रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के पौत्र एवं पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने चेन्नई के रोयापेट्टा स्थित एमईएएसआई एकेडमी ऑफ आर्किटेक्चर में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में अपने जीवन सफर को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी मूल रुचि राजनीति में नहीं, बल्कि एवीएशन और आर्किटेक्चर में थी। हालांकि, परिस्थितियों के चलते उन्हें न्यूयॉर्क से रामपुर लौटकर राजनीति में कदम रखना पड़ा। उन्होंने चंडीगढ़ से आर्किटेक्चर की पढ़ाई की, इटली में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अमेरिका की दो प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर फर्मों में काम किया। भारत लौटने पर उन्होंने दो कॉलेजों में पढ़ाया भी, जिसके अनुभवों का लाभ उन्हें सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में मिला। पूर्व मंत्री ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के चेयरमैन और बाद में अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज मंत्री के रूप में पूरी निष्ठा से काम किया। पांच बार विधायक रहने के दौरान उन्होंने सदैव जनहित को प्राथमिकता दी और राजनीति में मिले शक्ति व अधिकारों का उपयोग कभी किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया। अल्ताफ अहमद ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में एमईएएसआई के अध्यक्ष इम्तियाज पाशा ने शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में उपस्थित करीब 500 छात्रों के सामने नवेद मियां ने रामपुर रियासतकाल की ऐतिहासिक इमारतों, विशेष रूप से हामिद मंजिल की वास्तुकला पर विस्तार से चर्चा की और छात्रों के सवालों के जवाब दिए। नवेद मियां ने मीडिया से बातचीत में 116 वर्ष पुराने मुस्लिम एजुकेशनल एसोसिएशन ऑफ साउथ इंडिया (एमईएएसआई) को देश के सबसे पुराने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के तहत स्कूल, कॉलेज, प्रबंधन संस्थान, आईटी संस्थान और चैरिटेबल ट्रस्ट समेत विभिन्न शैक्षणिक इकाइयां संचालित की जा रही हैं। वर्ष 1999 में स्थापित एमईएएसआई एकेडमी ऑफ आर्किटेक्चर अन्ना यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और तमिलनाडु के प्रमुख आर्किटेक्चर कॉलेजों में शामिल है।
रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के पौत्र एवं पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने चेन्नई के रोयापेट्टा स्थित एमईएएसआई एकेडमी ऑफ आर्किटेक्चर में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में अपने जीवन सफर को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी मूल रुचि राजनीति में नहीं, बल्कि एवीएशन और आर्किटेक्चर में थी। हालांकि, परिस्थितियों के चलते उन्हें न्यूयॉर्क से रामपुर लौटकर राजनीति में कदम रखना पड़ा। उन्होंने चंडीगढ़ से आर्किटेक्चर की पढ़ाई की, इटली में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अमेरिका की दो प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर फर्मों में काम किया। भारत लौटने पर उन्होंने दो कॉलेजों में
पढ़ाया भी, जिसके अनुभवों का लाभ उन्हें सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में मिला। पूर्व मंत्री ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के चेयरमैन और बाद में अल्पसंख्यक कल्याण एवं हज मंत्री के रूप में पूरी निष्ठा से काम किया। पांच बार विधायक रहने के दौरान उन्होंने सदैव जनहित को प्राथमिकता दी और राजनीति में मिले शक्ति व अधिकारों का उपयोग कभी किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया। अल्ताफ अहमद ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में एमईएएसआई के अध्यक्ष इम्तियाज पाशा ने शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में उपस्थित करीब 500 छात्रों के सामने नवेद मियां
ने रामपुर रियासतकाल की ऐतिहासिक इमारतों, विशेष रूप से हामिद मंजिल की वास्तुकला पर विस्तार से चर्चा की और छात्रों के सवालों के जवाब दिए। नवेद मियां ने मीडिया से बातचीत में 116 वर्ष पुराने मुस्लिम एजुकेशनल एसोसिएशन ऑफ साउथ इंडिया (एमईएएसआई) को देश के सबसे पुराने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के तहत स्कूल, कॉलेज, प्रबंधन संस्थान, आईटी संस्थान और चैरिटेबल ट्रस्ट समेत विभिन्न शैक्षणिक इकाइयां संचालित की जा रही हैं। वर्ष 1999 में स्थापित एमईएएसआई एकेडमी ऑफ आर्किटेक्चर अन्ना यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और तमिलनाडु के प्रमुख आर्किटेक्चर कॉलेजों में शामिल है।
