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हाईकोर्ट बार की मांगों के समर्थन में नागौर सहित जायल व खींवसर में अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से रहे विरत, न्यायालय परिसरों में पसरा सन्नाटा — डॉ. पवन श्रीमाली नागौर। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन एवं राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर की ओर से उठाई गई मांगों के समर्थन में जिला अधिवक्ता संघ नागौर का कार्य बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्यों से विरत रहने के कारण नागौर के विभिन्न न्यायालयों में नियमित न्यायिक कामकाज प्रभावित रहा और अधिकांश प्रकरणों में सुनवाई आगे के लिए स्थगित हुई। न्यायालय परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में पक्षकारों की आवाजाही भी काफी कम रही और दोपहर होते-होते परिसर सूना नजर आया। जिला अधिवक्ता संघ नागौर के अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली, एडवोकेट ने बताया कि जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों के साथ एडीजे प्रथम में 47, एडीजे द्वितीय में 65, सीजेएम में 59, एसीजेएम में 45, एसीजेएम प्रथम में 57, एसीजेएम द्वितीय में 44, सिविल जज (जेडी) में 69 तथा पॉक्सो न्यायालय में 12 प्रकरण सूचीबद्ध थे। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के कारण इन न्यायालयों में नियमित पैरवी नहीं हुई। इसके अतिरिक्त किशोर न्याय बोर्ड में भी पेशियां आगे बढ़ीं तथा अन्य न्यायालयों में भी न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। राजस्व न्यायालयों में भी स्थिति लगभग ऐसी ही रही। एसडीएम, एसीएम एवं राजस्व अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अधिवक्ता न्यायिक कार्य के लिए उपस्थित नहीं हुए। जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर के न्यायालयों में भी नियमित न्यायिक सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने और पक्षकारों की कम उपस्थिति के चलते न्यायालय परिसर में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं रही। अधिवक्ता खाली समय में परिसर में आपस में चर्चा करते और चाय पर आंदोलन तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते नजर आए, लेकिन न्यायिक कार्य में शामिल नहीं हुए। डॉ. श्रीमाली ने बताया कि आंदोलन को जिले की अन्य बार एसोसिएशनों का भी समर्थन मिल रहा है। जायल बार के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र सिंह कालवी तथा खींवसर बार के सचिव किशन देवड़ा के नेतृत्व में वहां के अधिवक्ता भी कार्य से विरत रहे और हाईकोर्ट बार की मांगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। डॉ. श्रीमाली ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के प्रति द्वेष या व्यक्तिगत विरोध का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और सिद्धांतों से जुड़ा राज्यव्यापी विषय है। हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों द्वारा उठाई गई मांगें पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं और न्यायिक व्यवस्था से संबंधित हैं, इसलिए जिला अधिवक्ता संघ नागौर उनके समर्थन में 6 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से विरत रहेगा। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों से भी आग्रह किया गया है कि राज्यस्तरीय कार्य बहिष्कार को देखते हुए अधिवक्ताओं एवं उनके पक्षकारों की अनुपस्थिति के कारण कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए। न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी यथासंभव सहयोग प्रदान किया गया और अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति में प्रतिकूल आदेश पारित करने से परहेज किया गया। डॉ. श्रीमाली ने कहा कि बार और बेंच न्याय व्यवस्था के अभिन्न अंग हैं और ऐसे विषयों में आपसी सहयोग से ही न्यायिक संस्थाओं की गरिमा तथा आमजन का न्याय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखा जा सकता है।

5 hrs ago
user_प्रदीप कुमार डागा
प्रदीप कुमार डागा
Local News Reporter नागौर, नागौर, राजस्थान•
5 hrs ago
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हाईकोर्ट बार की मांगों के समर्थन में नागौर सहित जायल व खींवसर में अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से रहे विरत, न्यायालय परिसरों में पसरा सन्नाटा — डॉ. पवन श्रीमाली नागौर। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन एवं राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर की ओर से उठाई गई मांगों के समर्थन में जिला अधिवक्ता संघ नागौर का कार्य बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्यों से विरत रहने के कारण नागौर के विभिन्न न्यायालयों में नियमित न्यायिक कामकाज प्रभावित रहा और अधिकांश प्रकरणों में सुनवाई आगे के लिए स्थगित हुई। न्यायालय परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में पक्षकारों की आवाजाही भी काफी कम रही और दोपहर होते-होते परिसर सूना नजर आया। जिला अधिवक्ता संघ नागौर के अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली, एडवोकेट ने बताया कि जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों के साथ एडीजे प्रथम में 47, एडीजे द्वितीय में 65, सीजेएम में 59, एसीजेएम में 45, एसीजेएम प्रथम में 57, एसीजेएम द्वितीय में 44, सिविल जज (जेडी) में 69 तथा पॉक्सो न्यायालय में 12 प्रकरण सूचीबद्ध थे। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के

