*ब्रेकिंग न्यूज़---------* *बाबागंज में अवैध सार्वजनिक शौचालय पर चला बुलडोजर, डीएम के आदेश पर हुआ ध्वस्तीकरण* बाबागंज में नगर पालिका द्वारा अवैध रूप से बनाए गए सार्वजनिक शौचालय को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। यह शौचालय सड़क किनारे बनाया गया था, जिससे राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।मामले को संज्ञान में लेते हुए PWD विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी के आदेश पर कार्रवाई की। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर लगभग दो वर्ष पहले बने इस सार्वजनिक शौचालय को गिरा दिया।बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर शौचालय बना था, वहां नाले का निर्माण कार्य भी चल रहा था, जिसमें यह ढांचा बाधा बन रहा था। ध्वस्तीकरण के बाद अब सड़क चौड़ीकरण और नाले का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क या आवागमन में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण — चाहे वह सरकारी हो या गैर-सरकारी — को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधा मिल सके। *
*ब्रेकिंग न्यूज़---------* *बाबागंज में अवैध सार्वजनिक शौचालय पर चला बुलडोजर, डीएम के आदेश पर हुआ ध्वस्तीकरण* बाबागंज में नगर पालिका द्वारा अवैध रूप से बनाए गए सार्वजनिक शौचालय को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। यह शौचालय सड़क किनारे बनाया गया था, जिससे राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।मामले को संज्ञान में लेते हुए PWD विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी के आदेश पर कार्रवाई की। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर लगभग दो वर्ष पहले बने इस सार्वजनिक शौचालय को गिरा दिया।बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर शौचालय बना था, वहां नाले का निर्माण कार्य भी चल रहा था, जिसमें यह ढांचा बाधा बन रहा था। ध्वस्तीकरण के बाद अब सड़क चौड़ीकरण और नाले का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क या आवागमन में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण — चाहे वह सरकारी हो या गैर-सरकारी — को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधा मिल सके। *
- सेठ पन्नालाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पट्टी एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। ताज़ा मामला डॉक्टर द्वारा मरीजों को बाहर की महंगी दवाएं लिखने से जुड़ा है, जिससे गरीब मरीजों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों और मरीजों के अनुसार, सरकारी अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बावजूद डॉक्टर राकेश द्वारा लगातार बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि एक रुपये का पर्चा कटवाने के बाद मरीजों को हजारों रुपये की दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों का आरोप है कि जब अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, तो फिर उन्हें बाहर से दवा लेने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। कई मरीजों ने यह भी कहा कि इस मनमानी के कारण गरीब और असहाय लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि कुछ कर्मचारियों का वेतन समय से नहीं मिल रहा है। वहीं, एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि बाहर की दवाओं पर 60% तक कमीशन मिलने की बात कही जा रही है, जिससे इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मामला लगातार सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अब तक इस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। यदि आरोप सही हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर सवाल है। *प्रशासन से मांग* स्थानीय लोगों और मरीजों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में मरीजों का शोषण रोका जा सके। *यह खबर मरीजों व सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है,* जिसकी स्वतंत्र पुष्टि की जानी बाकी है।) बाकी इस पर्ची की पुष्टि मेरे खबर के द्वारा नहीं की जाती मरीज के द्वारा बताई गई इस पर्ची को मैं शेयर किया हूं उनका कहना है कि डॉक्टर राकेश ने यह बाहर की दवा लिखी है।1
- Post by Raju.u.p.441
- Post by Rahat time's1
- लोकेशन - कौशाम्बी यूपी रिपोर्टर - राकेश साहू Slug - रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में मूट कोर्ट हुई आयोजित Anchor - कौशाम्बी करारी में रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में विधि के छात्रों के लिए मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई।कॉलेज में एलएलबी के छठवें सेमेस्टर और बीए एलएलबी के दसवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने इस मूट कोर्ट में भाग लिया। इस दौरान छात्रों ने एससी-एसटी एक्ट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बहस कर अपनी कानूनी समझ का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को वकालत के नियम, कोर्ट की प्रक्रिया और पेशे से जुड़ी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।