- उत्तर प्रदेश के बलिया में प्रेमी को पाने की जिद में घूंघट ओढ़कर एक विवाहिता मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिसके बाद करीब 7.5 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। महिला अपने प्रेमी से मिलने की मांग पर अड़ी थी और उसका स्पष्ट कहना था कि "अंकित आएंगे तभी नीचे उतरूंगी।" पुलिस और प्रशासन ने विवाहिता को घंटों समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन आखिरकार तहसीलदार के आश्वासन के बाद ही वह सुरक्षित नीचे उतरी। इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह रही कि टावर से सुरक्षित नीचे उतरने के बाद भी महिला ने अपना घूंघट नहीं हटाया, जिसकी अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बिलासपुर में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और भारी संख्या में किसानों ने शिवबाग मंडी से तहसील तक जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद, उप जिलाधिकारी आनंद कुमार कनौजिया के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू टिकैत के प्रदेश महासचिव सरदार जगजीत सिंह गिल और प्रदेश सचिव सरदार मंजीत सिंह अटवाल ने किया। ज्ञापन में किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर तत्काल रोक लगाने की प्रमुख मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि इस प्रकार का कोई भी मुक्त व्यापार समझौता भारतीय कृषि, डेयरी उद्योग, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था, सार्वजनिक खरीद प्रणाली और ग्रामीण रोजगार पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। देश के करोड़ों दुग्ध उत्पादक परिवारों और छोटे किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐसे समझौतों को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, किसानों ने किसानों एवं कृषि मजदूरों का संपूर्ण कर्ज माफ करने, घरेलू और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, चारों श्रम संहिताएं, बीज विधेयक, राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति तथा राष्ट्रीय सहकारिता नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की है। किसानों ने मनरेगा के तहत 200 दिन का रोजगार और न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने, डीएपी व यूरिया उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता कराने तथा इनकी कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग उठाई। ज्ञापन में बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि, भूस्खलन और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर प्रभावित किसानों व बंटाईदारों को उचित मुआवजा देने और बिना पुनर्वास के किसी भी तरह के भूमि अधिग्रहण या बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस अवसर पर नृपजीत सिंह, होरीलाल, वीरेंद्र सिंह, अंतराम और गुरप्रीत सिंह अटवाल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के शाहबाद में एक स्थानीय निवासी ने अपने घर के पास के खराब रास्ते को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वीडियो में दिख रहा उनके घर के पास का रास्ता पूरी तरह से खराब हो चुका है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों (श्रीमन् महोदय) से इस खराब रास्ते को जल्द से जल्द ठीक करने की कृपा करने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी इस शिकायत को तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुँचाने की सख्त मांग की है ताकि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान हो सके।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर टांडा नगर के सभासद मोहम्मद रईस उर्फ भूरा ने बड़ा बयान देते हुए इसे शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए शिक्षा का घर और मंदिर है, जिसे तोड़ना पूरी तरह से गलत है। सभासद के अनुसार, अगर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 हिस्सों को तोड़ दिया जाएगा, तो छात्रों की पढ़ाई पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। सभासद रईस उर्फ भूरा ने मांग की है कि इस यूनिवर्सिटी को तोड़ने के बजाय सरकार को इसे अपने कब्जे में ले लेना चाहिए और इसी तरह छात्रों के लिए संचालित रहने देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संस्थान में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के बच्चे पढ़कर अपना भविष्य बनाते हैं, इसलिए इसे नष्ट करने के बजाय सरकार को इसका संचालन खुद संभाल लेना चाहिए।1
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- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एम.आई. हॉस्पिटल में एक महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया है। पीड़ित परिजनों ने इलाज के नाम पर खिलवाड़ किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल में अपना आक्रोश जाहिर किया है।1
- दिल्ली पुलिस ने एक युवती के साथ बेहद शर्मनाक हरकत की है। यहाँ दिल्ली पुलिस द्वारा एक बहन-बेटी समान युवती को पीछे से डंडा मारा गया है।1