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मोहर्रम की 10 तारीख को अंदरकोट में एक बड़ा 'हाइदोस' खेला गया। यह 'हाइदोस' प्रशासन की मौजूदगी में ही आयोजित किया जाता है, जहाँ कर्बला का मंजर पेश किया जाता है।
Shahid hussain
मोहर्रम की 10 तारीख को अंदरकोट में एक बड़ा 'हाइदोस' खेला गया। यह 'हाइदोस' प्रशासन की मौजूदगी में ही आयोजित किया जाता है, जहाँ कर्बला का मंजर पेश किया जाता है।
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- मोहर्रम की 10 तारीख को अंदरकोट में एक बड़ा 'हाइदोस' खेला गया। यह 'हाइदोस' प्रशासन की मौजूदगी में ही आयोजित किया जाता है, जहाँ कर्बला का मंजर पेश किया जाता है।1
- अजमेर पुलिस ने NEET परीक्षा का फर्जी पेपर बेचकर छात्रों को ठगने की एक बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए दो आरोपियों आकाश और अश्वनी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये दोनों इंस्टाग्राम पर फर्जी NEET पेपर अपलोड करते थे और छात्रों को यह पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ठगते थे। पुलिस के अनुसार, अजमेर की एक छात्रा को इसी तरीके से निशाना बनाया गया था, जिससे फर्जी पेपर देने के नाम पर ₹30,000 की मांग की गई। आरोपियों और छात्रा के बीच पूरी बातचीत इंस्टाग्राम चैट के माध्यम से हुई थी, लेकिन बाद में पता चला कि दिया गया पेपर फर्जी था। छात्रा की शिकायत मिलने के बाद अजमेर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। इस मामले का खुलासा वृत्ताधिकारी मनीष बड़गुर्जर ने किया है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है, और मामले की आगे की जांच जारी है।1
- अजमेर में नाज़िया इलाही खान द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर मुस्लिम समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज के लोगों ने थाना पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और आरोप लगाया कि नाज़िया इलाही खान ने पैगम्बर मोहम्मद की शान में टिप्पणी करके उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके तहत समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी पूरी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन से कार्रवाई की अपील की।1
- ब्यावर जिले के बिराटीया कला गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव के पेयजल कुएं में एक 5 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया। ग्रामीणों द्वारा सूचना मिलने पर वाइल्डलाइफ रेस्क्यूवर सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और अपनी जान जोखिम में डालकर लगभग 120 फीट गहरे कुएं से अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला। यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 30 मिनट तक चला। गांव के सरपंच शैतान नायक ने बताया कि यह कुआं गांव को पीने के पानी की आपूर्ति करता है। पेयजल व्यवस्था देखने वाले ग्रामीण माणक जांगिड़ ने अजगर को सबसे पहले कुएं के पाइप पर लटके देखा था, जिसके बाद उन्होंने सरपंच और अन्य ग्रामीणों को सूचना दी। रेस्क्यूवर सुरेंद्र सिंह के पहुंचने तक अजगर कुएं के अंदर गिर चुका था। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कुएं में लगभग 120 फीट की गहराई थी, और अंधेरा होने के साथ-साथ नीचे पानी भी भरा हुआ था, जहाँ अजगर खतरा महसूस करते ही बार-बार पानी में जा रहा था। डोली केवल 100 फीट तक ही जा पाई, जिसके बाद रस्सियों और अन्य उपकरणों का उपयोग करके लगभग 20 फीट नीचे मौजूद अजगर को सुरक्षित पकड़ा गया। सरपंच शैतान नायक ने संभावना जताई कि जब तालाब में पानी अधिक भर गया था और कुआं डूब गया था, तभी अजगर उसमें चला गया होगा, और तालाब का पानी कम होने पर वह दिखाई दिया। सफल रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने वाइल्डलाइफ रेस्क्यूवर सुरेंद्र सिंह के साहस और उनके कार्य की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि कुएं को पूरी तरह साफ कर पानी की गुणवत्ता की जांच के बाद ही गांव में पेयजल आपूर्ति दोबारा शुरू की जाएगी। इस दौरान सरपंच शैतान नायक, वाइल्डलाइफ रेस्क्यूवर सुरेंद्र सिंह, दिलीप नायक, नेहरू नायक, कैलाश और माणक जांगिड़ सहित कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।1
- नसीराबाद में अवैध पार्किंग के खिलाफ छावनी परिषद ने कड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, परिषद ने अवैध रूप से पार्क किए गए 20 वाहनों का चालान किया।1
- एक उपयोगकर्ता ने पहले साझा किए गए एक वीडियो का उल्लेख करते हुए दर्शकों से उसे देखने और यह बताने का आग्रह किया है कि क्या वह 'सही' है। इस वीडियो पर सभी से अपनी राय देने का आह्वान किया गया है।1
- मांगलियावास के जेठाना गांव ने शुक्रवार को सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की, जहाँ मोहर्रम के मौके पर ताजिया जुलूस बड़ी धूमधाम से निकाला गया। इस जुलूस में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ शिरकत की और कर्बला तक साथ चले। ताजिया कमेटी के लाइसेंसधारी भंवरु खान लोहार के अनुसार, जेठाना में हर साल मोहर्रम पर ऐसा ही भाईचारे का माहौल रहता है, जिसमें गांव के सभी धर्मों के लोग खुशी-खुशी शामिल होते हैं। ताजिए का सफर दो दिन चला, जिसकी शुरुआत गुरुवार रात ईशा की नमाज के बाद मस्जिद से ढोल-बाजे के साथ हुई। यह ताजिया पुरानी कचहरी, आचार्य मोहल्ला, गैनों की पोल और तेजाजी के थान से होते हुए वापस पुरानी कचहरी पहुँचा, जहाँ रात को विश्राम किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुरानी कचहरी से ताजिया फिर से रवाना हुआ और बड़ी रावले, हाजी सत्तार खान मंसूरी के मकान तथा बस स्टैंड से होते हुए आगे बढ़ा। बस स्टैंड पर युवाओं ने पारंपरिक 'हाय दोस्त' खेल का जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं हाजी सत्तार खान मंसूरी के घर के बाहर सभी धर्मों के लोगों को मिल्क रोज पिलाकर एकता का संदेश दिया गया। शाम 5:30 बजे ताजिए को कर्बला ले जाकर सोहराब किया गया और पूरे गांव में 'या हुसैन' की सदाएं गूँज उठीं। इस जुलूस में हाजी जमालुद्दीन मंसूरी, सदर लतीफ खान, सत्तार मिस्त्री, हाजी हुसैन बक्स, रसूल खान, हाजी सफी मोहम्मद, छोटू तेली, जुम्मा लोहार, छोटू लोहार, घीसा जी लोहार, हाजी सत्तार मंसूरी और शहाबुद्दीन लोहार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांगलियावास थाने के दीवान बाबूलाल मीणा पुलिस जाब्ते के साथ पूरे समय मौजूद रहे और उन्होंने पूरा सहयोग दिया।1
- हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह क्षेत्र में ताजिया शरीफ की सवारी को 'अलविदा' पढ़कर विदाई दी गई।1