बांसी-रानीगंज मार्ग बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुई सड़क; हादसे के इंतजार में जिम्मेदार सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र में बेलबनवा से सहजी के बीच सड़क की हालत बदतर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बने सैकड़ों गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। आए दिन दोपहिया वाहन सवार इन गड्ढों के कारण चोटिल हो रहे हैं। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों की नजर इस बदहाल सड़क पर नहीं पड़ रही है। इससे लोगों में आक्रोश है। बांसी-रानीगंज चौराहे से जिगनिहवा होते हुए इटवा कस्बे को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र की प्रमुख सड़कों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीणों के लिए यह सड़क आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। कभी-कभी जनप्रतिनिधियों का भी इसी मार्ग से गुजरना होता है। इसके बावजूद सड़क की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग अक्सर किसी बड़े हादसे के बाद ही सड़क की सुध लेते हैं। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और गड्ढों को भरवाने की मांग की है, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और संभावित हादसों पर रोक लगाई जा सके।
बांसी-रानीगंज मार्ग बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुई सड़क; हादसे के इंतजार में जिम्मेदार सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र में बेलबनवा से सहजी के बीच सड़क की हालत बदतर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बने सैकड़ों गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। आए दिन दोपहिया वाहन सवार इन गड्ढों के कारण चोटिल हो रहे हैं। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों की नजर इस बदहाल सड़क पर नहीं पड़ रही है। इससे लोगों में आक्रोश है। बांसी-रानीगंज चौराहे से जिगनिहवा होते हुए इटवा कस्बे को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र की प्रमुख सड़कों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीणों के लिए यह सड़क आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। कभी-कभी जनप्रतिनिधियों का भी इसी मार्ग से गुजरना होता है। इसके बावजूद सड़क की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग अक्सर किसी बड़े हादसे के बाद ही सड़क की सुध लेते हैं। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और गड्ढों को भरवाने की मांग की है, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और संभावित हादसों पर रोक लगाई जा सके।
- बांसी-रानीगंज मार्ग बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुई सड़क; हादसे के इंतजार में जिम्मेदार सिद्धार्थनगर जिले के बांसी तहसील क्षेत्र में बेलबनवा से सहजी के बीच सड़क की हालत बदतर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बने सैकड़ों गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। आए दिन दोपहिया वाहन सवार इन गड्ढों के कारण चोटिल हो रहे हैं। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों की नजर इस बदहाल सड़क पर नहीं पड़ रही है। इससे लोगों में आक्रोश है। बांसी-रानीगंज चौराहे से जिगनिहवा होते हुए इटवा कस्बे को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र की प्रमुख सड़कों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीणों के लिए यह सड़क आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। कभी-कभी जनप्रतिनिधियों का भी इसी मार्ग से गुजरना होता है। इसके बावजूद सड़क की दुर्दशा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग अक्सर किसी बड़े हादसे के बाद ही सड़क की सुध लेते हैं। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और गड्ढों को भरवाने की मांग की है, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और संभावित हादसों पर रोक लगाई जा सके।1
- उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन बांसी ने पूर्व सांसद डॉ. चंद्रशेखर त्रिपाठी को किया सम्मानित उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन बांसी ने पूर्व सांसद डॉ. चंद्रशेखर त्रिपाठी को किया सम्मानित बांसी (सिद्धार्थनगर): उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन, बांसी द्वारा संगठन के संरक्षक एवं पूर्व सांसद (डॉ.) चंद्रशेखर त्रिपाठी जी के आवास पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन के समस्त पदाधिकारियों ने पूर्व सांसद जी को अंगवस्त्र (शॉल), मोमेंटो (स्मृति चिह्न) एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों के हितों की रक्षा, व्यापारिक सुरक्षा एवं संगठन को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों ने बांसी क्षेत्र में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान हेतु पूर्व सांसद डॉ. चंद्रशेखर त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग की सराहना की। मुख्य रूप से पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे: संरक्षक (डॉ.) चंद्रशेखर त्रिपाठी जी (पूर्व सांसद) एवं विजय वर्मा ,अध्यक्ष मंगल चौरसिया,महामंत्री सरदार स्वर्ण सिंह उपाध्यक्ष व्यापार उद्योग संगठन उपाध्यक्ष महेश राज वर्मा, मनीष वर्मा,अंगद गुप्ता ,कुसुमाकर वर्मा,भगवान दास वर्मा , मंत्री व्यापार उद्योग संगठन मंत्री जीवन अग्रहरि,सह मिडिया प्रभारी संजय रावत, शंभू कश्यप, संजय शर्मा एवं संगठन के अन्य समस्त पदाधिकारी। सम्मान स्वीकार करते हुए पूर्व सांसद डॉ. चंद्रशेखर त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन बांसी की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यापारियों के मान-सम्मान और हक की लड़ाई में वे सदैव संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। कार्यक्रम का समापन अध्यक्ष मंगल चौरसिया जी एवं महामंत्री सरदार स्वर्ण सिंह जी द्वारा उपस्थित सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित कर किया गया।1
- *सिक्किम में जबरदस्त भूस्खलन-* रिम्बी इलाके में भूस्खलन से 30 से ज़्यादा घर प्रभावित हुए हैं यह घटना ऊपरी ढलानों से भारी मात्रा में कीचड़ और मलबे के नीचे आने की वजह से हुई, जिससे कीचड़, पत्थर और अन्य मलबा निचले इलाकों की ओर बहने लगा। *सिक्किम में जबरदस्त भूस्खलन-* रिम्बी इलाके में भूस्खलन से 30 से ज़्यादा घर प्रभावित हुए हैं यह घटना ऊपरी ढलानों से भारी मात्रा में कीचड़ और मलबे के नीचे आने की वजह से हुई, जिससे कीचड़, पत्थर और अन्य मलबा निचले इलाकों की ओर बहने लगा।1
- पंडितपुर फीडर में बार-बार फाल्ट से उपभोक्ता परेशान, तारों के लगे नीचे पेड़ भी बन रहे कारण कैम्पियरगंज। क्षेत्र का पंडितपुर विद्युत फीडर आए दिन किसी न किसी फाल्ट के कारण प्रभावित हो रहा है। बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से जहां उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं विद्युत विभाग के कर्मचारियों को भी फाल्ट तलाशने और उसे ठीक करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार फीडर से जुड़े कई गांवों में विद्युत पोल और तारों के आसपास अनावश्यक रूप से पेड़-पौधे लगाए गए हैं। कई स्थानों पर पेड़ विद्युत तारों के बेहद करीब हैं, जबकि कुछ जगहों पर तारों के ठीक नीचे भी पेड़ लगाए गए हैं। तेज हवा या बारिश के दौरान इनकी शाखाएं विद्युत तारों के संपर्क में आने से फाल्ट की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पंडितपुर फीडर पर बार-बार होने वाले फाल्ट के स्थायी समाधान के लिए विद्युत विभाग को संवेदनशील स्थानों का सर्वे कराना चाहिए। जहां तारों के आसपास पेड़ विद्युत आपूर्ति में बाधा बन रहे हैं, वहां नियमानुसार उनकी छंटाई कराई जाए। साथ ही ग्रामीणों को भी विद्युत लाइनों के नीचे पेड़ लगाने से बचने के लिए जागरूक किया जाना जरूरी है। लोगों ने विद्युत विभाग से फीडर की नियमित जांच और संभावित फाल्ट वाले स्थानों को चिह्नित कर स्थायी समाधान कराने की मांग की है।1
