हमीरपुर के मौदहा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम न मिलने और पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई न होने से नाराज किसानों ने 'जय जवान जय किसान एसोसिएशन' के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। किसानों का आरोप है कि 6 जून 2026 को एसोसिएशन की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित फसल क्षति, असफल बुवाई, मध्यावधि प्रतिकूलता (मिड-सीजन एडवर्सिटी) और फसल कटाई प्रयोगों से जुड़े अभिलेखों को सार्वजनिक करने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार बीमा क्लेम दिलाने की मांग को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र किसानों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाब सिंह, रामफल कुशवाहा, सुनील कुमार, सुदेश चंद, तेजप्रताप सिंह, अमर सिंह, कमल सिंह, विनय राजपूत, अनिल कुमार सहित जय जवान जय किसान एसोसिएशन के पदाधिकारी और कई किसान शामिल थे।
हमीरपुर के मौदहा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम न मिलने और पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई न होने से नाराज किसानों ने 'जय जवान जय किसान एसोसिएशन' के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। किसानों का आरोप है कि 6 जून 2026 को एसोसिएशन की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित फसल क्षति, असफल बुवाई, मध्यावधि प्रतिकूलता (मिड-सीजन एडवर्सिटी) और फसल कटाई प्रयोगों से जुड़े अभिलेखों को सार्वजनिक करने और प्रभावित किसानों को नियमानुसार बीमा क्लेम दिलाने की मांग को लेकर एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र किसानों को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से आगे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में गुलाब सिंह, रामफल कुशवाहा, सुनील कुमार, सुदेश चंद, तेजप्रताप सिंह, अमर सिंह, कमल सिंह, विनय राजपूत, अनिल कुमार सहित जय जवान जय किसान एसोसिएशन के पदाधिकारी और कई किसान शामिल थे।
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के नेहा चौराहा पर बुधवार सुबह करीब 6 बजे हड़कंप मच गया, जब एसडीएम न्यायिक केडी शर्मा द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने पर बालू लदे एक ट्रैक्टर का चालक चलते वाहन से कूदकर फरार हो गया। चालक के कूदते ही ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक खड्ड में पलट गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और कई लोग बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र की विभिन्न बालू खदानों से ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू की सप्लाई की जा रही है। इसी क्रम में एसडीएम न्यायिक ने एक बालू लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। चालक के फरार होते ही ट्रैक्टर ने अपना नियंत्रण खो दिया और वह खड्ड में पलट गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर फैक्टरी एरिया पुलिस चौकी में खड़ा कराया। थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को पत्र भेजा गया है। मामले की जांच जारी है।1
- हिसार के नवला से विधायक, जो पहले सत्ता के गलियारों में सक्रिय थे, अब सतलोक आश्रम धनाना धाम पहुंचे हैं। यहां उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की और उनसे मानव जीवन के उद्देश्य के बारे में ज्ञान प्राप्त किया।1
- पूर्व से सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने फूंका बिगुल बांदा, टीईटी लागू होने के पूर्व से सेवारत शिक्षकों पर अब जबरन टीईटी अनिवार्यता थोपने के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बांदा ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के आवाहन पर जिला मुख्यालय जिलाधिकारी कार्यालय में एकत्र होकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बांदा को सौंपा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 एवं पुनर्विचार याचिका में 29 मई 2026 को दिए गए निर्णय से देश के लगभग 30 लाख शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त है। इन सभी शिक्षकों का भविष्य अंधकार में है। भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम, अधिसूचना अथवा नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावी होती है ना कि पूर्व की तिथि से। पूर्व में विधिवत संपन्न नियुक्तियों तथा अर्जित सेवा अधिकारों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदंडों को लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सदैव शिक्षक शिक्षा और समाज के हितों को लेकर के काम करता है। वर्तमान समय में शिक्षकों पर टीईटी थोप कर एक गंभीर समस्या उत्पन्न की गई है इसके निराकरण हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने निराकरण होने तक आंदोलन की रणनीति बनाई है। आंदोलन के प्रथम चरण में देशभर के समस्त जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं संबंधित प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा जा रहा है। तत्पश्चात यदि मांगे पूरी नहीं होती है तो राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा सड़क से लेकर सदन तक भरने का काम किया जाएगा परंतु किसी भी शिक्षक की नौकरी पर आँच नहीं आने दी जाएगी । आंदोलन के प्रथम चरण के क्रम में आज 18 जून 2026 को दोपहर 3:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पर