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Available for Sale Other Sector (Specify) : औषधीय जड़ी Item : कटुकी / कूट Price : 180000 City / Locality : ग्राम वांण देवाल चमोली Farming Sector : Other 1 800 / Kg

1 hr ago
user_Digpal Bisht
Digpal Bisht
देवाल, चमोली, उत्तराखंड•
1 hr ago
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Available for Sale Other Sector (Specify) : औषधीय जड़ी Item : कटुकी / कूट Price : 180000 City / Locality : ग्राम वांण देवाल चमोली Farming Sector : Other 1 800 / Kg

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • बागेश्वर जिले के गरुड़ में पिछले साल की दैवी आपदा में अपना घर गंवाने वाले परिवारों के लिए बनाई जा रही नई बसासत अब सवालों के घेरे में आ गई है। मूसलाधार बारिश के बाद यहाँ निर्माणाधीन मकानों में दरारें आने से प्रभावित परिवारों में फिर से डर का माहौल बन गया है। बीती रात हुई भारी बारिश के बाद चार निर्माणाधीन मकानों की दीवारों और लिंटर में गहरी दरारें पड़ गई हैं। आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए 4.25 लाख रुपये की सहायता से नए मकान बनाने की मंजूरी दी गई थी। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे कर्ज लेकर किसी तरह अपना मकान बनवा रहे हैं, लेकिन अब उनकी सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में प्रधान संगठन ने पुनर्वास स्थल के चयन की जांच करने और सहायता राशि को बढ़ाने की मांग उठाई है।
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    बागेश्वर जिले के गरुड़ में पिछले साल की दैवी आपदा में अपना घर गंवाने वाले परिवारों के लिए बनाई जा रही नई बसासत अब सवालों के घेरे में आ गई है। मूसलाधार बारिश के बाद यहाँ निर्माणाधीन मकानों में दरारें आने से प्रभावित परिवारों में फिर से डर का माहौल बन गया है। बीती रात हुई भारी बारिश के बाद चार निर्माणाधीन मकानों की दीवारों और लिंटर में गहरी दरारें पड़ गई हैं।

आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए 4.25 लाख रुपये की सहायता से नए मकान बनाने की मंजूरी दी गई थी। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे कर्ज लेकर किसी तरह अपना मकान बनवा रहे हैं, लेकिन अब उनकी सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में प्रधान संगठन ने पुनर्वास स्थल के चयन की जांच करने और सहायता राशि को बढ़ाने की मांग उठाई है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
  • उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में AIIMS बनाने की मांग को लेकर स्थानीय जनता ने वोट न देने की सीधी चेतावनी दी है। चमोली के गैरसैंण से उठी इस मांग में साफ तौर पर कहा गया है कि जब गैरसैंण में AIIMS बनेगा, तभी जनता अपना वोट देगी। इस संदेश को दिल्ली तक पहुंचाने की बात कही गई है, ताकि इस मांग पर ध्यान दिया जा सके। इसके साथ ही वर्ष 2027 में परिवर्तन लाने और देवभूमि के हक में आवाज उठाने का संदेश भी दिया जा रहा है।
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    उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में AIIMS बनाने की मांग को लेकर स्थानीय जनता ने वोट न देने की सीधी चेतावनी दी है। चमोली के गैरसैंण से उठी इस मांग में साफ तौर पर कहा गया है कि जब गैरसैंण में AIIMS बनेगा, तभी जनता अपना वोट देगी। इस संदेश को दिल्ली तक पहुंचाने की बात कही गई है, ताकि इस मांग पर ध्यान दिया जा सके। इसके साथ ही वर्ष 2027 में परिवर्तन लाने और देवभूमि के हक में आवाज उठाने का संदेश भी दिया जा रहा है।
    user_पवन नेगी
    पवन नेगी
    Social worker गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड•
    15 hrs ago
  • उत्तराखंड के बागेश्वर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और ट्रक मालिकों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए उनसे पूछा गया है कि क्या वे हर साल हजारों रुपये का टीडीएस (TDS) छोड़ रहे हैं? इस बेहद जरूरी जानकारी को उन्हें अभी देखने की सलाह दी गई है।
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    उत्तराखंड के बागेश्वर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और ट्रक मालिकों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए उनसे पूछा गया है कि क्या वे हर साल हजारों रुपये का टीडीएस (TDS) छोड़ रहे हैं? इस बेहद जरूरी जानकारी को उन्हें अभी देखने की सलाह दी गई है।
    user_मेरा हक न्यूज
    मेरा हक न्यूज
    Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से पहले माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। बलिया दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर जोरदार विरोध किया। काले झंडे दिखाए जाने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने मंच से समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए, जिससे दोनों पक्षों के बीच सियासी जंग और तेज हो गई है।
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    उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से पहले माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। बलिया दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर जोरदार विरोध किया।

