सेवा समर्पण की भावना, पादूकलां में लगा विशाल भंडारा रामदेवरा पैदल यात्रियों के लिए शिवम परिवार का निःशुल्क सेवा शिविर, भोजन से लेकर मेडिकल और विश्राम तक की व्यवस्था पादूकलां,,,नागौर जिले के अजमेर बीकानेर नेशनल हाईवें58पर स्थित पादूकलां से इस वक्त की खास तस्वीरें सामने आई हैं। बाबा रामदेवरा की पैदल यात्रा पर निकलने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पादूकलां में शिवम परिवार की ओर से विशाल निःशुल्क सेवा शिविर एवं भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर पादूकलां और लाम्पोलाई के बीच लगे इस शिविर में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम, मेडिकल सुविधा, चाय-नाश्ता और मोबाइल चार्जिंग सहित कई व्यवस्थाएं की गई हैं।भंडारे में रामदेवरा जाने वाले पैदल यात्रियों को तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन प्रेम और श्रद्धा के साथ परोसे जा रहे हैं। सेवाभाव से जुड़े युवा और बुजुर्ग दिन-रात यात्रियों की सेवा में जुटे हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि शिविर में उन्हें भोजन के साथ बाबा रामदेव का प्रसाद और अपनत्व भी मिल रहा है।सेवा कार्य में गेना राम गटियाला, जोराराम, राजवीर, हेमेन्द्र गोरा, रामस्वरूप गोरा फड़ौदा की ढाणी, महेंद्र बेड़ा, शिवजीराम, सुशील गोरा, रामस्वरूप गोरा, मनजीत गोरा सहित शिवम परिवार की पूरी टीम और ग्रामीण बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।शिविर में मिल रही सुविधाओं से श्रद्धालुओं में खुशी है। मध्य प्रदेश सहित राजस्थान के कोटा, चित्तौड़गढ़, अलवर, जयपुर और अजमेर समेत विभिन्न जिलों से रामदेवरा जा रहे पैदल यात्रियों ने शिवम परिवार के सेवा कार्य की सराहना की और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। कुल मिलाकर पादूकलां में लगा यह सेवा शिविर श्रद्धा, सेवा और समर्पण की मिसाल बना हुआ है। हजारों पदयात्रियों को राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराकर शिवम परिवार ने सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायी तस्वीर पेश की है।
सेवा समर्पण की भावना, पादूकलां में लगा विशाल भंडारा रामदेवरा पैदल यात्रियों के लिए शिवम परिवार का निःशुल्क सेवा शिविर, भोजन से लेकर मेडिकल और विश्राम तक की व्यवस्था पादूकलां,,,नागौर जिले के अजमेर बीकानेर नेशनल हाईवें58पर स्थित पादूकलां से इस वक्त की खास तस्वीरें सामने आई हैं। बाबा रामदेवरा की पैदल यात्रा पर निकलने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पादूकलां में शिवम परिवार की ओर से विशाल निःशुल्क सेवा
शिविर एवं भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर पादूकलां और लाम्पोलाई के बीच लगे इस शिविर में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम, मेडिकल सुविधा, चाय-नाश्ता और मोबाइल चार्जिंग सहित कई व्यवस्थाएं की गई हैं।भंडारे में रामदेवरा जाने वाले पैदल यात्रियों को तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन प्रेम और श्रद्धा के साथ परोसे जा रहे हैं। सेवाभाव से जुड़े युवा और बुजुर्ग दिन-रात यात्रियों की सेवा में जुटे
हुए हैं। यात्रियों का कहना है कि शिविर में उन्हें भोजन के साथ बाबा रामदेव का प्रसाद और अपनत्व भी मिल रहा है।सेवा कार्य में गेना राम गटियाला, जोराराम, राजवीर, हेमेन्द्र गोरा, रामस्वरूप गोरा फड़ौदा की ढाणी, महेंद्र बेड़ा, शिवजीराम, सुशील गोरा, रामस्वरूप गोरा, मनजीत गोरा सहित शिवम परिवार की पूरी टीम और ग्रामीण बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।शिविर में मिल रही सुविधाओं से श्रद्धालुओं में खुशी है। मध्य प्रदेश
सहित राजस्थान के कोटा, चित्तौड़गढ़, अलवर, जयपुर और अजमेर समेत विभिन्न जिलों से रामदेवरा जा रहे पैदल यात्रियों ने शिवम परिवार के सेवा कार्य की सराहना की और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। कुल मिलाकर पादूकलां में लगा यह सेवा शिविर श्रद्धा, सेवा और समर्पण की मिसाल बना हुआ है। हजारों पदयात्रियों को राहत और सुविधाएं उपलब्ध कराकर शिवम परिवार ने सामाजिक सरोकार की एक प्रेरणादायी तस्वीर पेश की है।
