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पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बख्तियारपुर का नाम बदलने के लिए अब आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार की शाम स्थानीय लोगों ने मुगल आक्रांता बख्तियार खिजली के नाम पर शहर का नाम रखे जाने का कड़ा विरोध किया। लेट्स अंपायर बिहार के बैनर तले आयोजित इस पैदल मार्च के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है, जहाँ लोग लंबे समय से चल रही शहर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस पैदल मार्च में चेयरमैन पवन सिंह, हिमांशु कुमार, पप्पू डॉन, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, मोहित सिंह, विद्या विनोद प्रेमी, हैप्पी, अभय और सौरव सहित सैकड़ों की संख्या में शहर के युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। इन सभी ने शहर का भ्रमण कर अपना विरोध दर्ज कराया।
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पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बख्तियारपुर का नाम बदलने के लिए अब आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार की शाम स्थानीय लोगों ने मुगल आक्रांता बख्तियार खिजली के नाम पर शहर का नाम रखे जाने का कड़ा विरोध किया। लेट्स अंपायर बिहार के बैनर तले आयोजित इस पैदल मार्च के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है, जहाँ लोग लंबे समय से चल रही शहर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस पैदल मार्च में चेयरमैन पवन सिंह, हिमांशु कुमार, पप्पू डॉन, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, मोहित सिंह, विद्या विनोद प्रेमी, हैप्पी, अभय और सौरव सहित सैकड़ों की संख्या में शहर के युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। इन सभी ने शहर का भ्रमण कर अपना विरोध दर्ज कराया।
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- पटना के बाढ़ में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गवाही देने पहुंचे माता-पिता और वकील का बयान दर्ज कर लिया गया है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय दशहरा का परिसर बारिश के पानी के कारण पूरी तरह से झील में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के कारण स्कूल में पढ़ाई करना एक बड़ी समस्या बन गया है और सबसे बड़ा संकट यह उत्पन्न हो गया है कि आखिर बच्चे और शिक्षक क्लासरूम तक जाएं तो जाएं कैसे। इस विकट परिस्थिति का सामना करते हुए स्कूल के शिक्षकों और बच्चों को मजबूरन इसी पानी को पार कर क्लासरूम में प्रवेश करना पड़ रहा है। गंदे पानी के बीच से होकर गुजरने के कारण हर समय बड़े हादसे का डर बना रहता है। ऐसी स्थिति में यदि कोई शिक्षक या छात्र फिसल कर गिर जाता है, तो हाथ-पैर टूटना बिल्कुल निश्चित है और इससे भी आगे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इतनी बड़ी समस्या होने के बावजूद अब तक इस मामले में न तो विभागीय पदाधिकारियों ने कोई संज्ञान लिया है और न ही स्थानीय प्रशासन जागा है। प्रशासन और विभाग इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं और परिसर में इकट्ठे हो चुके पानी की निकासी के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। इस सिलसिले में शुक्रवार की शाम 'Let's Inspire Bihar' के बैनर तले एक पैदल यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने तुर्क-अफगान सेनापति बख्तियार खिलजी के नाम पर शहर के नामकरण का कड़ा विरोध जताया और इसे बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग दोहराई। आयोजकों का कहना है कि यह मांग काफी समय से उठाई जा रही है और अब इसे एक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी इस पैदल यात्रा में नगर परिषद के चेयरमैन पवन सिंह, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, पप्पू डॉन, विद्या विनोद प्रेमी, मोहित सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, हैप्पी राणा, अभय और सौरव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है। उन्होंने भविष्य में भी इस विषय पर जनजागरण अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। फिलहाल बख्तियारपुर का नाम बदलने को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।1
- पटना जिले के बेलछी में हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान कई मकानों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। इस अभियान के कारण प्रभावित परिवारों के बीच हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।3
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत दशहरा पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय दशहरा का पूरा परिसर बारिश के पानी के कारण झील में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के बाद अब सबसे बड़ी समस्या यह खड़ी हो गई है कि आखिर क्लासरूम में जाया कैसे जाए। इस कठिन परिस्थिति का सामना करते हुए विद्यालय के शिक्षक और बच्चे मजबूरन इस झील रूपी पानी को पार करके ही अपनी क्लासों में जाने को विवश हैं। इस तरह पानी के बीच से गुजरने के कारण हर वक्त हादसे का डर बना रहता है, जिससे शिक्षकों या बच्चों के हाथ-पैर टूटने या फिर कोई और गंभीर अनहोनी होने की पूरी आशंका बनी हुई है। इस संवेदनशील मामले को लेकर अब तक विभागीय पदाधिकारियों या प्रशासन की नींद नहीं खुली है और वे पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। परिसर में जमा हुए इस पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई भी कदम नहीं उठाया गया है और न ही इस समस्या से उबरने का कोई प्रयास किया जा रहा है।1
- समस्तीपुर के विद्यापतिनगर थाने में तैनात दरोगा शक्ति सिंह को अनुशासनहीनता और अपराधियों के साथ मिलीभगत के आरोपों में निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बिहार पुलिस की वर्दी को कलंकित करते हुए एक गंभीर आपराधिक मामले के आरोपी को बचाने का प्रयास किया। मामला बंगराहा निवासी रामप्रीत यादव के पुत्र इशांत उर्फ छोटू के अपहरण और हत्या से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि दरोगा शक्ति सिंह ने न केवल आरोपी को बचाने में सीधी मदद की, बल्कि उसके लिए आवेदन तक लिखवाया। इसके अतिरिक्त, दरोगा द्वारा पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई को ही गलत ठहराने का प्रयास किया जा रहा था। इन गंभीर आरोपों के संज्ञान में आने के बाद एसपी ने शक्ति सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बख्तियारपुर का नाम बदलने के लिए अब आंदोलन तेज हो गया है। शुक्रवार की शाम स्थानीय लोगों ने मुगल आक्रांता बख्तियार खिजली के नाम पर शहर का नाम रखे जाने का कड़ा विरोध किया। लेट्स अंपायर बिहार के बैनर तले आयोजित इस पैदल मार्च के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है, जहाँ लोग लंबे समय से चल रही शहर का नाम बदलकर 'मगध द्वार' करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस पैदल मार्च में चेयरमैन पवन सिंह, हिमांशु कुमार, पप्पू डॉन, संजय यादवेंदु, टुली सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक कुमार, मोहित सिंह, विद्या विनोद प्रेमी, हैप्पी, अभय और सौरव सहित सैकड़ों की संख्या में शहर के युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। इन सभी ने शहर का भ्रमण कर अपना विरोध दर्ज कराया।1
- पटना जिले के मोकामा में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शराब तस्करी के महज शक में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने के आरोप में मोकामा आरपीएफ पोस्ट के एएसआई पप्पू यादव को निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित चंदन कुमार का आरोप है कि मंगलवार देर रात मोकामा पूर्वी समपार फाटक के पास गश्त के दौरान उसे रोका गया और शराब तस्करी का शक जताते हुए झाड़ियों में ले जाकर लाठियों से पीटा गया। इसके बाद उसे रेलवे एक्ट के एक मामले में हाजत में बंद कर दिया गया। युवक का आरोप है कि गंभीर चोट लगने के बावजूद उसे पूरी रात इलाज नहीं मिला। अगले दिन तबीयत बिगड़ने पर जब चंदन को रिहा किया गया, तो परिजनों ने उसे मोकामा ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। इलाज के बाद पीड़ित युवक ने मोकामा रेल थाना में एएसआई के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दानापुर आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त उदय सिंह पवार ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर पाए जाने पर एएसआई पप्पू यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर झाझा स्थित आरपीएफ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1