Shuru
Apke Nagar Ki App…
आज दोपहर 3:00 बजे इंदौर के सियागंज पटेल ब्रिज पर नगर निगम का एक पानी का टैंकर फुटपाथ पर चढ़ गया। यह टैंकर छोटी ग्वालटोली से सियागंज की ओर जा रहा था कि अचानक फुटपाथ पर चढ़कर सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को क्षतिग्रस्त करता चला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जन हानि नहीं हुई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
Naseem Khan
आज दोपहर 3:00 बजे इंदौर के सियागंज पटेल ब्रिज पर नगर निगम का एक पानी का टैंकर फुटपाथ पर चढ़ गया। यह टैंकर छोटी ग्वालटोली से सियागंज की ओर जा रहा था कि अचानक फुटपाथ पर चढ़कर सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को क्षतिग्रस्त करता चला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जन हानि नहीं हुई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- इंदौर में मानसून के आगमन से पहले नगर निगम ने जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य बारिश के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोकना है, जिसके तहत निगम द्वारा चिन्हित किए गए ऐसे भवनों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के तहत शहरभर में अब तक एक दर्जन से अधिक जर्जर मकानों को जमींदोज किया जा चुका है, जबकि लगभग 100 अन्य भवनों पर निगम की पैनी नजर बनी हुई है।1
- धार और इंदौर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम खण्डवा, कल्याणसी खेड़ी और भरदला में कथित अवैध मुरम उत्खनन एक बड़े खनिज घोटाले का रूप ले चुका है। किसानों की निजी भूमि पर अवैध खनन, करोड़ों रुपये की संभावित राजस्व चोरी, स्वीकृत पट्टों की सीमाओं का उल्लंघन और प्रशासनिक तंत्र की निष्क्रियता को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश है। मामला इतना गंभीर हो गया कि एक आर्मी अधिकारी के हस्तक्षेप और उच्च स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद खनिज विभाग जांच के लिए सक्रिय हुआ। हालांकि, जांच दल के अधिकारियों ने मीडिया के सवालों से बचते हुए कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर संदेह गहरा गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, खण्डवा में खसरा क्रमांक 162 पर अकील मोहम्मद और खसरा क्रमांक 639 पर शहनबाज खान, तथा कल्याणसी खेड़ी में खसरा क्रमांक 642 पर हरीश पटेल और अमजद खान के नाम मुरम खनन पट्टे स्वीकृत हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफियाओं ने स्वीकृत खदानों की सीमाओं का उल्लंघन करते हुए निजी कृषि भूमि तक खुदाई फैलाई, जिससे उपजाऊ भूमि बर्बाद हो गई और गहरे गड्ढे बन गए। आरोप है कि स्वीकृत पट्टों को केवल कानूनी ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया, जबकि वास्तविक उत्खनन कई गुना बड़े क्षेत्र में हुआ, जिसके परिणामस्वरूप लाखों घनमीटर मुरम का अवैध उत्खनन और शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। सबसे गंभीर आरोप यह है कि किसानों की निजी भूमि से निकाली गई मुरम को स्वीकृत खदानों के नाम पर जारी ट्रांजिट पास (टीपी) के माध्यम से पीथमपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि पट्टाधारी स्वयं खनन नहीं कर रहे, बल्कि संचालन का जिम्मा दूसरों को सौंपा गया है, जो खदान सीमाओं का पालन नहीं कर रहे। क्षेत्र में अवैध उत्खनन की शिकायतें लंबे समय से की जा रही थीं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार, प्रभावित भूमि से जुड़े एक आर्मी अधिकारी द्वारा दस्तावेज़, खसरा रिकॉर्ड और अन्य प्रमाणों के साथ शासन स्तर तक शिकायत पहुंचने के बाद ही खनिज विभाग सक्रिय हुआ। इस घटनाक्रम ने ग्रामीणों के बीच यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम किसानों की शिकायतों पर वर्षों तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों के दल ने स्थानीय पत्रकारों के