उमंग दिवस पर विद्यार्थियों को मिला स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल का मार्गदर्शन अनूपपुर - राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार शनिवार, 12 सितंबर 2026 को शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती, अनूपपुर में उमंग दिवस एवं हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के साथ अभिभावकों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संस्था प्रधान अजय कुमार प्रसाद ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को उमंग हेल्पलाइन 14425 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोर-किशोरियां अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक अथवा अन्य समस्याओं के संबंध में शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए काउंसलरों से मार्गदर्शन एवं समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ, सजग, आत्मविश्वासी और सकारात्मक जीवन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे एवं गलत आदतों से दूर रहने, अध्ययन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी समस्याओं को साझा करने के संबंध में जानकारी दी गई। काउंसलिंग सुविधा के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं का उचित समाधान एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं सविता प्रजापति, शैल शर्मा एवं विद्या राठौड़ ने भी उमंग कार्यक्रम के विभिन्न लाभों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने उमंग एवं हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए अमृत समान पहल बताया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बच्चों को कई ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिन्हें वे माता-पिता के साथ साझा करने में संकोच करते हैं। ऐसे में शासन द्वारा काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय प्रयास है। इससे विद्यार्थी बिना संकोच अपनी समस्याएं साझा कर उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। अंत में संस्था प्रधान अजय कुमार प्रसाद ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अभिभावकों, नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
उमंग दिवस पर विद्यार्थियों को मिला स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल का मार्गदर्शन अनूपपुर - राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार शनिवार, 12 सितंबर 2026 को शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती, अनूपपुर में उमंग दिवस एवं हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के साथ अभिभावकों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संस्था प्रधान अजय कुमार प्रसाद ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को उमंग हेल्पलाइन 14425 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोर-किशोरियां अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक अथवा अन्य समस्याओं के संबंध में शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए काउंसलरों से मार्गदर्शन एवं समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ, सजग, आत्मविश्वासी और सकारात्मक जीवन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे एवं गलत आदतों से दूर रहने, अध्ययन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी समस्याओं को साझा करने के संबंध में जानकारी दी गई। काउंसलिंग सुविधा के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं का उचित समाधान एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं सविता प्रजापति, शैल शर्मा एवं विद्या राठौड़ ने भी उमंग कार्यक्रम के विभिन्न लाभों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने उमंग एवं हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए अमृत समान पहल बताया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बच्चों को कई ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिन्हें वे माता-पिता के साथ साझा करने में संकोच करते हैं। ऐसे में शासन द्वारा काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय प्रयास है। इससे विद्यार्थी बिना संकोच अपनी समस्याएं साझा कर उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। अंत में संस्था प्रधान अजय कुमार प्रसाद ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अभिभावकों, नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
- *इलाज मांगने पहुंची अधिवक्ता ने लगाए सनसनीखेज आरोप, डॉक्टरों पर शिकायत वापस कराने का दबाव* शहडोल। जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संध्या तिवारी का आरोप है कि पेट में तेज दर्द होने पर वह अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर आशुतोष मिश्रा और पुष्पराज पटेल ने ओपीडी का समय खत्म होने की बात कहकर इलाज करने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, दर्द से परेशान संध्या ने डॉक्टरों से कम से कम ऐसी दवा देने का अनुरोध किया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। आरोप है कि इस पर दोनों डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अस्पताल से चले जाने को कहा। संध्या के साथ पड़ोस की एक युवती भी अस्पताल पहुंची थी। महिला अधिवक्ता का कहना है कि युवती पूरी घटना की प्रत्यक्ष गवाह है। