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हिसार के नवला से विधायक, जो पहले सत्ता के गलियारों में सक्रिय थे, अब सतलोक आश्रम धनाना धाम पहुंचे हैं। यहां उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की और उनसे मानव जीवन के उद्देश्य के बारे में ज्ञान प्राप्त किया।
Akhilesh
हिसार के नवला से विधायक, जो पहले सत्ता के गलियारों में सक्रिय थे, अब सतलोक आश्रम धनाना धाम पहुंचे हैं। यहां उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की और उनसे मानव जीवन के उद्देश्य के बारे में ज्ञान प्राप्त किया।
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- हिसार के नवला से विधायक, जो पहले सत्ता के गलियारों में सक्रिय थे, अब सतलोक आश्रम धनाना धाम पहुंचे हैं। यहां उन्होंने संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की और उनसे मानव जीवन के उद्देश्य के बारे में ज्ञान प्राप्त किया।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे में कुछ युवकों द्वारा खुलेआम जुआ खेलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में कई युवक हार-जीत की बाजी लगाते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है और पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में दिख रहे युवकों को पुलिस कार्रवाई का कोई डर नहीं है, क्योंकि वे सार्वजनिक स्थान के पास बेखौफ होकर जुआ खेल रहे हैं। वीडियो में एक कथित दबंग युवक भी नजर आ रहा है, जिसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज होने की चर्चाएं हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, यह वायरल वीडियो मौदहा कोतवाली क्षेत्र के बड़ा चौराहा के आसपास का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वीडियो सही पाया जाता है, तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता, स्थान और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की जा रही है। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है और वायरल वीडियो की वास्तविकता सामने आने का इंतजार कर रही है।1
- हमीरपुर में भीषण गर्मी के मद्देनजर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव की मांग करते हुए जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालयों का समय सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्मी के कारण विद्यालय आने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी के कारण छात्र-छात्राओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। शिक्षकों ने जिला प्रशासन से बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, विद्यालय के समय में तत्काल परिवर्तन करने का आग्रह किया है। यह ज्ञापन जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तिंदवारा गाँव में बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। गाँव में पिछले 105 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे ग्रामीण भयंकर गर्मी में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। यह स्थिति प्रशासनिक संवेदनहीनता और सरकारी दावों की पोल खोल रही है, जहाँ एक ओर सरकार 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करती है, वहीं तिंदवारा जैसे गाँव महीनों से टूटे बिजली के पोल और लंबी बिजली कटौती झेल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बिजली गुल होने से केवल घरों में अंधेरा ही नहीं हुआ है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, किसानों की उम्मीदें और बुजुर्गों की दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि 10 से 12 घंटे की कटौती और कई दिनों तक लगातार बिजली न रहना किसी तकनीकी खराबी से अधिक प्रशासनिक विफलता का संकेत है। शिकायतें और ज्ञापन उच्च अधिकारियों तक पहुँचने के बावजूद कार्रवाई की गति बेहद धीमी है। ग्रामीणों ने अब सड़कों पर उतरने और चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, जो उनके बढ़ते गुस्से और धैर्य की सीमा को दर्शाता है। यह मुद्दा केवल बिजली की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी मशीनरी की जवाबदेही और लोगों के जीवन में वास्तविक राहत पहुँचाने की उसकी क्षमता पर भी सवाल उठाता है। चेतावनी दी गई है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने अब भी ध्यान नहीं दिया, तो यह समस्या केवल गाँव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गहरा असर डालेगी, क्योंकि समस्याओं की अनदेखी अंततः आंदोलनों का रूप ले लेती है।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में स्टेशन मार्ग पर स्थित नलकूप प्रखंड का जिलेदार कार्यालय कर्मचारियों की मनमानी के कारण दुर्दशा का शिकार है। बुधवार दोपहर को कार्यालय में तैनात सभी कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जबकि कार्यालय खुला हुआ था। कार्यालय में जिलेदार ओमप्रकाश के अलावा मुंशी अरविंद कुमार और दो चपरासी बसंत कुमार व अनिल कुमार तैनात हैं। बुधवार सुबह 11 बजे कार्यालय खुला था लेकिन कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। जिलेदार ओमप्रकाश ने बताया कि वे विभागीय कार्य से मुख्यालय आए हुए थे, लेकिन उन्हें अन्य कर्मियों की अनुपस्थिति के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि मुंशी सप्ताह में केवल एक दिन आता है और चपरासी भी अपनी मनमानी करते हैं, जिससे वे मजबूर हैं।1
- आज बांदा में माता शारदा के रूप में एक कलाकार ने भक्तों के बीच अद्भुत नृत्य प्रस्तुत किया। इस मनमोहक प्रदर्शन ने सभी श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। इस नृत्य से भक्तों के मन को शांति और संतोष मिला, जिसने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- हमीरपुर के मौदहा में जय जवान जय किसान एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बीमा दावों का लाभ न मिलने और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग करते हुए उपजिलाधिकारी मौदहा को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने बताया कि उन्होंने 6 जून 2026 को इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे किसानों में रोष है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह ने जानकारी दी कि पहले भी दिए गए ज्ञापन में फसल क्षति, असफल बुवाई, मध्यावधि प्रतिकूलता (मिड-सीजन एडवर्सिटी) और फसल कटाई प्रयोगों से संबंधित मामलों में किसानों को नियमानुसार बीमा क्लेम दिलाने की मांग की गई थी, लेकिन प्रभावित किसानों को अभी तक कोई राहत नहीं मिल पाई है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होता है, तो संगठन एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को प्रबल रूप से उठाएगा। इसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की आगे की रणनीति भी तैयार की जाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष गुलाब सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद सिंह, रामफल कुशवाहा, सुबोध कुमार, देवेश चंद्र, तेजप्रताप सिंह, अमर सिंह, कमलेश सिंह, किसान, अनिल कुमार, सुशील कुमार, विनय राजपूत सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। एसोसिएशन ने प्रशासन से किसानों के हित में तत्काल कार्रवाई करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसानों को न्याय दिलाने का आग्रह किया है, जिसका उद्देश्य फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है।1