स्वतंत्रता संग्राम के वीर योद्धा नीलांबर पीतांबर के 167वॉ शहादत दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ हुआ आयोजित............ भभुआ/कैमूर भभुआ शहर स्थित वृंदावन पैलेस में शुक्रवार को वीर स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर खरवार का 167वां शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महासचिव अंकित कुमार खरवार उर्फ कुश ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान तथा राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू खरवार उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में भभुआ विधायक भरत बिंद एवं मोहनिया विधायक संगीता कुमारी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार ने वीर नीलांबर-पीतांबर की शौर्यगाथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पलामू क्षेत्र के इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज को संगठित कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका था। गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाकर उन्होंने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी और कई क्षेत्रों में उनकी सत्ता को कमजोर किया। वक्ताओं ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर का संघर्ष केवल देश की आजादी तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए भी था। उनके नेतृत्व ने आदिवासी समाज में एकता, साहस और स्वाभिमान की भावना को मजबूत किया। अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तारी के बाद उन्हें फांसी दे दी गई, लेकिन उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव गौतम खरवार, जिला प्रभारी अरविंद खरवार, मनोज सिंह खरवार सहित बड़ी संख्या में खरवार समाज के लोग मौजूद रहे। रिपोर्ट --ओम प्रकाश तिवारी
स्वतंत्रता संग्राम के वीर योद्धा नीलांबर पीतांबर के 167वॉ शहादत दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ हुआ आयोजित............ भभुआ/कैमूर भभुआ शहर स्थित वृंदावन पैलेस में शुक्रवार को वीर स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर खरवार का 167वां शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महासचिव अंकित कुमार खरवार उर्फ कुश ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान तथा राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू खरवार उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में भभुआ विधायक भरत बिंद एवं मोहनिया विधायक संगीता कुमारी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार ने वीर नीलांबर-पीतांबर की शौर्यगाथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पलामू क्षेत्र के इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज को संगठित कर ब्रिटिश शासन
के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका था। गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाकर उन्होंने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी और कई क्षेत्रों में उनकी सत्ता को कमजोर किया। वक्ताओं ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर का संघर्ष केवल देश की आजादी तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए भी था। उनके नेतृत्व ने आदिवासी समाज में एकता, साहस और स्वाभिमान की भावना को मजबूत किया। अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तारी के बाद उन्हें फांसी दे दी गई, लेकिन उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव गौतम खरवार, जिला प्रभारी अरविंद खरवार, मनोज सिंह खरवार सहित बड़ी संख्या में खरवार समाज के लोग मौजूद रहे। रिपोर्ट --ओम प्रकाश तिवारी
- भभुआ/कैमूर भभुआ शहर स्थित वृंदावन पैलेस में शुक्रवार को वीर स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर खरवार का 167वां शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महासचिव अंकित कुमार खरवार उर्फ कुश ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान तथा राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य राजू खरवार उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में भभुआ विधायक भरत बिंद एवं मोहनिया विधायक संगीता कुमारी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश खरवार ने वीर नीलांबर-पीतांबर की शौर्यगाथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पलामू क्षेत्र के इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज को संगठित कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका था। गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाकर उन्होंने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी और कई क्षेत्रों में उनकी सत्ता को कमजोर किया। वक्ताओं ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर का संघर्ष केवल देश की आजादी तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए भी था। उनके नेतृत्व ने आदिवासी समाज में एकता, साहस और स्वाभिमान की भावना को मजबूत किया। अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तारी के बाद उन्हें फांसी दे दी गई, लेकिन उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव गौतम खरवार, जिला प्रभारी अरविंद खरवार, मनोज सिंह खरवार सहित बड़ी संख्या में खरवार समाज के लोग मौजूद रहे। रिपोर्ट --ओम प्रकाश तिवारी2
- Post by आजाद जमावादी1
- *चेनारी* *भारतमाला परियोजना के द्वारा किसानों को बिना मुआवजा दिए बिना निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर डिहरिया गांव के किसानों ने किया बिरोध प्रदर्शन मौके पर पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी चेनारी प्रियंका कुमारी, थानाध्यक्ष रंजन कुमार,पिएनसी कम्पनी के अधिकारी एवं चेनारी ऊतरी जिला परिषद प्रतिनिधि चंदन सिंह, गुडु शर्मा,उज्जवल सिंह,रणजीतन बिंद, अशोक बिंद,नथुनी बिंद के अलावा अन्य कई लोग मौजूद थे।*1
- Post by Pintutiwari Pintutiwari1
- Post by Raman Kishor Chaubey1
- चंदौली के धानापुर ब्लॉक अंतर्गत पगही गांव में खेत में अचानक भीषण आग लग गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। #ChandauliNews #Dhanapur #FireIncident #BreakingNews #IndiaLiveNews #VillageNews #UPNews #FireInField #GroundReport #RuralIndia #HindiNews #LocalNews #ViralNews #NewsUpdate #KhetMeAag #AlertNews #UPBreaking #DesiNews #GaonKiKhabar #LiveReport 🔥1
- शुक्रवार को दोपहर क़रीब 12 बीजे सासाराम के ताराचंडी कॉलोनी स्थित माँ धूमावती मंदिर के पास गुरुवार को एक ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। घटना उस समय हुई जब ऑटो चालक वाहन लेकर कॉलोनी की ओर जा रहा था। ऑटो का संतुलन बिगड़ गया और चालक नियंत्रण नहीं रख पाया, जिससे ऑटो पलट गया। गनीमत रही कि उस समय ऑटो में कोई सवारी मौजूद नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ऑटो पलटने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और चालक को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि चालक को मामूली चोट आई, लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित है। स्थानीय लोगों ने ऑटो को सीधा कर सड़क किनारे खड़ा किया, जिससे यातायात सामान्य हो सका। घटना के बाद कुछ देर के लिए वहां लोगों की भीड़ जुट गई।1
- उधपुरा गांव के पास दुर्गावती नदी से 80 वर्षीय स्वार्थी सिंह यादव का शव बरामद परिजनों में मचा कोहराम मौके पर पहुंची दुर्गावती पुलिस1