सड़क बनी जलभराव का शिकार! खैरीतायगांव में गंदे पानी से ग्रामीण परेशान, पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल *सरपंच-सचिव पर लापरवाही के आरोप, जलभराव से बीमारी फैलने की आशंका; स्वच्छ भारत अभियान के बीच पंचायत की व्यवस्थाओं पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी* पांढुर्णा:-पांढुर्णा जिले के सौंसर विकासखंड के ग्राम पंचायत खैरीतायगांव में सड़क मार्ग पर लंबे समय से पानी जमा होने की समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और गंदा पानी मार्ग पर जमा हो रहा है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पर लगातार पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। इससे डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने पंचायत से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक ओर शासन स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गांव की सड़क पर जमा पानी और गंदगी इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों ने पंचायत में आने वाली शासकीय योजनाओं और निधियों के उपयोग को लेकर भी जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि विकास और जलनिकासी से संबंधित कार्यों के लिए शासकीय राशि का उपयोग किया गया है, तो मौके पर उसका प्रभाव दिखाई देना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर जलभराव की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने, जलनिकासी की व्यवस्था कराने तथा पंचायत द्वारा पूर्व में कराए गए संबंधित विकास कार्यों और शासकीय निधि के उपयोग की जांच कराने की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन और ग्राम पंचायत इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।
सड़क बनी जलभराव का शिकार! खैरीतायगांव में गंदे पानी से ग्रामीण परेशान, पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल *सरपंच-सचिव पर लापरवाही के आरोप, जलभराव से बीमारी फैलने की आशंका; स्वच्छ भारत अभियान के बीच पंचायत की व्यवस्थाओं पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी* पांढुर्णा:-पांढुर्णा जिले के सौंसर विकासखंड के ग्राम पंचायत खैरीतायगांव में सड़क मार्ग पर लंबे समय से पानी जमा होने की समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश और गंदा पानी मार्ग पर जमा हो रहा है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पर लगातार पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। इससे डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने पंचायत से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
उठाते हुए लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एक ओर शासन स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गांव की सड़क पर जमा पानी और गंदगी इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों ने पंचायत में आने वाली शासकीय योजनाओं और निधियों के उपयोग को लेकर भी जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि विकास और जलनिकासी से संबंधित कार्यों के लिए शासकीय राशि का उपयोग किया गया है, तो मौके पर उसका प्रभाव दिखाई देना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर जलभराव की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने, जलनिकासी की व्यवस्था कराने तथा पंचायत द्वारा पूर्व में कराए गए संबंधित विकास कार्यों और शासकीय निधि के उपयोग की जांच कराने की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन और ग्राम पंचायत इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।
- भारत देश का प्रिय खेल कुश्ती प्रेमी कुश्ती देखना बड़ी संख्या में एकत्रित ऐसी भीड़ आपने कहीं नहीं देखी होगी छिंदवाड़ा के इमली खेड़ा ग्राम में कुश्ती का आयोजन किया गया जिसमें देश भर के पहलवान ने जोर राजमाइश की कुश्ती के प्रेमी ग्रामीणों की भीड़ देखकर मानो ऐसा लग रहा हो जैसे लगान फिल्म का सीन हो इतनी बड़ी तादाद में लोग कुश्ती देखना दूर-दूर के ग्रामीण क्षेत्र से वहां पहुंचे थे बड़ी बात यह थी कि यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया था4
- छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत चौरई अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने माचागोरा बांध से जुड़ी अपनी समस्याओं को लेकर जनसुनवाई में प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। बांध बनने के बाद पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पुनर्वास के बावजूद उनके सामने आजीविका और भरण-पोषण का संकट बना हुआ है। वहीं स्थानीय मछुआरों ने भी जलाशय में मछली पकड़ने के लिए रोजगार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। दरअसल, चौरई क्षेत्र के ग्राम पंचायत धनोरा बारेवर में माचागोरा बांध के निर्माण के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बांध बनने के बाद उन्हें अपने पुराने गांव और पारंपरिक जीवन से विस्थापित होना पड़ा। करीब एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों की आजीविका का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें जिस स्थान पर पुनर्वासित किया गया, वहां भी कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार और भरण-पोषण के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनसुनवाई में ग्राम पंचायत धनोरा के सरपंच परसराम वर्मा ने ग्रामीणों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई परिवारों का पारंपरिक और पैतृक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है। ऐसे परिवारों के लिए माचागोरा जलाशय रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है, लेकिन स्थानीय मछुआरों को इसका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलाशय में पानी भरने के बाद मछली पकड़ने का काम तो संभव है, लेकिन स्थानीय लोगों के पास इसके लिए जरूरी साधन ही उपलब्ध नहीं हैं। कई परिवारों के पास नाव और मछली पकड़ने के लिए जाल तक नहीं है। ऐसे में वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। वहीं मछुआरों के संगठन और समिति से जुड़े लोगों की संख्या को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा करीब 862 लोगों के समिति से जुड़े होने की बात कही जाती है, लेकिन इनमें ऐसे लोगों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आ रही है जो स्थानीय निवासी नहीं हैं या वास्तव में मछली पकड़ने के काम से जुड़े नहीं हैं। स्थानीय मछुआरों की मांग है कि वास्तविक रूप से मछली पकड़ने का काम करने वाले स्थानीय परिवारों का अलग से सर्वे और पंजीकरण कराया जाए। इसके बाद पात्र मछुआरों को नाव, जाल और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे जलाशय में अपने पारंपरिक व्यवसाय के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि बांध निर्माण से प्रभावित होने के बाद उन्होंने विकास के लिए अपना क्षेत्र और अपनी जमीन छोड़ी है। ऐसे में शासन की जिम्मेदारी है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ उनकी आजीविका का भी स्थाई इंतजाम किया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का दोबारा परीक्षण किया जाए और जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है, वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रभावित परिवारों को रोजगार के स्थाई साधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों की ओर से मांग रखी गई है कि स्थानीय मछुआरों की वास्तविक स्थिति की जांच कर पात्र लोगों का अलग से पंजीकरण किया जाए। जिन परिवारों का पुश्तैनी काम मछली पकड़ना है, उन्हें नाव और जाल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि माचागोरा बांध से प्रभावित परिवारों और स्थानीय मछुआरों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर वास्तविक स्थिति का सर्वे कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेल रहे परिवारों को रोजगार से जोड़ना जरूरी है। खासकर उन मछुआरा परिवारों को, जिनका पारंपरिक व्यवसाय मछली पकड़ना रहा है, जलाशय से रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए स्थानीय मछुआरों की पहचान, पंजीकरण और उन्हें नाव-जाल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनसुनवाई में रखी गई उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़े मुद्दों का स्थाई समाधान निकाला जाएगा। माचागोरा बांध से प्रभावित धनोरा बारेवर के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के माध्यम से पुनर्वास, भरण-पोषण और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रशासन के सामने रखे हैं। अब देखना होगा कि स्थानीय मछुआरों के पंजीकरण, नाव-जाल उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की आजीविका से जुड़ी इन मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।4
