किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की हवाकोल पंचायत स्थित खुरखुरिया रेतुआ नदी घाट पर शुक्रवार से नाव सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। इस सेवा की बहाली से नदी के दोनों किनारों पर बसे ग्रामीणों को आवागमन में बहुत बड़ी राहत मिली है, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी खत्म हुई है। पिछले कुछ दिनों से नाव सेवा बाधित होने के कारण स्थानीय लोगों, किसानों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को आवाजाही में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जदयू पंचायत अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद मंडल ने बताया कि शुक्रवार सुबह से खुरखुरिया घाट पर नावों का नियमित संचालन शुरू हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में लोगों की आवाजाही एक बार फिर सुचारु हो गई है। वहीं, नाविक चमन लाल मंडल ने जानकारी दी कि प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह नाव सेवा सुरक्षित तरीके से बहाल की गई है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे नाव की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही उस पर सवार हों और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें। नाव सेवा बहाल होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने गहरा संतोष व्यक्त किया है और इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राहत बताया है।
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की हवाकोल पंचायत स्थित खुरखुरिया रेतुआ नदी घाट पर शुक्रवार से नाव सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। इस सेवा की बहाली से नदी के दोनों किनारों पर बसे ग्रामीणों को आवागमन में बहुत बड़ी राहत मिली है, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी खत्म हुई है। पिछले कुछ दिनों से नाव सेवा बाधित होने के कारण स्थानीय लोगों, किसानों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को आवाजाही में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जदयू पंचायत अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद मंडल ने बताया कि शुक्रवार सुबह से खुरखुरिया घाट पर नावों का नियमित संचालन शुरू हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में लोगों की आवाजाही एक बार फिर सुचारु हो गई है। वहीं, नाविक चमन लाल मंडल ने जानकारी दी कि प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह नाव सेवा सुरक्षित तरीके से बहाल की गई है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे नाव की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही उस पर सवार हों और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें। नाव सेवा बहाल होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने गहरा संतोष व्यक्त किया है और इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राहत बताया है।
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की हवाकोल पंचायत स्थित खुरखुरिया रेतुआ नदी घाट पर शुक्रवार से नाव सेवा फिर से शुरू कर दी गई है। इस सेवा की बहाली से नदी के दोनों किनारों पर बसे ग्रामीणों को आवागमन में बहुत बड़ी राहत मिली है, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी खत्म हुई है। पिछले कुछ दिनों से नाव सेवा बाधित होने के कारण स्थानीय लोगों, किसानों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को आवाजाही में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। जदयू पंचायत अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद मंडल ने बताया कि शुक्रवार सुबह से खुरखुरिया घाट पर नावों का नियमित संचालन शुरू हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में लोगों की आवाजाही एक बार फिर सुचारु हो गई है। वहीं, नाविक चमन लाल मंडल ने जानकारी दी कि प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह नाव सेवा सुरक्षित तरीके से बहाल की गई है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे नाव की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही उस पर सवार हों और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें। नाव सेवा बहाल होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने गहरा संतोष व्यक्त किया है और इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राहत बताया है।1
- अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड की सिकटिया पंचायत के वार्ड नंबर 3 में, बाजार की जमीन पर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को अररिया जिलाधिकारी के आदेश पर बेदखल कर दिया गया है। इन भूमिहीन परिवारों का आरोप है कि अपने बाल बच्चों के साथ जीवन-यापन करते हुए उन्हें यह जमीन खाली करनी पड़ी। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि तीन-तीन दशमलव जमीन दी जाएगी, लेकिन जो भूमि आवंटित की गई वह 'पानी वाली' जमीन निकली, जबकि 'पानी के ऊपर वाली' सूखी जमीन उन्हें नहीं दी गई। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इलाके में दो एकड़ से अधिक 'पानी के ऊपर वाली' जमीन उपलब्ध है। उन्हें मिली 'पानी वाली' जमीन का खाता 66 और खेसरा 36 है। इन परिवारों का सीधा आरोप है कि कुर्साकांटा के अमीन ने बिहार सरकार की उस जमीन को, जो 'कर्जा में' थी, उसमें काबिज व्यक्तियों से मिलीभगत कर भूमिहीनों को 'पानी वाली' जमीन दी। वहीं, उन्हीं व्यक्तियों को खेती करने के लिए 'पानी के ऊपर वाली' सूखी जमीन छोड़ दी गई, जिससे भूमिहीन परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।1
- अररिया जिले के फारबिसगंज में सड़क पर हुए एक गंभीर विवाद का बड़ा खुलासा हुआ है। यह पूरा मामला इस सवाल के इर्द-गिर्द घूम रहा है कि क्या विवादित रास्ता निजी जमीन पर निर्मित किया गया है, या फिर यह किसी सरकारी योजना की क्रियान्वयन में हुई चूक का परिणाम है। इस संवेदनशील मुद्दे पर जिम्मेदार पक्षों की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और वे मौन साधे हुए हैं।1
- राबड़ी आवास के खाली होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ता अत्यधिक भावुक हो उठे। इस घटना से व्यथित एक RJD कार्यकर्ता ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि 'हमारे भगवान को निकाल दिया गया है।' कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले को लेकर सम्राट चौधरी की जमकर आलोचना की और उन्हें कोसा।1
- Manish Pandey 🫂🫂🙏1
- संतोष कल्कि शिव बाबा सुंदरानाथ धाम सरकार ने स्वयं को अंतिम अवतार घोषित किया है। इस घोषणा में उन्हें विशेष रूप से कल्कि अवतार के रूप में संदर्भित किया गया है।1
- किशनगंज जिले में एक प्रमुख सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों का आवागमन मुश्किल हो गया है, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। सड़क की इस दयनीय स्थिति के कारण आए दिन लोग इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। आम जनता इस समस्या से बहुत परेशान है और उन्होंने सरकार से इस सड़क की तुरंत मरम्मत कराने या इसके स्थान पर नई सड़क बनवाने का निवेदन किया है, ताकि उनकी आवागमन संबंधी कठिनाइयां दूर हो सकें।1