कारण इन न्यायालयों में नियमित पैरवी नहीं हुई। इसके अतिरिक्त किशोर न्याय बोर्ड में भी पेशियां आगे बढ़ीं तथा अन्य न्यायालयों में भी न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। राजस्व न्यायालयों में भी स्थिति लगभग ऐसी ही रही। एसडीएम, एसीएम एवं राजस्व अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अधिवक्ता न्यायिक कार्य के लिए उपस्थित नहीं हुए। जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर के न्यायालयों में भी नियमित न्यायिक सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने और पक्षकारों की कम उपस्थिति के चलते न्यायालय परिसर में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं रही। अधिवक्ता खाली समय में परिसर में आपस में चर्चा करते और चाय पर आंदोलन तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते नजर आए, लेकिन न्यायिक कार्य में शामिल नहीं हुए। डॉ. श्रीमाली ने बताया कि आंदोलन को जिले की अन्य बार एसोसिएशनों का भी समर्थन मिल रहा है। जायल बार के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र सिंह कालवी तथा खींवसर बार के सचिव किशन देवड़ा के नेतृत्व में वहां के अधिवक्ता भी कार्य से विरत रहे और हाईकोर्ट बार की

मांगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। डॉ. श्रीमाली ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के प्रति द्वेष या व्यक्तिगत विरोध का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और सिद्धांतों से जुड़ा राज्यव्यापी विषय है। हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों द्वारा उठाई गई मांगें पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं और न्यायिक व्यवस्था से संबंधित हैं, इसलिए जिला अधिवक्ता संघ नागौर उनके समर्थन में 6 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से विरत रहेगा। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों से भी आग्रह किया गया है कि राज्यस्तरीय कार्य बहिष्कार को देखते हुए अधिवक्ताओं एवं उनके पक्षकारों की अनुपस्थिति के कारण कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए। न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी यथासंभव सहयोग प्रदान किया गया और अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति में प्रतिकूल आदेश पारित करने से परहेज किया गया। डॉ. श्रीमाली ने कहा कि बार और बेंच न्याय व्यवस्था के अभिन्न अंग हैं और ऐसे विषयों में आपसी सहयोग से ही न्यायिक संस्थाओं की गरिमा तथा आमजन का न्याय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखा जा सकता है।