- हाईकोर्ट बार की मांगों के समर्थन में नागौर सहित जायल व खींवसर में अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से रहे विरत, न्यायालय परिसरों में पसरा सन्नाटा — डॉ. पवन श्रीमाली नागौर। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन एवं राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर की ओर से उठाई गई मांगों के समर्थन में जिला अधिवक्ता संघ नागौर का कार्य बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्यों से विरत रहने के कारण नागौर के विभिन्न न्यायालयों में नियमित न्यायिक कामकाज प्रभावित रहा और अधिकांश प्रकरणों में सुनवाई आगे के लिए स्थगित हुई। न्यायालय परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में पक्षकारों की आवाजाही भी काफी कम रही और दोपहर होते-होते परिसर सूना नजर आया। जिला अधिवक्ता संघ नागौर के अध्यक्ष डॉ. पवन श्रीमाली, एडवोकेट ने बताया कि जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों के साथ एडीजे प्रथम में 47, एडीजे द्वितीय में 65, सीजेएम में 59, एसीजेएम में 45, एसीजेएम प्रथम में 57, एसीजेएम द्वितीय में 44, सिविल जज (जेडी) में 69 तथा पॉक्सो न्यायालय में 12 प्रकरण सूचीबद्ध थे। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के कारण इन न्यायालयों में नियमित पैरवी नहीं हुई। इसके अतिरिक्त किशोर न्याय बोर्ड में भी पेशियां आगे बढ़ीं तथा अन्य न्यायालयों में भी न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। राजस्व न्यायालयों में भी स्थिति लगभग ऐसी ही रही। एसडीएम, एसीएम एवं राजस्व अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अधिवक्ता न्यायिक कार्य के लिए उपस्थित नहीं हुए। जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर के न्यायालयों में भी नियमित न्यायिक सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने और पक्षकारों की कम उपस्थिति के चलते न्यायालय परिसर में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं रही। अधिवक्ता खाली समय में परिसर में आपस में चर्चा करते और चाय पर आंदोलन तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते नजर आए, लेकिन न्यायिक कार्य में शामिल नहीं हुए। डॉ. श्रीमाली ने बताया कि आंदोलन को जिले की अन्य बार एसोसिएशनों का भी समर्थन मिल रहा है। जायल बार के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र सिंह कालवी तथा खींवसर बार के सचिव किशन देवड़ा के नेतृत्व में वहां के अधिवक्ता भी कार्य से विरत रहे और हाईकोर्ट बार की मांगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। डॉ. श्रीमाली ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के प्रति द्वेष या व्यक्तिगत विरोध का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और सिद्धांतों से जुड़ा राज्यव्यापी विषय है। हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों द्वारा उठाई गई मांगें पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं और न्यायिक व्यवस्था से संबंधित हैं, इसलिए जिला अधिवक्ता संघ नागौर उनके समर्थन में 6 सितंबर तक न्यायिक कार्यों से विरत रहेगा। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों से भी आग्रह किया गया है कि राज्यस्तरीय कार्य बहिष्कार को देखते हुए अधिवक्ताओं एवं उनके पक्षकारों की अनुपस्थिति के कारण कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए। न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी यथासंभव सहयोग प्रदान किया गया और अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति में प्रतिकूल आदेश पारित करने से परहेज किया गया। डॉ. श्रीमाली ने कहा कि बार और बेंच न्याय व्यवस्था के अभिन्न अंग हैं और ऐसे विषयों में आपसी सहयोग से ही न्यायिक संस्थाओं की गरिमा तथा आमजन का न्याय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखा जा सकता है।3
