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सहारनपुर में भड़काऊ बयानबाज़ी पर उठे सवाल, प्रशासन की भूमिका पर चर्चा ll सहारनपुर में भड़काऊ बयानबाज़ी पर उठे सवाल, प्रशासन की भूमिका पर चर्चा ll यह मामला सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के सांगाठेड़ा गांव में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ, जिसके बाद वहां पंचायत बुलाई गई थी। सहारनपुर, उत्तर प्रदेश ll सहारनपुर । जनपद में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में कथित रूप से एक व्यक्ति, ललित शर्मा, मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह की बयानबाज़ी से शहर का सौहार्दपूर्ण माहौल प्रभावित हो सकता है। नागरिकों का कहना है कि जब मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद था, तब भी इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश की “जीरो टॉलरेंस” नीति का पालन ऐसे मामलों में समान रूप से किया जा रहा है या नहीं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जनपद का भाईचारा और शांति व्यवस्था बनी रहे। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ या आपत्तिजनक बयान देना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है और इस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी करता पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, संबंधित वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जनपद के बुद्धिजीवियों का मानना है कि सहारनपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जाना जाता रहा है, और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि को बढ़ावा देना सामाजिक समरसता के हित में नहीं है।

11 hrs ago
user_MAKKI TV
MAKKI TV
Mediation service Behat, Saharanpur•
11 hrs ago

सहारनपुर में भड़काऊ बयानबाज़ी पर उठे सवाल, प्रशासन की भूमिका पर चर्चा ll सहारनपुर में भड़काऊ बयानबाज़ी पर उठे सवाल, प्रशासन की भूमिका पर चर्चा ll यह मामला सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के सांगाठेड़ा गांव में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ, जिसके बाद वहां पंचायत बुलाई गई थी। सहारनपुर, उत्तर प्रदेश ll सहारनपुर । जनपद में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में कथित रूप से एक व्यक्ति, ललित शर्मा, मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह की बयानबाज़ी से शहर का सौहार्दपूर्ण माहौल प्रभावित हो सकता है। नागरिकों का कहना है कि जब मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद था, तब भी इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश की “जीरो टॉलरेंस” नीति का पालन ऐसे मामलों में समान रूप से किया जा रहा है या नहीं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जनपद का भाईचारा और शांति व्यवस्था बनी रहे। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ या आपत्तिजनक बयान देना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है और इस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी करता पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, संबंधित वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जनपद के बुद्धिजीवियों का मानना है कि सहारनपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जाना जाता रहा है, और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि को बढ़ावा देना सामाजिक समरसता के हित में नहीं है।

  • user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Deoband, Saharanpur
    11 hrs ago
More news from Saharanpur and nearby areas
  • सहारनपुर में भड़काऊ बयानबाज़ी पर उठे सवाल, प्रशासन की भूमिका पर चर्चा ll यह मामला सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के सांगाठेड़ा गांव में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ, जिसके बाद वहां पंचायत बुलाई गई थी। सहारनपुर, उत्तर प्रदेश ll सहारनपुर । जनपद में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में कथित रूप से एक व्यक्ति, ललित शर्मा, मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह की बयानबाज़ी से शहर का सौहार्दपूर्ण माहौल प्रभावित हो सकता है। नागरिकों का कहना है कि जब मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद था, तब भी इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश की “जीरो टॉलरेंस” नीति का पालन ऐसे मामलों में समान रूप से किया जा रहा है या नहीं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जनपद का भाईचारा और शांति व्यवस्था बनी रहे। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ या आपत्तिजनक बयान देना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है और इस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी करता पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, संबंधित वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जनपद के बुद्धिजीवियों का मानना है कि सहारनपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जाना जाता रहा है, और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि को बढ़ावा देना सामाजिक समरसता के हित में नहीं है।
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    सहारनपुर में भड़काऊ बयानबाज़ी पर उठे सवाल, प्रशासन की भूमिका पर चर्चा ll
यह मामला सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के सांगाठेड़ा गांव में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ, जिसके बाद वहां पंचायत बुलाई गई थी।
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश ll
सहारनपुर । जनपद में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में कथित रूप से एक व्यक्ति, ललित शर्मा, मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह की बयानबाज़ी से शहर का सौहार्दपूर्ण माहौल प्रभावित हो सकता है।
नागरिकों का कहना है कि जब मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद था, तब भी इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश की “जीरो टॉलरेंस” नीति का पालन ऐसे मामलों में समान रूप से किया जा रहा है या नहीं।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जनपद का भाईचारा और शांति व्यवस्था बनी रहे। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ या आपत्तिजनक बयान देना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है और इस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