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  • रियाबड़ी के राजकीय महाविद्यालय में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) ने मतदान जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों, कॉलेज स्टाफ और आम लोगों को वोट के महत्व के बारे में बताया गया। सभी से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने को कहा गया। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने मतदान की शपथ भी ली। इस अभियान का मकसद विद्यार्थियों और आम लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही, हर योग्य वोटर को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना भी इसका उद्देश्य था। कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों ने मतदान जागरूकता से जुड़े पोस्टर और संदेशों से लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने अलग-अलग नारों और संदेशों के जरिए वोटरों से अपील की कि वे बिना किसी दबाव या लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। कॉलेज के प्राचार्य सांवरा राम गुर्जर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर वोटर की भूमिका अहम होती है। वोट देना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि योग्य वोटरों को चुनाव के दौरान अपना वोट डालकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी पक्की करनी चाहिए। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद भी मतदान के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी वोट देने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि हर एक वोट लोकतंत्र की दिशा तय करने में खास भूमिका निभाता है। एक जागरूक वोटर ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रखता है। इस मौके पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। अभियान के जरिए विद्यार्थियों ने 'पहले मतदान, फिर कोई काम' जैसे संदेशों से लोगों को वोट के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के आखिर में सभी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। रियाबड़ी के राजकीय महाविद्यालय में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) ने मतदान जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों, कॉलेज स्टाफ और आम लोगों को वोट के महत्व के बारे में बताया गया। सभी से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने को कहा गया। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने मतदान की शपथ भी ली। इस अभियान का मकसद विद्यार्थियों और आम लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही, हर योग्य वोटर को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना भी इसका उद्देश्य था। कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों ने मतदान जागरूकता से जुड़े पोस्टर और संदेशों से लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने अलग-अलग नारों और संदेशों के जरिए वोटरों से अपील की कि वे बिना किसी दबाव या लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। कॉलेज के प्राचार्य सांवरा राम गुर्जर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर वोटर की भूमिका अहम होती है। वोट देना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि योग्य वोटरों को चुनाव के दौरान अपना वोट डालकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी पक्की करनी चाहिए। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद भी मतदान के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी वोट देने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि हर एक वोट लोकतंत्र की दिशा तय करने में खास भूमिका निभाता है। एक जागरूक वोटर ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रखता है। इस मौके पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। अभियान के जरिए विद्यार्थियों ने 'पहले मतदान, फिर कोई काम' जैसे संदेशों से लोगों को वोट के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के आखिर में सभी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
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    रियाबड़ी के राजकीय महाविद्यालय में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) ने मतदान जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों, कॉलेज स्टाफ और आम लोगों को वोट के महत्व के बारे में बताया गया। सभी से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने को कहा गया।

कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने मतदान की शपथ भी ली। इस अभियान का मकसद विद्यार्थियों और आम लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही, हर योग्य वोटर को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना भी इसका उद्देश्य था।

कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों ने मतदान जागरूकता से जुड़े पोस्टर और संदेशों से लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने अलग-अलग नारों और संदेशों के जरिए वोटरों से अपील की कि वे बिना किसी दबाव या लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

कॉलेज के प्राचार्य सांवरा राम गुर्जर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर वोटर की भूमिका अहम होती है। वोट देना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है।

उन्होंने कहा कि योग्य वोटरों को चुनाव के दौरान अपना वोट डालकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी पक्की करनी चाहिए। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद भी मतदान के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी वोट देने के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि हर एक वोट लोकतंत्र की दिशा तय करने में खास भूमिका निभाता है। एक जागरूक वोटर ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रखता है। इस मौके पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

