रामनगर में बुलडोजर एक्शन के बीच महिला को हार्ट अटैक! 83 परिवारों के आशियानों पर चला बुलडोजर, महिला अस्पताल में भर्ती रिपोर्टर- सीमा खेतवाल स्थान- रामनगर, उत्तराखंड एंकर:-रामनगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अपर कोसी क्षेत्र में बुलडोजर से आशियाने उजाड़े जा रहे थे, इसी दौरान 45 वर्षीय महिला फात्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक महिला को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में महिला को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई में करीब 83 परिवारों के मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। अपने आशियाने उजड़ते देख महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ठंड के मौसम में परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ। भारी पुलिस बल, जिला प्रशासन और वन विभाग की मौजूदगी में बुलडोजर ने कच्चे और पक्के मकानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। कार्रवाई फेज-2 के तहत की जा रही है, जिसमें करीब 83 परिवारों के आशियाने हटाए जा रहे हैं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से घेर लिया गया है। पुलिस, वन विभाग, जिला प्रशासन, फायर टीम और अन्य सुरक्षा बल मौके पर तैनात हैं। बुलडोजर कार्रवाई के बीच सबसे दर्दनाक तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब 45 वर्षीय फात्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार महिला को दिल का दौरा पड़ा। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तत्काल एंबुलेंस से महिला को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया। महिला के बेटे शादाब ने बताया कि परिवार देर रात से ही अपना सामान समेटने में जुटा था। लेकिन सुबह जब मकान पर कार्रवाई शुरू हुई, तो उनकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई। शादाब, महिला का पुत्र कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कई परिवारों ने खुद अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था। कोई ईंटें निकाल रहा था, तो कोई दरवाजे और जरूरी सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटा था। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वर्षों से बसे उनके आशियाने उजड़ रहे हैं, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि बच्चों और परिवार को लेकर आखिर जाएं तो जाएं कहां? गौरतलब है कि वर्ष 2025 में फेज-1 के तहत करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। फेज-2 में 90 से अधिक परिवारों को हटाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन करीब 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते फिलहाल उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है। फिलहाल अपर कोसी क्षेत्र में प्रशासन का बुलडोजर एक्शन जारी है। एक तरफ वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, तो दूसरी तरफ उजड़ते आशियाने और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ती महिला। फात्मा की तबीयत बिगड़ने की घटना ने इस कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों के सामने खड़े मानवीय संकट को भी उजागर कर दिया है।
रामनगर में बुलडोजर एक्शन के बीच महिला को हार्ट अटैक! 83 परिवारों के आशियानों पर चला बुलडोजर, महिला अस्पताल में भर्ती रिपोर्टर- सीमा खेतवाल स्थान- रामनगर, उत्तराखंड एंकर:-रामनगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अपर कोसी क्षेत्र में बुलडोजर से आशियाने उजाड़े जा रहे थे, इसी दौरान 45 वर्षीय महिला फात्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक महिला को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में महिला को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई में करीब 83 परिवारों के मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। अपने आशियाने उजड़ते देख महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ठंड के मौसम में परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ। भारी पुलिस बल, जिला प्रशासन और वन विभाग की मौजूदगी में बुलडोजर ने कच्चे और पक्के मकानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। कार्रवाई फेज-2 के तहत की जा रही है, जिसमें करीब 83 परिवारों के आशियाने हटाए जा रहे हैं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से घेर लिया गया है। पुलिस, वन विभाग, जिला प्रशासन, फायर टीम और अन्य सुरक्षा बल मौके पर तैनात हैं। बुलडोजर कार्रवाई के बीच सबसे दर्दनाक तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब 45 वर्षीय फात्मा की अचानक
तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार महिला को दिल का दौरा पड़ा। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तत्काल एंबुलेंस से महिला को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया। महिला के बेटे शादाब ने बताया कि परिवार देर रात से ही अपना सामान समेटने में जुटा था। लेकिन सुबह जब मकान पर कार्रवाई शुरू हुई, तो उनकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई। शादाब, महिला का पुत्र कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कई परिवारों ने खुद अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था। कोई ईंटें निकाल रहा था, तो कोई दरवाजे और जरूरी सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटा था। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वर्षों से बसे उनके आशियाने उजड़ रहे हैं, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि बच्चों और परिवार को लेकर आखिर जाएं तो जाएं कहां? गौरतलब है कि वर्ष 2025 में फेज-1 के तहत करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। फेज-2 में 90 से अधिक परिवारों को हटाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन करीब 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते फिलहाल उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है। फिलहाल अपर कोसी क्षेत्र में प्रशासन का बुलडोजर एक्शन जारी है। एक तरफ वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, तो दूसरी तरफ उजड़ते आशियाने और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ती महिला। फात्मा की तबीयत बिगड़ने की घटना ने इस कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों के सामने खड़े मानवीय संकट को भी उजागर कर दिया है।
- रामनगर में बुलडोजर एक्शन के बीच महिला को हार्ट अटैक! 83 परिवारों के आशियानों पर चला बुलडोजर, महिला अस्पताल में भर्ती रिपोर्टर- सीमा खेतवाल स्थान- रामनगर, उत्तराखंड एंकर:-रामनगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अपर कोसी क्षेत्र में बुलडोजर से आशियाने उजाड़े जा रहे थे, इसी दौरान 45 वर्षीय महिला फात्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक महिला को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में महिला को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई में करीब 83 परिवारों के मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। अपने आशियाने उजड़ते देख महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ठंड के मौसम में परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ। भारी पुलिस बल, जिला प्रशासन और वन विभाग की मौजूदगी में बुलडोजर ने कच्चे और पक्के मकानों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। कार्रवाई फेज-2 के तहत की जा रही है, जिसमें करीब 83 परिवारों के आशियाने हटाए जा रहे हैं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से घेर लिया गया है। पुलिस, वन विभाग, जिला प्रशासन, फायर टीम और अन्य सुरक्षा बल मौके पर तैनात हैं। बुलडोजर कार्रवाई के बीच सबसे दर्दनाक तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब 45 वर्षीय फात्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार महिला को दिल का दौरा पड़ा। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तत्काल एंबुलेंस से महिला को रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया। महिला के बेटे शादाब ने बताया कि परिवार देर रात से ही अपना सामान समेटने में जुटा था। लेकिन सुबह जब मकान पर कार्रवाई शुरू हुई, तो उनकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई। शादाब, महिला का पुत्र कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कई परिवारों ने खुद अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था। कोई ईंटें निकाल रहा था, तो कोई दरवाजे और जरूरी सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटा था। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वर्षों से बसे उनके आशियाने उजड़ रहे हैं, लेकिन अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि बच्चों और परिवार को लेकर आखिर जाएं तो जाएं कहां? गौरतलब है कि वर्ष 2025 में फेज-1 के तहत करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। फेज-2 में 90 से अधिक परिवारों को हटाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन करीब 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते फिलहाल उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है। फिलहाल अपर कोसी क्षेत्र में प्रशासन का बुलडोजर एक्शन जारी है। एक तरफ वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, तो दूसरी तरफ उजड़ते आशियाने और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ती महिला। फात्मा की तबीयत बिगड़ने की घटना ने इस कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों के सामने खड़े मानवीय संकट को भी उजागर कर दिया है।2
- युवाओं मे बढ़ता सांस्कृतिक प्रेम बागेश्वर मे युवा महोत्स्व मे दिखा संस्कृति और परम्परा के प्रति युवाओं का उत्साह.. बागेश्वर मे युवा महोत्स्व मे दिखा संस्कृति और परम्परा के प्रति युवाओं का उत्साह..1
