Shuru
Apke Nagar Ki App…
15 अगस्त को लेकर स्वच्छता अभियान, टेढ़ागाछ थाना के सामने गोलचक्कर की हुई सफाई टेढ़ागाछ में आगामी 15 अगस्त को लेकर स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वच्छता कर्मियों ने टेढ़ागाछ थाना के सामने स्थित गोलचक्कर की साफ-सफाई की। स्वच्छता बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। कृपया अपने आसपास गंदगी न करें और साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। RealNewsRN 15 अगस्त को लेकर स्वच्छता अभियान, टेढ़ागाछ थाना के सामने गोलचक्कर की हुई सफाई टेढ़ागाछ में आगामी 15 अगस्त को लेकर स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वच्छता कर्मियों ने टेढ़ागाछ थाना के सामने स्थित गोलचक्कर की साफ-सफाई की। स्वच्छता बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। कृपया अपने आसपास गंदगी न करें और साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। RealNewsRN
Manzar AlamRN
15 अगस्त को लेकर स्वच्छता अभियान, टेढ़ागाछ थाना के सामने गोलचक्कर की हुई सफाई टेढ़ागाछ में आगामी 15 अगस्त को लेकर स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वच्छता कर्मियों ने टेढ़ागाछ थाना के सामने स्थित गोलचक्कर की साफ-सफाई की। स्वच्छता बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। कृपया अपने आसपास गंदगी न करें और साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। RealNewsRN 15 अगस्त को लेकर स्वच्छता अभियान, टेढ़ागाछ थाना के सामने गोलचक्कर की हुई सफाई टेढ़ागाछ में आगामी 15 अगस्त को लेकर स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वच्छता कर्मियों ने टेढ़ागाछ थाना के सामने स्थित गोलचक्कर की साफ-सफाई की। स्वच्छता बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। कृपया अपने आसपास गंदगी न करें और साफ-सफाई बनाए रखने में सहयोग करें। RealNewsRN
More news from बिहार and nearby areas
- Revolution लाने को देश का हर युवा है तैयार #rahulgandhi #chhatronkigoonj #bihar1
- विशेष ड्रोन से अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रही फुलकाहा एसएसबी। सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर, प्रशिक्षित जवान ड्रोन के जरिए कर रहे निगरानी। रंजीत ठाकुर, नरपतगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की फुलकाहा इकाई ने विशेष ड्रोन के माध्यम से सीमा क्षेत्र की निगरानी तेज कर दी है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन सीमा के संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सके। एसएसबी के प्रशिक्षित जवान ड्रोन का संचालन कर सीमा क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ड्रोन से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो को सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित गतिविधियों की जांच और कार्रवाई में इसका उपयोग किया जा सके। आई समवाय फुलकाहा के प्रभारी सहायक सेना नायक राणा कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सीमा क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पारंपरिक गश्ती के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेष ड्रोन की मदद से ऐसे इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां सामान्य गश्ती के दौरान निगरानी अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि सीमा पर तस्करी, अवैध आवाजाही और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए जवान लगातार सतर्क हैं। ड्रोन निगरानी से सीमा क्षेत्र की गतिविधियों की वास्तविक समय में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही एसएसबी जवानों की गश्ती और निगरानी अभियान भी लगातार जारी है। एसएसबी की इस तकनीकी पहल से भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है। सीमा पर आधुनिक निगरानी तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है।1
- जोगबनी में शॉपिंग का नया धमाका! लगभग 200+ दुकानों में साड़ियों से लेकर डिजाइनर लहंगे, रेडीमेड कुर्ती-सूट, कोट-पैंट, शेरवानी, कॉस्मेटिक्स, किचन सामान, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की शानदार वैरायटी—बेहतर क्वालिटी, उचित दाम और आकर्षक ऑफर्स के साथ। 📍 मेन रोड, जोगबनी, जिला अररिया, बिहार। जोगबनी में शॉपिंग का नया धमाका! लगभग 200+ दुकानों में साड़ियों से लेकर डिजाइनर लहंगे, रेडीमेड कुर्ती-सूट, कोट-पैंट, शेरवानी, कॉस्मेटिक्स, किचन सामान, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की शानदार वैरायटी—बेहतर क्वालिटी, उचित दाम और आकर्षक ऑफर्स के साथ। 📍 मेन रोड, जोगबनी, जिला अररिया, बिहार।1