काले झंडे दिखाए जाने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने मंच से समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए, जिससे दोनों पक्षों के बीच सियासी जंग और तेज हो गई है।
    user_G EXPRESS
    G EXPRESS
    Local News Reporter दुगनाकुरी, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है। समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है। मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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    अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है।

समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है।

मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    3 hrs ago
  • नैनीताल के डीएसबी परिसर में युवाओं को प्रेरित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हर भारतीय का है और हमारा देश हर रूप में सक्षम होगा। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने पर विशेष जोर दिया। राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, "विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।" पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, क्योंकि विदेशों में बसे भारतीय युवाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने बदलते एआई (AI) के दौर में भारतीय सभ्यता को आधार बनाकर अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया। इससे पूर्व, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने भी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान कूटा के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
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    नैनीताल के डीएसबी परिसर में युवाओं को प्रेरित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हर भारतीय का है और हमारा देश हर रूप में सक्षम होगा। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, "विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।" पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, क्योंकि विदेशों में बसे भारतीय युवाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने बदलते एआई (AI) के दौर में भारतीय सभ्यता को आधार बनाकर अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया।

इससे पूर्व, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने भी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान कूटा के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक बड़ा संकट मंडराने लगा है, जिससे इस मार्ग पर यातायात कभी भी पूरी तरह ठप हो सकता है। नैनीताल के गरमपानी क्षेत्र में रामगाढ़ पुल के ठीक बगल में हुए भारी भूधंसाव के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। पहाड़ी खिसकने और लगातार हो रहे भूकटाव की वजह से सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभरा कर सीधे नीचे नदी अथवा खाई में समा गया है। हालात इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि पुल के मुहाने से सटी जमीन पूरी तरह खोखली हो गई है। सड़क का आधा हिस्सा ढह जाने के कारण अब वहां आवाजाही के लिए महज कुछ फीट का ही रास्ता बचा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित हिस्से पर ईंट-पत्थर रखकर छोटे वाहनों को जैसे-तैसे निकाला जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही दरारों को देखते हुए भारी वाहनों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक हो चुका है।
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    उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक एक बड़ा संकट मंडराने लगा है, जिससे इस मार्ग पर यातायात कभी भी पूरी तरह ठप हो सकता है। नैनीताल के गरमपानी क्षेत्र में रामगाढ़ पुल के ठीक बगल में हुए भारी भूधंसाव के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है। पहाड़ी खिसकने और लगातार हो रहे भूकटाव की वजह से सड़क का एक बहुत बड़ा हिस्सा भरभरा कर सीधे नीचे नदी अथवा खाई में समा गया है। हालात इतने संवेदनशील हो चुके हैं कि पुल के मुहाने से सटी जमीन पूरी तरह खोखली हो गई है।

सड़क का आधा हिस्सा ढह जाने के कारण अब वहां आवाजाही के लिए महज कुछ फीट का ही रास्ता बचा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित हिस्से पर ईंट-पत्थर रखकर छोटे वाहनों को जैसे-तैसे निकाला जा रहा है, लेकिन लगातार बढ़ रही दरारों को देखते हुए भारी वाहनों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक हो चुका है।
    user_Local khabre NTL
    Local khabre NTL
    Local News Reporter Nainital, Uttarakhand•
    3 hrs ago
  • नैनीताल के कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित ए.एन. सिंह हॉल में रविवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म भूषण पुरस्कार विजेता भगत सिंह कोश्यारी के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर दीवान एस. रावत ने शिरकत की और कोश्यारी के जीवन व राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान की जमकर सराहना की। इसी समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के 'कनेक्ट स्कूल टू यूनिवर्सिटी' अभियान के तहत नैनीताल क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के 10वीं और 12वीं कक्षा के 38 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इस खास अवसर पर तिब्बती समुदाय के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भगत सिंह कोश्यारी ने अपने संबोधन में युवाओं से साल 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों को विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़कर प्रगति करने की प्रेरणा दी और कहा कि विचारधारा चाहे कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।
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    नैनीताल के कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित ए.एन. सिंह हॉल में रविवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म भूषण पुरस्कार विजेता भगत सिंह कोश्यारी के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कुलपति प्रोफेसर दीवान एस. रावत ने शिरकत की और कोश्यारी के जीवन व राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान की जमकर सराहना की।

इसी समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के 'कनेक्ट स्कूल टू यूनिवर्सिटी' अभियान के तहत नैनीताल क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के 10वीं और 12वीं कक्षा के 38 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इस खास अवसर पर तिब्बती समुदाय के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक लोक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भगत सिंह कोश्यारी ने अपने संबोधन में युवाओं से साल 2047 तक 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों को विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़कर प्रगति करने की प्रेरणा दी और कहा कि विचारधारा चाहे कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
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