वहीं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी करता पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, संबंधित वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
जनपद के बुद्धिजीवियों का मानना है कि सहारनपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जाना जाता रहा है, और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि को बढ़ावा देना सामाजिक समरसता के हित में नहीं है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service Behat, Saharanpur•
    11 hrs ago
  • नकुड़ (सहारनपुर)। पाक माह रमज़ान के दूसरे जुमे पर कस्बे का माहौल पूरी तरह रूहानियत में डूबा नजर आया। नगर की शाही जामा मस्जिद सहित सभी प्रमुख मस्जिदों में अकीदतमंदों ने पुरसुकून माहौल में जुमे की नमाज़ अदा की। नमाज़ के बाद रोज़ेदारों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर अपने गुनाहों की तौबा मांगी और मुल्क की अमन-ओ-सलामती व तरक़्क़ी के लिए ख़ास दुआएं की। शुक्रवार को नगर की शाही जामा मस्जिद में हजारों नमाज़ियों ने मस्जिद के ख़तीब मौलाना मुनव्वर हुसैन की इमामत में जुमे की नमाज़ अदा की। नमाज़ से पूर्व अपने ख़िताब में उन्होंने ज़कात की अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा की ज़कात अदा करना हर साहिब-ए-निसाब (सामर्थ्यवान) मुसलमान पर फर्ज़ है। और इससे समाज में बराबरी व भाईचारे की भावना मजबूत होती है। ज़कात में कोताही बरतने के दुष्परिणामों पर भी उन्होंने खुलकर बयान किया। इसके अलावा लक्कड़ वाली मस्जिद, पठानो वाली मस्जिद, शैख़ ज़ादगान मस्जिद, मरकज़ मस्जिद बंजारान, इमली वाली मस्जिद, पिलखनी तला वाली मस्जिद, क़लंदर वाली मस्जिद, मदनी मस्जिद, पीर वाली मस्जिद, हमज़ा मस्जिद, उमर मस्जिद, बस स्टैंड वाली मस्जिद और जोगियान मस्जिद में भी अकीदतमंदों द्वारा सुकून से अकीदत के साथ जुमे की नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के बाद बाजारों में रौनक बढ़ गई। रोज़ेदारों ने इफ़्तार और सहरी के लिए जमकर खरीदारी की। साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने सुबह से विशेष अभियान चलाया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सोनकर के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। वीडियो:-
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    नकुड़ (सहारनपुर)। 
पाक माह रमज़ान के दूसरे जुमे पर कस्बे का माहौल पूरी तरह रूहानियत में डूबा नजर आया। नगर की शाही जामा मस्जिद सहित सभी प्रमुख मस्जिदों में अकीदतमंदों ने पुरसुकून माहौल में जुमे की नमाज़ अदा की। नमाज़ के बाद रोज़ेदारों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर अपने गुनाहों की तौबा मांगी और मुल्क की अमन-ओ-सलामती व तरक़्क़ी के लिए ख़ास दुआएं की। 
शुक्रवार को नगर की शाही जामा मस्जिद में हजारों नमाज़ियों ने मस्जिद के ख़तीब मौलाना मुनव्वर हुसैन की इमामत में जुमे की नमाज़ अदा की। नमाज़ से पूर्व अपने ख़िताब में उन्होंने ज़कात की अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा की ज़कात अदा करना हर साहिब-ए-निसाब (सामर्थ्यवान) मुसलमान पर फर्ज़ है। और इससे समाज में बराबरी व भाईचारे की भावना मजबूत होती है। ज़कात में कोताही बरतने के दुष्परिणामों पर भी उन्होंने खुलकर बयान किया। इसके अलावा लक्कड़ वाली मस्जिद, पठानो वाली मस्जिद, शैख़ ज़ादगान मस्जिद, मरकज़ मस्जिद बंजारान, इमली वाली मस्जिद, पिलखनी तला वाली मस्जिद, क़लंदर वाली मस्जिद, मदनी मस्जिद, पीर वाली मस्जिद, हमज़ा मस्जिद, उमर मस्जिद, बस स्टैंड वाली मस्जिद और जोगियान मस्जिद में भी अकीदतमंदों द्वारा सुकून से अकीदत के साथ जुमे की नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के बाद बाजारों में रौनक बढ़ गई। रोज़ेदारों ने इफ़्तार और सहरी के लिए जमकर खरीदारी की। साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने सुबह से विशेष अभियान चलाया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सोनकर के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
वीडियो:-
    user_Quazi Shahid Ahmed
    Quazi Shahid Ahmed
    Saharanpur, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • सहारनपुर। आगामी त्योहारों के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार कर ली है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली-पानी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर निगम, विद्युत विभाग, जल संस्थान, स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी भी लगाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने सहारनपुर वासियों को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की सराहना की। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने मीडिया बंधुओं से भी विस्तृत जानकारी साझा की और भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
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    सहारनपुर। आगामी त्योहारों के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार कर ली है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली-पानी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर निगम, विद्युत विभाग, जल संस्थान, स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी भी लगाई गई है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सहारनपुर वासियों को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की सराहना की। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने मीडिया बंधुओं से भी विस्तृत जानकारी साझा की और भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
    user_Manoj Midha
    Manoj Midha
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (NFBS) के तहत बीपीएल परिवारों को कमाने वाले सदस्य (18-60 वर्ष) की मृत्यु पर ₹20,000 से ₹30,000 की एकमुश्त सहायता मिलती है। उत्तर प्रदेश में यह राशि ₹30,000, जबकि कई अन्य राज्यों में ₹20,000 है। आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाते हैं।
