logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पनवेल के नंदगांव इलाके में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र में एक बच्ची के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना आंगनवाड़ी केंद्र के भीतर ही हुई है। इस मारपीट से संबंधित एक वीडियो देखने के बाद लोग काफी आक्रोशित हैं।

1 hr ago
user_आदर्श भारत TV
आदर्श भारत TV
TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
1 hr ago

पनवेल के नंदगांव इलाके में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र में एक बच्ची के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि यह घटना आंगनवाड़ी केंद्र के भीतर ही हुई है। इस मारपीट से संबंधित एक वीडियो देखने के बाद लोग काफी आक्रोशित हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के श्याम पार्क में श्रद्धा, सेवा और मानवता का एक सुंदर संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच, बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत वितरित किया। निर्जला एकादशी पर जलदान और शीतल पेय का वितरण विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है, और इसी मान्यता के चलते अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    2
    निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गाजियाबाद के श्याम पार्क में श्रद्धा, सेवा और मानवता का एक सुंदर संगम देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच, बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत वितरित किया। निर्जला एकादशी पर जलदान और शीतल पेय का वितरण विशेष पुण्य का कार्य माना जाता है, और इसी मान्यता के चलते अनेक लोगों ने इस सेवा कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    user_PRADEEP PURI
    PRADEEP PURI
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी गिरधर सिंह बिष्ट (38) को मृत मानकर परिजनों ने जिसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह बुधवार, 25 जून को सकुशल अपने घर लौट आया। इस घटनाक्रम से एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि इससे पहले पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। जानकारी के अनुसार, 16 मई को गिरधर सिंह बिष्ट का स्थानीय दुकानदारों से विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया था। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचा, जिससे उसके परिजन चिंतित हो गए। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर सिंह बिष्ट के रूप में की। इसके बाद कौशांबी थाने पर जमकर हंगामा हुआ और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके फलस्वरूप मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पूरे मामले ने तब नया मोड़ लिया जब 25 जून को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर वापस लौट आया। गिरधर ने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह डासना पहुंचा और वहां से लोगों से पैसे मांगकर आनंद विहार गया। इसके बाद वह पंजाब स्थित राधास्वामी डेरे चला गया, जहां वह कई दिनों तक रहा और इस दौरान उसने अपने परिवार को कोई सूचना नहीं दी। गिरधर के लौटने के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह आखिर किसका था और उसकी वास्तविक पहचान क्या है। साथ ही, बिना किसी वैज्ञानिक पुष्टि के शव की पहचान कैसे कर ली गई, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। फिलहाल गिरधर के सकुशल लौट आने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस जांच, शव की पहचान और दर्ज हत्या के मुकदमे को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और मसूरी क्षेत्र में मिले अज्ञात शव की पहचान का प्रयास कर रही है।
    4
    गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी गिरधर सिंह बिष्ट (38) को मृत मानकर परिजनों ने जिसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह बुधवार, 25 जून को सकुशल अपने घर लौट आया। इस घटनाक्रम से एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि इससे पहले पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे।

जानकारी के अनुसार, 16 मई को गिरधर सिंह बिष्ट का स्थानीय दुकानदारों से विवाद हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया था। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद वह घर नहीं पहुंचा, जिससे उसके परिजन चिंतित हो गए। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर सिंह बिष्ट के रूप में की। इसके बाद कौशांबी थाने पर जमकर हंगामा हुआ और परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके फलस्वरूप मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।

पूरे मामले ने तब नया मोड़ लिया जब 25 जून को गिरधर सिंह बिष्ट अचानक अपने घर वापस लौट आया। गिरधर ने बताया कि जेल से छूटने के बाद वह डासना पहुंचा और वहां से लोगों से पैसे मांगकर आनंद विहार गया। इसके बाद वह पंजाब स्थित राधास्वामी डेरे चला गया, जहां वह कई दिनों तक रहा और इस दौरान उसने अपने परिवार को कोई सूचना नहीं दी।

