समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड के दिनमनपुर उत्तरी पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-189 की वर्ष 2018 की सेविका बहाली का विवाद एक बार फिर गहरा गया है। समाहर्ता न्यायालय, समस्तीपुर के आदेश पर आयोजित आमसभा विवादों के बीच रद्द हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों और आवेदिका पक्ष ने महिला पर्यवेक्षिका पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना और आमसभा प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। दरअसल, वर्ष 2018 में हुई सेविका चयन प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवेदिका दीपा कुमारी ने न्यायालय में अपील दायर की थी। उनका आरोप है कि तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका और संबंधित अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर गलत अभ्यर्थी का चयन किया था। इस मामले में दीपा कुमारी पिछले सात से आठ वर्षों से विभिन्न न्यायिक और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं। मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों, दस्तावेजों और आमसभा के वीडियो फुटेज के अवलोकन के बाद समाहर्ता न्यायालय ने पाया कि 2018 की आमसभा में विवाद हुआ था और कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह लगे थे। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चयन मार्गदर्शिका-2016 की कंडिका-10 का पालन नहीं किया गया और तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका ने नियमों के विपरीत चयन पत्र जारी किया था। इसके बाद न्यायालय ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुनः आमसभा आयोजित कर ग्रामीणों की राय लेने का निर्देश दिया था। न्यायालय के आदेश के आलोक में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मोदी टोल में आमसभा आयोजित की गई, लेकिन आरोप है कि महिला पर्यवेक्षिका सुमन कुमारी ने सभा की शुरुआत और उद्देश्य बताए बिना ही उपस्थित लोगों से उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर कराना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और मांग की कि पहले आमसभा की कार्यवाही शुरू की जाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 की टीम भी मौके पर मौजूद रही। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षर न किए जाने के बाद महिला पर्यवेक्षिका ने उपस्थिति पंजी में कोरम पूरा न होने का हवाला देकर आमसभा स्थगित कर दी। इससे आवेदिका पक्ष और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई, जिन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई ताकि सभा आयोजित ही न हो सके। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, खानपुर की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 की आमसभा में खुशबू कुमारी और ममता कुमारी की उपस्थिति दर्ज थी, और उसी आधार पर खुशबू कुमारी का चयन सेविका पद के लिए किया गया था, जबकि दीपा कुमारी अनुपस्थित बताई गई थीं। हालांकि, न्यायालय ने पाया कि वीडियो साक्ष्य और अभिलेखों से स्पष्ट होता है कि 2018 की आमसभा के दौरान विवाद के बाद कार्यवाही पंजी फाड़ दी गई थी, फिर भी तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका ने कोई सूचना या सनहा दर्ज कराए बिना उसी दिन चयन प्रक्रिया पूरी कर चयन पत्र जारी कर दिया, जिसे न्यायालय ने चयन मार्गदर्शिका-2016 की कंडिका-10 का उल्लंघन और पर्यवेक्षिका की भूमिका पर सवाल उठाया। आवेदिका दीपा कुमारी का कहना है कि वर्षों की कानूनी लड़ाई और सभी साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद भी गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थी को चयनमुक्त नहीं किया गया है, जिससे उन्हें लगातार न्याय मिलने में देरी हो रही है। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब न्यायालय ने अनियमितता स्वीकार कर पुनः आमसभा का निर्देश दिया था, तब भी यह प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हो पाई। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित इस विवाद का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान कब तक निकल पाता है।
समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड के दिनमनपुर उत्तरी पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-189 की वर्ष 2018 की सेविका बहाली का विवाद एक बार फिर गहरा गया है। समाहर्ता न्यायालय, समस्तीपुर के आदेश पर आयोजित आमसभा विवादों के बीच रद्द हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों और आवेदिका पक्ष ने महिला पर्यवेक्षिका पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना और आमसभा प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। दरअसल, वर्ष 2018 में हुई सेविका चयन प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवेदिका दीपा कुमारी ने न्यायालय में अपील दायर की थी। उनका आरोप है कि तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका और संबंधित अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी कर गलत अभ्यर्थी का चयन किया था। इस मामले में दीपा कुमारी पिछले सात से आठ वर्षों से विभिन्न न्यायिक और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं। मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों, दस्तावेजों और आमसभा के वीडियो फुटेज के अवलोकन के बाद समाहर्ता न्यायालय ने पाया कि 2018 की आमसभा में विवाद हुआ था और कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह लगे थे। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चयन मार्गदर्शिका-2016 की कंडिका-10 का पालन नहीं किया गया और तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका ने नियमों के विपरीत चयन पत्र जारी किया था। इसके बाद न्यायालय ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुनः आमसभा आयोजित कर ग्रामीणों की राय लेने का निर्देश दिया था। न्यायालय के आदेश के आलोक में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मोदी टोल में आमसभा आयोजित की गई, लेकिन आरोप है कि महिला पर्यवेक्षिका सुमन कुमारी ने सभा की शुरुआत और उद्देश्य बताए बिना ही उपस्थित लोगों से उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर कराना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और मांग की कि पहले आमसभा की कार्यवाही शुरू की जाए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 की टीम भी मौके पर मौजूद रही। