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गाजियाबाद के कौशाम्बी थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट को 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से हुए विवाद के बाद शांति भंग की आशंका में पुलिस ने जेल भेजा था। 21 मई को डासना जेल से रिहा होने के बाद गिरधर अपने घर नहीं पहुंचा, जिससे उनके परिजन परेशान थे। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की। पहचान के बाद परिवार ने कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। लेकिन अब इस कहानी में एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि जिस गिरधर को मृत मान लिया गया था, वह सकुशल अपने घर लौट आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गिरधर इतने दिनों तक कहां थे, परिजनों ने उस शव की पहचान गिरधर के रूप में कैसे की, और आखिर वह लावारिस शव किसका था। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

22 hrs ago
user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
22 hrs ago

गाजियाबाद के कौशाम्बी थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट को 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से हुए विवाद के बाद शांति भंग की आशंका में पुलिस ने जेल भेजा था। 21 मई को डासना जेल से रिहा होने के बाद गिरधर अपने घर नहीं पहुंचा, जिससे उनके परिजन परेशान थे। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की। पहचान के बाद परिवार ने कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। लेकिन अब इस कहानी में एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि जिस गिरधर को मृत मान लिया गया था, वह सकुशल अपने घर लौट आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गिरधर इतने दिनों तक कहां थे, परिजनों ने उस शव की पहचान गिरधर के रूप में कैसे की, और आखिर वह लावारिस शव किसका था। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

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  • गाजियाबाद जनपद के थाना भोजपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 25 जून 2026 को थाना पिलखुवा को सूचित किया कि वह पिलखुवा आया था और बैंक से 1 लाख रुपए निकालकर नई बाइक खरीदने गया था। किसी कारणवश वह बाइक नहीं खरीद सका। उन्हें अचानक वॉशरूम जाने की आवश्यकता हुई, जिस पर उन्होंने सड़क पार करके पास खड़े एक छोटे हाथी पर रुपयों का बैग टांग दिया। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि वहां बैग नहीं था। इस संबंध में थाना पिलखुवा ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें इस घटना में आवेदक के पुत्र और उसके दोस्तों का हाथ होने की पुष्टि हुई। फिलहाल, आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी पिलखुवा श्री मुनीश चन्द्र ने आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है।
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    गाजियाबाद जनपद के थाना भोजपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 25 जून 2026 को थाना पिलखुवा को सूचित किया कि वह पिलखुवा आया था और बैंक से 1 लाख रुपए निकालकर नई बाइक खरीदने गया था। किसी कारणवश वह बाइक नहीं खरीद सका। उन्हें अचानक वॉशरूम जाने की आवश्यकता हुई, जिस पर उन्होंने सड़क पार करके पास खड़े एक छोटे हाथी पर रुपयों का बैग टांग दिया। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि वहां बैग नहीं था।

इस संबंध में थाना पिलखुवा ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें इस घटना में आवेदक के पुत्र और उसके दोस्तों का हाथ होने की पुष्टि हुई।

फिलहाल, आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी पिलखुवा श्री मुनीश चन्द्र ने आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है।
    user_समीर चौधरी
    समीर चौधरी
    Court reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के श्याम पार्क में श्रद्धा, सेवा और मानवता का एक सुंदर संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच, बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत वितरित किया। निर्जला एकादशी पर जलदान और शीतल पेय का वितरण विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है, और इसी मान्यता के चलते अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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    निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के श्याम पार्क में श्रद्धा, सेवा और मानवता का एक सुंदर संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच, बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत वितरित किया। निर्जला एकादशी पर जलदान और शीतल पेय का वितरण विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है, और इसी मान्यता के चलते अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    user_PRADEEP PURI
    PRADEEP PURI
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए आज एक बड़ी कार्रवाई की है। उप जिलाधिकारी मोदीनगर के निर्देशानुसार, राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम सुहाना स्थित चकमार्ग की भूमि पर अभियान चलाया। प्रशासन के अनुसार, खसरा संख्या 336 रकबा 0.0280 हेक्टेयर और खसरा संख्या 637/702 रकबा 0.0510 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज के नाम दर्ज है। तहसीलदार मोदीनगर की उपस्थिति में राजस्व टीम ने मौके पर पहुँचकर भूमि का सीमांकन किया। जाँच के दौरान पाया गया कि सार्वजनिक उपयोग और सरकारी भूमि पर अवैध रूप से ईख की फसल खड़ी थी। इसके बाद प्रशासन ने ट्रैक्टर का उपयोग करके इस फसल को जुतवा दिया, जिससे भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए आज एक बड़ी कार्रवाई की है। उप जिलाधिकारी मोदीनगर के निर्देशानुसार, राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम सुहाना स्थित चकमार्ग की भूमि पर अभियान चलाया। प्रशासन के अनुसार, खसरा संख्या 336 रकबा 0.0280 हेक्टेयर और खसरा संख्या 637/702 रकबा 0.0510 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज के नाम दर्ज है।

