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हमारे देश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि हमारी पुलिस बिल में छुपे सपोलो को पकड़ने में सक्षम है।
Abhishek Pandey
हमारे देश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि हमारी पुलिस बिल में छुपे सपोलो को पकड़ने में सक्षम है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्यप्रदेश पुलिस ने समय रहते एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया गया था। इस कार्रवाई से संतोष व्यक्त किया गया है कि पुलिस ने संभावित बड़े खतरे को समय रहते ही टाल दिया है।1
- हमारे देश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि हमारी पुलिस बिल में छुपे सपोलो को पकड़ने में सक्षम है।1
- सतना के थाना कोलगवां क्षेत्र अंतर्गत डिलौरा स्थित एक गोदाम पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिनांक 13 जून 2026 को एसटीएफ भोपाल की टीम ने पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपी नवाब खान से मिली जानकारी के आधार पर इस गोदाम पर छापा मारा। आरोपी ने बताया था कि उसने पूर्व में इस गोदाम में अवैध कफ सिरप उतारा था। इस कार्रवाई में लगभग 2.60 क्विंटल (260 किलोग्राम) गांजा और 7200 सीसी ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद की गई है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 28 लाख रुपये आंकी गई है। एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में गोदाम का निरीक्षण किया और गोदाम मालिक से पूछताछ कर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की। गोदाम मालिक ने बताया कि गोदाम रीवा निवासी अजय पटेल और रोहित जैसवाल को किराए पर दिया गया है और उन्हीं के ताले लगे थे। किरायेदारों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना के सत्यापन और पंचनामा कार्रवाई के बाद, एसटीएफ भोपाल टीम ने आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए मामला स्थानीय कोलगवां पुलिस को सौंप दिया और वापस लौट गई। कोलगवां पुलिस ने सूचना की गंभीरता को समझते हुए स्वतंत्र साक्षियों को बुलाकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह संदेह उत्पन्न हुआ कि गोदाम के भीतर अवैध मादक पदार्थ या प्रतिबंधित सामग्री हो सकती है, और देरी होने पर उसे हटाए या नष्ट किए जाने की संभावना थी। इसलिए, वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए स्वतंत्र साक्षियों की उपस्थिति में गोदाम का ताला खुलवाकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्लास्टिक बोरियों और कार्टूनों की जांच करने पर कुल 7200 सीसी ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद हुई। प्रत्येक शीशी 100 एमएल की थी और सभी पर कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप अंकित था। इसके अतिरिक्त, गोदाम में रखे विभिन्न बोरों से लगभग 2.60 क्विंटल गांजा भी बरामद किया गया। बरामद गांजा और कफ सिरप की गणना, तौल, सीलबंदी और जब्ती की कार्रवाई स्वतंत्र साक्षियों की उपस्थिति में संपन्न की गई। गोदाम से संबंधित दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर, प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि अजय पटेल और रोहित जैसवाल ने यह गोदाम किराए पर लेकर अवैध रूप से मादक पदार्थों और प्रतिबंधित कफ सिरप का भंडारण किया था। इस संबंध में अजय पटेल और रोहित जैसवाल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों, मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन और वितरण नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच जारी है, और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।2
- सतना जिले के नागौद के शहपुर क्षेत्र के लिए यह एक गर्व का क्षण है, जहाँ शौर्य चक्र विजेता अमर शहीद सूबेदार प्रदीप सिंह परिहार के पुत्र निशांत सिंह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। निशांत सिंह ने अपने पिता को महज 15 वर्ष की उम्र में खो दिया था। उनके पिता, शहीद सूबेदार प्रदीप सिंह परिहार ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। निशांत ने अपने जीवन के इस कठिन दौर के बावजूद संघर्ष, धैर्य और कड़ी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। अब वे सेना में अधिकारी बनकर राष्ट्रसेवा की उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसे उनके शहीद पिता ने स्थापित किया था। निशांत की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे शहपुर, नागौद और सतना जिले के लिए गौरव का विषय है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के दम पर हर सपने को पूरा किया जा सकता है।1
- सतना में चित्रकूट पुलिस ने सती अनुसुइया मोड़ के पास हुई एक अज्ञात युवक की हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता मृतक की पत्नी ही निकली, जिसने अवैध संबंधों के चलते अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई थी। मामला तब सामने आया जब 8 जून को महेंद्र कुमार गुप्ता ने पुलिस को सूचना दी कि सती अनुसुइया मोड़ के पास पुल के किनारे झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा है, जिसके गले पर धारदार हथियार के निशान थे। पुलिस ने तुरंत धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने शिनाख्त के लिए पम्पलेट और सोशल मीडिया का सहारा लिया। साइबर सेल की मदद से मृतक की पहचान 35 वर्षीय संजीव उर्फ संजू पिता सूर्यपाल पासी, निवासी ग्राम दादूपुर अमिलिया, थाना घूरपुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। उसकी पहचान उसकी मां गुलाब बाई और पत्नी अनीता देवी ने की। तकनीकी साक्ष्यों और पत्नी अनीता देवी से कड़ी पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ कि उसके आरोपी अमित सिंह के साथ पिछले 3 साल से अवैध संबंध थे, जिसको लेकर पति से अक्सर विवाद होता रहता था। अनीता ने अपने प्रेमी अमित सिंह उर्फ बडकू (26 वर्ष) और शेरा उर्फ राजू निषाद (32 वर्ष), दोनों निवासी प्रयागराज, के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। 8 जून को अमित और शेरा, संजीव को चित्रकूट घुमाने के बहाने स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से सती अनुसुइया रोड पर ले गए। पुल के पास पेशाब करने के बहाने रोककर उन्होंने धारदार चाकू से संजीव का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने शव को झाड़ियों में फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए मृतक की जेब से मोबाइल, पैसे और दस्तावेज निकाल लिए। पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह और एएसपी प्रेमलाल कुर्वे के निर्देशानुसार थाना प्रभारी निरीक्षक जी.एस. बाजपेयी की टीम ने साइबर सेल की मदद से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मृतक के अनुसूचित जाति का होने के कारण प्रकरण में धारा 61, 315, 3(5) बीएनएस, 25(बी) आर्म्स एक्ट और 3(2)(5)(1) एससी एसटी एक्ट का भी इजाफा किया गया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।1
- एएसपी संदीप मिश्रा ने एक सड़क हादसे में घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुँचाया है। उनके इस मानवीय कार्य के लिए उन्हें महाराणा प्रताप की मिसाल बताया जा रहा है।1
- रीवा जिले के लौआ क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में पूजा बस सर्विस की बस ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह बस बैकुंठपुर से रीवा की ओर आ रही थी। दुर्घटना के वक्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संदीप मिश्रा संयोग से उसी रास्ते से गुजर रहे थे। घटना देखते ही एएसपी मिश्रा ने बिना देरी किए अपना वाहन रुकवाया और तुरंत घायलों की मदद में जुट गए। ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था और घायल उसमें फंसे हुए थे। एएसपी ग्रामीण ने स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकलवाया और तत्काल 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई। उन्होंने सभी घायलों को शीघ्रता से संजय गांधी चिकित्सालय रीवा भिजवाया, साथ ही अमहिया थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि घायलों के समुचित और त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें गोल्डन ऑवर के दौरान आवश्यक चिकित्सीय सहायता मिल सके।1