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक जी गहलोत द्वारा आज प्रतापगढ़ में आयोजित जन आक्रोश यात्रा महारैली में संबोधनः शिक्षा पद्धति में सुधार हो, स्कूलों में मरम्मत के काम हों, आज इशू बन गया है। छात्रों की गूँज प्रोग्राम में आप देखते हो राहुल गांधी जी को, कितने बच्चे बच्चियां आ रहे हैं। खरगे साहब अभी वहां चले गए उत्तराखंड, वो दलित वर्ग के हैं हमारे कांग्रेस प्रेजिडेंट, उनके जाने के बाद में उनकी जगह को धोया गया, पवित्र किया गया। राजस्थान में हमारे नेता प्रतिपक्ष दलित वर्ग के हैं जूली साहब, वो भी मेघवाल हैं, आप बताइए वो चले गए मंदिर में, धोया गया उसको। ये संविधान के अंदर कानून के खिलाफ है। मुकदमा दर्ज होना चाहिए उन बेईमानों के खिलाफ जो कि इस तरह की हरकत करते हैं। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक जी गहलोत द्वारा आज प्रतापगढ़ में आयोजित जन आक्रोश यात्रा महारैली में संबोधनः शिक्षा पद्धति में सुधार हो, स्कूलों में मरम्मत के काम हों, आज इशू बन गया है। छात्रों की गूँज प्रोग्राम में आप देखते हो राहुल गांधी जी को, कितने बच्चे बच्चियां आ रहे हैं। खरगे साहब अभी वहां चले गए उत्तराखंड, वो दलित वर्ग के हैं हमारे कांग्रेस प्रेजिडेंट, उनके जाने के बाद में उनकी जगह को धोया गया, पवित्र किया गया। राजस्थान में हमारे नेता प्रतिपक्ष दलित वर्ग के हैं जूली साहब, वो भी मेघवाल हैं, आप बताइए वो चले गए मंदिर में, धोया गया उसको। ये संविधान के अंदर कानून के खिलाफ है। मुकदमा दर्ज होना चाहिए उन बेईमानों के खिलाफ जो कि इस तरह की हरकत करते हैं।1
- कांग्रेस उम्मीदवार पर गंभीर आरोप, दूसरे वार्ड से प्रत्याशी बनाए जाने पर लोगों में नाराजगी; पूरे वार्ड ने किया बहिष्कार का ऐलान रियान बड़ी। नगर पालिका चुनाव को लेकर रियान बड़ी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से एक उम्मीदवार को दूसरे वार्ड से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद संबंधित वार्ड के लोगों में भारी नाराजगी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने उम्मीदवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी के बहिष्कार का ऐलान किया है। लोगों का आरोप है कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस ने इस वार्ड से प्रत्याशी बनाया है, उसे वार्ड के लोगों की भावनाओं और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखे बिना टिकट दिया गया। दूसरे वार्ड से उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ गया है। वार्डवासियों का कहना है कि चुनाव में प्रत्याशी का चयन स्थानीय लोगों की सहमति और क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए किया जाना चाहिए था। विरोध कर रहे लोगों ने कांग्रेस पार्टी और प्रत्याशी के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों और आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे चुनाव में कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। वार्ड में लोगों के एकजुट होकर बहिष्कार की बात कहने से कांग्रेस के लिए चुनावी समीकरण प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। मामले को लेकर वार्ड में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं, कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों और वार्डवासियों के बहिष्कार के ऐलान को लेकर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नगर पालिका चुनाव के बीच सामने आए इस विरोध ने स्थानीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व वार्डवासियों की नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और प्रत्याशी के संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं। कांग्रेस उम्मीदवार पर गंभीर आरोप, दूसरे वार्ड से प्रत्याशी बनाए जाने पर लोगों में नाराजगी; पूरे वार्ड ने किया बहिष्कार का ऐलान रियान बड़ी। नगर पालिका चुनाव को लेकर रियान बड़ी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी की ओर से एक उम्मीदवार को दूसरे वार्ड से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद संबंधित वार्ड के लोगों में भारी नाराजगी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने उम्मीदवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी के बहिष्कार का ऐलान किया है। लोगों