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    राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (NFBS) के तहत बीपीएल परिवारों को कमाने वाले सदस्य (18-60 वर्ष) की मृत्यु पर ₹20,000 से ₹30,000 की एकमुश्त सहायता मिलती है। उत्तर प्रदेश में यह राशि ₹30,000, जबकि कई अन्य राज्यों में ₹20,000 है। आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाते हैं।
    user_Sunita Jain
    Sunita Jain
    Saharanpur, Uttar Pradesh•
    16 hrs ago
  • यमुनानगर से सहवारनपुर रोड पर ट्रक ने स्कू्टी सवार को बुरी तरह से कुच*ला, महिला अपने ससुर के साथ जा रही थी, उसकी मौके पर मौत ट्रक ड्राइवर फरार
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    यमुनानगर से सहवारनपुर रोड पर ट्रक ने स्कू्टी सवार को बुरी तरह
से कुच*ला, महिला अपने ससुर के साथ जा रही थी, उसकी मौके पर मौत ट्रक ड्राइवर  फरार
    user_Karan singh
    Karan singh
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • एक जूनियर हाई स्कूल में बच्चों से रंग-रोगन का काम कराए जाने के आरोप के बाद हंगामा खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और इस मामले को लेकर विरोध जताया। आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल छात्रों से स्कूल परिसर में पेंटिंग/रंगाई का काम करा रही थीं। बताया जा रहा है कि जब इस संबंध में उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह बाहर से 100 रुपये में बच्चे लाई हैं। इस बयान के बाद मामला और ज्यादा गरमा गया। क्या मासूमों से इस तरह काम लेना जायज़ है क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी
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    एक जूनियर हाई स्कूल में बच्चों से रंग-रोगन का काम कराए जाने के आरोप के बाद हंगामा खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और इस मामले को लेकर विरोध जताया। आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल छात्रों से स्कूल परिसर में पेंटिंग/रंगाई का काम करा रही थीं।
बताया जा रहा है कि जब इस संबंध में उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह बाहर से 100 रुपये में बच्चे लाई हैं। इस बयान के बाद मामला और ज्यादा गरमा गया।
क्या मासूमों से इस तरह काम लेना जायज़ है क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी
    user_NI KHIL
    NI KHIL
    Journalist विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • Post by User1232
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    Post by User1232
    user_User1232
    User1232
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    7 hrs ago
  • भड़काऊ बयानबाज़ी पर उठे सवाल, प्रशासन की भूमिका पर चर्चा ll मुस्लिम समाज नाराज, यह मामला सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के सांगाठेड़ा गांव में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ, जिसके बाद वहां पंचायत बुलाई गई थी। सहारनपुर, उत्तर प्रदेश ll सहारनपुर । जनपद में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में कथित रूप से एक व्यक्ति, ललित शर्मा, मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह की बयानबाज़ी से शहर का सौहार्दपूर्ण माहौल प्रभावित हो सकता है। नागरिकों का कहना है कि जब मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद था, तब भी इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश की “जीरो टॉलरेंस” नीति का पालन ऐसे मामलों में समान रूप से किया जा रहा है या नहीं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जनपद का भाईचारा और शांति व्यवस्था बनी रहे। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ या आपत्तिजनक बयान देना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है और इस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी करता पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, संबंधित वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जनपद के बुद्धिजीवियों का मानना है कि सहारनपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जाना जाता रहा है, और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि को बढ़ावा देना सामाजिक समरसता के हित में नहीं है।
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    भड़काऊ बयानबाज़ी पर उठे सवाल, प्रशासन की भूमिका पर चर्चा ll मुस्लिम समाज नाराज, 
यह मामला सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के सांगाठेड़ा गांव में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक के प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ, जिसके बाद वहां पंचायत बुलाई गई थी।
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश ll
सहारनपुर । जनपद में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में कथित रूप से एक व्यक्ति, ललित शर्मा, मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह की बयानबाज़ी से शहर का सौहार्दपूर्ण माहौल प्रभावित हो सकता है।
नागरिकों का कहना है कि जब मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद था, तब भी इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया। इससे आम जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश की “जीरो टॉलरेंस” नीति का पालन ऐसे मामलों में समान रूप से किया जा रहा है या नहीं।
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जनपद का भाईचारा और शांति व्यवस्था बनी रहे। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ या आपत्तिजनक बयान देना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है और इस पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
वहीं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी करता पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, संबंधित वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
जनपद के बुद्धिजीवियों का मानना है कि सहारनपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जाना जाता रहा है, और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि को बढ़ावा देना सामाजिक समरसता के हित में नहीं है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service Saharanpur, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
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