तहसीलदार मोदीनगर की उपस्थिति में राजस्व टीम ने मौके पर पहुँचकर भूमि का सीमांकन किया। जाँच के दौरान पाया गया कि सार्वजनिक उपयोग और सरकारी भूमि पर अवैध रूप से ईख की फसल खड़ी थी। इसके बाद प्रशासन ने ट्रैक्टर का उपयोग करके इस फसल को जुतवा दिया, जिससे भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी गिरधर सिंह बिष्ट (38) को मृत मानकर परिजनों ने जिसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह बुधवार, 25 जून को सकुशल अपने घर लौट आया। इस घटनाक्रम से एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि इससे पहले पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। जानकारी के अनुसार, 16 मई को गिरधर सिंह बिष्ट का स्थानीय दुकानदारों से विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया था। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचा, जिससे उसके परिजन चिंतित हो गए। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर सिंह बिष्ट के रूप में की। इसके बाद कौशांबी थाने पर जमकर हंगामा हुआ और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके फलस्वरूप मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पूरे मामले ने तब नया मोड़ लिया जब 25 जून को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर वापस लौट आया। गिरधर ने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह डासना पहुंचा और वहां से लोगों से पैसे मांगकर आनंद विहार गया। इसके बाद वह पंजाब स्थित राधास्वामी डेरे चला गया, जहां वह कई दिनों तक रहा और इस दौरान उसने अपने परिवार को कोई सूचना नहीं दी। गिरधर के लौटने के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह आखिर किसका था और उसकी वास्तविक पहचान क्या है। साथ ही, बिना किसी वैज्ञानिक पुष्टि के शव की पहचान कैसे कर ली गई, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। फिलहाल गिरधर के सकुशल लौट आने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस जांच, शव की पहचान और दर्ज हत्या के मुकदमे को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और मसूरी क्षेत्र में मिले अज्ञात शव की पहचान का प्रयास कर रही है।
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    गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी गिरधर सिंह बिष्ट (38) को मृत मानकर परिजनों ने जिसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह बुधवार, 25 जून को सकुशल अपने घर लौट आया। इस घटनाक्रम से एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि इससे पहले पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे।

जानकारी के अनुसार, 16 मई को गिरधर सिंह बिष्ट का स्थानीय दुकानदारों से विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया था। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचा, जिससे उसके परिजन चिंतित हो गए। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर सिंह बिष्ट के रूप में की। इसके बाद कौशांबी थाने पर जमकर हंगामा हुआ और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके फलस्वरूप मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।

पूरे मामले ने तब नया मोड़ लिया जब 25 जून को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर वापस लौट आया। गिरधर ने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह डासना पहुंचा और वहां से लोगों से पैसे मांगकर आनंद विहार गया। इसके बाद वह पंजाब स्थित राधास्वामी डेरे चला गया, जहां वह कई दिनों तक रहा और इस दौरान उसने अपने परिवार को कोई सूचना नहीं दी।