का आरोप है कि जिस व्यक्ति को कांग्रेस ने इस वार्ड से प्रत्याशी बनाया है, उसे वार्ड के लोगों की भावनाओं और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखे बिना टिकट दिया गया। दूसरे वार्ड से उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ गया है। वार्डवासियों का कहना है कि चुनाव में प्रत्याशी का चयन स्थानीय लोगों की सहमति और क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए किया जाना चाहिए था। विरोध कर रहे लोगों ने कांग्रेस पार्टी और प्रत्याशी के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों और आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे चुनाव में कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। वार्ड में लोगों के एकजुट होकर बहिष्कार की बात कहने से कांग्रेस के लिए चुनावी समीकरण प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। मामले को लेकर वार्ड में राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं, कांग्रेस पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों और वार्डवासियों के बहिष्कार के ऐलान को लेकर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नगर पालिका चुनाव के बीच सामने आए इस विरोध ने स्थानीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व वार्डवासियों की नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और प्रत्याशी के संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं।1
- वार्ड 39 का दंगल: कांग्रेस प्रत्याशी से खास बातचीत, क्या जीत पाएंगे जनता का भरोसा? वार्ड 39 में कांग्रेस प्रत्याशी से विकास, वादों और बुनियादी समस्याओं पर तीखी बहस। क्या जनता देगी समर्थन? देखिए एक्सक्लूसिव बातचीत #Ward39Elections #Breaking #LocalNews1
- बीकानेर में इन दिनों तापमान में बढ़ोतरी का दौर जारी है। मंगलवार को शहर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। #news #update1
- बीकानेर में कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष से बदसलूकी और मारपीट का, वीडियो वायरल होने से कार्यकर्ताओं में रोष बीकानेर, पत्रकार इकबाल खान वार्ड नंबर 50 में कांग्रेस के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष देखने को मिल रहा है।जानकारी के अनुसार चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी की। जिलाध्यक्ष ने युवक पर आरोप लगाते हुए बताया कि वह वार्ड नंबर 50 से कांग्रेस के टिकट की दावेदारी कर रहा था।मदन गोपाल मेघवाल के अनुसार उक्त युवक ने घटना से एक दिन पहले ही उनका समर्थन किया था, लेकिन अगले ही दिन चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी की गई।घटना के बाद मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए संबंधित युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।निकाय चुनाव के बीच सामने आई इस घटना ने कांग्रेस के अंदरूनी सियासी समीकरणों और टिकट को लेकर चल रही खींचतान को लेकर भी चर्चाओं को तेज कर दिया है। वार्ड नंबर 50 में टिकट की दावेदारी के बीच हुई इस घटना को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चर्चा का दौर शुरू हो गया है।फिलहाल मामले में पुलिस शिकायत और कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। शिकायत दर्ज होने और पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- बीकानेर में कांग्रेस की कलह सड़कों पर, शहर अध्यक्ष के साथ मारपीट सियासत में हिंसा की कोई जगह नहीं, लेकिन बीकानेर में कांग्रेस की अंदरूनी कलह हिंसक रूप लेती नजर आई। वार्ड 50 में नवरत्न डागा के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में पहले मुंह मीठा कराया गया और उसके बाद मारपीट कर दी गई। मेघवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस से नाराज चल रहे नेता दीपक अरोड़ा के बेटे ने उन्हें अंकल कहकर एक तरफ बुलाया और बदसलूकी करते हुए कुर्ता फाड़ दिया व मारपीट की। घटना के बाद मेघवाल ने IG और SP से सुरक्षा की मांग की है। सूचना पर पूर्व मंत्री बीडी कल्ला भी मौके पर पहुंचे। घटना को लेकर कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। --- *Tags:* #BikanerNews #BikanerCongress #MadanMeghwal #CongressInfighting #Ward50 #BDKalla #RajasthanPolitics1
