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देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बच्चों से काम कराने पर स्कूल में हंगामा... एक जूनियर हाई स्कूल में बच्चों से रंग-रोगन का काम कराए जाने के आरोप के बाद हंगामा खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और इस मामले को लेकर विरोध जताया। आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल छात्रों से स्कूल परिसर में पेंटिंग/रंगाई का काम करा रही थीं। बताया जा रहा है कि जब इस संबंध में उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह बाहर से 100 रुपये में बच्चे लाई हैं। इस बयान के बाद मामला और ज्यादा गरमा गया। क्या मासूमों से इस तरह काम लेना जायज़ है क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी
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देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बच्चों से काम कराने पर स्कूल में हंगामा... एक जूनियर हाई स्कूल में बच्चों से रंग-रोगन का काम कराए जाने के आरोप के बाद हंगामा खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और इस मामले को लेकर विरोध जताया। आरोप है कि स्कूल की प्रिंसिपल छात्रों से स्कूल परिसर में पेंटिंग/रंगाई का काम करा रही थीं। बताया जा रहा है कि जब इस संबंध में उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह बाहर से 100 रुपये में बच्चे लाई हैं। इस बयान के बाद मामला और ज्यादा गरमा गया। क्या मासूमों से इस तरह काम लेना जायज़ है क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी
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- Post by Dehradun City News1
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- नारायणगढ़, 27 फरवरी (नारायणगढ़ की आवाज) नगर पालिका हाउस की हाल ही में आयोजित बैठक ने स्थानीय लोकतांत्रिक व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैठक में वॉइस चेयरपर्सन को छोड़कर अधिकांश महिला पार्षद स्वयं उपस्थित नहीं रहीं। उनकी अनुपस्थिति में उनके परिवारजनों द्वारा बैठक में भाग लेना चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में प्रत्यक्ष, सक्रिय और प्रभावी भागीदारी प्रदान करना है। किंतु यदि निर्वाचित प्रतिनिधि स्वयं बैठकों में भाग न लेकर अपने परिजनों को भेजें, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और महिला सशक्तिकरण की भावना के साथ न्याय नहीं माना जा सकता। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का मत है कि यह प्रवृत्ति न केवल महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करती है, बल्कि जनता के विश्वास को भी आहत करती है। जनप्रतिनिधि का दायित्व व्यक्तिगत रूप से बैठकों में उपस्थित रहकर जनता के मुद्दों को उठाना और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाना होता है। यह विषय केवल एक बैठक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक सोच को दर्शाता है, जिसमें महिला प्रतिनिधित्व को औपचारिकता तक सीमित कर दिया जाता है। यदि इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो महिला आरक्षण का मूल उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। नगरपालिका अधिकारियों से अपेक्षा है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, "जब प्रतिनिधित्व वास्तविक हो, प्रतीकात्मक नहीं।1
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- अल्मोड़ा के ताकुला ब्लॉक में बसौली के पास चुराड़ी बैंड में कार खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालो में एक पुरूष एक महिला सहित 1 बच्चा भी शामिल है ।हादसा देर शाम हुआ। गाड़ी ब्रिजों दिल्ली नम्बर की बताई जा रही है। वाहन में8लोग सवार थे।5 घायलों को उपचार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है ।सूचना मिलते ही पुलिस टीम व एसडीआरएफ घटना स्थल पर पहुँची ।स्थानीय निवासियों का कहना ये लोग पास के गांव झिझाड़ में दिल्ली से बारात में शामिल होने आए थे। बारात से वापसी के वक्त ये हादसा हो गया। आसपास के लोगों का कहना है चुराड़ी मोड़ में ड्राइवर गाड़ी संभाल नहीं पाया और हादसा हो गया। घायलों को अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में लाया गया है।2