Shuru
Apke Nagar Ki App…
रोहतास जिले में सरकारी फ्लैट जिसमें रहना था डॉक्टरों को मगर बना मवेशियों का तबेला
Raman Kishor Chaubey
रोहतास जिले में सरकारी फ्लैट जिसमें रहना था डॉक्टरों को मगर बना मवेशियों का तबेला
More news from बिहार and nearby areas
- गुड फ्राइडे के अवसर पर सासाराम स्थित न्यू एरिया कैथोलिक चर्च में शुक्रवार को विशेष प्रार्थना सभा एवं अनुष्ठान का आयोजन किया गया। चर्च परिसर से क्रूस यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग शामिल हुए। क्रूस यात्रा के दौरान कुल 14 स्थानों पर ठहराव किया गया, जहां मार्ग में लगाए गए चित्रों के समक्ष श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के कष्ट और बलिदान को स्मरण करते हुए प्रार्थना की। प्रत्येक पड़ाव पर धार्मिक भावनाओं के साथ उनके जीवन की अंतिम यात्रा के प्रसंगों को याद किया गया। यात्रा के समापन के बाद चर्च में श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की, जिसमें लोगों ने शांति, प्रेम और मानवता के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की भी सक्रिय भागीदारी रही। चर्च परिसर में आयोजन को लेकर शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित माहौल बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। चर्च के फादर प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने मानव कल्याण और प्रेम का संदेश देने के लिए असहनीय यातनाएं सहन कीं और अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि गुड फ्राइडे हमें त्याग, क्षमा और मानव सेवा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है।4
- Post by Sushil kumar sharma संपादक1
- भभुआ/कैमूर भभुआ शहर स्थित वृंदावन पैलेस में शुक्रवार को वीर स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर खरवार का 167वां शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महासचिव अंकित कुमार खरवार उर्फ कुश ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान तथा राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू खरवार उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में भभुआ विधायक भरत बिंद एवं मोहनिया विधायक संगीता कुमारी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार ने वीर नीलांबर-पीतांबर की शौर्यगाथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पलामू क्षेत्र के इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज को संगठित कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका था। गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाकर उन्होंने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी और कई क्षेत्रों में उनकी सत्ता को कमजोर किया। वक्ताओं ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर का संघर्ष केवल देश की आजादी तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए भी था। उनके नेतृत्व ने आदिवासी समाज में एकता, साहस और स्वाभिमान की भावना को मजबूत किया। अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तारी के बाद उन्हें फांसी दे दी गई, लेकिन उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव गौतम खरवार, जिला प्रभारी अरविंद खरवार, मनोज सिंह खरवार सहित बड़ी संख्या में खरवार समाज के लोग मौजूद रहे। रिपोर्ट --ओम प्रकाश तिवारी2
- Post by Sharda Singh1
- Post by Pintutiwari Pintutiwari1
- Post by Bane singh Nayak1
- उधपुरा गांव के पास दुर्गावती नदी से 80 वर्षीय स्वार्थी सिंह यादव का शव बरामद परिजनों में मचा कोहराम मौके पर पहुंची दुर्गावती पुलिस1
- Post by Bane singh Nayak1
- स्लगः मोक्ष कल्याणक के साथ लार पंचकल्याणक महोत्सव का समापन, उमड़ा जनसैलाब1