- नगर पालिका चुनाव को लेकर रियांबड़ी में कांग्रेस के टिकट वितरण के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज कांग्रेस का बहिष्कार करने का ऐलान किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपनी जताईं नाराजगी रियांबड़ी (नागौर)नगर पालिका चुनाव को लेकर रियांबड़ी में कांग्रेस के टिकट वितरण के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। टिकट वितरण से नाराज कांग्रेस समर्थकों, कार्यकर्ताओं और टिकट के दावेदारों ने वार्ड संख्या 1, 2, 3 और 20 में विरोध प्रदर्शन करते हुए पार्टी के खिलाफ नाराजगी जताई। कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण में स्थानीय दावेदारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस का बहिष्कार करने का ऐलान किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जाहिर की। विरोध कर रहे वार्डवासियों - और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम किया है। चुनाव में कांग्रेस से प्रत्याशी बनने की उम्मीद को लेकर उन्होंने पार्टी के समक्ष आवेदन भी प्रस्तुत किए थे। इसके बावजूद टिकट वितरण के दौरान स्थानीय को दरकिनार कर दूसरे - वाडों से प्रत्याशी बनाया। विरोध कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि टिकट वितरण में पार्टी हित के बजाय कुछ लोगों के निजी स्वार्थ को प्राथमिकता दी गई। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पार्टी नेतृत्व पूरे मामले की समीक्षा करे और टिकट वितरण में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं को भी महत्व दिया जाए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि पार्टी नेतृत्व ने उनकी नाराजगी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। टिकट दावेदार महबूब खान ने जताई नाराजगी टिकट के दावेदार महबूब खान ने भी टिकट नहीं मिलने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उन्होंने कांग्रेस से टिकट प्राप्त करने के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी। इसके लिए उन्होंने पार्टी के कई बड़े नेताओं से संपर्क किया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी दावेदारी को प्रमुखता से रखा था। निजी स्वार्थ के लिए टिकट बांटने का आरोप, प्रदर्शन कर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी महबूब खान के अनुसार, उन्हें दोपहर करीब 2 बजे तक टिकट मिलने की उम्मीद थी। वह पार्टी के निर्णय का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब जारी सूची में उनका नाम नहीं आया तो उन्हें निराशा हुई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने के बावजूद स्थानीय दावेदार को अवसर नहीं मिलना कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पर प्रत्याशी बनने के लिए फॉर्म भरने के नाम पर 1000 रुपए लिए जाने का आरोप लगाया। नाराज कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब उन्हें टिकट नहीं दिया गया तो आवेदन के दौरान ली गई राशि वापस की जानी चाहिए। हालांकि, 1000 रुपए लेने से जुड़े आरोपों पर कांग्रेस के संबंधित पदाधिकारियों स्थानीय की अनदेखी का आरोप, बाहरी का विरोध कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने संबंधित वाडों में लंबे समय से पार्टी के लिए काम किया और संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए कार्यकर्ता ने आवेदन किया, उसी वार्ड में स्थानीय को मौका मिलना चाहिए था। बाहरी को प्रत्याशी बनाए जाने भी विरोध दिखा। नामांकन फॉर्म के नाम पर 1000 रुपए लेने का आरोप की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विरोध कर रहे वार्डवासियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपने वार्ड में बाहरी व्यक्ति को प्रत्याशी बनाए जाने को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दूसरे वाडों के लोग कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने उनके वार्ड में आते हैं तो इसका विरोध किया जाएगा।4