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नैनीताल के कालाढूंगी में पुलिस ने कच्ची शराब के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 20 लीटर शराब और 75 पाउच बरामद किए हैं।
UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
नैनीताल के कालाढूंगी में पुलिस ने कच्ची शराब के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 20 लीटर शराब और 75 पाउच बरामद किए हैं।
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- नैनीताल के कालाढूंगी में पुलिस ने कच्ची शराब के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से 20 लीटर शराब और 75 पाउच बरामद किए हैं।1
- नैनीताल के डीएसबी परिसर में युवाओं को प्रेरित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हर भारतीय का है और हमारा देश हर रूप में सक्षम होगा। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने पर विशेष जोर दिया। राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, "विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।" पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, क्योंकि विदेशों में बसे भारतीय युवाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने बदलते एआई (AI) के दौर में भारतीय सभ्यता को आधार बनाकर अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया। इससे पूर्व, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने भी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान कूटा के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।1
- उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक बड़ा संकट मंडराने लगा है, जिससे इस मार्ग पर यातायात कभी भी पूरी तरह ठप हो सकता है। नैनीताल के गरमपानी क्षेत्र में रामगाढ़ पुल के ठीक बगल में हुए भारी भूधंसाव के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। पहाड़ी खिसकने और लगातार हो रहे भूकटाव की वजह से सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभरा कर सीधे नीचे नदी अथवा खाई में समा गया है। हालात इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि पुल के मुहाने से सटी जमीन पूरी तरह खोखली हो गई है। सड़क का आधा हिस्सा ढह जाने के कारण अब वहां आवाजाही के लिए महज कुछ फीट का ही रास्ता बचा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित हिस्से पर ईंट-पत्थर रखकर छोटे वाहनों को जैसे-तैसे निकाला जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही दरारों को देखते हुए भारी वाहनों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक हो चुका है।3
- नैनीताल के बेतालघाट में उन लोगों के लिए जो कभी समझौता नहीं करते, स्कॉर्पियो-एन हर बार कुछ अधिक प्रदान करती है। इस स्कॉर्पियो-एन की शुरुआती कीमत ESR ₹13.49 लाख* है।2
- उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (PMBJP) की कार्यप्रणाली को लेकर मेडिकल एसोसिएशन ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को संबोधित इस ज्ञापन के जरिए एसोसिएशन ने इस केंद्र की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष राजकुमार के नेतृत्व में पहुंचे मेडिकल स्वामियों का कहना है कि जन औषधि केंद्र पर दवाओं की गुणवत्ता, भंडारण, स्टॉक प्रबंधन, रिकॉर्ड संधारण, लाइसेंस संबंधी प्रावधानों और पीएमबीआई के दिशा-निर्देशों के पालन की गहन जांच की जानी चाहिए। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि जांच के दौरान दवाओं के बैच नंबर, निर्माण व एक्सपायरी तिथि, निर्माता, आपूर्ति स्रोत और खरीद से जुड़े अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। इसके साथ ही दवाओं के सैंपल सरकारी प्रयोगशाला भेजकर उनकी गुणवत्ता जांची जाए, ताकि यह साफ हो सके कि कोई दवा 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' (NSQ), मिसब्रांडेड, मिलावटी या नकली दवाओं की श्रेणी में तो नहीं है। इसके अलावा एसोसिएशन ने केंद्र पर तापमान नियंत्रण, कोल्ड चेन, स्वच्छता, FEFO प्रणाली, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति, वैध लाइसेंस, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर, जीएसटी दस्तावेज और पीएमबीआई के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुपालन की भी जांच करने की मांग रखी है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो Drugs and Cosmetics Act, 1940 सहित अन्य संबंधित कानूनों के तहत दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मौके पर तहसील उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता, प्रेमपाल गंगवार, अरविंद कुमार राठौर, विनोद कुमार यादव, नरेंद्र कुमार, सक्षम सक्सेना और अमित कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है। समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है। मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1
- उत्तराखंड से जुड़े मामले में भारत के टॉप यूट्यूबर सौरव जोशी ने अपनी लग्जरी गाड़ी की परफॉर्मेंस को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने गाड़ी की माइलेज में आई भारी गिरावट के लिए देश में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के बढ़ते इस्तेमाल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।1
- बेंगलुरु से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय ने वॉशरूम इस्तेमाल करने का बहाना बनाकर एक घर में प्रवेश किया और वहां अकेली मौजूद महिला के साथ शर्मनाक हरकत की। इस शर्मनाक वारदात के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा कर मदद की गुहार लगाई है। यह घटना एक बार फिर देश के भीतर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।1