उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर टांडा नगर के सभासद मोहम्मद रईस उर्फ भूरा ने बड़ा बयान देते हुए इसे शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए शिक्षा का घर और मंदिर है, जिसे तोड़ना पूरी तरह से गलत है। सभासद के अनुसार, अगर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 हिस्सों को तोड़ दिया जाएगा, तो छात्रों की पढ़ाई पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। सभासद रईस उर्फ भूरा ने मांग की है कि इस यूनिवर्सिटी को तोड़ने के बजाय सरकार को इसे अपने कब्जे में ले लेना चाहिए और इसी तरह छात्रों के लिए संचालित रहने देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संस्थान में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के बच्चे पढ़कर अपना भविष्य बनाते हैं, इसलिए इसे नष्ट करने के बजाय सरकार को इसका संचालन खुद संभाल लेना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर टांडा नगर के सभासद मोहम्मद रईस उर्फ भूरा ने बड़ा बयान देते हुए इसे शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए शिक्षा का घर और मंदिर है, जिसे तोड़ना पूरी तरह से गलत है। सभासद के अनुसार, अगर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 हिस्सों को तोड़ दिया जाएगा, तो छात्रों की पढ़ाई पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। सभासद रईस उर्फ भूरा ने मांग की है कि इस यूनिवर्सिटी को तोड़ने के बजाय सरकार को इसे अपने कब्जे में ले लेना चाहिए और इसी तरह छात्रों के लिए संचालित रहने देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संस्थान में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के बच्चे पढ़कर अपना भविष्य बनाते हैं, इसलिए इसे नष्ट करने के बजाय सरकार को इसका संचालन खुद संभाल लेना चाहिए।
- उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर टांडा नगर के सभासद मोहम्मद रईस उर्फ भूरा ने बड़ा बयान देते हुए इसे शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए शिक्षा का घर और मंदिर है, जिसे तोड़ना पूरी तरह से गलत है। सभासद के अनुसार, अगर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 हिस्सों को तोड़ दिया जाएगा, तो छात्रों की पढ़ाई पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। सभासद रईस उर्फ भूरा ने मांग की है कि इस यूनिवर्सिटी को तोड़ने के बजाय सरकार को इसे अपने कब्जे में ले लेना चाहिए और इसी तरह छात्रों के लिए संचालित रहने देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संस्थान में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के बच्चे पढ़कर अपना भविष्य बनाते हैं, इसलिए इसे नष्ट करने के बजाय सरकार को इसका संचालन खुद संभाल लेना चाहिए।1
- रामपुर में जोहर विश्वविद्यालय को लेकर हम एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शादाब शफ़ीक़ खान ने एक बड़ा बयान दिया है।1
- रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के पौत्र एवं पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने चेन्नई के रोयापेट्टा स्थित एमईएएसआई एकेडमी ऑफ आर्किटेक्चर में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में अपने जीवन सफर को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी मूल रुचि राजनीति में नहीं, बल्कि एवीएशन और आर्किटेक्चर में थी। हालांकि, परिस्थितियों के चलते उन्हें न्यूयॉर्क से रामपुर लौटकर राजनीति में कदम रखना पड़ा। उन्होंने चंडीगढ़ से आर्किटेक्चर की पढ़ाई की, इटली में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अमेरिका की दो प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर फर्मों में काम किया। भारत लौटने पर उन्होंने दो कॉलेजों में पढ़ाया भी, जिसके अनुभवों का लाभ उन्हें सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में मिला। पूर्व मंत्री ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के चेयरमैन और बाद में अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज मंत्री के रूप में पूरी निष्ठा से काम किया। पांच बार विधायक रहने के दौरान उन्होंने सदैव जनहित को प्राथमिकता दी और राजनीति में मिले शक्ति व अधिकारों का उपयोग कभी किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया। अल्ताफ अहमद ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में एमईएएसआई के अध्यक्ष इम्तियाज पाशा ने शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में उपस्थित करीब 500 छात्रों के सामने नवेद मियां ने रामपुर रियासतकाल की ऐतिहासिक इमारतों, विशेष रूप से हामिद मंजिल की वास्तुकला पर विस्तार से चर्चा की और छात्रों के सवालों के जवाब दिए। नवेद मियां ने मीडिया से बातचीत में 116 वर्ष पुराने मुस्लिम एजुकेशनल एसोसिएशन ऑफ साउथ इंडिया (एमईएएसआई) को देश के सबसे पुराने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के तहत स्कूल, कॉलेज, प्रबंधन संस्थान, आईटी संस्थान और चैरिटेबल ट्रस्ट समेत विभिन्न शैक्षणिक इकाइयां संचालित की जा रही हैं। वर्ष 1999 में स्थापित एमईएएसआई एकेडमी ऑफ आर्किटेक्चर अन्ना यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और तमिलनाडु के प्रमुख आर्किटेक्चर कॉलेजों में शामिल है।3
- दिल्ली पुलिस ने एक युवती के साथ बेहद शर्मनाक हरकत की है। यहाँ दिल्ली पुलिस द्वारा एक बहन-बेटी समान युवती को पीछे से डंडा मारा गया है।1