- आज कल किस तरह से बोल बम यात्राओं में अश्लीलत परोसा जा रहा है।1
- आवाजे मिल कर गूंज बनी अब गूंज बन गई है हुंकार Revolution लाने को देश का हर युवा है तैयार #rahulgandhi #chhatronkigoonj1
- एक आदमी ने 220 करोड़ रुपए खर्च करके कुत्ता बना। क्योंकि इनको कुत्तों से ज्यादा प्यार था।1
- 26 घंटे बाद मिला जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव, पांच किलोमीटर दूर नदी में बरामद पोठिया प्रखंड के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत सातमेरी डोक नदी घाट पर शनिवार दोपहर नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से लापता हुए 30 वर्षीय जूनियर इंजीनियर कुशल सुब्बा का शव 26 घंटे बाद रविवार को बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ की टीम ने लगातार चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे से शव बरामद किया।शव मिलने की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया। देखते ही देखते स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक के पिता आई. कबीर, मां बिना सुब्बा और भाई कुणाल सुब्बा ने शव की पहचान कुशल सुब्बा के रूप में की। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।जानकारी के अनुसार, कुशल सुब्बा पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार दोपहर वह अपने आठ साथियों के साथ पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के सातमेरी डोक नदी घाट पर नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान अचानक वह नदी के गहरे पानी में चले गए। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते नदी में लापता हो गए।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल नदी में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण सफलता नहीं मिली।घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और अंचल अधिकारी मोहित राज को दी गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। सीओ मोहित राज के नेतृत्व में एसडीआरएफ ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। शनिवार देर शाम तक खोजबीन जारी रही, लेकिन कुशल का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान में कठिनाइयां आईं।रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया। नदी के बहाव और संभावित दिशा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई। करीब 26 घंटे के प्रयास के बाद टीम को घटनास्थल से लगभग पांच किलोमीटर दूर सिंघीमारी डोक नदी घाट के पास पानी के नीचे कुशल सुब्बा का शव मिला। एसडीआरएफ जवानों ने पानी के अंदर जाकर शव को बाहर निकाला।परिजनों के मुताबिक कुशल सुब्बा की नौकरी करीब आठ माह पहले इस्लामपुर स्थित तीस्ता कैनाल में जूनियर इंजीनियर के पद पर लगी थी। इससे पहले भी वह सातमेरी डोक नदी घाट पर आ चुके थे। महज 30 वर्ष की उम्र में नदी हादसे में उनकी मौत की खबर से परिवार के साथ-साथ सहकर्मियों और परिचितों में भी शोक की लहर है।शनिवार से परिजन नदी घाट और आसपास के इलाके में कुशल के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। रविवार को शव मिलने के बाद उनकी उम्मीद मातम में बदल गई।पहाड़कट्टा पुलिस एवं छत्तरगाछ पुलिस द्वारा शव का पंचनामा सहित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर जाएंगे।घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास एसडीआरएफ की टीम की उपलब्धता रहने से नदी में डूबने की घटनाओं में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता है। वहीं, जहां नदी में अधिक गहराई है, वहां सावधानी एवं खतरे से संबंधित बोर्ड लगाने की भी मांग की गई है। बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, सातमेरी डोक नदी में हुए इस हादसे में भी तेज बहाव के कारण शव घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर बहकर पहुंचा। घटना ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा एवं बचाव व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।मृतक के पीड़ित परिवार ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।2