उत्तराखंड के चम्पावत जिले के बेलखेत क्षेत्र में क्वैराला नदी पर 85 मीटर स्पान के पैदल झूला पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 341/2024 के तहत प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण परियोजना को राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एसडीआरएफ) मद से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इस परियोजना के लिए 481.57 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके बाद टेंडर और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग, चम्पावत के अधिशासी अभियंता मोहन चंद पलड़िया ने बताया कि झूला पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे निर्धारित एक वर्ष की समय-सीमा से पहले ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि स्थानीय जनता को जल्द इसका लाभ मिल सके। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि इस पुल के बनने से स्थानीय ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषकर बरसात के दिनों में नदी पार करने की कठिनाई दूर होगी और विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं व बुजुर्गों के लिए आवागमन आसान होगा। साथ ही आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी।
उत्तराखंड के चम्पावत जिले के बेलखेत क्षेत्र में क्वैराला नदी पर 85 मीटर स्पान के पैदल झूला पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 341/2024 के तहत प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण परियोजना को राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एसडीआरएफ) मद से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इस परियोजना के लिए 481.57 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके बाद टेंडर और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग, चम्पावत के अधिशासी अभियंता मोहन चंद पलड़िया ने बताया कि झूला पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे निर्धारित एक वर्ष की समय-सीमा से पहले ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि स्थानीय जनता को जल्द इसका लाभ मिल सके। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि इस पुल के बनने से स्थानीय ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषकर बरसात के दिनों में नदी पार करने की कठिनाई दूर होगी और विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं व बुजुर्गों के लिए आवागमन आसान होगा। साथ ही आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी।
- नैनीताल के डीएसबी परिसर में युवाओं को प्रेरित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हर भारतीय का है और हमारा देश हर रूप में सक्षम होगा। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने पर विशेष जोर दिया। राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, "विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।" पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, क्योंकि विदेशों में बसे भारतीय युवाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने बदलते एआई (AI) के दौर में भारतीय सभ्यता को आधार बनाकर अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया। इससे पूर्व, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने भी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान कूटा के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।1
- उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक बड़ा संकट मंडराने लगा है, जिससे इस मार्ग पर यातायात कभी भी पूरी तरह ठप हो सकता है। नैनीताल के गरमपानी क्षेत्र में रामगाढ़ पुल के ठीक बगल में हुए भारी भूधंसाव के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। पहाड़ी खिसकने और लगातार हो रहे भूकटाव की वजह से सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभरा कर सीधे नीचे नदी अथवा खाई में समा गया है। हालात इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि पुल के मुहाने से सटी जमीन पूरी तरह खोखली हो गई है। सड़क का आधा हिस्सा ढह जाने के कारण अब वहां आवाजाही के लिए महज कुछ फीट का ही रास्ता बचा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित हिस्से पर ईंट-पत्थर रखकर छोटे वाहनों को जैसे-तैसे निकाला जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही दरारों को देखते हुए भारी वाहनों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक हो चुका है।3
- पीलीभीत के अमरिया में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक विशेष पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत बेटियों के लिए सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।1
- नैनीताल के कालाढूंगी में पुलिस ने कच्ची शराब के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 20 लीटर शराब और 75 पाउच बरामद किए हैं।1
- नैनीताल के बेतालघाट में उन लोगों के लिए जो कभी समझौता नहीं करते, स्कॉर्पियो-एन हर बार कुछ अधिक प्रदान करती है। इस स्कॉर्पियो-एन की शुरुआती कीमत ESR ₹13.49 लाख* है।2
- उत्तराखंड के चम्पावत जिले के बेलखेत क्षेत्र में क्वैराला नदी पर 85 मीटर स्पान के पैदल झूला पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 341/2024 के तहत प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण परियोजना को राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एसडीआरएफ) मद से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इस परियोजना के लिए 481.57 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके बाद टेंडर और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग, चम्पावत के अधिशासी अभियंता मोहन चंद पलड़िया ने बताया कि झूला पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे निर्धारित एक वर्ष की समय-सीमा से पहले ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि स्थानीय जनता को जल्द इसका लाभ मिल सके। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि इस पुल के बनने से स्थानीय ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषकर बरसात के दिनों में नदी पार करने की कठिनाई दूर होगी और विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं व बुजुर्गों के लिए आवागमन आसान होगा। साथ ही आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी।1
- नैनीताल के कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित ए.एन. सिंह हॉल में रविवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म भूषण पुरस्कार विजेता भगत सिंह कोश्यारी के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर दीवान एस. रावत ने शिरकत की और कोश्यारी के जीवन व राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान की जमकर सराहना की। इसी समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के 'कनेक्ट स्कूल टू यूनिवर्सिटी' अभियान के तहत नैनीताल क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के 10वीं और 12वीं कक्षा के 38 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इस खास अवसर पर तिब्बती समुदाय के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भगत सिंह कोश्यारी ने अपने संबोधन में युवाओं से साल 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों को विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़कर प्रगति करने की प्रेरणा दी और कहा कि विचारधारा चाहे कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।1
- उत्तराखंड के चम्पावत से सोमनाथ धाम के लिए 45 सदस्यीय श्रद्धालुओं का एक दल रवाना हो गया है। श्रद्धालुओं के इस दल को दर्जा राज्य मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया।1