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हमेशा दूसरों को हंसाने वाला राजस्थान के मशहूर कॉमेडियन पंकु आज खुद रो रहा है... कॉमेडियन बनवारी लाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.. प्रोपर्टी का मामला बताते हुए जान का खतरा बताया है... सीकर पुलिस मामले का संज्ञान ले...
पुरुषोत्तम तिवाड़ी
हमेशा दूसरों को हंसाने वाला राजस्थान के मशहूर कॉमेडियन पंकु आज खुद रो रहा है... कॉमेडियन बनवारी लाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.. प्रोपर्टी का मामला बताते हुए जान का खतरा बताया है... सीकर पुलिस मामले का संज्ञान ले...
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- देशवासियों से अपील की गई है कि वे देश की सुरक्षा, नई पीढ़ी के विकास और संस्कारों को ध्यान में रखते हुए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करें। यह संदेश भारत के नागरिकों की उन्नति और उज्ज्वल भविष्य के लिए देशभक्तिपूर्ण नेतृत्व चुनने पर जोर देता है।1
- shyam baba1
- जयपुर के बस्सी में एक ससुराल के शादी समारोह में कई लोग शामिल हुए। इस दौरान कुछ ऐसे पल देखने को मिले, जिनकी खूब चर्चा हो रही है।1
- जयपुर के श्री किशनपुरा गाँव में श्मशान घाट जाने वाले आम रास्ते पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। आठ साल से शिकायतों के बावजूद, प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे बारिश में रास्ता जलमग्न हो जाता है।4
- पंकू कॉमेडियन के समर्थन में आज पूरे राजस्थान से उनके चाहने वाले और फॉलोअर्स सड़कों पर उतरकर एसपी ऑफिस पहुंचे 🙏 यह सिर्फ एक कलाकार के लिए नहीं, बल्कि सच्चाई और इंसाफ के लिए लोगों की आवाज़ है। 💯 पंकू के चाहने वालों का दिल से धन्यवाद, जिन्होंने एकजुट होकर अपना समर्थन दिखाया। आपका यह साथ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है 💪 #JusticeForPanku #SupportPanku #Rajasthan1
- कुण्डल सीएचसी की बदहाल स्थिति एक बार फिर देखने को मिली एक वैकल्पिक डॉक्टर के भरोसे 300 से ज्यादा मरीज स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम की पोल खुलती नज़र आ रही हैं। दौसा CMHO सीताराम मीणा ने मौके पर दो बार आने के बाद भी नहीं सुधर पाई व्यवस्थाएं दौसा। कुण्डल CHC में सफाई व्यवस्था हुईं ठप ,स्टाफ के पद पड़े हुए हैं खाली, हीटवेव वार्ड में भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव रियलिटी चेक में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल कुण्डल सीएचसी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर से सुर्खियों 300 से ज्यादा ओपीडी,एक डॉक्टर के भरोसे इलाज 6 डॉक्टरों के पद खाली,नर्सिंग स्टाफ में भी कमी अस्पताल परिसर में गंदगी और खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट एक्सपायरी दवाएं मिलने से स्वास्थ्य विभाग पर खड़ा हो रहा हैं सवाल आखिरकार इन सब का जिम्मेदार कौन.... हीटवेव वार्ड में ना तो कोई पानी व्यवस्था, न ही बेडशीट, और कूलर भी बंद जिसका पलक भी निकला हुआ और न ही कोई एंबुलेंस चालक के बिना बनी एंबुलेंस शोपीस ग्रामीणों को ईलाज के लिए दौसा जिला चिकित्सालय जाना पड़ रहा दौसा जिले के कुण्डल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की जमीनी हकीकत ने तो सरकारी स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार भले ही स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सतर्क नजर आ रही हो, लेकिन धरातल स्तर पर हालात बिल्कुल उलटे दिखाई दे रहे हैं। कुण्डल सीएचसी अस्पताल की अव्यवस्थाएं खुलकर सामने आ रही हैं । अस्पताल में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी होने के बावजूद पूरे अस्पताल का संचालन केवल एक वैकल्पिक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। यहां स्वीकृत 6 डॉक्टरों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जबकि नर्सिंग स्टाफ में भी कमी बनी हुई है। जब संवाददाता ने मौजूद डाक्टर से सरकारी योजना अस्पताल में क्या मिलने जानकारी पूछी तो मौजूद वैकल्पिक तौर पर लगाएं गए डाक्टर साहब कुछ जवाब नहीं दे पाए अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। भवन के पीछे खुले में पड़ा मेडिकल वेस्ट और गंदगी के ढेर यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार अवस्था