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने पास के मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदी और सेवन किया। इसके बाद जयसिंहनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट परिसर में धमकाने का आरोप संध्या का आरोप है कि घटना के अगले दिन जब वह जयसिंहनगर न्यायालय में मौजूद थीं, तभी दोनों डॉक्टर भी एक मामले में पेशी के लिए वहां पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई पक्षकारों के सामने उन्हें धमकाते हुए शिकायत और सीएम हेल्पलाइन वापस लेने के लिए कहा। महिला अधिवक्ता का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी यह बातचीत सुनी है और जरूरत पड़ने पर वह उनके बयान दर्ज करा सकती हैं। संध्या ने पुलिस से अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है। उन्हें आशंका है कि घटना की फुटेज डिलीट की जा सकती है। जांच के बाद होगी कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि शिकायत सामने आई है। मामले की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा ने कहा कि शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। *इलाज मांगने पहुंची अधिवक्ता ने लगाए सनसनीखेज आरोप, डॉक्टरों पर शिकायत वापस कराने का दबाव* शहडोल। जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संध्या तिवारी का आरोप है कि पेट में तेज दर्द होने पर वह अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर आशुतोष मिश्रा और पुष्पराज पटेल ने ओपीडी का समय खत्म होने की बात कहकर इलाज करने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, दर्द से परेशान संध्या ने डॉक्टरों से कम से कम ऐसी दवा देने का अनुरोध किया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। आरोप है कि इस पर दोनों डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अस्पताल से चले जाने को कहा। संध्या के साथ पड़ोस की एक युवती भी अस्पताल पहुंची थी। महिला अधिवक्ता का कहना है कि युवती पूरी घटना की प्रत्यक्ष गवाह है। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने पास के मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदी और सेवन किया। इसके बाद जयसिंहनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट परिसर में धमकाने का आरोप संध्या का आरोप है कि घटना के अगले दिन जब वह जयसिंहनगर न्यायालय में मौजूद थीं, तभी दोनों डॉक्टर भी एक मामले में पेशी के लिए वहां पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई पक्षकारों के सामने उन्हें धमकाते हुए शिकायत और सीएम हेल्पलाइन वापस लेने के लिए कहा। महिला अधिवक्ता का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी यह बातचीत सुनी है और जरूरत पड़ने पर वह उनके बयान दर्ज करा सकती हैं। संध्या ने पुलिस से अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है। उन्हें आशंका है कि घटना की फुटेज डिलीट की जा सकती है। जांच के बाद होगी कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि शिकायत सामने आई है। मामले की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा ने कहा कि शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।2
- छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के 407 मामले चिन्हित किए जा चुके हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से करीब 300 मरीज स्वस्थ होकर ठीक हो चुके हैं, जबकि वर्तमान में 138 एक्टिव केस बताए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने स्वाइन फ्लू को लेकर प्रदेश की स्थिति स्पष्ट करते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।1
- 🚆 छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास को मिलेगी नई गति छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी से प्रदेश में चल रही विभिन्न रेलवे विकास परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। प्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार, नई परियोजनाओं की प्रगति तथा यात्री एवं माल परिवहन को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ के विकास में रेलवे कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इन परियोजनाओं को गति देने पर जोर दिया गया।1
- लोरहा यात्री प्रतीक्षालय के पास पिकअप पलटी,चालक घायल _रविवार सुबह लोरहा यात्री प्रतीक्षालय के पास कटनी से उमरिया आ रही सब्जी लोड पिकअप अचानक अनियंत्रित लोरहा यात्री प्रतीक्षालय के पास पिकअप पलटी,चालक घायल _रविवार सुबह लोरहा यात्री प्रतीक्षालय के पास कटनी से उमरिया आ रही सब्जी लोड पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई।हादसे में पिकअप चालक राजेन्द्र पिता बाबूलाल, उम्र करीब 50 वर्ष, निवासी पथरहठा घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल चालक को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल उमरिया पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी बताया जा रहा है।बताया गया है कि पिकअप वाहन में सब्जी लोड थी, जिसे लेकर चालक कटनी से उमरिया की ओर आ रहा था। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसका स्पष्ट कारण फिलहाल सामने नहीं आया है। हालांकि मौके की स्थिति को देखते हुए यह संभावना भी जताई जा रही है कि चलती पिकअप का टायर अचानक निकल गया होगा, जिसके बाद वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना जोरदार था कि वाहन का एक टायर निकलकर काफी दूर खेत में जा गिरा। फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।1
- *_यह जीवंत तस्वीर मानपुर के वार्ड क्रमांक-1,सेमरी के पास की बताई जा रही है,जो सोशल मीडिया में वायरल है।जहां बाघ की मौजूदगी की खबर के बाद ग्रामीण उसे देखने के लिए भागते-दौड़ते नजर आ रहे हैं।वन्यजीव को करीब से देखने की यह ललक रोमांचक जरूर है,लेकिन कई बार यही उत्सुकता जानलेवा जोखिम में बदल सकती है।दरअसल,इंसानी भीड़,शोर और लगातार पीछा किए जाने से स्वभाव से शांत रहने वाला बाघ विचलित और आक्रामक हो सकता है।ऐसी स्थिति में उसके हमले का खतरा बढ़ जाता है।इसलिए बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ग्रामीणों को उसे देखने के लिए करीब जाने या घेरने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखने की ज़रूरत है।बाघ का मूवमेंट रोमांच नहीं,सावधानी का संकेत है।वन्यजीव को उसके प्राकृतिक रास्ते पर छोड़ें,भीड़ न लगाएं और वन विभाग की सलाह का पालन करें,क्योंकि बाघ को देखने की कुछ मिनटों की ललक,जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है।1
- यहां मझगांव 18 में ग्रामीण बच्चों के द्वारा किया गया साफ सफाई अभियान जिससे कि तालाब के पास की मंदिर के नीचे साफ सफाई की गई गणेश उत्सव की तैयारी देखते हुए यहां पर बार-बार कहने पर सरपंच को बार-बार करने पर सरपंच यहां पर कोई एक्शन नहीं दे रहा था इसलिए कुछ युवाओं ने मिलकर खुद हिसाब कर डाला यहां पर नापेड भरे हुए हैं जो कभी खाली नहीं होते हैं सरपंच को बोलने पर सरपंच यहां पर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है यहां मझगांव 18 में ग्रामीण बच्चों के द्वारा किया गया साफ सफाई अभियान जिससे कि तालाब के पास की मंदिर के नीचे साफ सफाई की गई गणेश उत्सव की तैयारी देखते हुए यहां पर बार-बार कहने पर सरपंच को बार-बार करने पर सरपंच यहां पर कोई एक्शन नहीं दे रहा था इसलिए कुछ युवाओं ने मिलकर खुद हिसाब कर डाला यहां पर नापेड भरे हुए हैं जिनको खाली करने पर सरपंच के द्वारा यहां पर अवध भाषा का उपयोग किया जाता है1