- UP Weather Alert: यूपी के 75 जिलों में बारिश का अलर्ट! 10 डिग्री गिरेगा तापमान, किसानों की बढ़ी चिंता उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है! चक्रवाती तूफान 'अरनब' के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज ठंडी हवाओं और घने बादलों ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। मौसम विभाग ने यूपी के सभी 75 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। आखिर किन जिलों में होगी भारी बारिश? कितनी गिरेगी ठंड? और किसानों की फसल पर कितना पड़ेगा असर? जानिए इस वीडियो में पूरी खबर विस्तार से... उत्तर प्रदेश के लखनऊ, नोएडा, आगरा, मथुरा, जौनपुर समेत करीब 20 शहरों में बारिश और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिला है। कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं, जबकि लगातार बदलते मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार, गोरखपुर, अयोध्या और मुरादाबाद समेत कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। ऐसे में प्रदेश में ठंड का असर और बढ़ सकता है। किसानों के लिए भी बड़ी चिंता! बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल और कटाई के बाद खुले में रखी उपज को नुकसान पहुंचने का खतरा है। किसानों को सलाह दी गई है कि अगले कुछ दिनों तक खेतों में सिंचाई और रासायनिक दवाओं का छिड़काव करने से बचें। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसान फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर पर दे सकते हैं। क्या तूफान का खतरा टल गया है? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र में बदल रहा है। हालांकि, इसके प्रभाव से मौसम में बदलाव जारी रह सकता है। इस वीडियो में जानिए: उत्तर प्रदेश के मौसम का ताजा हाल, 75 जिलों में जारी अलर्ट, भारी बारिश की संभावना, तापमान में गिरावट, किसानों की फसल पर असर और आने वाले दिनों के मौसम का अनुमान। वीडियो को अंत तक जरूर देखें, क्योंकि मौसम से जुड़ी ये जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर आप भी उत्तर प्रदेश में रहते हैं, तो अपने जिले का नाम कमेंट में जरूर बताएं और बताएं कि आपके यहां बारिश हो रही है या नहीं! ऐसी ही महत्वपूर्ण मौसम अपडेट और उत्तर प्रदेश की हर बड़ी खबर के लिए G EXPRESS को Subscribe करें। वीडियो पसंद आए तो LIKE करें और अपने दोस्तों व परिवार के साथ SHARE जरूर करें। G EXPRESS – खबर हर जरूरी, सबसे पहले! ध्यान दें: मौसम संबंधी पूर्वानुमान बदल सकते हैं। अपने जिले की आधिकारिक चेतावनी के लिए मौसम विभाग की ताजा जानकारी जरूर देखें। #UPWeather #UPWeatherAlert #UPRainAlert #UttarPradeshWeather #UPNews #WeatherUpdate #HeavyRainAlert #GExpress #UPWeather #UPWeatherAlert #UPRainAlert #UPMausam #UttarPradesh #UPNews #WeatherNews #HeavyRainAlert #RainAlert #LucknowWeather #NoidaWeather #AgraWeather #MathuraWeather #YogiAdityanath #FarmersNews #HindiNews #BreakingNews #GExpress1
- गोदाम में लगी भीषण आग पर फायर ब्रिगेड का काबू, बड़ा हादसा टला नगर पालिका के एमआरएफ गोदाम में लगी भीषण आग पर फायर ब्रिगेड का काबू, बड़ा हादसा टला बागेश्वर के गरुड़ रोड स्थित नगर पालिका के एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) गोदाम में 29 अक्टूबर की रात अचानक भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन बागेश्वर की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मिनी हाई प्रेशर वाहन से पानी पंप कर होज रील की मदद से आग बुझाने का कार्य शुरू किया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के निर्देश पर पुलिस और अग्निशमन प्रशासन दीपावली के मद्देनजर पूरी तरह अलर्ट मोड में था। आग के फैलते दायरे को देखते हुए फायर स्टेशन गरुड़ से अतिरिक्त अग्निशमन वाहन और फोर्स बुलाई गई। दोनों स्टेशनों के वाहनों के बीच रिले पंपिंग स्थापित कर लगातार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई; टीम ने लगभग 200 लीटर फोम और चार फायर बॉल का उपयोग किया। फायर स्टेशन प्रभारी त्रिलोक राम के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मियों तथा नगर पालिका कर्मियों के संयुक्त प्रयास से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को जान का नुकसान नहीं हुआ, हालांकि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार संपत्ति को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है।1