में है। इतना ही नहीं, एक्सपायरी डेट की दवाएं भी अस्पताल में पाई गईं, जो मरीजों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ देखने का मामला है। स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब हीटवेव जैसी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए बनाए गए वार्ड की हकीकत सामने आती है। वार्ड में न तो पीने के पानी की व्यवस्था है, न साफ-सफाई, न ही बेड पर चादरें। कूलर भी बंद हालत में पाए गए पलक भी बोर्ड में नहीं लगे हुए मिले। यह सब तब है जब सरकार ने हीटवेव को लेकर स्पष्ट एडवाइजरी जारी कर अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे। अस्पताल परिसर में शराब की खाली बोतलों का मिलना भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। वहीं, गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। विधायक मुरारी लाल मीणा के कोटे से मिली कुण्डल CHC को एक नई एंबुलेंस चालक की नियुक्ति के अभाव में केवल शोपीस बनकर खड़ी है। ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को ईलाज के लिए मजबूरन दौसा जिला चिकित्सालय का रुख करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों जैसे फिजीशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कुण्डल सीएचसी की यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देते हैं और कब तक इस कुण्डल CHC अस्पताल की हालत सुधरती है या नहीं। ये तो आने वाला वक्त बतायेगा .....4
- प्रदेशभर में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, सरकार को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम* *प्रदेशभर में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, सरकार को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम* जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के आह्वान पर आज प्रदेश के हज़ारों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 'काली पट्टी' बांधकर जबरदस्त विरोध दर्ज कराया। सचिवालय से लेकर ग्राम स्तर तक के कार्यालयों में कर्मचारियों ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर काम किया और सरकार के प्रति अपना असंतोष व्यक्त किया। *एकजुटता का संदेश:* महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि आज का यह सांकेतिक विरोध ऐतिहासिक रहा। गवर्नमेंट प्रेस,वन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सचिवालय, परिवहन रोडवेज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और तकनीकी, मंत्रालय,अधीनस्थ सहित सभी प्रमुख विभागों एवं संवर्ग के सभी जिलों के हजारों कर्मचारियों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया है कि अब कर्मचारी अपने हक के लिए और इंतजार नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा से राजकीय कार्य करते हुए यह शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया है। *प्रमुख मांगों पर अडिग कर्मचारी:* प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से दो मांगों पर जोर दिया गया: *RGHS:* कैशलेस इलाज में आ रही तकनीकी खामियों को दूर कर कर्मचारियों के सुचारू इलाज की व्यवस्था की जाए। *समर्पित अवकाश*: समर्पित अवकाश का भुगतान तुरंत जारी किया जाए। *आगामी रणनीति और चेतावनी:* प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने कहा, "आज का विरोध केवल सांकेतिक था। यदि सरकार ने अगले 7 दिवस के भीतर हमारी मांगों पर सकारात्मक आदेश जारी नहीं किए, तो महासंघ प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा करेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।" महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगले चरण में जिला मुख्यालयों पर घेराव और कार्य बहिष्कार जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।1
- एक वायरल पोस्ट ने महात्मा गांधी को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि गांधीजी भारत के नहीं, बल्कि पाकिस्तान के राष्ट्रपिता हैं, क्योंकि पाकिस्तान का जन्म उनके प्रभाव से हुआ। इस दावे को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है।1
- प्रयागराज की हंडिया तहसील में एक शादी समारोह में बनारसी पान का विशेष इंतजाम किया गया। मेहमानों ने इसके स्वाद की खूब तारीफ की, जिसने शादी की रौनक और बढ़ा दी।1