- 2027 की तैयारी में निकली PDA रथ यात्रा, रैली, एंबुलेंस के लिए रुका काफिला 2027 चुनाव से पहले अखिलेश की PDA रथ यात्रा-- रथ यात्रा रोककर अखिलेश ने एंबुलेंस को दिया रास्ता, PDA रथ यात्रा के बीच रुके अखिलेश यादव ने एंबुलेंस को पहले दिया रास्ता? #NewsUpdate #AkhileshYadav #rath #yatra #raybrali #BJPGovernment #PMModiji #CMYogiAdityanath #vairalvideo #vairalreels #news1
- *आज दिनांक 25.09.2026 को थाना मेंहदावल अन्तर्गत घटित घटना व पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल द्वारा दी गयी बाइट ।*1
- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत "नमो सेवा थीम" पर नुक्कड़ नाटक कलाकारों द्वारा जनपद के प्रमुख चौराहों/स्थलों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का किया जा रहा है प्रचार प्रसार। संत कबीर नगर । *सेवा संकल्प अभियान* के अंतर्गत विगत 17 सितंबर से आगामी 17 अक्टूबर तक 2026 तक चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज *नमो सेवा कार्यक्रम* के तहत संस्कृति विभाग से पंजीकृत नुक्कड़ नाटक मंच के कलाकारों द्वारा विधानसभा क्षेत्र मेहदावल एवं विधानसभा क्षेत्र खलीलाबाद के विभिन्न स्थलों, प्रमुख चौराहों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का आकर्षक मंचन किया गया। *सेवा संकल्प अभियान* के क्रम में आज नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र मेहदावल में कार्यक्रम संयोजक के नेतृत्व में नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा राजेडीहा, बोर व्यास एवं भिटवा में तथा विधानसभा खलीलाबाद क्षेत्र के अंतर्गत नौआगांव, दलेलगंज, मड़या चौराहा, बरदहिया बाजार में नुक्कड़ नाटक कलाकारों द्वारा कार्यक्रम संयोजक की देखरेख में सरकार की योजनाओं की नाट्य विधा के माध्यम से मंचन कर आकर्षक प्रस्तुति की गई। इसी क्रम में दिनांक 26 सितंबर को विधानसभा मेहदावल में बभनी, सिहटीकर, पकड़िया में एवं दिनांक 27 सितंबर 2026 को बढ़या ठाठर, नौलखा, मेहदावल बस अड्डा एवं टडवरिया चौराहा तथा 28 सितंबर 2026 को प्रेमलता महाविद्यालय अछिया मेहदावल में नुक्कड़ नाटक कलाकारों द्वारा नाट्य मंचन का कार्यक्रम किया जाएगा। इसी क्रम में विधानसभा खलीलाबाद में दिनांक 26 सितंबर 2026 को टेकन्सा चौराहा, बाहिलपार, भदाह मगहर दुर्गा मंदिर एवं दिनांक 27 सितंबर को कटाई चौराहा, गंगा देवरिया एवं संत कबीर ऑडिटोरियम कबीर चौराहा मगर में नाट्य मंचन किया जाएगा। दिनांक 28 सितंबर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक नुक्कड़ नाटक कलाकारों द्वारा विधानसभा क्षेत्र धनघटा अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा।3
- कम राशन देने का विरोध करने पर ग्रामीण से मारपीट, कमरे में बंद करने का आरोप सिद्धार्थनगर जिले केनौगढ़ तहसील क्षेत्र के जगदीशपुर ग्रांट गांव के कुछ ग्रामीणों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने गांव के कोटेदार पर पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन देने का आरोप लगाया। शिकायत में बताया गया कि राशन वितरण के दौरान कम राशन दिए जाने का विरोध करने पर गांव निवासी शनि कसौधन के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। शिकायतकर्ता शनि कसौधन का आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों को कम राशन दिए जाने का विरोध किया था। इसी बात से नाराज होकर कोटेदार ने उनके साथ मारपीट की और कमरे में बंद कर दिया। उन्होंने बताया कि वह गांव में भाजपा के बूथ अध्यक्ष भी हैं, बावजूद इसके घटना के बाद अब तक उन्हें किसी स्तर से सहायता नहीं मिल सकी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर राशन वितरण व्यवस्था की जांच कराने तथा आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। जिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।1