड संख्या 9 में एक गली की हालत 'नरक जैसी' बनी हुई है। पंचायत सरकार भवन से लगभग 50 मीटर और माननीय सरपंच जी के घर से भी लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित इस गली में प्रकाश पासवान के घर से लेकर शिवनारायण पासवान के घर तक नाली के पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते गंदा पानी लगातार गली में जमा रहता है, जिससे लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या का सबसे अधिक खामियाजा यहाँ रहने वाले दलित समाज के परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। दुख की बात यह है कि माननीय मुखिया जी और सरपंच जी प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरते हैं, फिर भी आज तक इस विकट स्थिति के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस वीडियो के माध्यम से, गाँव के सभी सम्मानित नागरिकों से निवेदन किया गया है कि वे स्वयं इस स्थिति को देखें और विचार करें कि क्या यह उचित है। साथ ही, यह प्रश्न भी उठाया गया है कि क्या विकास केवल कागज़ों तक ही सीमित रहना चाहिए, या हर वार्ड और हर नागरिक तक पहुँचना चाहिए। प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान कर नाली के पानी की उचित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- एक परिवार ने 2024 में एक मकान खरीदा था, लेकिन उन्हें आज तक उस संपत्ति का कब्जा नहीं मिल पाया है। डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी यह परिवार अपने खरीदे हुए घर का मालिकाना हक पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। पीड़ित परिवार लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है और अपनी बात रखने की कोशिश कर रहा है, लेकिन डेढ़ साल से उनकी गुहार सुनने वाला कोई नहीं है। यह घटनाक्रम इस बात पर ज़ोर देता है कि कैसे यह परिवार न्याय प्राप्त करने के लिए भटक रहा है, और स्रोत ऐसे हालातों में मदद की उम्मीद पर विचार करने का आह्वान करता है।1
- जहानाबाद जिले के ओकरी थाना क्षेत्र में चंधरिया पुल के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना में ओकरी थाना क्षेत्र के बनछिली गांव निवासी चंदन कुमार की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उनके शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने हादसे में शामिल हाईवा ट्रक में तोड़फोड़ भी की। जानकारी के अनुसार, चंदन कुमार गया से अपनी बाइक से गांव लौट रहे थे, तभी चंधरिया पुल के पास गलत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार हाईवा ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि चंदन कुमार उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने चंधरिया पुल के पास शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार हाईवा ट्रक में तोड़फोड़ भी की। घटना के तुरंत बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। अधिकारियों ने सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिलाने और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल भेज दिया है और फरार हाईवा चालक की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।1
- पीरो की सियासत में पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार पांडे उर्फ सुनील पांडे और उनके भाई पूर्व एमएलसी हुलास पांडे को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने हलचल तेज कर दी है। शुक्रवार दोपहर करीब 1:00 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। स्वयं को नेता बताने वाले रुद्र प्रताप कुशवाहा ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने पूर्व विधायक सुनील पांडे और पूर्व एमएलसी हुलास पांडे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए 'एनकाउंटर' करने जैसी बात कही है। इस वायरल बयान के बाद पीरो शहर समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसको लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है, जहाँ समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों के बीच टिप्पणी और प्रतिटिप्पणी का दौर जारी है, जिससे माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी इस बयान को लेकर हलचल देखी जा रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन, जिस तरह से यह बयान वायरल हो रहा है, उससे आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।1
- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने हाल ही में भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, पासवान ने दृढ़तापूर्वक कहा कि इस मामले के दोषियों को चुन-चुनकर सज़ा दी जाएगी।1
- जगदीशपुर प्रखंड क्षेत्र के बिचला जंगल महल पंचायत अंतर्गत तेंदूनी-गड़हनी पथ पर जल जमाव की स्थिति देखी गई है। यह नजारा सड़क पर पानी भरने के कारण उत्पन्न हुआ है, जिसे देखने और सुनने के लिए प्रस्तुत किया गया है।1
- भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य दुर्गा चरण ने भोजपुर जिले के बेलोटी गांव में भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने क्या कहा, इस संबंध में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।1
- भाकपा-माले के नगर कमिटी सदस्य रणधीर राणा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घोषणा की है कि 04/07/26 को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिरोध मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च आरा के श्री टोला स्थित पार्टी कार्यालय से दोपहर 2:00 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया जाएगा। इसी को लेकर, आज यानी 3 जुलाई को आरा नगर के विभिन्न चौकों पर माइक प्रचार किया गया और नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं। रौशन कुशवाहा ने इन नुक्कड़ सभाओं का संचालन किया, जिसमें मुख्य रूप से राज्य कमिटी के सदस्य क्यामुदीन अंसारी, सुधीर सिंह, दिलराज प्रीतम और संगिता सिंह शामिल थे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले चार दशकों से बिहार को करीब से देखा जा रहा है, जिसमें पुलिस फायरिंग और सामंती-आपराधिक हिंसा के कारण अनगिनत जनसंहार और हत्याकांड हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के बाद के इस दौर में, जब पहली बार भाजपा का अपना मुख्यमंत्री बना है, बिहार एक पुलिस राज्य में बदलता दिख रहा है। वक्ताओं ने आगे कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई, तथाकथित एनकाउंटर हत्याएं और मॉब लिंचिंग अब रोज़मर्रा की बात हो गई है। पुलिस और यहाँ तक कि पुजारी भी निहत्थे लोगों, बूढ़ी औरतों तक को पीटकर एक क्रूर आनंद ले रहे हैं। भाकपा-माले के अनुसार, इससे यह साफ ज़ाहिर होता है कि नीतीश कुमार के दौर में अच्छे शासन का जो वादा किया गया था, उसकी जगह अब बुलडोजर से इंसाफ और एनकाउंटर हत्याओं का नया सिद्धांत ले चुका है। पार्टी 04/07/26 को मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़, बुलडोजर और पुलिस राज के खिलाफ इस राज्यव्यापी विरोध दिवस को पूरी सक्रियता के साथ मनाएगी।1
- बागेश्वर धाम के प्रमुख, जिन्हें लोग "बागेश्वर धाम सरकार" या "बाबा बागेश्वर धाम" के नाम से भी जानते हैं, धार्मिक कथाएं, प्रवचन और "दिव्य दरबार" का आयोजन करते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी समस्याओं के समाधान और आशीर्वाद की आशा लेकर पहुंचते हैं। धाम में आने वाले इन श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया जाता है, और उनके अनुयायी इसे अपनी आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र मानते हैं।1
- वीर भरत तिवारी की माँ लगातार रो-रोकर यह सवाल कर रही हैं कि एसपी, डीएपी, सीओ और दरोगा पर आखिर कब कार्रवाई होगी। उनकी व्यथा इस बात में निहित है कि वे बार-बार यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि संबंधित अधिकारियों पर आवश्यक कदम कब उठाए जाएँगे।1