पटना जिले के बाढ़ प्रखंड अंतर्गत एकडंगा पंचायत के वार्ड नंबर 10 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। केंद्र में उस समय 30 से 35 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक भवन की जर्जर छत का एक भारी-भरकम प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर गया। रसोईया सविता देवी के अनुसार, वह खाना खिलाने की तैयारी कर रही थी तभी छत का हिस्सा टूटकर गिरा, जिससे बच्चे डरकर कमरे से बाहर भागने लगे। गनीमत रही कि प्लास्टर उस जगह नहीं गिरा जहाँ बच्चे बैठे थे, क्योंकि उन्हें पहले ही दीवार के किनारे बैठा दिया गया था। इस घटना ने विभागीय लापरवाही को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, भवन बेहद खस्ताहाल है और छत से अक्सर बारिश का पानी टपकता रहता है। पहले भी छत का प्लास्टर गिर चुका है, जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को अब तक नहीं दी गई है। इसके अतिरिक्त, केंद्र पर शौचालय की सुविधा भी नहीं है, जिसके निर्माण में कुछ लोगों द्वारा बाधा उत्पन्न की जा रही है। हादसे के बाद से अभिभावकों में भारी आक्रोश और दहशत है, जिसके चलते फिलहाल केंद्र पर ताला लटका हुआ है और बच्चों की पढ़ाई ठप्प है। अभिभावकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक भवन की मरम्मत नहीं होती, वे बच्चों को केंद्र नहीं भेजेंगे। अब ग्रामीणों ने अनुमंडल प्रशासन और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से मामले की जांच करने और बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
पटना जिले के बाढ़ प्रखंड अंतर्गत एकडंगा पंचायत के वार्ड नंबर 10 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। केंद्र में उस समय 30 से 35 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक भवन की जर्जर छत का एक भारी-भरकम प्लास्टर भरभराकर नीचे गिर गया। रसोईया सविता देवी के अनुसार, वह खाना खिलाने की तैयारी कर रही थी तभी छत का हिस्सा टूटकर गिरा, जिससे बच्चे डरकर कमरे से बाहर भागने लगे। गनीमत रही कि प्लास्टर उस जगह नहीं गिरा जहाँ बच्चे बैठे थे, क्योंकि उन्हें पहले ही दीवार के किनारे बैठा दिया गया था। इस घटना ने विभागीय लापरवाही को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, भवन बेहद खस्ताहाल है और छत से अक्सर बारिश का पानी टपकता रहता है। पहले भी छत का प्लास्टर गिर चुका है, जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को अब तक नहीं दी गई है। इसके अतिरिक्त, केंद्र पर शौचालय की सुविधा भी नहीं है, जिसके निर्माण में कुछ लोगों द्वारा बाधा उत्पन्न की जा रही है। हादसे के बाद से अभिभावकों में भारी आक्रोश और दहशत है, जिसके चलते फिलहाल केंद्र पर ताला लटका हुआ है और बच्चों की पढ़ाई ठप्प है। अभिभावकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक भवन की मरम्मत नहीं होती, वे बच्चों को केंद्र नहीं भेजेंगे। अब ग्रामीणों ने अनुमंडल प्रशासन और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से मामले की जांच करने और बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
- पटना के बाढ़ में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गवाही देने पहुंचे माता-पिता और वकील का बयान दर्ज कर लिया गया है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय दशहरा का परिसर बारिश के पानी के कारण पूरी तरह से झील में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के कारण स्कूल में पढ़ाई करना एक बड़ी समस्या बन गया है और सबसे बड़ा संकट यह उत्पन्न हो गया है कि आखिर बच्चे और शिक्षक क्लासरूम तक जाएं तो जाएं कैसे। इस विकट परिस्थिति का सामना करते हुए स्कूल के शिक्षकों और बच्चों को मजबूरन इसी पानी को पार कर क्लासरूम में प्रवेश करना पड़ रहा है। गंदे पानी के बीच से होकर गुजरने के कारण हर समय बड़े हादसे का डर बना रहता है। ऐसी स्थिति में यदि कोई शिक्षक या छात्र फिसल कर गिर जाता है, तो हाथ-पैर टूटना बिल्कुल निश्चित है और इससे भी आगे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इतनी बड़ी समस्या होने के बावजूद अब तक इस मामले में न तो विभागीय पदाधिकारियों ने कोई संज्ञान लिया है और न ही स्थानीय प्रशासन जागा है। प्रशासन और विभाग इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं और परिसर में इकट्ठे हो चुके पानी की निकासी के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। इस सिलसिले में शुक्रवार की शाम 'Let's Inspire Bihar' के बैनर तले एक पैदल यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने तुर्क-अफगान सेनापति बख्तियार खिलजी के नाम पर शहर के नामकरण का कड़ा विरोध जताया और इसे बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग दोहराई। आयोजकों का कहना है कि यह मांग काफी समय से उठाई जा रही है और अब इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी इस पैदल यात्रा में नगर परिषद के चेयरमैन पवन सिंह, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, पप्पू डॉन, विद्या विनोद प्रेमी, मोहित सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, हैप्पी राणा, अभय और सौरव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है। उन्होंने भविष्य में भी इस विषय पर जनजागरण अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। फिलहाल बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।1
- पटना जिले के बेलछी में हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई मकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इस अभियान के कारण प्रभावित परिवारों के बीच हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।3
- पटना जिले के मोकामा अंतर्गत घोसवरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने विशेष कुर्की अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने त्रिमूहान और गोसाईगांव गांव में कार्रवाई करते हुए कुल 6 कुर्की वारंटों का निष्पादन किया। कार्रवाई के दौरान त्रिमूहान निवासी रामप्रवेश राम और मन्नू राम के घरों की कुर्की की गई, जबकि तीसरे वारंटी नरेश राम ने पुलिस की कार्रवाई के डर से आत्मसमर्पण कर दिया। इसके अलावा, गोसाईगांव निवासी चन्द्रमौली यादव, नन्दे यादव और जोगन यादव के परिजनों ने पुलिस के समक्ष तीनों के मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर संबंधित कार्रवाई की गई। इसी अभियान के दौरान जब पुलिस ने नरेश राम के घर की तलाशी ली, तो उनके पुत्र विकास राम के कमरे से करीब 15 लीटर देसी चुलाई शराब बरामद हुई। पुलिस ने बरामद शराब को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय दशहरा का पूरा परिसर बारिश के पानी के कारण झील में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के बाद अब सबसे बड़ी समस्या यह खड़ी हो गई है कि आखिर क्लासरूम में जाया कैसे जाए। इस कठिन परिस्थिति का सामना करते हुए विद्यालय के शिक्षक और बच्चे मजबूरन इस झील रूपी पानी को पार करके ही अपनी क्लासों में जाने को विवश हैं। इस तरह पानी के बीच से गुजरने के कारण हर वक्त हादसे का डर बना रहता है, जिससे शिक्षकों या बच्चों के हाथ-पैर टूटने या फिर कोई और गंभीर अनहोनी होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इस संवेदनशील मामले को लेकर अब तक विभागीय पदाधिकारियों या प्रशासन की नींद नहीं खुली है और वे पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। परिसर में जमा हुए इस पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई भी कदम नहीं उठाया गया है और न ही इस समस्या से उबरने का कोई प्रयास किया जा रहा है।1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बख्तियारपुर का नाम बदलने के लिए अब आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार की शाम स्थानीय लोगों ने मुगल आक्रांता बख्तियार खिजली के नाम पर शहर का नाम रखे जाने का कड़ा विरोध किया। लेट्स अंपायर बिहार के बैनर तले आयोजित इस पैदल मार्च के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है, जहाँ लोग लंबे समय से चल रही शहर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस पैदल मार्च में चेयरमैन पवन सिंह, हिमांशु कुमार, पप्पू डॉन, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, मोहित सिंह, विद्या विनोद प्रेमी, हैप्पी, अभय और सौरव सहित सैकड़ों की संख्या में शहर के युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। इन सभी ने शहर का भ्रमण कर अपना विरोध दर्ज कराया।1
- पटना जिले के बाढ़ अंतर्गत सलालपुर गांव के पास एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने के बाद क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। इस घटना को लेकर परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मद्यनिषेध विभाग की टीम पर युवक के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस का पक्ष अलग है। पुलिस का कहना है कि युवक किसी हमले का शिकार नहीं हुआ है, बल्कि वह अपनी बाइक से गिरकर घायल हुआ है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।1