Shuru
Apke Nagar Ki App…
जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहे एक धरना-प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके के साथ एक अज्ञात युवक द्वारा कथित तौर पर हाथापाई का मामला सामने आया है। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है। इस हाथापाई की वजह से धरना स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था।
Suresh Kumar Meena
जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहे एक धरना-प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके के साथ एक अज्ञात युवक द्वारा कथित तौर पर हाथापाई का मामला सामने आया है। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है। इस हाथापाई की वजह से धरना स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था।
More news from Jaipur and nearby areas
- राजस्थान के सोठाना ग्राम स्थित अटल सेवा केंद्र पर जनसेवा और जनकल्याण के संकल्प को साकार करने हेतु 'ग्रामीण सेवा शिविर' का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रवासियों की समस्याओं का सीधा संवाद स्थापित कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, जिन्होंने पानी, बिजली, सड़क, राजस्व और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी विभिन्न स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया। मौके पर ही इन शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके शीघ्र और प्रभावी निराकरण के कड़े निर्देश दिए गए। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। शिविर के दौरान कई पात्र लाभार्थियों को तुरंत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस आयोजन में विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।1
- राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कुजोता गांव में नेशनल लाइमस्टोन कंपनी के डंपरों पर जानबूझकर तोड़फोड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही से वे लंबे समय से परेशान हैं, जिसके चलते कोटपूतली क्षेत्र में तनाव और आक्रोश देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में संचालित नेशनल लाइमस्टोन कंपनी के भारी डंपर और अन्य वाहन लगातार नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये ओवरलोड वाहन पत्थरों से बुरी तरह लदे होते हैं, जो सीधे अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की ओर जाते हैं। इसी आवाजाही के दौरान एक डंपर द्वारा सार्वजनिक या निजी संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुँचाने (तोड़फोड़) की घटना सामने आई, जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नेशनल लाइमस्टोन से पत्थर भरकर निकलने वाले ये ओवरलोड वाहन आए दिन हादसों को न्योता देते हैं, जिससे सड़कों की हालत भी खस्ता हो चुकी है। अब इन वाहनों के चालकों द्वारा कथित रूप से मनमानी और तोड़फोड़ करने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। इस घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और उन्होंने इन गतिविधियों पर तुरंत लगाम लगाने की मांग की। नागरिकों ने पुलिस और संबंधित परिवहन विभाग (RTO) से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। उनकी प्रमुख मांगों में तोड़फोड़ करने वाले डंपर चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाना और सड़कों पर अवैध रूप से दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों का चालान कर उन्हें सीज करना शामिल है।1
- मनोहरपुर कस्बे के पास खोरालाड़खानी गांव में सोमवार, 15 जून 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो आवारा सांड बीच सड़क पर एक-दूसरे से बुरी तरह भिड़ गए। सांडों की इस भीषण लड़ाई ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी, जिसके कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सांड काफी देर तक आक्रामक ढंग से लड़ते रहे, जिससे भयभीत ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए आसपास के घरों और दुकानों में शरण ली। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम कैद हो गया है, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि सांडों की लड़ाई के बीच सड़क पर चल रहे लोग अचानक जान बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं। यह दृश्य किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा करता है। हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली, लेकिन सड़क पर सांडों के इस आतंक ने ग्रामीणों में गहरा भय पैदा कर दिया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति तीव्र रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इन आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं या सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को रोका जा सके। ग्रामीणों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।1
- अलवर के काला कुआं हाउसिंगबोर्ड के सेक्टर 2 में व्याप्त पानी की गंभीर समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों के आह्वान पर पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने निवासियों की समस्याओं को सुना और तत्काल जलदाय विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान, योगेश मिश्रा ने अधिकारियों को इस जल समस्या का समाधान करने के लिए सात दिन का स्पष्ट समय दिया है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि यदि इस निर्धारित अवधि में समस्या का निवारण नहीं किया गया, तो वे कॉलोनीवासियों के साथ मिलकर जलदाय विभाग के कार्यालय का घेराव करेंगे। मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान यदि कोई कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जलदाय विभाग के अधिकारियों और राजस्थान सरकार की होगी।4
- अलवर के कैंडलगंज स्थित कटला मार्केट पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के कारण संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यह बाजार हर रविवार हजारों गरीब, मजदूर और आम लोगों के लिए सस्ते कपड़े खरीदने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ वे अपनी जरूरतों के लिए पहुँचते हैं। शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच, दुकानदारों के मन में डर और अनिश्चितता का माहौल है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि यह बाजार हटाया गया, तो यहाँ काम करने वाले सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। 'मजदूरों और आम लोगों की आवाज' उठाने वाले इस मंच के माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि क्या गरीबों की इस सस्ती बाजार को बचाया जा सकेगा, और जनता से इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी राय कमेंट करके बताने का आग्रह किया गया है।1
- सोमवार दोपहर को चतरपुरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे तेज धूलभरी आंधी चली और पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छा गया। इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में ही अंधेरे जैसे हालात बन गए, जिससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत भी मिली। दोपहर बाद अचानक चली तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार चतरपुरा, पृथ्वीपुरा, बांधका, बुर्जा, खरवा, तुराना और आसपास के गांवों में फैल गया। सड़कों पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी, जबकि कई स्थानों पर लोगों को दुकानों और घरों के अंदर शरण लेते देखा गया। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में लगातार उच्च तापमान और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित था, ऐसे में इस मौसम परिवर्तन से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, धूलभरी हवाओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय युवती पायल मीणा ने बताया कि अचानक आई धूलभरी आंधी से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तेज हवाओं और उड़ती धूल ने आमजन के लिए काफी मुश्किलें खड़ी कीं। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की। वहीं, स्थानीय युवा भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच यह बदलाव राहत लेकर आया है। उन्होंने वाहन चालकों और राहगीरों को आंधी के दौरान विशेष सावधानी बरतने तथा पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी। ग्रामीणों के अनुसार, आंधी के दौरान हवा की गति काफी तेज थी, जिससे पेड़ों की शाखाएं झूलने लगीं और खुले स्थानों पर रखा सामान बिखर गया। कुछ समय के लिए बाजारों में भी चहल-पहल कम हो गई। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो यह फसलों और पशुओं दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगी। धूलभरी आंधी ने कुछ समय के लिए जनजीवन को प्रभावित जरूर किया, लेकिन भीषण गर्मी से राहत देकर मौसम को सुहावना बना दिया है। अब क्षेत्रवासी आगामी दिनों में अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।4
- जयपुर के शहीद स्मारक पर चल रहे एक धरना-प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके के साथ एक अज्ञात युवक द्वारा कथित तौर पर हाथापाई का मामला सामने आया है। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है। इस हाथापाई की वजह से धरना स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था।1