पथरिया नगर में सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे रेस्ट हाउस के पास मुख्य सड़क पर एक ट्रक अचानक खराब होकर रुक गया। इस घटना से मुख्य मार्ग पर दोनों ओर जाम की स्थिति बन गई। गनीमत रही कि ट्रक के बंद होने के दौरान कोई अन्य वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में नो-एंट्री होने के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है, और पहले भी मुख्य मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। ट्रक के सड़क के बीचों-बीच फंसने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। घटना की सूचना मिलने पर पथरिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ट्रक को हटवाकर यातायात बहाल करने की कार्रवाई शुरू की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों ने नगर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पथरिया नगर में सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे रेस्ट हाउस के पास मुख्य सड़क पर एक ट्रक अचानक खराब होकर रुक गया। इस घटना से मुख्य मार्ग पर दोनों ओर जाम की स्थिति बन गई। गनीमत रही कि ट्रक के बंद होने के दौरान कोई अन्य वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में नो-एंट्री होने के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है, और पहले भी मुख्य मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। ट्रक के सड़क के बीचों-बीच फंसने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। घटना की सूचना मिलने पर पथरिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ट्रक को हटवाकर यातायात बहाल करने की कार्रवाई शुरू की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों ने नगर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- पथरिया नगर में सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे रेस्ट हाउस के पास मुख्य सड़क पर एक ट्रक अचानक खराब होकर रुक गया। इस घटना से मुख्य मार्ग पर दोनों ओर जाम की स्थिति बन गई। गनीमत रही कि ट्रक के बंद होने के दौरान कोई अन्य वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में नो-एंट्री होने के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है, और पहले भी मुख्य मार्ग पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है। ट्रक के सड़क के बीचों-बीच फंसने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। घटना की सूचना मिलने पर पथरिया पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और ट्रक को हटवाकर यातायात बहाल करने की कार्रवाई शुरू की। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों ने नगर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।1
- दमोह विकासखंड के हिंडोरिया में सांसद राहुल सिंह लोधी की अध्यक्षता में 'चौपाल प्राकृतिक खेती के नाम एवं मिनीकिट बीज वितरण' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस शिविर में 500 से अधिक कृषकों को निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद राहुल सिंह लोधी ने किसानों से स्वास्थ्य, पर्यावरण और मृदा उर्वरता को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत एवं घन जीवामृत तैयार कर एक देसी गाय से 30 एकड़ तक प्राकृतिक खेती की जा सकती है, जिससे उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, लागत कम आती है, उत्पादन उच्च गुणवत्ता का होता है और पोषण से भरपूर होता है, जिससे मानव स्वास्थ्य, मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण स्वास्थ्य सभी बेहतर रहते हैं। उन्होंने वितरित किए जा रहे मिनीकिट बीज को उन्नत किस्म का बताया, जिसका उपयोग किसान परंपरागत बीजों को बदलने के लिए कर सकते हैं। उपसंचालक कृषि जे.एल. प्रजापति ने कृषकों को डीएपी के स्थान पर नैनो डीएपी और एन.पी.के. (जैसे 20-20-0-13, 12:32:16, 16:16:16) जैसे उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने नैनो डीएपी के उपयोग की विधि बताते हुए कहा कि बीज उपचार के लिए 5 एमएल नैनो डीएपी प्रति 1 किलो बीज की दर से उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक बोतल नैनो डीएपी 100 किलो बीज के उपचार के लिए पर्याप्त होती है। बेहतर परिणामों के लिए खड़ी फसल में 35 दिन बाद 5 एमएल प्रति लीटर पानी के मान से एक बोतल प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने से परंपरागत दानेदार डीएपी के बिना अच्छी फसल पैदा की जा सकती है। प्रजापति ने मृदा नमूना कब और कैसे लेना चाहिए तथा मृदा परीक्षण के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।4
- दमोह जिले की हटा विधानसभा के रनेह से ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय का एक वीडियो रविवार शाम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में वे एक लोकार्पण कार्यक्रम के मंच पर कुर्सी न मिलने से अधिकारियों पर भड़कते हुए और उन्हें खरी-खोटी सुनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना बुधवार को हटा विधानसभा के हिनौता गाँव में हुए एक हाई सेकेंडरी स्कूल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम की है, जिसका निर्माण ₹1 करोड़ 23 लाख की लागत से हुआ था। कार्यक्रम में हटा विधायक उमा देवी खटीक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुशमारिया, जनपद अध्यक्ष सहित ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मंच पर विधायक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष और जनपद अध्यक्ष के लिए तो कुर्सियाँ रखी थीं, लेकिन ज़िला पंचायत सदस्य के लिए कोई कुर्सी नहीं थी। उन्हें खुद ही कुर्सी उठाकर मंच पर रखनी पड़ी, और यही स्थिति अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ भी हुई। वीडियो में मनीष तंतवाय इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कह रहे हैं कि उन्हें खुद कुर्सियाँ उठानी पड़ रही हैं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, ज़िला पंचायत सदस्य मनीष तंतवाय ने पीआईयू के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उनकी इसी नाराजगी और अधिकारियों को फटकार लगाने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- दमोह पुलिस के सौजन्य से दमोह में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता मैराथन दौड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साइबर अपराधों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस मैराथन को तहसील ग्राउंड से सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक जयंत कुमार मलैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मैराथन के माध्यम से आमजन को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।1
- एक बयान में कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी आज पूरे देश में होती, यदि 'कुछ अपनों' ने ऐसा किया होता।1
- सागर ज़िले के गौरझामर शासकीय अस्पताल में गैलरी की छत गिर गई है, जिससे वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है; इस कमी पर विभागीय अधिकारियों द्वारा यह कहकर टालमटोल की जाती रही है कि ओपीडी नहीं होती। हालांकि, प्रमुख चिकित्सक के अनुसार, आज से ही अस्पताल में मरीज मौजूद थे, लेकिन उस समय कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं था। यह गौरझामर क्षेत्र के 70 टोलों और 30 से अधिक पंचायतों के लिए एकमात्र चिकित्सा स्थल है। विभागीय कर्मचारियों ने यह जानकारी दी है कि आज से अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सक मौजूद रहेंगे। इस पूरी स्थिति को लेकर मरीज और उनके परिजन अपनी परेशानी और शिकायतें व्यक्त कर रहे हैं।2
- सागर जिले के देवरी नगर में पत्रकारिता को एक नई दिशा और पहचान देने के उद्देश्य से रविवार को नगरपालिका चौराहा स्थित साहित्यिक भवन में पत्रकार कल्याण परिषद की विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देवरी नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया, जहाँ पत्रकारों के हितों की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान, सामाजिक और आर्थिक कल्याण, संगठन के विस्तार, और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य आकर्षण पत्रकार कल्याण परिषद की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन रहा। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए समाज और शासन-प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक और तथ्यात्मक समाचारों के माध्यम से समाज को जागरूक करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बैठक में यह भी बताया गया कि पत्रकारिता वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रही है, खासकर डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और तकनीकी संसाधनों के बढ़ते उपयोग के कारण। ऐसे में पत्रकारों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें नियमित प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है ताकि वे आधुनिक पत्रकारिता की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। इस अवसर पर पत्रकार कल्याण परिषद की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जिसमें नितिन ठाकुर को अध्यक्ष, अनुराग विश्वकर्मा को उपाध्यक्ष, प्रवीण पाठक को सचिव, राकेश यादव को सहसचिव और संतोष विश्वकर्मा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवगठित कार्यकारिणी का उपस्थित पत्रकारों ने तालियों से स्वागत किया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, संगठन के विस्तार और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करेंगे। बैठक में पत्रकार सहायता कोष के गठन, आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता, सदस्यता अभियान को गति देने, संगठन के विस्तार, युवा पत्रकारों को जोड़ने और समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय या कठिनाई होने पर पत्रकार कल्याण परिषद पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी और उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का कार्य करेगी। बैठक में संगठन की एकजुटता पर विशेष जोर दिया गया और सभी पत्रकारों से व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर पत्रकारिता के मूल्यों और समाजहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी पत्रकारों ने संगठन की मजबूती, पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। देवरी के लाल साहब लोधी, मनोज स्वामी, अभिषेक गुप्ता, दीपक चौरसिया, मुवीन खाँ, संतोष विश्वकर्मा, भूपेंद्र राजपूत, त्रिवेंद्र जाट, मोती गौंड, सौरभ नगरिया, अमित राजपूत, परसुराम साहू, विपिन शर्मा, भरत ठाकुर, सोनू प्रजापति, नीरज जैन, रामबाबू पटेल, आशुतोष दुबे, कुलदीप नामदेव, अमित तिवारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। इस बैठक ने यह संदेश दिया कि पत्रकारों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और पत्रकार कल्याण परिषद के गठन से देवरी में पत्रकारिता को एक नई पहचान और ऊर्जा मिली है।3
- सोशल मीडिया पर वायरल एक संदेश जीवन के वास्तविक उद्देश्य पर सवाल उठा रहा है। इसमें कहा गया है कि मनुष्य को जिंदगी दूसरों के काम आने के लिए मिली थी, लेकिन उसने अपना पूरा समय चंद कागज़ के टुकड़े यानी धन कमाने में व्यतीत कर दिया। यह संदेश जीवन को केवल भौतिकवादी लक्ष्यों में उलझा देने की आलोचना करता है। इसी संदर्भ में, 'पूरा यूट्यूब व्यवस्था परिवर्तन क्रांति' का आह्वान किया गया है, जो इस सोच में बदलाव लाने और समाज में एक नए परिवर्तन की शुरुआत करने की वकालत करता है।1