गिरधर के लौटने के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह आखिर किसका था और उसकी वास्तविक पहचान क्या है। साथ ही, बिना किसी वैज्ञानिक पुष्टि के शव की पहचान कैसे कर ली गई, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। फिलहाल गिरधर के सकुशल लौट आने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस जांच, शव की पहचान और दर्ज हत्या के मुकदमे को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और मसूरी क्षेत्र में मिले अज्ञात शव की पहचान का प्रयास कर रही है।
    user_Mr.Singh Patrakar
    Mr.Singh Patrakar
    Local News Reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • गाजियाबाद के कौशाम्बी और मसूरी थाना क्षेत्र में एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस, परिजनों और स्थानीय लोगों को चौंका दिया है। एक व्यक्ति, जिसे परिवार और पुलिस रिकॉर्ड में मृत मान लिया गया था और जिसकी तेरहवीं भी हो चुकी थी, वह अचानक जीवित अपने घर लौट आया। वैशाली के कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट का 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें शांति भंग की आशंका में 151 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद जब गिरधर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। लेकिन कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कथित मृतक गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर लौट आए। जानकारी के अनुसार, गिरधर ने बताया कि वह नाराज़ होकर पंजाब में एक सत्संग में चले गए थे और अब वापस लौटे हैं। गिरधर के लौटने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जैसे कि वह इतने दिनों तक कहां रहे और परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह किसका था। इस पूरे मामले ने अब पुलिस की जांच प्रक्रिया, जांच प्रणाली और शव सुपुर्दगी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी प्रश्न उठ रहा है कि पहचान की प्रक्रिया में चूक कहां हुई और क्या डीएनए परीक्षण या अन्य वैज्ञानिक पहचान प्रक्रिया पूरी तरह नहीं अपनाई गई थी। यदि हत्या के आरोप गलत साबित होते हैं, तो उन लोगों का क्या होगा, जिन्हें इस मामले में हिरासत और जांच का सामना करना पड़ा। यह मामला जितना सनसनीखेज है, उतना ही संवेदनशील भी माना जा रहा है। अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में हुई चूक की जिम्मेदारी किसकी तय होती है और जिस अज्ञात शव को गिरधर समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया, उसकी वास्तविक पहचान आखिर कब सामने आएगी।
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    गाजियाबाद के कौशाम्बी और मसूरी थाना क्षेत्र में एक ऐसा हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस, परिजनों और स्थानीय लोगों को चौंका दिया है। एक व्यक्ति, जिसे परिवार और पुलिस रिकॉर्ड में मृत मान लिया गया था और जिसकी तेरहवीं भी हो चुकी थी, वह अचानक जीवित अपने घर लौट आया। वैशाली के कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट का 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें शांति भंग की आशंका में 151 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद जब गिरधर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।

इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। लेकिन कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कथित मृतक गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर लौट आए। जानकारी के अनुसार, गिरधर ने बताया कि वह नाराज़ होकर पंजाब में एक सत्संग में चले गए थे और अब वापस लौटे हैं। गिरधर के लौटने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जैसे कि वह इतने दिनों तक कहां रहे और परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह किसका था।