- CM मोहन यादव ने शहर के विकास के लिए अपना पैतृक मकान हटाए1
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट मूलताई तहसील के छिंदी गांव में मक्का की फसल पर टिड्डी दल का हमला कई खेत प्रभावित1
- बैतूल जिले के किसानों की समस्या के लिए सड़क पर उतरेंगे भूतपूर्व विधायक निलय डागा जी बैतूल जिला कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष और भूतपूर्व विधायक श्री निलय विनोद डागा जी अपने विधानसभा क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को लेकर 30 सितंबर दिन बुधवार को एक जंगली प्रदर्शन करने जा रहे हैं उन्होंने जिले भर के किसानों से आह्वान किया है कि 30 तारीख को सभी किसान वृंदावन गार्डन में उपस्थित होकर वहां से पदयात्रा करते हुए कलेक्टर का घेराव करेंगे श्री निलय डागा ने सभी किसानों को वृंदावन गार्डन पहुंचने का आह्वान किया है वृंदावन गार्डन में एक आम सभा को श्री डागा जी संबोधित करेंगे उसके बाद किसानों के साथ एक रैली निकालकर जो मस्जिद चौक से होती हुई तांगा स्टैंड से सीधी कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचेंगे जहां सभी किसान भाई लोग कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन शॉप कर अपनी समस्या से अवगत कराएंगे1
- सावलमेंढा में जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का हुआ समापन जनजातीय कार्य विभाग की 19 वर्ष आयु वर्ग प्रतियोगिता में जिलेभर की टीमों ने लिया हिस्सा भैंसदेही सावलमेंढा पीएम श्री एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सावलमेंढा में जनजातीय कार्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित 19 वर्ष आयु वर्ग जिला स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रतियोगिता में जिलेभर से आई विभिन्न टीमों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और मैदान पर शानदार खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात प्राचार्य, अतिथिगण एवं गणमान्य नागरिकों ने मैदान पर पहुंचकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। दिनभर क्रिकेट के रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिसमें भैंसदेही, घोड़ाडोंगरी, आठनेर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों की टीमों ने सहभागिता की। इस अवसर पर पीएम श्री विद्यालय की प्राचार्य मंजुला बौरासी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ग्राम सावलमेंढा से सागर शिवहरे, डॉ. विकास खासदेव, बंटी शिवहरे, रोशन सोनी, भग्गू भराड़े एवं शैलेन्द्र सावरकर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जनजातीय कार्य विभाग की ओर से जिला क्रीड़ा अधिकारी विनय यादव, ब्लॉक प्रभारी जगदीश वागद्रे, हेमराज महाले, सुरेंद्र टैगोर, समीर खुरे, अशोक चढ़ोकार, रविकांत देशमुख, प्रकाश कनाठे, हेमन्त सोनी, नेहा पटेल एवं यशवंत देशमुख सहित खेल विभाग से जुड़े अधिकारी एवं खेल शिक्षक मौजूद रहे। प्रतियोगिता के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता था। बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों एवं दर्शकों ने पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन ने सावलमेंढा में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी बढ़ावा दिया।2
- कोतवाली पुलिस ने मोबाइल व पर्स लूट के तीसरे आरोपी को किया गिरफ्तार कोतवाली पुलिस ने मोबाइल व पर्स लूट के तीसरे आरोपी को किया गिरफ्तार 🔹 *फरार आरोपी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा घोषित किया गया था ईनाम, लूट की नगदी में से ₹500 बरामद* 🔹पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा जिले में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी एवं कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा मोबाइल एवं पर्स लूट के मामले में फरार चल रहे तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। 🔹*घटना का विवरण* दिनांक 14.09.2026 को फरियादी पूरनचंद पिता श्री करोडीलाल मांझी, उम्र 37 वर्ष, निवासी अमरावत कला, तहसील वाड़ी, थाना वाड़ी, जिला रायसेन, हाल गौठाना बैतूल द्वारा थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 13.09.2026 की रात्रि करीब 09:00 बजे वह मोटरसाइकिल क्रमांक MP 38 MG 4538 से रानीपुर से गौठाना बैतूल जा रहा था। चिखलार गांव से आगे भीलवाटेक के पास पीछे से मोटरसाइकिल पर आए तीन व्यक्तियों ने उसकी मोटरसाइकिल रुकवाकर मोबाइल फोन एवं पर्स, जिसमें ₹6,000/- नगद रखे थे, लूट लिए। 