सवालों, जैसे खनन की सीमा, निजी भूमि पर उत्खनन के प्रमाण, राजस्व चोरी की आशंका और अधिकारियों की भूमिका पर, कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया और बिना जानकारी दिए लौट गए। इससे प्रशासन की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। इस अवैध उत्खनन से प्रभावित किसानों की कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे भविष्य में खेती करना भी मुश्किल हो सकता है। प्रभावित परिवारों में वे लोग भी शामिल हैं जिनके सदस्य सेना में सेवा दे चुके हैं या वर्तमान में देश की सेवा कर रहे हैं, जिन्होंने न्याय पर सवाल उठाया है। पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव खनिज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिसमें ड्रोन सर्वे, जीपीएस मैपिंग और उत्खनन की वैज्ञानिक माप शामिल है। उनकी मांग है कि राजस्व नुकसान का आकलन किया जाए और दोषी अधिकारियों एवं खनन माफियाओं पर कठोर कार्रवाई हो। क्षेत्र की जनता अब केवल जांच रिपोर्ट का नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रही है, क्योंकि इसी से प्रशासन की निष्पक्षता और विश्वसनीयता साबित होगी।1
- इंदौर के पटेल ब्रिज पर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा, जब नगर निगम के पानी के एक टैंकर के अचानक ब्रेक फेल हो गए। इस गंभीर स्थिति में ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए टैंकर को डिवाइडर पर चढ़ा दिया, जिसके कारण एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।1
- इंदौर के जिला जेल चौराहा से पावर हाउस गेट तक, सड़क और फुटपाथ दोनों पर चौबीसों घंटे अतिक्रमण कर 'कार्य' किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, रट्टू रिक्शा और फल वाले पूरे दिन ध्वनि प्रदूषण करते हुए इन सार्वजनिक जगहों पर 'दुकानदारी' कर रहे हैं। आरोप है कि लोगों के चलने के लिए बनी 104 फीट चौड़ी यह सड़क अब मुख्य रूप से व्यवसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग की जा रही है, और इस गंभीर स्थिति पर नगर निगम 'पैसे लेकर' चुप्पी साधे हुए है।1
- ऐसा प्रतीत होता है कि एक मुसलमान व्यक्ति ने धरती पर पहली बार सच्चाई बयान की है, जिसने कथित तौर पर मौलाना नेताओं और पूरे मुस्लिम समुदाय की पूरी पोल पट्टी खोल दी है। इस खुलासे के बाद, यह सवाल उठाया गया है कि अब किसे दोषी ठहराया जाएगा।1
- आज दोपहर 3:00 बजे इंदौर के सियागंज पटेल ब्रिज पर नगर निगम का एक पानी का टैंकर फुटपाथ पर चढ़ गया। यह टैंकर छोटी ग्वालटोली से सियागंज की ओर जा रहा था कि अचानक फुटपाथ पर चढ़कर सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को क्षतिग्रस्त करता चला गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जन हानि नहीं हुई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।1
- इंदौर क्राइम ब्रांच ने मादक पदार्थ तस्करी के एक पुराने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 महीने से फरार चल रही महिला आरोपी स्वाति बुंदेला को गिरफ्तार किया है। स्वाति पर अपने पति रजत उर्फ वैभव बुंदेला के साथ मिलकर चरस तस्करी करने का आरोप है। वर्ष 2025 में इसी मामले में क्राइम ब्रांच ने रजत बुंदेला और उसके साथी दीपक कुशवाहा को 520 ग्राम चरस के साथ पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच में यह सामने आया था कि स्वाति भी इस अवैध कारोबार में सक्रिय भूमिका निभा रही थी। लंबे समय से कानून की गिरफ्त से दूर रही स्वाति को क्राइम ब्रांच ने अब न्यायालय परिसर से गिरफ्तार किया है। फिलहाल, पुलिस उससे तस्करी के नेटवर्क और इस धंधे में शामिल अन्य सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।1
- इंदौर के सियागंज स्थित पटेल ब्रिज पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। पुल के ऊपर हुए इस एक्सीडेंट में टैंकर चालकों ने कई लोगों की गाड़ियों को कुचल दिया।1