अभियान के जरिए विद्यार्थियों ने 'पहले मतदान, फिर कोई काम' जैसे संदेशों से लोगों को वोट के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के आखिर में सभी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
रियाबड़ी के राजकीय महाविद्यालय में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) ने मतदान जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों, कॉलेज स्टाफ और आम लोगों को वोट के महत्व के बारे में बताया गया। सभी से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने को कहा गया।
कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने मतदान की शपथ भी ली। इस अभियान का मकसद विद्यार्थियों और आम लोगों में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही, हर योग्य वोटर को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना भी इसका उद्देश्य था।
कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों ने मतदान जागरूकता से जुड़े पोस्टर और संदेशों से लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने अलग-अलग नारों और संदेशों के जरिए वोटरों से अपील की कि वे बिना किसी दबाव या लालच के अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
कॉलेज के प्राचार्य सांवरा राम गुर्जर ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर वोटर की भूमिका अहम होती है। वोट देना सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि योग्य वोटरों को चुनाव के दौरान अपना वोट डालकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी पक्की करनी चाहिए। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे खुद भी मतदान के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी वोट देने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि हर एक वोट लोकतंत्र की दिशा तय करने में खास भूमिका निभाता है। एक जागरूक वोटर ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रखता है। इस मौके पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
अभियान के जरिए विद्यार्थियों ने 'पहले मतदान, फिर कोई काम' जैसे संदेशों से लोगों को वोट के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के आखिर में सभी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और मतदान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान : सुमन छाजेड़
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    मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान : सुमन छाजेड़
    user_SSSO News
    SSSO News
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • मेघवाल से मारपीट पर गरमाई सियासत, डिप्टी सीएम बैरवा बोले—‘कांग्रेस हमेशा दलित विरोधी रही है’ बीकानेर। बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की घटना ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आई इस घटना को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। घटना के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान भी चर्चा का विषय बन गई है। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। बैरवा ने आरोप लगाया कि “कांग्रेस हमेशा दलित विरोधी रही है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। बताया जा रहा है कि बीकानेर में टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष था और कुछ वार्डों में डुप्लीकेट सिंबल दिए जाने के आरोपों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी दौरान मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की घटना सामने आई। घटना ने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह और दलित नेतृत्व के प्रति उसके रवैये से जोड़ते हुए राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
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    मेघवाल से मारपीट पर गरमाई सियासत, डिप्टी सीएम बैरवा बोले—‘कांग्रेस हमेशा दलित विरोधी रही है’
बीकानेर। बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की घटना ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आई इस घटना को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। घटना के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान भी चर्चा का विषय बन गई है।
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। बैरवा ने आरोप लगाया कि “कांग्रेस हमेशा दलित विरोधी रही है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
बताया जा रहा है कि बीकानेर में टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष था और कुछ वार्डों में डुप्लीकेट सिंबल दिए जाने के आरोपों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी दौरान मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की घटना सामने आई।
घटना ने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह और दलित नेतृत्व के प्रति उसके रवैये से जोड़ते हुए राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
    user_रामचंद्र प्रजापत
    रामचंद्र प्रजापत
    Security Guard रूपनगढ़, अजमेर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • परबतसर वीर तेजाजी पशु मेले में नहीं बनी व्यवस्थाएं, ग्राहक भी नहीं पहुंचे—पशुपालक मायूस होकर लौटे श्री वीर तेजाजी पशु मेला परबतसर में इस बार बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी और ग्राहकों की कमी के कारण पशुपालकों और पशु व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दराज से पशु लेकर पहुंचे पशुपालक उम्मीद लगाए बैठे रहे कि मेले में ग्राहक आएंगे और उनके पशुओं की खरीद-बिक्री होगी। लेकिन पर्याप्त ग्राहक नहीं पहुंचने से कई पशुपालकों को बिना पशु बेचे ही वापस अपने गांवों की ओर लौटना पड़ा। ❓ सवाल यह है—इतने बड़े पशु मेले में जब पशुपालक दूर-दूर से अपने पशु लेकर आते हैं, तो बिजली, पानी और बाजार की बेहतर व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई?
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    परबतसर वीर तेजाजी पशु मेले में नहीं बनी व्यवस्थाएं, ग्राहक भी नहीं पहुंचे—पशुपालक मायूस होकर लौटे