🔹फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 777/2026 धारा 126(2), 115(2), 309(4), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 🔹*पुलिस की त्वरित कार्रवाई* विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित आरोपी राजा उर्फ निहाल को दिनांक 15.09.2026 को तथा आरोपी शिव उर्फ शिवा बानखेड़े को दिनांक 24.09.2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। 🔹प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी अमन उईके की पुलिस द्वारा लगातार तलाश एवं पतारसी की जा रही थी। फरार आरोपी के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक बैतूल द्वारा ईनाम की उद्घोषणा भी की गई थी। 🔹दिनांक 29.09.2026 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि फरार आरोपी अमन उईके रानीपुर रोड क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर आरोपी को अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार किया गया। आरोपी के कब्जे से लूट की राशि में से ₹500/- नगद बरामद कर विधिवत जप्त किए गए। आरोपी अमन उईके को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। 🔹*गिरफ्तार आरोपी* अमन उईके पिता राजेश उईके, उम्र 21 वर्ष, निवासी लोहापुल के पास, खंजनपुर, बैतूल। 🔹 *जप्त सामग्री* - नगद राशि ₹500/- 🔹 *सराहनीय भूमिका* थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, सउनि राजेश मालवीय, प्रधान आरक्षक 369 शिव कुमार, प्रधान आरक्षक 64 तरुण पटेल एवं आरक्षक 56 नितिन चौहान की सराहनीय भूमिका रही।1
- तेज आंधी ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, खेतों में बिछी मक्के की खड़ी फसल तेज आंधी ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, खेतों में बिछी मक्के की खड़ी फसल नमस्कार आप देख रहे मध्य भारत कुचावाड़ा, तहसील केवलारी, जिला सिवनी कुचावाड़ा क्षेत्र में तेज आंधी-हवा के चलते किसानों की मक्के की खड़ी फसल खेतों में पूरी तरह बिछ गई। अचानक आई तेज हवाओं से कई किसानों की तैयार होती फसल जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों ने बताया कि उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर मक्के की फसल तैयार की थी, लेकिन तेज आंधी के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर जाने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। फसल के नुकसान से किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। प्रभावित किसानों में इन्दलाल राय, बिनोद कुमार राय, आदेश राय और संदेश राय सहित अन्य किसान शामिल हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों का शीघ्र सर्वे कराया जाए, नुकसान का उचित आकलन किया जाए तथा नियमानुसार राहत एवं मुआवजा राशि दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। किसानों का कहना है कि समय पर सर्वे और राहत मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद मिल सकेगी। इस खबर में दिखाई गई खबर ग्रामीणों के द्वारा दी गई है वास्तविक स्थिति मौके पर जाने के बाद सामने आएंगे1
- *कन्या आश्रम खांखरा में सेप्टिक टैंक धसा जिम्मेदार मौन* कुरई आदिवासी कन्या आश्रम खाखरा में बने सेप्टिक टैंक की ऊपर की ढक्कन एवं दीवार धस जाने से कभी भी हादसा के शिकार हो सकते हैं बताए गए की खाकरा कन्या आश्रम में अध्ययन कर रहे 50 बच्चे छात्रावास में रहे है इसी सेप्टिक टैंक के आसपास खेलते हैं।आश्रम की अधीक्षक भी सुबह आती है एवं छुट्टी के बाद अपने घर चली जाती है रात्रि में भी सिर्फ एक रसोईया रहती है जो बच्चों की देखभाल करती है आगे बच्चों ने बताया कि रात्रि कालीन किसी का स्वास्थ्य खराब होता है तो रसोईया ही गोली दवाई देती है। एवं आज सोमवार को छात्रावास अधीक्षिका आश्रम में नहीं थी जिसकी जानकारी वीडियो अनुराग रावल से फोन पर चर्चा कर पूछा तो बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है मैं पूछ कर इस संबंध में बताता हूं तत्पश्चात बताया कि अधीक्षिका छुट्टी में गई हुई है एवं टैंक के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है जांच की जाएगी।2