- उमंग दिवस पर विद्यार्थियों को मिला स्वास्थ्य एवं जीवन कौशल का मार्गदर्शन अनूपपुर - राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार शनिवार, 12 सितंबर 2026 को शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती, अनूपपुर में उमंग दिवस एवं हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के साथ अभिभावकों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संस्था प्रधान अजय कुमार प्रसाद ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को उमंग हेल्पलाइन 14425 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोर-किशोरियां अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक अथवा अन्य समस्याओं के संबंध में शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए काउंसलरों से मार्गदर्शन एवं समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ, सजग, आत्मविश्वासी और सकारात्मक जीवन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे एवं गलत आदतों से दूर रहने, अध्ययन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी समस्याओं को साझा करने के संबंध में जानकारी दी गई। काउंसलिंग सुविधा के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं का उचित समाधान एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं सविता प्रजापति, शैल शर्मा एवं विद्या राठौड़ ने भी उमंग कार्यक्रम के विभिन्न लाभों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने उमंग एवं हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए अमृत समान पहल बताया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बच्चों को कई ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिन्हें वे माता-पिता के साथ साझा करने में संकोच करते हैं। ऐसे में शासन द्वारा काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय प्रयास है। इससे विद्यार्थी बिना संकोच अपनी समस्याएं साझा कर उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। अंत में संस्था प्रधान अजय कुमार प्रसाद ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अभिभावकों, नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण है।1
- इलाज मांगने पहुंची अधिवक्ता ने लगाए सनसनीखेज आरोप, डॉक्टरों पर शिकायत वापस कराने का दबाव जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संध्या तिवारी का आरोप है कि पेट में तेज दर्द होने पर वह अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर आशुतोष मिश्रा और पुष्पराज पटेल ने ओपीडी का समय खत्म होने की बात कहकर इलाज करने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, दर्द से परेशान संध्या ने डॉक्टरों से कम से कम ऐसी दवा देने का अनुरोध किया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। आरोप है कि इस पर दोनों डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अस्पताल से चले जाने को कहा। संध्या के साथ पड़ोस की एक युवती भी अस्पताल पहुंची थी। महिला अधिवक्ता का कहना है कि युवती पूरी घटना की प्रत्यक्ष गवाह है। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने पास के मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदी और सेवन किया। इसके बाद जयसिंहनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट परिसर में धमकाने का आरोप संध्या का आरोप है कि घटना के अगले दिन जब वह जयसिंहनगर न्यायालय में मौजूद थीं, तभी दोनों डॉक्टर भी एक मामले में पेशी के लिए वहां पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई पक्षकारों के सामने उन्हें धमकाते हुए शिकायत और सीएम हेल्पलाइन वापस लेने के लिए कहा। महिला अधिवक्ता का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी यह बातचीत सुनी है और जरूरत पड़ने पर वह उनके बयान दर्ज करा सकती हैं। संध्या ने पुलिस से अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है। उन्हें आशंका है कि घटना की फुटेज डिलीट की जा सकती है। जांच के बाद होगी कार्रवाई सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि शिकायत सामने आई है। मामले की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा ने कहा कि शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।1
- “अप्प दीपो भव” का संदेश लेकर मुजफ्फरपुर में जागरूकता की अलख मुजफ्फरपुर, बिहार। “अप्प दीपो भव” यानी “अपना दीपक स्वयं बनो” का संदेश आत्मज्ञान, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देता है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए लोगों को अपने जीवन में ज्ञान और जागरूकता का प्रकाश फैलाने का संदेश दिया गया। भगवान बुद्ध के इस संदेश का मूल भाव है कि व्यक्ति अपने जीवन का मार्ग स्वयं पहचाने और कठिन परिस्थितियों में भी विवेक, धैर्य एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। दूसरों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अपने भीतर ज्ञान और चेतना का दीप प्रज्वलित करना ही “अप्प दीपो भव” की वास्तविक भावना है। मुजफ्फरपुर में इस संदेश को लेकर लोगों के बीच आत्मचिंतन, शिक्षा, सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की बात कही गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में वास्तविक बदलाव तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से करे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में “अप्प दीपो भव” का संदेश युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। युवा शिक्षा और ज्ञान को अपना आधार बनाकर न केवल अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकते हैं। संदेश साफ है—अंधकार को कोसने के बजाय स्वयं प्रकाश बनें और अपने ज्ञान एवं कर्म से दूसरों के जीवन को भी रोशन करें।1