- गैरसैंण विधानसभा सत्र को लेकर विधायक मनोज तिवारी ने सरकार पर साधा निशाना अल्मोड़ा। अल्मोड़ा बारामंडल क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने गुरुवार को कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल दो दिन का सत्र आयोजित कर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए, जबकि सदन में जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। मनोज तिवारी ने कहा कि सरकार गैरसैंण में पर्यटक की तरह आई और चली गई। सत्र में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बजाय सरकार ने इसे केवल अपने तक सीमित रखा। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए सदन की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए और विधानसभा कम से कम सात दिन चलनी चाहिए। महज दो दिन का सत्र आयोजित करना जनता की आवाज दबाने जैसा है। विधायक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में नियम 310 के तहत प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई। नियम 58 के तहत भी उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रहरी, आशा कार्यकर्ता, भोजन माता और पीआरडी कर्मियों के नियमितीकरण, पुरानी पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार घिर रही है। इन्हीं सवालों से बचने के लिए विधानसभा का छोटा सत्र आयोजित किया गया। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, आनंद बगड़वाल आदि मौजूद रहे।1
- जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना के सम्बंध में जानकारी देते यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन। जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना के सम्बंध में जानकारी देते यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन।1
- हेलीकॉप्टर हादसे पर शंकराचार्य ने जताया शोक, बदरीनाथ धाम की मर्यादा बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मौत पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। शंकराचार्य ने इस दुर्घटना के कारणों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि हादसे के पीछे तकनीकी खराबी, मौसम संबंधी परिस्थितियों अथवा व्यावसायिक दबाव की भूमिका की गहनता से पड़ताल होनी चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हवाई सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने बदरीनाथ धाम की धार्मिक पवित्रता, प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि धाम परिसर और पवित्र यात्रा मार्ग पर डीजे, नाच-गाने तथा अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन तीर्थस्थल की गरिमा के अनुरूप नहीं है। देवभूमि के तीर्थों की आध्यात्मिक पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखना आवश्यक है। शंकराचार्य ने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री से धाम क्षेत्र में धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट एवं कठोर नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम की मौलिक आध्यात्मिक पहचान और धार्मिक परंपराओं की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।1
- आजीविका का बाजार, पहाड़ी उत्पादों को मिलेगा नया मंच सरस मेला रिपोर्ट सीमा खेतवाल जिला अल्मोड़ा अल्मोड़ा के ऐतिहासिक मल्ला महल में आज से आजीविका सरस मेले का आगाज हो गया है। तीन दिवसीय इस मेले में पहाड़ की महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता की झलक देखने को मिल रही है। कहीं पहाड़ी मसालों की खुशबू है तो कहीं जैविक दालों, पारंपरिक उत्पादों, ऐपण कला और हथकरघा का आकर्षण। मेले में 25 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां ग्रामीण महिलाओं के हुनर को बाजार देने की कोशिश की जा रही है। कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने मेले का शुभारंभ कर स्टॉलों का निरीक्षण किया और लोगों से स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे मेले पहाड़ की महिलाओं की आजीविका को वास्तव में नई उड़ान दे पाएंगे? - पहाड़ की महिलाएं अब सिर्फ घर और खेतों तक सीमित नहीं, बल्कि अपने हुनर को कारोबार में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। अल्मोड़ा के ऐतिहासिक मल्ला महल में शुरू हुआ तीन दिवसीय आजीविका सरस मेला इसी बदलाव की तस्वीर पेश कर रहा है। जिला प्रशासन और ग्राम्य विकास विभाग की ओर से आयोजित इस मेले का शुभारंभ कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने फीता काटकर किया। मेले में कुल 25 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पहाड़ी मसालों से लेकर जैविक दालें, बेकरी उत्पाद, प्रसंस्कृत फल, ऐपण कला और हथकरघा से तैयार सामान लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन उत्पादों के पीछे ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और पारंपरिक हुनर छिपा है। मकसद साफ है—स्थानीय उत्पादों को बाजार मिले और महिला स्वयं सहायता समूहों की आमदनी बढ़े। उद्घाटन के बाद कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिलाओं के उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से स्वदेशी और जैविक उत्पादों को खरीदने की अपील की। अब देखना होगा कि तीन दिनों तक चलने वाला यह मेला सिर्फ प्रदर्शनी बनकर रह जाता है या पहाड़ की महिलाओं के उत्पादों को स्थायी बाजार दिलाने का रास्ता भी खोलता है। एफबीओ - पहाड़ की महिलाओं के हाथों में हुनर है, उत्पादों में पहाड़ की पहचान है, जरूरत सिर्फ इतनी है कि इस हुनर को बाजार मिले और आत्मनिर्भरता का सपना हकीकत बने। बाइट दीपक रावत, आयुक्त कुमाऊं3