मनोहरपुर कस्बे के पास खोरालाड़खानी गांव में सोमवार, 15 जून 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो आवारा सांड बीच सड़क पर एक-दूसरे से बुरी तरह भिड़ गए। सांडों की इस भीषण लड़ाई ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी, जिसके कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सांड काफी देर तक आक्रामक ढंग से लड़ते रहे, जिससे भयभीत ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए आसपास के घरों और दुकानों में शरण ली। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम कैद हो गया है, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि सांडों की लड़ाई के बीच सड़क पर चल रहे लोग अचानक जान बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं। यह दृश्य किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा करता है। हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली, लेकिन सड़क पर सांडों के इस आतंक ने ग्रामीणों में गहरा भय पैदा कर दिया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति तीव्र रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इन आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके। ग्रामीणों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
मनोहरपुर कस्बे के पास खोरालाड़खानी गांव में सोमवार, 15 जून 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो आवारा सांड बीच सड़क पर एक-दूसरे से बुरी तरह भिड़ गए। सांडों की इस भीषण लड़ाई ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी, जिसके कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सांड काफी देर तक आक्रामक ढंग से लड़ते रहे, जिससे भयभीत ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए आसपास के घरों और दुकानों में शरण ली। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम कैद हो गया है, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि सांडों की लड़ाई के बीच सड़क पर चल रहे लोग अचानक जान बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं। यह दृश्य किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा करता है। हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली, लेकिन सड़क पर सांडों के इस आतंक ने ग्रामीणों में गहरा भय पैदा कर दिया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति तीव्र रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इन आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके। ग्रामीणों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
- मनोहरपुर कस्बे के पास खोरालाड़खानी गांव में सोमवार, 15 जून 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो आवारा सांड बीच सड़क पर एक-दूसरे से बुरी तरह भिड़ गए। सांडों की इस भीषण लड़ाई ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी, जिसके कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सांड काफी देर तक आक्रामक ढंग से लड़ते रहे, जिससे भयभीत ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए आसपास के घरों और दुकानों में शरण ली। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम कैद हो गया है, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि सांडों की लड़ाई के बीच सड़क पर चल रहे लोग अचानक जान बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं। यह दृश्य किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा करता है। हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली, लेकिन सड़क पर सांडों के इस आतंक ने ग्रामीणों में गहरा भय पैदा कर दिया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति तीव्र रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इन आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके। ग्रामीणों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।1
- आज पांवटा क्षेत्र के प्रागपुरा में भाजपा प्रवक्ता (मंडल प्रागपुरा) भाई विजय स्वामी के जन्मदिवस के अवसर पर एक जन आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में शिरकत कर भाई विजय स्वामी को उनके जन्मदिन की बधाई दी गई।1
- राजस्थान के सोठाना ग्राम स्थित अटल सेवा केंद्र पर जनसेवा और जनकल्याण के संकल्प को साकार करने हेतु 'ग्रामीण सेवा शिविर' का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रवासियों की समस्याओं का सीधा संवाद स्थापित कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, जिन्होंने पानी, बिजली, सड़क, राजस्व और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी विभिन्न स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया। मौके पर ही इन शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके शीघ्र और प्रभावी निराकरण के कड़े निर्देश दिए गए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। शिविर के दौरान कई पात्र लाभार्थियों को तुरंत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस आयोजन में विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कुजोता गांव में नेशनल लाइमस्टोन कंपनी के डंपरों पर जानबूझकर तोड़फोड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही से वे लंबे समय से परेशान हैं, जिसके चलते कोटपूतली क्षेत्र में तनाव और आक्रोश देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में संचालित नेशनल लाइमस्टोन कंपनी के भारी डंपर और अन्य वाहन लगातार नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये ओवरलोड वाहन पत्थरों से बुरी तरह लदे होते हैं, जो सीधे अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की ओर जाते हैं। इसी आवाजाही के दौरान एक डंपर द्वारा सार्वजनिक या निजी संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुँचाने (तोड़फोड़) की घटना सामने आई, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नेशनल लाइमस्टोन से पत्थर भरकर निकलने वाले ये ओवरलोड वाहन आए दिन हादसों को न्योता देते हैं, जिससे सड़कों की हालत भी खस्ता हो चुकी है। अब इन वाहनों के चालकों द्वारा कथित रूप से मनमानी और तोड़फोड़ करने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। इस घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और उन्होंने इन गतिविधियों पर तुरंत लगाम लगाने की मांग की। नागरिकों ने पुलिस और संबंधित परिवहन विभाग (RTO) से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख मांगों में तोड़फोड़ करने वाले डंपर चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाना और सड़कों पर अवैध रूप से दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों का चालान कर उन्हें सीज करना शामिल है।1
- कपिल शर्मा का नेता के रूप में किया गया व्यंग्य सर्वोत्तम बताया गया है। उन्होंने नेता के किरदार को बहुत ही सार्थक और सराहनीय तरीके से प्रस्तुत किया है। इस हास्य व्यंग्य के माध्यम से, कपिल शर्मा आज के नेताओं के निकम्मेपन को अत्यंत प्रशंसनीय ढंग से निभाने में पूरी तरह सफल रहे हैं। टिप्पणी के अनुसार, कपिल के अन्य हास्य उतने प्रभावशाली नहीं होते, लेकिन नेता के रोल में वे एक सार्थक व्यंग्य देने में कामयाब रहे हैं।1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहे एक धरना-प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके के साथ एक अज्ञात युवक द्वारा कथित तौर पर हाथापाई का मामला सामने आया है। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है। इस हाथापाई की वजह से धरना स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था।1