गिरधर के लौटने के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल यह है कि परिजनों ने जिस शव की पहचान गिरधर के रूप में की थी, वह आखिर किसका था और उसकी वास्तविक पहचान क्या है। साथ ही, बिना किसी वैज्ञानिक पुष्टि के शव की पहचान कैसे कर ली गई, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। फिलहाल गिरधर के सकुशल लौट आने से परिवार ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस जांच, शव की पहचान और दर्ज हत्या के मुकदमे को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और मसूरी क्षेत्र में मिले अज्ञात शव की पहचान का प्रयास कर रही है।
    user_Mr.Singh Patrakar
    Mr.Singh Patrakar
    Local News Reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र के भोपुरा तिराहे पर किसानों और ग्रामीणों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया है कि GDA ने वर्षों पहले उनकी लगभग 92 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था, जिसके बदले उन्हें 6 प्रतिशत विकसित प्लॉट देने का वादा किया गया था। हालांकि, यह वादा आज तक पूरा नहीं किया गया है। धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें निर्धारित नीति के तहत विकसित प्लॉट आवंटित करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, कई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपने प्लॉट नहीं मिले हैं, और किसानों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने GDA प्रशासन से तत्काल बातचीत कर अपने लंबित मामलों को निपटाने की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान किसान नेता अमित कसाना और ग्रामीण नवीन ने भी किसानों की समस्याओं को उठाते हुए प्राधिकरण पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
    1
    गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र के भोपुरा तिराहे पर किसानों और ग्रामीणों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया है कि GDA ने वर्षों पहले उनकी लगभग 92 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था, जिसके बदले उन्हें 6 प्रतिशत विकसित प्लॉट देने का वादा किया गया था। हालांकि, यह वादा आज तक पूरा नहीं किया गया है।

धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें निर्धारित नीति के तहत विकसित प्लॉट आवंटित करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, कई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपने प्लॉट नहीं मिले हैं, और किसानों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।

प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने GDA प्रशासन से तत्काल बातचीत कर अपने लंबित मामलों को निपटाने की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान किसान नेता अमित कसाना और ग्रामीण नवीन ने भी किसानों की समस्याओं को उठाते हुए प्राधिकरण पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
    user_Pramod Singh
    Pramod Singh
    Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के पीपी आईएसबीटी की टीम ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है, जो दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले मासूम लोगों को अपना निशाना बनाता था। यह आरोपी लोगों को ड्रग्स देकर उनकी कीमती चीजें चुराता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान FRS सिस्टम की मदद से हुई। पुलिस ने उसके पास से 4 फ्रूटी टेट्रा पैक बरामद किए हैं, जिनमें से एक टेट्रा पैक में ड्रग्स की गोलियां मिलीं। इसके अतिरिक्त, आरोपी के कब्जे से लोराज़ेपम (ATIVAN 2 MG) की 30 गोलियां, शिकायतकर्ता के दस्तावेज़ों वाला एक चोरी का पर्स, एक चोरी की कलाई घड़ी और घटना के दौरान उसके द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद हुए हैं।
    1
    कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के पीपी आईएसबीटी की टीम ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है, जो दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले मासूम लोगों को अपना निशाना बनाता था। यह आरोपी लोगों को ड्रग्स देकर उनकी कीमती चीजें चुराता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान FRS सिस्टम की मदद से हुई। पुलिस ने उसके पास से 4 फ्रूटी टेट्रा पैक बरामद किए हैं, जिनमें से एक टेट्रा पैक में ड्रग्स की गोलियां मिलीं। इसके अतिरिक्त, आरोपी के कब्जे से लोराज़ेपम (ATIVAN 2 MG) की 30 गोलियां, शिकायतकर्ता के दस्तावेज़ों वाला एक चोरी का पर्स, एक चोरी की कलाई घड़ी और घटना के दौरान उसके द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद हुए हैं।
    user_Faiz news
    Faiz news
    करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    24 min ago
  • गाजियाबाद के कौशाम्बी थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट को 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से हुए विवाद के बाद शांति भंग की आशंका में पुलिस ने जेल भेजा था। 21 मई को डासना जेल से रिहा होने के बाद गिरधर अपने घर नहीं पहुंचा, जिससे उनके परिजन परेशान थे। इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की। पहचान के बाद परिवार ने कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। लेकिन अब इस कहानी में एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि जिस गिरधर को मृत मान लिया गया था, वह सकुशल अपने घर लौट आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गिरधर इतने दिनों तक कहां थे, परिजनों ने उस शव की पहचान गिरधर के रूप में कैसे की, और आखिर वह लावारिस शव किसका था। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
    1
    गाजियाबाद के कौशाम्बी थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। वैशाली स्थित कल्पना अपार्टमेंट निवासी 38 वर्षीय गिरधर सिंह बिष्ट को 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से हुए विवाद के बाद शांति भंग की आशंका में पुलिस ने जेल भेजा था। 21 मई को डासना जेल से रिहा होने के बाद गिरधर अपने घर नहीं पहुंचा, जिससे उनके परिजन परेशान थे।