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षर न किए जाने के बाद महिला पर्यवेक्षिका ने उपस्थिति पंजी में कोरम पूरा न होने का हवाला देकर आमसभा स्थगित कर दी। इससे आवेदिका पक्ष और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई, जिन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई ताकि सभा आयोजित ही न हो सके। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, खानपुर की रिपोर्ट के अनुसार, 2018 की आमसभा में खुशबू कुमारी और ममता कुमारी की उपस्थिति दर्ज थी, और उसी आधार पर खुशबू कुमारी का चयन सेविका पद के लिए किया गया था, जबकि दीपा कुमारी अनुपस्थित बताई गई थीं। हालांकि, न्यायालय ने पाया कि वीडियो साक्ष्य और अभिलेखों से स्पष्ट होता है कि 2018 की आमसभा के दौरान विवाद के बाद कार्यवाही पंजी फाड़ दी गई थी, फिर भी तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका ने कोई सूचना या सनहा दर्ज कराए बिना उसी दिन चयन प्रक्रिया पूरी कर चयन पत्र जारी कर दिया, जिसे न्यायालय ने चयन मार्गदर्शिका-2016 की कंडिका-10 का उल्लंघन और पर्यवेक्षिका की भूमिका पर सवाल उठाया। आवेदिका दीपा कुमारी का कहना है कि वर्षों की कानूनी लड़ाई और सभी साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद भी गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थी को चयनमुक्त नहीं किया गया है, जिससे उन्हें लगातार न्याय मिलने में देरी हो रही है। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब न्यायालय ने अनियमितता स्वीकार कर पुनः आमसभा का निर्देश दिया था, तब भी यह प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हो पाई। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित इस विवाद का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान कब तक निकल पाता है।
- रविवार को दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड के रूस्तमपुर में हीरा देवी-बाबू प्रसाद चौधरी मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से मेधावी छात्र सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में फाउंडेशन के संस्थापक जानकी नंदन चौधरी, जिन्हें 'बाबा भूतनाथ' के नाम से भी जाना जाता है, ने कई छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में इंटरमीडिएट जिला टॉपर सुंदरम कुमार के साथ-साथ मैट्रिक परीक्षा में 400 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भी शामिल थे। इन सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शहनवाज अहमद कैफी ने उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया।1
- एक 'छपरी यूट्यूबर' पर वीडियो बनाने के नाम पर आम आदमी को लूटने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि इस यूट्यूबर की हरकतों ने सभी यूट्यूबर्स को कलंकित किया है। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि ईलमासनगर टुडे टीम द्वारा नहीं की जाती।1
- पूर्व विधायक अजय कुमार बुलगाणी ने हाल ही में हुई एक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पत्रकार पर किया गया हमला असल में लोकतंत्र पर हमला है।1
- बिहार बाल भवन मुजफ्फरपुर के किलकारी में आगामी 1 जून से 'चक धूम धूम' समर कैंप का शुभारंभ होने जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर आदरणीय पूनम दीदी जी ने एक समीक्षा बैठक की है, जिसमें तैयारियों का जायजा लिया गया।1
- मछली पालन को वैज्ञानिक तरीकों से उन्नत बनाने के उद्देश्य से संबंधित विधियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसका लक्ष्य मछली पालन की तकनीकों में सुधार लाना है।1
- बिहार के बेगूसराय में राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर डिवाइडर न होने की गंभीर समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और सड़क निर्माण विभाग का ध्यान आकर्षित किया गया है। पोस्ट के माध्यम से यह बताया गया है कि बिहार के कई व्यस्त हाईवे पर अभी भी बीच में डिवाइडर नहीं बनाए गए हैं। डिवाइडर न होने के कारण सड़कें सिंगल या टू-लेन जैसी स्थिति में रहती हैं, जहाँ तेज रफ्तार गाड़ियां लगातार ओवरटेक करने की कोशिश करती हैं। ऐसी परिस्थितियों में विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों से आमने-सामने की भीषण टक्कर होने की आशंका हर समय बनी रहती है। इन्हीं कारणों से इन हाईवे पर आए दिन ओवरटेकिंग की वजह से दर्दनाक सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कई परिवार तबाह हो रहे हैं। यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ा खतरा बन चुकी है। संबंधित प्रशासन और अधिकारियों से अपील की गई है कि बिहार के सभी व्यस्त और दुर्घटना-संभावित हाईवे को चिह्नित कर जल्द से जल्द डिवाइडर का निर्माण कराया जाए। जब तक स्थाई डिवाइडर नहीं बनते, तब तक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर युक्त प्लास्टिक बैरिकेड्स या रंबल स्ट्रिप्स लगाए जाएं। साथ ही, ओवरटेकिंग जोन और तीखे मोड़ों पर साफ-साफ चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन से जल्द ही उचित कदम उठाने की उम्मीद जताई गई है, क्योंकि सड़क सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है और लोगों का सफर सुरक्षित होना चाहिए।1
- समस्तीपुर में नगर थाना पुलिस ने ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मगरदही घाट के बाईपास क्षेत्र में हुई है। पुलिस ने इसे एक 'बड़ी कार्रवाई' बताया है, लेकिन मगरदही घाट के बाईपास में फैले इस पूरे रैकेट को समाप्त करना अभी भी पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ है।1
- दर्शकों के प्यार, भरोसे और समर्थन के दम पर 'ईलमासनगर टुडे' परिवार ने सोशल मीडिया पर 6,000 फॉलोअर्स का आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इस उपलब्धि पर प्लेटफॉर्म ने अपने सभी अनुयायियों का दिल से शुक्रिया अदा किया है। 'ईलमासनगर टुडे' ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे आगे भी लोगों की आवाज़ बनकर हर छोटी-बड़ी समस्या को निरंतर उठाते रहेंगे।1
- समस्तीपुर जिले के ताजपुर नगर परिषद स्थित मोतीपुर सब्जी मंडी के पास नेशनल हाईवे का वह खंड, जो योगियामठ से गुजरते हुए आधारपुर के समीप ताजपुर-समस्तीपुर रोड से जुड़ता है, वर्तमान में ऐसी स्थिति में है जो विकास को खुलेआम मुँह चिढ़ा रहा है।1