श्री वीर तेजाजी पशु मेला परबतसर में इस बार बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी और ग्राहकों की कमी के कारण पशुपालकों और पशु व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दूर-दराज से पशु लेकर पहुंचे पशुपालक उम्मीद लगाए बैठे रहे कि मेले में ग्राहक आएंगे और उनके पशुओं की खरीद-बिक्री होगी। लेकिन पर्याप्त ग्राहक नहीं पहुंचने से कई पशुपालकों को बिना पशु बेचे ही वापस अपने गांवों की ओर लौटना पड़ा।
❓ सवाल यह है—इतने बड़े पशु मेले में जब पशुपालक दूर-दूर से अपने पशु लेकर आते हैं, तो बिजली, पानी और बाजार की बेहतर व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई?
    user_Roopangarh media
    Roopangarh media
    Farmer Roopangarh, Ajmer•
    14 hrs ago
  • परबतसर में तेजाजी महरबानी! पशुपालक बोले—मेले में जहरीला जीव नहीं काटता परबतसर। वीर तेजाजी पशु मेले में पशुओं के साथ पहुंचे पशुपालकों में वीर तेजाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था देखने को मिल रही है। पशुपालकों का कहना है कि तेजाजी महाराज की कृपा से मेले में जहरीले जीव-जंतुओं का भय नहीं रहता। पशुपालकों के अनुसार मेले में वे कई दिनों तक खुले मैदान में पशुओं के साथ रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें सांप या अन्य जहरीले जीवों के काटने की चिंता नहीं रहती। उनका विश्वास है कि “तेजाजी महाराज की मेहरबानी से मेले में जहरीला जीव नहीं काटता।” वीर तेजाजी को लोक आस्था में सर्पदंश से रक्षा करने वाले लोकदेवता के रूप में माना जाता है। इसी आस्था के चलते पशुपालकों के लिए यह मेला केवल पशुओं की खरीद-बिक्री का स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का भी बड़ा केंद्र है।
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    परबतसर में तेजाजी महरबानी! पशुपालक बोले—मेले में जहरीला जीव नहीं काटता
परबतसर। वीर तेजाजी पशु मेले में पशुओं के साथ पहुंचे पशुपालकों में वीर तेजाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था देखने को मिल रही है। पशुपालकों का कहना है कि तेजाजी महाराज की कृपा से मेले में जहरीले जीव-जंतुओं का भय नहीं रहता।
पशुपालकों के अनुसार मेले में वे कई दिनों तक खुले मैदान में पशुओं के साथ रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें सांप या अन्य जहरीले जीवों के काटने की चिंता नहीं रहती। उनका विश्वास है कि “तेजाजी महाराज की मेहरबानी से मेले में जहरीला जीव नहीं काटता।”
वीर तेजाजी को लोक आस्था में सर्पदंश से रक्षा करने वाले लोकदेवता के रूप में माना जाता है। इसी आस्था के चलते पशुपालकों के लिए यह मेला केवल पशुओं की खरीद-बिक्री का स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का भी बड़ा केंद्र है।
    user_MKD Digital Media
    MKD Digital Media
    Local News Reporter रूपनगढ़, अजमेर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • सेवा समर्पण की भावना, पादूकलां में लगा विशाल भंडारा रामदेवरा पैदल यात्रियों के लिए शिवम परिवार का निःशुल्क सेवा शिविर, भोजन से लेकर मेडिकल और विश्राम तक की व्यवस्था पादूकलां,,,नागौर जिले के अजमेर बीकानेर नेशनल हाईवें58पर स्थित पादूकलां से इस वक्त की खास तस्वीरें सामने आई हैं। बाबा रामदेवरा की पैदल यात्रा पर निकलने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पादूकलां में शिवम परिवार की ओर से विशाल निःशुल्क सेवा शिविर एवं भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर पादूकलां और लाम्पोलाई के बीच लगे इस शिविर में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम, मेडिकल सुविधा, चाय-नाश्ता और मोबाइल चार्जिंग सहित कई व्यवस्थाएं की गई हैं।भंडारे में रामदेवरा जाने वाले पैदल यात्रियों को तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन प्रेम और श्रद्धा के साथ परोसे जा रहे हैं। सेवाभाव से जुड़े युवा और बुजुर्ग दिन-रात यात्रियों की सेवा में जुटे हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि शिविर में उन्हें भोजन के साथ बाबा रामदेव का प्रसाद और अपनत्व भी मिल रहा है।सेवा कार्य में गेना राम गटियाला, जोराराम, राजवीर, हेमेन्द्र गोरा, रामस्वरूप गोरा फड़ौदा की ढाणी, महेंद्र बेड़ा, शिवजीराम, सुशील गोरा, रामस्वरूप गोरा, मनजीत गोरा सहित शिवम परिवार की पूरी टीम और ग्रामीण बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।शिविर में मिल रही सुविधाओं से श्रद्धालुओं में खुशी है। मध्य प्रदेश सहित राजस्थान के कोटा, चित्तौड़गढ़, अलवर, जयपुर और अजमेर समेत विभिन्न जिलों से रामदेवरा जा रहे पैदल यात्रियों ने शिवम परिवार के सेवा कार्य की सराहना की और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। कुल मिलाकर पादूकलां में लगा यह सेवा शिविर श्रद्धा, सेवा और समर्पण की मिसाल बना हुआ है। हजारों पदयात्रियों को राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराकर शिवम परिवार ने सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायी तस्वीर पेश की है।
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    सेवा समर्पण की भावना, पादूकलां में लगा विशाल भंडारा
रामदेवरा पैदल यात्रियों के लिए शिवम परिवार का निःशुल्क सेवा शिविर, भोजन से लेकर मेडिकल और विश्राम तक की व्यवस्था