वहीं कॉलेज के प्राचार्य मोहम्मद ज़फ़र ने भी छात्रों को कानून की गहराई और उसके सही उपयोग को लेकर मार्गदर्शन दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे ने कहा मूट कोर्ट छात्रों के लिए बहुत जरूरी है। इससे उन्हें कोर्ट की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का मौका मिलता है और उनके अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ता है।” प्राचार्य मोहम्मद ज़फर ने कहा कि “हमारा उद्देश्य है कि छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल करें ताकि वे भविष्य में एक सफल अधिवक्ता बन सकें। इस अवसर पर दीपक चतुर्वेदी, एजाज़ अहमद, अजय कुमार, डॉ. अतुल कुमार पाल, महविश तलत, आरिफ सैयद, संगीता कपाड़िया, ज़किया सुल्ताना, मनोज पाण्डेय और आलोक श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ, उत्तर प्रदेश। *सदर विधायक श्री राज प्रसाद उपाध्याय उर्फ राज बाबू जी को *ज्ञापन देते हुए पं महेश निषाद प्रदेश सचिव निषाद पार्टी* विषय: UPSI भर्ती 2025 (विज्ञापन संख्या-पीआरपीबी-बी (उपनिरीक्षक संवर्ग)-03/2025) में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने, लिखित परीक्षा परिणाम के साथ ही स्कोरकार्ड/अंकपत्र जारी करने और अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों के रहने की स्थिति में वेटिंग लिस्ट जारी कर पद भरने के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि हम उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी छात्र हैं। हम पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित UPSI 2025-26 परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। जो 14 और 15 मार्च 2025 को संपन्न हो चुकी है। महोदय हम आपके संज्ञान में वर्तमान में जारी भर्ती प्रक्रिया में पदवृद्धि और अन्य खामियों हेतू कुछ महत्वपूर्ण चीजें लाना चाहते है, 1. भारी कंपटीशन: इस वर्ष लगभग 16.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने मात्र 4543 पदों के लिए आवेदन किया है, जो बताता है कि कंपटीशन बहुत ज्यादा है। 2. काफी समय से भर्ती न होना: यह भर्ती 05 वर्षों बाद आई है, जिसकी वजह से लाखों फॉर्म भरे गए और लगभग 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है। 3. रिक्त पदों की उपलब्धता: उत्तर प्रदेश पुलिस में अभी भी सब-इंस्पेक्टर के कई पद रिक्त हैं जिन्हें वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्ती में पदवृद्धि कर भरा जा सकता है। 4. पिछली बार UPSI भर्ती 2020-21 में कुल पदों की संख्या 9534 थी लेकिन इस बार लगभग 05 वर्षों के बाद 2025-26 भर्ती में 4543 पदों के लिए भर्ती हो रही है किन्तु पदों की संख्या पिछली बार से आधी से भी कम है। जो भारी कंपटीशन होने के कारण बहुत ही कम है। यदि वर्तमान परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो यह योग्य युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा। 5. पुलिस भर्ती बोर्ड की पूर्व परीक्षाओं में देखा गया है कि केवल सफल उम्मीदवारों की सूची जारी की जाती है, जिससे बहुत से अभ्यर्थी यह जानने से वंचित रह जाते हैं कि वे कितने अंकों से अनुत्तीर्ण हुए हैं। अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि UPSI भर्ती 2025 का लिखित परीक्षा परिणाम घोषित करते समय DV/PST रिजल्ट के दौरान ही सभी अभ्यर्थियों (सफल और असफल) का स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए। परिणाम के साथ ही नॉर्मलाइज्ड अंक (Normalized Marks) और विषयवार अंक (Sectional Marks) भी प्रदर्शित किए जाएं। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और छात्रों का बोर्ड पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा। 6. श्रीमान अंतिम चयन परिणाम के बाद मेडिकल प्रक्रिया के बाद और कुछ चयनित उम्मीदवारों द्वारा जोइनिंग न लेने के कारण कुछ सीटें खाली रह जाती है। जिन्हें उसी भर्ती के अन्य अभ्यर्थियों में से वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जाना चाहिए जिससे कोई सीट खाली न जाए और कुछ अन्य अभ्यर्थियों को मौका मिल जाएं। अतः आदरणीय मुख्यमंत्री जी आपसे हम सभी UPSI भर्ती 2025-26 के परीक्षार्थियों का विनम्र निवेदन है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा युवा बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से, UPSI भर्ती 2025- 26 की जारी भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या 4543 से बढ़ाकर उसे कम से कम 6500-7000 करवाने, लिखित परीक्षा के स्कोरकार्ड दिखाएं जाने और अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को वेटिंग लिस्ट से भरवाए जाने की कृपा करें। हम आपके सदा आभारी रहेंगे। #UPSI भर्ती 2025-26 के परीक्षार्थियों की उत्तर प्रदेश सरकार से मुख्य 03 मांगे~ 01. वर्तमान में प्रक्रियाधीन #UPSI भर्ती में कम से कम 02 हजार पदों की वृद्धि हो। 02. रिज़ल्ट के साथ व्यक्तिगत और सार्वजनिक रूप से स्कोरकार्ड तथा रैंक सूची दिखाएं जाए। 03.अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को भरने के लिए वेटिंग लिस्ट जारी होनी चाहिए। निवेदक ~ पं महेश निषाद (प्रदेश सचिव निषाद पार्टी) और समस्त #UPSI के लाखों परीक्षार्थी..🙏1
- Post by Suryaprakash maurya1
- *ब्रेकिंग न्यूज़---------* *बाबागंज में अवैध सार्वजनिक शौचालय पर चला बुलडोजर, डीएम के आदेश पर हुआ ध्वस्तीकरण* बाबागंज में नगर पालिका द्वारा अवैध रूप से बनाए गए सार्वजनिक शौचालय को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। यह शौचालय सड़क किनारे बनाया गया था, जिससे राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।मामले को संज्ञान में लेते हुए PWD विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी के आदेश पर कार्रवाई की। प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर लगभग दो वर्ष पहले बने इस सार्वजनिक शौचालय को गिरा दिया।बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर शौचालय बना था, वहां नाले का निर्माण कार्य भी चल रहा था, जिसमें यह ढांचा बाधा बन रहा था। ध्वस्तीकरण के बाद अब सड़क चौड़ीकरण और नाले का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क या आवागमन में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण — चाहे वह सरकारी हो या गैर-सरकारी — को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधा मिल सके। प्रतापगढ़1
- Post by नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़1
- Post by The Live1