इसी बीच, 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला जिसकी पहचान परिजनों ने गिरधर के रूप में की। पहचान के बाद परिवार ने कौशाम्बी थाने पर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया।

लेकिन अब इस कहानी में एक बड़ा मोड़ आ गया है, क्योंकि जिस गिरधर को मृत मान लिया गया था, वह सकुशल अपने घर लौट आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गिरधर इतने दिनों तक कहां थे, परिजनों ने उस शव की पहचान गिरधर के रूप में कैसे की, और आखिर वह लावारिस शव किसका था। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • उज्जैन के बड़नगर में 23 जून की रात मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसने सबको हैरत में डाल दिया। अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में एक क्रेन का इस्तेमाल कर टाटा मैजिक वैन को करीब 40 फीट ऊपर लटका दिया गया। वैन पर सवार दो युवक इस दौरान लाल झंडे लहराते रहे, और फिर अचानक एक धमाके के साथ वैन को हवा में उड़ा दिया गया। बताया गया कि धमाके से पहले वैन पर "ले फिर आ गए" लिखा हुआ था। इस घटना का एक वीडियो परवेज एडिट्स_2.0 नाम की इंस्टाग्राम आईडी से तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें केवल विस्फोट ही नहीं, बल्कि युवकों के कई खतरनाक स्टंट भी कैद हैं। वीडियो देखने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि जब उज्जैन में दही हांडी और पटाखों पर प्रतिबंध लग जाता है, तो फिर गाड़ी को बम से उड़ाकर "आतंकी गतिविधि" जैसा संदेश देने की इजाजत कैसे मिल गई। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इससे "काफिरों की गाड़ियां ऐसे ही उड़ाएंगे" जैसा संदेश दिया जा रहा है। हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने भी बताया कि वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर भी लगे हुए थे। इस पूरे मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला प्रशासन ने इस तरह की गतिविधि के लिए कोई अनुमति दी थी या नहीं। बड़नगर के टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विस्फोट किस चीज से किया गया और अनुमति थी या नहीं, इसकी जांच के बाद शाम तक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    1
    उज्जैन के बड़नगर में 23 जून की रात मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसने सबको हैरत में डाल दिया। अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में एक क्रेन का इस्तेमाल कर टाटा मैजिक वैन को करीब 40 फीट ऊपर लटका दिया गया। वैन पर सवार दो युवक इस दौरान लाल झंडे लहराते रहे, और फिर अचानक एक धमाके के साथ वैन को हवा में उड़ा दिया गया। बताया गया कि धमाके से पहले वैन पर "ले फिर आ गए" लिखा हुआ था।

इस घटना का एक वीडियो परवेज एडिट्स_2.0 नाम की इंस्टाग्राम आईडी से तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें केवल विस्फोट ही नहीं, बल्कि युवकों के कई खतरनाक स्टंट भी कैद हैं। वीडियो देखने के बाद हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी भड़क गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि जब उज्जैन में दही हांडी और पटाखों पर प्रतिबंध लग जाता है, तो फिर गाड़ी को बम से उड़ाकर "आतंकी गतिविधि" जैसा संदेश देने की इजाजत कैसे मिल गई। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इससे "काफिरों की गाड़ियां ऐसे ही उड़ाएंगे" जैसा संदेश दिया जा रहा है। हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने भी बताया कि वैन पर आपत्तिजनक पोस्टर भी लगे हुए थे।

इस पूरे मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला प्रशासन ने इस तरह की गतिविधि के लिए कोई अनुमति दी थी या नहीं। बड़नगर के टीआई कमलेश सिंगार ने बताया कि पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और आयोजकों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विस्फोट किस चीज से किया गया और अनुमति थी या नहीं, इसकी जांच के बाद शाम तक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.