पादूकलां,,,नागौर जिले के  अजमेर बीकानेर नेशनल हाईवें58पर स्थित पादूकलां से इस वक्त की खास तस्वीरें सामने आई हैं। बाबा रामदेवरा की पैदल यात्रा पर निकलने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पादूकलां में शिवम परिवार की ओर से विशाल निःशुल्क सेवा शिविर एवं भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर पादूकलां और लाम्पोलाई के बीच लगे इस शिविर में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम, मेडिकल सुविधा, चाय-नाश्ता और मोबाइल चार्जिंग सहित कई व्यवस्थाएं की गई हैं।भंडारे में रामदेवरा जाने वाले पैदल यात्रियों को तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन प्रेम और श्रद्धा के साथ परोसे जा रहे हैं। सेवाभाव से जुड़े युवा और बुजुर्ग दिन-रात यात्रियों की सेवा में जुटे हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि शिविर में उन्हें भोजन के साथ बाबा रामदेव का प्रसाद और अपनत्व भी मिल रहा है।सेवा कार्य में गेना राम गटियाला, जोराराम, राजवीर, हेमेन्द्र गोरा, रामस्वरूप गोरा फड़ौदा की ढाणी, महेंद्र बेड़ा, शिवजीराम, सुशील गोरा, रामस्वरूप गोरा, मनजीत गोरा सहित शिवम परिवार की पूरी टीम और ग्रामीण बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।शिविर में मिल रही सुविधाओं से श्रद्धालुओं में खुशी है। मध्य प्रदेश सहित राजस्थान के कोटा, चित्तौड़गढ़, अलवर, जयपुर और अजमेर समेत विभिन्न जिलों से रामदेवरा जा रहे पैदल यात्रियों ने शिवम परिवार के सेवा कार्य की सराहना की और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।
कुल मिलाकर पादूकलां में लगा यह सेवा शिविर श्रद्धा, सेवा और समर्पण की मिसाल बना हुआ है। हजारों पदयात्रियों को राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराकर शिवम परिवार ने सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायी तस्वीर पेश की है।
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    Local News Reporter नागौर, नागौर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। रियान बड़ी नगर पालिका के 20 वार्डों के लिए कुल 165 नामांकन पत्र मिले थे। प्रशासन ने सभी नामांकन पत्रों की जांच की, जिसमें 42 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। वहीं, 6 नामांकन डुप्लीकेट पाए गए। ये ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने एक ही वार्ड से दो नामांकन पत्र भरे थे। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नगर पालिका चुनाव में 117 नामांकन और 117 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के 20 उम्मीदवार सभी वार्डों में चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी के भी 20 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के 19 उम्मीदवार मैदान में हैं। बाकी उम्मीदवार निर्दलीय और अन्य राजनीतिक दलों से हैं। नामांकन जांच पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों के सामने नाम वापस लेने का मौका है। चुनाव प्रक्रिया के तहत 2 और 3 सितंबर को जो उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेना चाहते हैं, वे तय समय में नाम वापस ले सकते हैं। उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपखंड मुख्यालय रियान बड़ी पहुंचना होगा। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में अंतिम रूप से कितने प्रत्याशी रहेंगे, इसकी तस्वीर स्पष्ट होगी। नाम वापसी के बाद राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का प्रचार अभियान भी तेज होने की उम्मीद है। खास तौर पर भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी के बीच कई वार्डों में मुकाबला रोचक होने की संभावना है। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से भी कई वार्डों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। नगर पालिका के 20 वार्डों में होने वाले पहले चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। अब सभी की नजरें नाम वापसी की अंतिम तारीख पर टिकी हैं, जिसके बाद चुनावी मैदान की असली तस्वीर सामने आएगी। रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। रियान बड़ी नगर पालिका के 20 वार्डों के लिए कुल 165 नामांकन पत्र मिले थे। प्रशासन ने सभी नामांकन पत्रों की जांच की, जिसमें 42 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। वहीं, 6 नामांकन डुप्लीकेट पाए गए। ये ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने एक ही वार्ड से दो नामांकन पत्र भरे थे। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नगर पालिका चुनाव में 117 नामांकन और 117 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के 20 उम्मीदवार सभी वार्डों में चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी के भी 20 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के 19 उम्मीदवार मैदान में हैं। बाकी उम्मीदवार निर्दलीय और अन्य राजनीतिक दलों से हैं। नामांकन जांच पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों के सामने नाम वापस लेने का मौका है। चुनाव प्रक्रिया के तहत 2 और 3 सितंबर को जो उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेना चाहते हैं, वे तय समय में नाम वापस ले सकते हैं। उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपखंड मुख्यालय रियान बड़ी पहुंचना होगा। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में अंतिम रूप से कितने प्रत्याशी रहेंगे, इसकी तस्वीर स्पष्ट होगी। नाम वापसी के बाद राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का प्रचार अभियान भी तेज होने की उम्मीद है। खास तौर पर भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी के बीच कई वार्डों में मुकाबला रोचक होने की संभावना है। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से भी कई वार्डों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। नगर पालिका के 20 वार्डों में होने वाले पहले चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। अब सभी की नजरें नाम वापसी की अंतिम तारीख पर टिकी हैं, जिसके बाद चुनावी मैदान की असली तस्वीर सामने आएगी।
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    रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। रियान बड़ी नगर पालिका के 20 वार्डों के लिए कुल 165 नामांकन पत्र मिले थे। प्रशासन ने सभी नामांकन पत्रों की जांच की, जिसमें 42 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। वहीं, 6 नामांकन डुप्लीकेट पाए गए। ये ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने एक ही वार्ड से दो नामांकन पत्र भरे थे।

