मेहसाणा: कड़ी-नानी कड़ी रोड का काम अचानक रुकने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश; प्रशासन की लापरवाही आई सामने कड़ी: गुजरात के मेहसाणा जिले में कड़ी से नानी कड़ी की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन गया है। लंबे समय से चल रहा सड़क निर्माण कार्य बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक रुक जाने से जनता में भारी नाराजगी और असंतोष देखा जा रहा है। प्रमुख समस्याएं और स्थानीय लोगों की चिंताएं सड़क की दुर्दशा और प्रशासन की सुस्ती ने कई गंभीर संकट खड़े कर दिए हैं: बढ़ते हादसे और जान का जोखिम: अधूरा निर्माण, गहरे गड्ढे और धूल के गुबार के कारण यह रास्ता राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक हो गया है। हाल ही में इस मार्ग पर हुए हादसों में एक महिला की दुखद मृत्यु भी हो चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। भारी वाहनों का अवैध प्रवेश: डायवर्जन होने के बावजूद भारी और बड़े वाहन बेखौफ होकर इस मार्ग से गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों की सुरक्षा खतरे में: इस मार्ग पर दो प्रमुख शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। रोजाना हजारों छात्र इसी रास्ते से स्कूल-कॉलेज जाते हैं। अधूरे रोड और तेज रफ्तार भारी वाहनों के कारण छात्रों के जीवन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। स्वास्थ्य पर बुरा असर: सड़क पर उड़ने वाली अत्यधिक धूल के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और अन्य बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। गुणवत्ता पर सवाल स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण सामग्री और कार्य की कछुआ चाल को लेकर लोगों में गहरा रोष है। जनता की मांग: सड़क का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू किया जाए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की कड़ी जांच हो। मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए। हादसों को रोकने के लिए उचित सुरक्षा संकेत और बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो। रिपोर्ट: भरतसिंह चौहान
मेहसाणा: कड़ी-नानी कड़ी रोड का काम अचानक रुकने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश; प्रशासन की लापरवाही आई सामने कड़ी: गुजरात के मेहसाणा जिले में कड़ी से नानी कड़ी की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन गया है। लंबे समय से चल रहा सड़क निर्माण कार्य बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक रुक जाने से जनता में भारी नाराजगी और असंतोष देखा जा रहा है। प्रमुख समस्याएं और स्थानीय लोगों की चिंताएं सड़क की दुर्दशा और प्रशासन की सुस्ती
ने कई गंभीर संकट खड़े कर दिए हैं: बढ़ते हादसे और जान का जोखिम: अधूरा निर्माण, गहरे गड्ढे और धूल के गुबार के कारण यह रास्ता राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक हो गया है। हाल ही में इस मार्ग पर हुए हादसों में एक महिला की दुखद मृत्यु भी हो चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। भारी वाहनों का अवैध प्रवेश: डायवर्जन होने के बावजूद भारी और बड़े वाहन बेखौफ होकर इस मार्ग से गुजर रहे
हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों की सुरक्षा खतरे में: इस मार्ग पर दो प्रमुख शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। रोजाना हजारों छात्र इसी रास्ते से स्कूल-कॉलेज जाते हैं। अधूरे रोड और तेज रफ्तार भारी वाहनों के कारण छात्रों के जीवन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। स्वास्थ्य पर बुरा असर: सड़क पर उड़ने वाली अत्यधिक धूल के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और अन्य बीमारियां तेजी से बढ़
रही हैं। गुणवत्ता पर सवाल स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण सामग्री और कार्य की कछुआ चाल को लेकर लोगों में गहरा रोष है। जनता की मांग: सड़क का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू किया जाए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की कड़ी जांच हो। मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए। हादसों को रोकने के लिए उचित सुरक्षा संकेत और बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो। रिपोर्ट: भरतसिंह चौहान
- मेहसाणा: कड़ी-नानी कड़ी रोड का काम अचानक रुकने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश; प्रशासन की लापरवाही आई सामने कड़ी: गुजरात के मेहसाणा जिले में कड़ी से नानी कड़ी की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों स्थानीय निवासियों के लिए सिरदर्द बन गया है। लंबे समय से चल रहा सड़क निर्माण कार्य बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक रुक जाने से जनता में भारी नाराजगी और असंतोष देखा जा रहा है। प्रमुख समस्याएं और स्थानीय लोगों की चिंताएं सड़क की दुर्दशा और प्रशासन की सुस्ती ने कई गंभीर संकट खड़े कर दिए हैं: बढ़ते हादसे और जान का जोखिम: अधूरा निर्माण, गहरे गड्ढे और धूल के गुबार के कारण यह रास्ता राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक हो गया है। हाल ही में इस मार्ग पर हुए हादसों में एक महिला की दुखद मृत्यु भी हो चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। भारी वाहनों का अवैध प्रवेश: डायवर्जन होने के बावजूद भारी और बड़े वाहन बेखौफ होकर इस मार्ग से गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों की सुरक्षा खतरे में: इस मार्ग पर दो प्रमुख शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। रोजाना हजारों छात्र इसी रास्ते से स्कूल-कॉलेज जाते हैं। अधूरे रोड और तेज रफ्तार भारी वाहनों के कारण छात्रों के जीवन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। स्वास्थ्य पर बुरा असर: सड़क पर उड़ने वाली अत्यधिक धूल के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और अन्य बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। गुणवत्ता पर सवाल स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण सामग्री और कार्य की कछुआ चाल को लेकर लोगों में गहरा रोष है। जनता की मांग: सड़क का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू किया जाए। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की कड़ी जांच हो। मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए। हादसों को रोकने के लिए उचित सुरक्षा संकेत और बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो। रिपोर्ट: भरतसिंह चौहान4
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