हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था द्वारा 'विमर्श विविधा' के तहत 'जिनका देश ऋणी है' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने समर क्षेत्र की शेरनी रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें एक बेमिसाल वीरांगना बताया, जिनकी देश की आजादी के संघर्ष में भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। डॉ. भवानीदीन ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को काशी में मोरोपंत तांबे और भागीरथी बाई के घर हुआ था। उनके पिता उन्हें बिठूर के बाजीराव के पास ले गए, जहाँ उन्होंने हथियारों का प्रशिक्षण और घुड़सवारी सीखी। उन्हें मणिकर्णिका, मनु और छबीली के नाम से भी जाना जाता था। 14 वर्ष की आयु में उनका विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव से हुआ। उन्होंने विषम परिस्थितियों को देखते हुए स्त्री सेना का गठन किया, जिसमें झलकारी बाई, सुन्दर और मुन्दर सहित कई वीर महिलाओं ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। हालाँकि, भीतरघातियों के कारण वे 1857 में झांसी को बचा नहीं पाईं। झलकारी बाई, जो रानी की हमशक्ल थीं, उन्होंने रानी को बचाकर कालपी भेज दिया। डॉ. भवानीदीन ने यह भी कहा कि यदि रानी लक्ष्मीबाई को कालपी और ग्वालियर में भोग-विलास में डूबे राजाओं का सहयोग मिल जाता, तो देश पहले ही आजाद हो गया होता। रानी लक्ष्मीबाई 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल, भोलू सिंह, राहुल, महावीर प्रजापति, होरी लाल, सागर, प्रिंस, सत्येन्द्र, अजय गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित रहे।
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था द्वारा 'विमर्श विविधा' के तहत 'जिनका देश ऋणी है' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने समर क्षेत्र की शेरनी रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें एक बेमिसाल वीरांगना बताया, जिनकी देश की आजादी के संघर्ष में भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। डॉ. भवानीदीन ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को काशी में मोरोपंत तांबे और भागीरथी बाई के घर हुआ था। उनके पिता उन्हें बिठूर के बाजीराव के पास ले गए, जहाँ उन्होंने हथियारों का प्रशिक्षण और घुड़सवारी सीखी। उन्हें मणिकर्णिका, मनु और छबीली के नाम से भी जाना जाता था। 14 वर्ष की आयु में उनका विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव से हुआ। उन्होंने विषम परिस्थितियों को देखते हुए स्त्री सेना का गठन किया, जिसमें झलकारी बाई, सुन्दर और मुन्दर सहित कई वीर महिलाओं ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। हालाँकि, भीतरघातियों के कारण वे 1857 में झांसी को बचा नहीं पाईं। झलकारी बाई, जो रानी की हमशक्ल थीं, उन्होंने रानी को बचाकर कालपी भेज दिया। डॉ. भवानीदीन ने यह भी कहा कि यदि रानी लक्ष्मीबाई को कालपी और ग्वालियर में भोग-विलास में डूबे राजाओं का सहयोग मिल जाता, तो देश पहले ही आजाद हो गया होता। रानी लक्ष्मीबाई 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल, भोलू सिंह, राहुल, महावीर प्रजापति, होरी लाल, सागर, प्रिंस, सत्येन्द्र, अजय गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित रहे।
- कानपुर नगर के साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर दीवार का जबरन निर्माण करने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन द्वारा निर्माण पर रोक लगाए जाने के बावजूद विपक्षी लगातार जबरन निर्माण कार्य कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। इस मामले में दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।4
- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति के आरोपों के बीच टिन्नू यादव की पत्नी पूनम ने अपने पति का बचाव किया है। उन्होंने इन आरोपों को टिन्नू यादव को बदनाम करने की साजिश बताया है। पूनम यादव ने दावा किया कि उनके परिवार का मकान वर्ष 2015 में ही बन गया था और उनकी पूरी संपत्ति पारदर्शी है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत 'सुदामा का महल' का निर्माण करवाया है। यह पहल अन्नपूर्णा मुहिम के तहत की गई है।1
- हमीरपुर के मौदहा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम न मिलने और पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई न होने से नाराज किसानों ने 'जय जवान जय किसान एसोसिएशन' के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। किसानों का आरोप है कि 6 जून 2026 को एसोसिएशन की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित फसल क्षति, असफल बुवाई, मध्यावधि प्रतिकूलता (मिड-सीजन एडवर्सिटी) और फसल कटाई प्रयोगों से जुड़े अभिलेखों को सार्वजनिक करने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार बीमा क्लेम दिलाने की मांग को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र किसानों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाब सिंह, रामफल कुशवाहा, सुनील कुमार, सुदेश चंद, तेजप्रताप सिंह, अमर सिंह, कमल सिंह, विनय राजपूत, अनिल कुमार सहित जय जवान जय किसान एसोसिएशन के पदाधिकारी और कई किसान शामिल थे।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के नेहा चौराहा पर बुधवार सुबह करीब 6 बजे हड़कंप मच गया, जब एसडीएम न्यायिक केडी शर्मा द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर बालू लदे एक ट्रैक्टर का चालक चलते वाहन से कूदकर फरार हो गया। चालक के कूदते ही ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक खड्ड में पलट गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और कई लोग बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र की विभिन्न बालू खदानों से ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू की सप्लाई की जा रही है। इसी क्रम में एसडीएम न्यायिक ने एक बालू लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। चालक के फरार होते ही ट्रैक्टर ने अपना नियंत्रण खो दिया और वह खड्ड में पलट गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर फैक्टरी एरिया पुलिस चौकी में खड़ा कराया। थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को पत्र भेजा गया है। मामले की जांच जारी है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र स्थित गुरदहा गांव में गुरुवार सुबह एक युवक करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिसके चलते युवक को तुरंत मौदहा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, गुरदहा गांव निवासी विजय पुत्र राजेश सिंह (20 वर्ष) सुबह स्नान करने के बाद घर से बाहर निकला था। इसी दौरान वह अचानक विद्युत करंट की चपेट में आ गया और बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। यह देखकर परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि घर के पास से गुजर रही विद्युत केबल कहीं से कटी हुई थी, जिससे करंट फैलने की आशंका है। लोगों ने युवक को तत्काल उठाकर मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सक उसका उपचार कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल युवक की हालत स्थिर बनी हुई है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।2