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जालौन में ओलावृष्टि से तबाही, किसानों की 100 फीसदी फसल मुआवजे की मांग, समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
जालौन में ओलावृष्टि से तबाही, किसानों की 100 फीसदी फसल मुआवजे की मांग, समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन
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- Post by Ramlakhan Namdev1
- Post by Aniruddh Kashyap1
- नरैनी तहसील के पुकारी गांव के पास आर्मी का एक हेलीकॉप्टर कुछ देर के लिए उतरा, देखने ग्रामीण पहुंचे??1
- सुबह से शाम तक तेज रफ्तार से उड़ते फाइटर जेट्स को देखकर लोग छतों और सड़कों पर निकल आए। कई बार विमानों ने लो-फ्लाइंग भी की, जिससे नजारा और भी रोमांचक हो गया। बच्चे हों या युवा—हर कोई इस पल को अपने मोबाइल में कैद करता नजर आया। दोपहर में नरैनी तहसील के पुकारी गांव के पास सेना का हेलीकॉप्टर भी कुछ देर के लिए उतरा, जिससे आसपास के गांवों में भारी भीड़ जुट गई। इस सैन्य अभ्यास में 🚁 Boeing CH-47 Chinook 🚁 Boeing AH-64 Apache जैसे शक्तिशाली हेलीकॉप्टर भी शामिल रहे, जिन्होंने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। 💪 यह नजारा सिर्फ एक अभ्यास नहीं था… यह भारत की सैन्य ताकत, तत्परता और आकाश में उसकी अजेय शक्ति का प्रदर्शन था। 🇮🇳 आसमान में गूंजती हर आवाज एक संदेश दे रही थी— देश सुरक्षित है, क्योंकि सेना हर पल तैयार है।2
- Post by Ranu shukla1
- बांदा । थाना कमासिन पुलिस ने एक व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। क्षेत्राधिकारी बबेरु सौरभ सिंह के निकट पर्यवेक्षण में थाना कमासिन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों अभियुक्तों को भीती तिराहे के पास से गिरफ्तार किया।घटना 03/04 अप्रैल 2026 की देर रात की है, जब थाना क्षेत्र के ग्राम जामू में ट्यूबवेल पर सो रहे एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और फील्ड यूनिट व फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।मृतक की मां सरस्वती देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में सामने आया कि मृतक की पत्नी का उसके देवर (मृतक के सगे भाई) के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस बात की जानकारी होने पर मृतक और दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया।1
- लोकसभा प्रभारी उमेश यादव ने बोले कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान एकजुट होकर आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत करें।1
- हमीरपुर। सोशल मीडिया पर इन दिनों ट्रैफिक इंचार्ज हरवेंद्र यादव का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे फरवरी माह का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में ट्रैफिक इंचार्ज पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद एक बार फिर उनके व्यवहार और कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो पुराना है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोबारा तेजी से प्रसारित होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। वीडियो के वायरल होते ही पत्रकारों के प्रति कथित बदसलूकी को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आमजन के साथ-साथ मीडिया जगत में भी इस मामले को लेकर रोष व्याप्त है। गौरतलब है कि इससे पहले भी ट्रैफिक इंचार्ज हरवेंद्र यादव का अभद्र भाषा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। पूर्व में सामने आए वीडियो के बाद भी उनके व्यवहार में सुधार न दिखने की चर्चाएं अब फिर तेज हो गई हैं। लगातार इस तरह के वीडियो सामने आने से विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। पत्रकारों के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारियों को संयमित भाषा और मर्यादित व्यवहार का परिचय देना चाहिए, खासकर तब जब वे सार्वजनिक दायित्व निभा रहे हों। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है, लेकिन वीडियो के आधार पर मामला चर्चा में है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस प्रकरण का संज्ञान लेकर कोई जांच या कार्रवाई करता है या नहीं।1
- बांदा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर जब खाकी की छाया संरक्षण के बजाय उत्पीड़न का प्रतीक बनने लगे, तो सवाल केवल एक घटना का नहीं, बल्कि व्यवस्था की आत्मा का होता है। बांदा में सामने आई ताज़ा घटना ने इसी पीड़ा को मुखर कर दिया है, जहां एक महिला पत्रकार और उनके साथियों के साथ कथित दुर्व्यवहार ने जनमानस को झकझोर दिया है।आरोप है कि महिला पत्रकार रूपा गोयल जब अपने कर्तव्य निर्वहन के तहत वीडियो बना रही थीं, तभी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कुछ कर्मियों ने न केवल उनका मोबाइल छीन लिया, बल्कि उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया। यह घटना केवल एक व्यक्ति के अधिकारों का हनन नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।इस पूरे घटनाक्रम ने पत्रकारिता जगत में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में दोषी माने जा रहे ASI संतोष कुमार और सरून राजभर के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की गई है, ताकि न्याय की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वर्दी की मर्यादा अब जवाबदेही से परे हो गई है? जब रक्षक ही भक्षक का रूप धारण कर लें, तो आमजन की सुरक्षा और लोकतंत्र की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं—क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?1