इस पूरे मामले ने अब पुलिस की जांच प्रक्रिया, जांच प्रणाली और शव सुपुर्दगी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी प्रश्न उठ रहा है कि पहचान की प्रक्रिया में चूक कहां हुई और क्या डीएनए परीक्षण या अन्य वैज्ञानिक पहचान प्रक्रिया पूरी तरह नहीं अपनाई गई थी। यदि हत्या के आरोप गलत साबित होते हैं, तो उन लोगों का क्या होगा, जिन्हें इस मामले में हिरासत और जांच का सामना करना पड़ा। यह मामला जितना सनसनीखेज है, उतना ही संवेदनशील भी माना जा रहा है। अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में हुई चूक की जिम्मेदारी किसकी तय होती है और जिस अज्ञात शव को गिरधर समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया, उसकी वास्तविक पहचान आखिर कब सामने आएगी।
    user_Pramod Singh
    Pramod Singh
    Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित आर्य समाज द्वारा महर्षि दयानंद चौक पर भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से मीठे ठंडे शर्बत की छबील का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गायत्री मंत्र और प्रार्थना उपासना के मंत्रों के उच्चारण के साथ आरंभ हुआ और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर आर्य समाज के संरक्षक श्री विनोद त्यागी जी, पार्षद श्री हरीश कड़ा कोटी जी, राष्ट्रीय व्यापार मंडल इंदिरापुरम के अध्यक्ष आदरणीय श्री संजीव तेवतिया जी, भाजपा नेता सागर रावत जी, तथा आर्य समाज इंदिरापुरम के प्रधान श्री प्रदीप आर्य जी, मंत्री श्री दिग्विजय सिंह आर्य जी, कोषाध्यक्ष श्री हर्ष कुमार भाटिया जी, उप मंत्री श्री राकेश आर्य जी, संगठन श्री सुशील कुमार जी, व्यवस्था मंत्री श्री जयप्रकाश सिंह आर्य जी, श्री अशोक कालड़ा जी, श्री अशोक बंसल जी और श्री गुलाब आर्य जी सहित यशवीर आर्य, श्रेष्ठ कुमार, आदित्य और श्री संजय गुप्ता जी जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महिला प्रकोष्ठ की प्रधाना श्रीमती मीरा आर्या जी, मंत्राणी श्रीमती सविता सिंह आर्या जी, श्रीमती शशि मल्हन जी, श्रीमती आशा देवी जी, श्रीमती सीमा गुप्ता, अरुणा बंसल जी, दिनेश चंद्र माथुर, राजन गोयल, देवेंद्र गोयल, योगेश अग्रवाल जी, विनय सिंगला जी, लावन्या सिंगला और विवान सिंगला ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को और रोचक बनाने के लिए प्रभु भक्ति और महर्षि दयानंद के भजनों व मंत्रों का गायन भी किया गया। आयोजन के सफल समापन पर सभी का धन्यवाद किया गया। इस मीठे शर्बत की छबील को सफलतापूर्वक लगाने में श्रीमती मीरा आर्या, महिला प्रकोष्ठ की प्रधाना, समस्त अधिकारीगण और आर्य समाज इंदिरापुरम, गाजियाबाद के सदस्यगणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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    निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित आर्य समाज द्वारा महर्षि दयानंद चौक पर भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से मीठे ठंडे शर्बत की छबील का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गायत्री मंत्र और प्रार्थना उपासना के मंत्रों के उच्चारण के साथ आरंभ हुआ और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस अवसर पर आर्य समाज के संरक्षक श्री विनोद त्यागी जी, पार्षद श्री हरीश कड़ा कोटी जी, राष्ट्रीय व्यापार मंडल इंदिरापुरम के अध्यक्ष आदरणीय श्री संजीव तेवतिया जी, भाजपा नेता सागर रावत जी, तथा आर्य समाज इंदिरापुरम के प्रधान श्री प्रदीप आर्य जी, मंत्री श्री दिग्विजय सिंह आर्य जी, कोषाध्यक्ष श्री हर्ष कुमार भाटिया जी, उप मंत्री श्री राकेश आर्य जी, संगठन श्री सुशील कुमार जी, व्यवस्था मंत्री श्री जयप्रकाश सिंह आर्य जी, श्री अशोक कालड़ा जी, श्री अशोक बंसल जी और श्री गुलाब आर्य जी सहित यशवीर आर्य, श्रेष्ठ कुमार, आदित्य और श्री संजय गुप्ता जी जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। महिला प्रकोष्ठ की प्रधाना श्रीमती मीरा आर्या जी, मंत्राणी श्रीमती सविता सिंह आर्या जी, श्रीमती शशि मल्हन जी, श्रीमती आशा देवी जी, श्रीमती सीमा गुप्ता, अरुणा बंसल जी, दिनेश चंद्र माथुर, राजन गोयल, देवेंद्र गोयल, योगेश अग्रवाल जी, विनय सिंगला जी, लावन्या सिंगला और विवान सिंगला ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम को और रोचक बनाने के लिए प्रभु भक्ति और महर्षि दयानंद के भजनों व मंत्रों का गायन भी किया गया।

आयोजन के सफल समापन पर सभी का धन्यवाद किया गया। इस मीठे शर्बत की छबील को सफलतापूर्वक लगाने में श्रीमती मीरा आर्या, महिला प्रकोष्ठ की प्रधाना, समस्त अधिकारीगण और आर्य समाज इंदिरापुरम, गाजियाबाद के सदस्यगणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    user_अनिल कुमार गुप्ता
    अनिल कुमार गुप्ता
    Local News Reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • पनवेल के नंदगांव इलाके में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र में एक बच्ची के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना आंगनवाड़ी केंद्र के भीतर ही हुई है। इस मारपीट से संबंधित एक वीडियो देखने के बाद लोग काफी आक्रोशित हैं।
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    पनवेल के नंदगांव इलाके में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र में एक बच्ची के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना आंगनवाड़ी केंद्र के भीतर ही हुई है। इस मारपीट से संबंधित एक वीडियो देखने के बाद लोग काफी आक्रोशित हैं।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    31 min ago
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