सैकड़ो शिक्षकों की उपस्थिति में माननीय प्रधानमंत्री,केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी एवं उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेज कर यह मांग की गई है कि भारत सरकार संवेदनशीलता दूरदर्शिता एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण का परिचय देते हुए संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर शिक्षकों को स्थाई राहत प्रदान करे। सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस एवं सुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण करे। ज्ञापन कार्यक्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के समस्त जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों सहित सैकड़ो शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तिंदवारा गाँव में ग्रामीण पिछले 105 घंटे से बिजली कटौती से जूझ रहे हैं, जो केवल बिजली की मांग नहीं बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता के खिलाफ एक तीव्र विरोध है। सरकार द्वारा 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों के विपरीत, गाँव में महीनों से टूटे बिजली के खंभे प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बने हुए हैं, और अधिकारी जनता के फोन भी नहीं उठाते। बिजली की अनुपस्थिति से बच्चों की पढ़ाई, किसानों की उम्मीदें, बुजुर्गों की राहत और घरों की सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी में 10 से 12 घंटे की कटौती और फिर लगातार कई दिनों तक अंधेरा किसी तकनीकी खराबी से अधिक प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। शिकायतें और ज्ञापन ऊपर तक पहुँचने के बावजूद कार्रवाई धीमी रहती है। गाँव के लोगों ने अब सड़क पर उतरकर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, जो उनके आक्रोश और धैर्य की सीमा को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकतंत्र में जनता केवल वोट देने वाली नहीं, बल्कि व्यवस्था की असली मालिक है। तिंदवारा का यह सवाल सिर्फ बिजली का नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी की जवाबदेही का है कि क्या उसका दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा करना है या लोगों के जीवन में वास्तविक राहत पहुँचाना भी। यदि जिम्मेदार लोग अब भी नहीं चेतते, तो यह अंधेरा केवल गाँव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी खत्म कर देगा, क्योंकि अनदेखी की गई समस्याएँ आंदोलनों का रूप ले लेती हैं।1
- कानपुर में डिप्टी सीएम केशव कुमार मौर्य के जाते ही ड्राई फ्रूट खाने को कार्यकर्ता में अफरा तफरी कानपुर में भारतीय जनता पार्टी के डिप्टी सीएम केशव कुमार का दौरा आज संपन्न हुआ इस दौरे के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं व अधिकारियों के बीच ड्राई फूड नाश्ता खाने को लेकर अफरा तफरी का माहौल देखा गया। कार्यक्रम के समापन कर जैसे ही डिप्टी सीएम हाल के बाहर निकले उनके जाते ही कार्यकर्ताओं व अधिकारियों को नास्ता को खाने के लिए ऐसे कूदे की यह नजारा देखने लायक बन गया।1
- बांदा शहर में मुहर्रम के अवसर पर हुसैनी 72 वेलफेयर सोसायटी ने एक सबील का आयोजन कर राहगीरों और आम नागरिकों को शरबत और ठंडा पानी वितरित किया। इस आयोजन के माध्यम से हिंदू, मुस्लिम, शिया और सुन्नी सहित सभी समुदायों के लोगों को समान रूप से शरबत पिलाकर आपसी भाईचारे, प्रेम और इंसानियत का संदेश दिया गया। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में लगाई गई इस सबील का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा करना और समाज में एकता एवं सद्भाव को बढ़ावा देना था। बड़ी संख्या में लोगों ने सबील पर पहुंचकर शरबत ग्रहण किया और इस पहल की सराहना की। हुसैनी 72 वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद साद हुसैन ने बताया कि इमाम हुसैन (अ.स.) की शिक्षाएं इंसानियत, न्याय, त्याग और भाईचारे का संदेश देती हैं, जिसे समाज तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले डॉ. शोएब नियाज़ी उर्फ शिबू भाई, अरशद निजामी, राजेश दीक्षित, एडवोकेट इदरीस ख़ान, निज़ामउद्दीन फ़ारूक़ी, आरिफ निजामी, सीमा ख़ान, आरिफ नियाज़ी, अतीक अली फरहान, हमज़ा, फ़ैज़ान रब्बानी, लब्बैक रब्बानी, आसिफ अली, अली सादात खान, अफ़नान हुसैन, शोएब रिजवी, दानिश मजीद, दानिश नियाज़ी, सोएब रिज़वी, समीर अहमद और साकिब अहमद सहित सभी सहयोगियों, नगरवासियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन शहर में कौमी एकता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।3
- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे की मुख्य बाजार से जुड़े गढ़ाना तालाब में पड़े कूड़े के ढेर में अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तालाब में डाले गए कूड़े के ढेर में किसी चिंगारी के कारण आग भड़की और तेज हवा के कारण तेजी से फैलने लगी। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों, पुलिस बल और मोहल्ले के लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने के कारण किसी प्रकार की जनहानि या आर्थिक नुकसान नहीं हुआ, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खुले स्थानों पर कूड़ा न जलाएं और किसी भी आपात स्थिति की सूचना संबंधित विभाग को तुरंत दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।2