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नगर पालिका चुनाव में 117 नामांकन और 117 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी भी शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के 20 उम्मीदवार सभी वार्डों में चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी के भी 20 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के 19 उम्मीदवार मैदान में हैं। बाकी उम्मीदवार निर्दलीय और अन्य राजनीतिक दलों से हैं।

नामांकन जांच पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों के सामने नाम वापस लेने का मौका है। चुनाव प्रक्रिया के तहत 2 और 3 सितंबर को जो उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेना चाहते हैं, वे तय समय में नाम वापस ले सकते हैं।

उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपखंड मुख्यालय रियान बड़ी पहुंचना होगा। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में अंतिम रूप से कितने प्रत्याशी रहेंगे, इसकी तस्वीर स्पष्ट होगी।

नाम वापसी के बाद राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का प्रचार अभियान भी तेज होने की उम्मीद है। खास तौर पर भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी के बीच कई वार्डों में मुकाबला रोचक होने की संभावना है। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से भी कई वार्डों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

नगर पालिका के 20 वार्डों में होने वाले पहले चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। अब सभी की नजरें नाम वापसी की अंतिम तारीख पर टिकी हैं, जिसके बाद चुनावी मैदान की असली तस्वीर सामने आएगी।
रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। रियान बड़ी नगर पालिका के 20 वार्डों के लिए कुल 165 नामांकन पत्र मिले थे। प्रशासन ने सभी नामांकन पत्रों की जांच की, जिसमें 42 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। वहीं, 6 नामांकन डुप्लीकेट पाए गए। ये ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने एक ही वार्ड से दो नामांकन पत्र भरे थे।
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नगर पालिका चुनाव में 117 नामांकन और 117 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी भी शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के 20 उम्मीदवार सभी वार्डों में चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी के भी 20 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के 19 उम्मीदवार मैदान में हैं। बाकी उम्मीदवार निर्दलीय और अन्य राजनीतिक दलों से हैं।
नामांकन जांच पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों के सामने नाम वापस लेने का मौका है। चुनाव प्रक्रिया के तहत 2 और 3 सितंबर को जो उम्मीदवार अपना नामांकन वापस लेना चाहते हैं, वे तय समय में नाम वापस ले सकते हैं।
उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपखंड मुख्यालय रियान बड़ी पहुंचना होगा। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव मैदान में अंतिम रूप से कितने प्रत्याशी रहेंगे, इसकी तस्वीर स्पष्ट होगी।
नाम वापसी के बाद राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का प्रचार अभियान भी तेज होने की उम्मीद है। खास तौर पर भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी के बीच कई वार्डों में मुकाबला रोचक होने की संभावना है। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से भी कई वार्डों में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
नगर पालिका के 20 वार्डों में होने वाले पहले चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। अब सभी की नजरें नाम वापसी की अंतिम तारीख पर टिकी हैं, जिसके बाद चुनावी मैदान की असली तस्वीर सामने आएगी।
    user_Vishnaram saini
    Vishnaram saini
    Police Officer रियान बड़ी, नागौर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • बीकानेर में LIC में महिलाओं के लिए बड़ी वैकेंसी | बीमा सखी बनकर घर के काम करते हुए कमाएं अच्छा-खासा पैसा ~ भारत सरकार की ‘लखपति दीदी’ पहल से जुड़कर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और बेहतरीन अवसर। बीकानेर में महिलाएं LIC बीमा सखी के रूप में जुड़कर अपने घर के काम करते हुए भी अच्छा-खासा पैसा कमा सकती हैं। इसके साथ ही LIC की ओर से 3 वर्षों तक स्टाइपेंड का प्रावधान है—पहले वर्ष ₹7,000 प्रतिमाह, दूसरे वर्ष ₹6,000 प्रतिमाह और तीसरे वर्ष ₹5,000 प्रतिमाह, निर्धारित शर्तों के अनुसार। इसके अलावा LIC की पॉलिसी पर कमीशन के जरिए अतिरिक्त कमाई का भी अवसर मिलता है। 📞 संपर्क: 8949118771 | 9828067400 📍 कार्यालय: LIC, सादुलगंज शाखा, बीकानेर #bikaner #rajasthan #bikanernews #jobsinindia #licbimasakhi
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    बीकानेर में LIC में महिलाओं के लिए बड़ी वैकेंसी | बीमा सखी बनकर घर के काम करते हुए कमाएं अच्छा-खासा पैसा ~

