हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र स्थित गुरदहा गांव में गुरुवार सुबह एक युवक करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिसके चलते युवक को तुरंत मौदहा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, गुरदहा गांव निवासी विजय पुत्र राजेश सिंह (20 वर्ष) सुबह स्नान करने के बाद घर से बाहर निकला था। इसी दौरान वह अचानक विद्युत करंट की चपेट में आ गया और बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। यह देखकर परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि घर के पास से गुजर रही विद्युत केबल कहीं से कटी हुई थी, जिससे करंट फैलने की आशंका है। लोगों ने युवक को तत्काल उठाकर मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सक उसका उपचार कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल युवक की हालत स्थिर बनी हुई है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र स्थित गुरदहा गांव में गुरुवार सुबह एक युवक करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिसके चलते युवक को तुरंत मौदहा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, गुरदहा गांव निवासी विजय पुत्र राजेश सिंह (20 वर्ष) सुबह स्नान करने के बाद घर से बाहर निकला था। इसी दौरान वह अचानक विद्युत करंट की चपेट में आ गया और बेहोश होकर जमीन पर
गिर पड़ा। यह देखकर परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि घर के पास से गुजर रही विद्युत केबल कहीं से कटी हुई थी, जिससे करंट फैलने की आशंका है। लोगों ने युवक को तत्काल उठाकर मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सक उसका उपचार कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल युवक की हालत स्थिर बनी हुई है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे से आ रही ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, मोहर्रम की शुरुआत से पहले ही अधिकांश इमाम चौक अवैध पार्किंग स्थलों में तब्दील हो गए हैं, जिसके चलते उनकी बदहाल व्यवस्था का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। छोटे अलाव, बड़े अलाव और बड़ा कसौड़ा जैसे कई महत्वपूर्ण इमाम चौकों पर भारी संख्या में वाहन खड़े देखे जा रहे हैं। इस अवैध पार्किंग के कारण इन धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई और अन्य आवश्यक तैयारियां नहीं हो पा रही हैं। इतना ही नहीं, जब स्थानीय लोग इन वाहनों को हटाने के लिए कहते हैं, तो अक्सर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने कोतवाली और यातायात पुलिस से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि धार्मिक स्थलों के आसपास खड़े सभी वाहनों का चालान किया जाए और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि इमाम चौकों को अतिक्रमण मुक्त कर मोहर्रम की तैयारियां सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।1
- संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत 'सुदामा का महल' का निर्माण करवाया है। यह पहल अन्नपूर्णा मुहिम के तहत की गई है।1
- हमीरपुर के मौदहा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम न मिलने और पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई न होने से नाराज किसानों ने 'जय जवान जय किसान एसोसिएशन' के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। किसानों का आरोप है कि 6 जून 2026 को एसोसिएशन की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित फसल क्षति, असफल बुवाई, मध्यावधि प्रतिकूलता (मिड-सीजन एडवर्सिटी) और फसल कटाई प्रयोगों से जुड़े अभिलेखों को सार्वजनिक करने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार बीमा क्लेम दिलाने की मांग को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र किसानों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाब सिंह, रामफल कुशवाहा, सुनील कुमार, सुदेश चंद, तेजप्रताप सिंह, अमर सिंह, कमल सिंह, विनय राजपूत, अनिल कुमार सहित जय जवान जय किसान एसोसिएशन के पदाधिकारी और कई किसान शामिल थे।1
- बांदा में संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया। इस प्रदर्शन के दौरान, कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें उनकी छः सूत्रीय मांगें शामिल थीं। इन मांगों में प्रमुख रूप से कैशलेश स्वास्थ्य सुविधा और समान वेतन की मांग उठाई गई। संघ ने स्पष्ट किया कि उनकी यह जंग लक्ष्य हासिल करने तक सरकार से जारी रहेगी।2
- बांदा जिले की ग्राम पंचायत डढ़वा मानपुर में कई पात्र ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची से गायब होने का आरोप सामने आया है, जिससे उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वे वर्षों से गांव के स्थायी निवासी हैं, फिर भी उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इस घटना को केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार बताया जा रहा है।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था द्वारा 'विमर्श विविधा' के तहत 'जिनका देश ऋणी है' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने समर क्षेत्र की शेरनी रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें एक बेमिसाल वीरांगना बताया, जिनकी देश की आजादी के संघर्ष में भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। डॉ. भवानीदीन ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को काशी में मोरोपंत तांबे और भागीरथी बाई के घर हुआ था। उनके पिता उन्हें बिठूर के बाजीराव के पास ले गए, जहाँ उन्होंने हथियारों का प्रशिक्षण और घुड़सवारी सीखी। उन्हें मणिकर्णिका, मनु और छबीली के नाम से भी जाना जाता था। 14 वर्ष की आयु में उनका विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव से हुआ। उन्होंने विषम परिस्थितियों को देखते हुए स्त्री सेना का गठन किया, जिसमें झलकारी बाई, सुन्दर और मुन्दर सहित कई वीर महिलाओं ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। हालाँकि, भीतरघातियों के कारण वे 1857 में झांसी को बचा नहीं पाईं। झलकारी बाई, जो रानी की हमशक्ल थीं, उन्होंने रानी को बचाकर कालपी भेज दिया। डॉ. भवानीदीन ने यह भी कहा कि यदि रानी लक्ष्मीबाई को कालपी और ग्वालियर में भोग-विलास में डूबे राजाओं का सहयोग मिल जाता, तो देश पहले ही आजाद हो गया होता। रानी लक्ष्मीबाई 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल, भोलू सिंह, राहुल, महावीर प्रजापति, होरी लाल, सागर, प्रिंस, सत्येन्द्र, अजय गुप्ता सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस महानिदेशक द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संचालित ZFD योजना और यातायात जाम कम करने की RTC योजना के तहत मंगलवार को तिंदवारी कस्बे में एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक बांदा श्री शिवराज ने थाना तिंदवारी पुलिस और रूट मार्शल टीम के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को हटवाया और कस्बे की यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। अभियान के तहत कस्बे में चिन्हित होल्डिंग एरिया का भी निरीक्षण किया गया और भारी वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग प्रबंधन की समीक्षा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि तिंदवारी कस्बे में दिन-रात भारी वाहनों का आवागमन बना रहता है, जिसके चलते यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए निरंतर सतर्कता बेहद ज़रूरी है। उन्होंने नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने और ई-रिक्शा का संचालन निर्धारित स्थानों से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सड़कों के किनारे लगने वाली अस्थायी फल और सब्जी की दुकानों को व्यवस्थित तरीके से सब्जी मंडी में स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना और यातायात बाधा को रोकना है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन और यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र स्थित गुरदहा गांव में गुरुवार सुबह एक युवक करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जिसके चलते युवक को तुरंत मौदहा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, गुरदहा गांव निवासी विजय पुत्र राजेश सिंह (20 वर्ष) सुबह स्नान करने के बाद घर से बाहर निकला था। इसी दौरान वह अचानक विद्युत करंट की चपेट में आ गया और बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। यह देखकर परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का कहना है कि घर के पास से गुजर रही विद्युत केबल कहीं से कटी हुई थी, जिससे करंट फैलने की आशंका है। लोगों ने युवक को तत्काल उठाकर मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सक उसका उपचार कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल युवक की हालत स्थिर बनी हुई है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है और इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।2