भारत सरकार की ‘लखपति दीदी’ पहल से जुड़कर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और बेहतरीन अवसर।

बीकानेर में महिलाएं LIC बीमा सखी के रूप में जुड़कर अपने घर के काम करते हुए भी अच्छा-खासा पैसा कमा सकती हैं। इसके साथ ही LIC की ओर से 3 वर्षों तक स्टाइपेंड का प्रावधान है—पहले वर्ष ₹7,000 प्रतिमाह, दूसरे वर्ष ₹6,000 प्रतिमाह और तीसरे वर्ष ₹5,000 प्रतिमाह, निर्धारित शर्तों के अनुसार।

इसके अलावा LIC की पॉलिसी पर कमीशन के जरिए अतिरिक्त कमाई का भी अवसर मिलता है।

📞 संपर्क: 8949118771 | 9828067400
📍 कार्यालय: LIC, सादुलगंज शाखा, बीकानेर

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    user_SSSO News
    SSSO News
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • बीकानेर में ट्रेन की चपेट में आने से 28 वर्षीय युवक की मौत बीकानेर, पत्रकार इकबाल खान बीकानेर में जगदेववाला और बामनवाली के बीच रेलवे पटरियों के पास एक युवक मृत अवस्था में मिला। घटना की सूचना 1 सितंबर 2026 की रात करीब 7 बजे मिली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ट्रेन की चपेट में आने से दुर्घटनाग्रस्त हुआ। मृतक की पहचान रोहिताश पुत्र रामुदास, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी रामबाग, बीकानेर के रूप में बताई गई है। सूचना मिलने पर खिदमतगार खादिम सोसाइटी व असहाय सेवा संस्थान के सोएब भाई, मो. जुनैद, इमरान और राजकुमार खड़गावत एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे। संबंधित जीआरपी थाना पुलिस के हजारा पठान मय टीम की जांच व निगरानी में शव को पीबीएम अस्पताल पहुंचाया गया। पीबीएम अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। खिदमतगार खादिम सोसाइटी एवं असहाय सेवा संस्थान बीकानेर की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
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    बीकानेर में ट्रेन की चपेट में आने से 28 वर्षीय युवक की मौत
बीकानेर, पत्रकार इकबाल खान
बीकानेर में जगदेववाला और बामनवाली के बीच रेलवे पटरियों के पास एक युवक मृत अवस्था में मिला। घटना की सूचना 1 सितंबर 2026 की रात करीब 7 बजे मिली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ट्रेन की चपेट में आने से दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
मृतक की पहचान रोहिताश पुत्र रामुदास, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी रामबाग, बीकानेर के रूप में बताई गई है।
सूचना मिलने पर खिदमतगार खादिम सोसाइटी व असहाय सेवा संस्थान के सोएब भाई, मो. जुनैद, इमरान और राजकुमार खड़गावत एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे। संबंधित जीआरपी थाना पुलिस के हजारा पठान मय टीम की जांच व निगरानी में शव को पीबीएम अस्पताल पहुंचाया गया।
पीबीएम अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
खिदमतगार खादिम सोसाइटी एवं असहाय सेवा संस्थान बीकानेर की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    8 hrs ago
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