गोदाम में लगी भीषण आग पर फायर ब्रिगेड का काबू, बड़ा हादसा टला नगर पालिका के एमआरएफ गोदाम में लगी भीषण आग पर फायर ब्रिगेड का काबू, बड़ा हादसा टला बागेश्वर के गरुड़ रोड स्थित नगर पालिका के एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) गोदाम में 29 अक्टूबर की रात अचानक भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन बागेश्वर की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मिनी हाई प्रेशर वाहन से पानी पंप कर होज रील की मदद से आग बुझाने का कार्य शुरू किया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के निर्देश पर पुलिस और अग्निशमन प्रशासन दीपावली के मद्देनजर पूरी तरह अलर्ट मोड में था। आग के फैलते दायरे को देखते हुए फायर स्टेशन गरुड़ से अतिरिक्त अग्निशमन वाहन और फोर्स बुलाई गई। दोनों स्टेशनों के वाहनों के बीच रिले पंपिंग स्थापित कर लगातार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई; टीम ने लगभग 200 लीटर फोम और चार फायर बॉल का उपयोग किया। फायर स्टेशन प्रभारी त्रिलोक राम के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मियों तथा नगर पालिका कर्मियों के संयुक्त प्रयास से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को जान का नुकसान नहीं हुआ, हालांकि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार संपत्ति को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है।
गोदाम में लगी भीषण आग पर फायर ब्रिगेड का काबू, बड़ा हादसा टला नगर पालिका के एमआरएफ गोदाम में लगी भीषण आग पर फायर ब्रिगेड का काबू, बड़ा हादसा टला बागेश्वर के गरुड़ रोड स्थित नगर पालिका के एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) गोदाम में 29 अक्टूबर की रात अचानक भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन बागेश्वर की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मिनी हाई प्रेशर वाहन से पानी पंप कर होज रील की मदद से आग बुझाने का कार्य शुरू किया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के निर्देश पर पुलिस और अग्निशमन प्रशासन दीपावली के मद्देनजर पूरी तरह अलर्ट मोड में था। आग के फैलते दायरे को देखते हुए फायर स्टेशन गरुड़ से अतिरिक्त अग्निशमन वाहन और फोर्स बुलाई गई। दोनों स्टेशनों के वाहनों के बीच रिले पंपिंग स्थापित कर लगातार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई; टीम ने लगभग 200 लीटर फोम और चार फायर बॉल का उपयोग किया। फायर स्टेशन प्रभारी त्रिलोक राम के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मियों तथा नगर पालिका कर्मियों के संयुक्त प्रयास से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को जान का नुकसान नहीं हुआ, हालांकि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार संपत्ति को करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हो सकता है।
- नुमाइशखेत मैदान में तीन नवंबर से तीन दिवसीय सरस मेले का आयोजन नुमाइशखेत मैदान में तीन नवंबर से तीन दिवसीय सरस मेले का आयोजन बागेश्वर के नुमाइशखेत मैदान में तीन नवंबर से तीन दिवसीय सरस मेले का आयोजन होगा। मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को बाजार मिलेगा। 35 स्टॉलों के जरिए ग्रामीण उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तीन से पांच नवंबर तक सरस मेला आयोजित किया जाएगा। मेले में कृषि, उद्यान और उद्योग विभाग के साथ महिला समूहों के उत्पाद प्रदर्शित होंगे। लोकगीत, लोकनृत्य, मेहंदी और एपण प्रतियोगिताएं भी आकर्षण रहेंगी। इसके अलावा बायर-सेलर मीट आयोजित कर महिलाओं को सीधे जोड़ने की पहल होगी। प्रशासन का कहना है कि मेले से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।1
- रामनगर पूछड़ी में वन विभाग का बड़ा एक्शन, दूसरे चरण में 81 अवैध निर्माण ध्वस्त, 5 हेक्टेयर तक वन भूमि कब्जामुक्त रिपोर्टर- सीमा खेतवाल स्थान- रामनगर रामनगर के पूछड़ी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान के दूसरे चरण में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 81 अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर करीब 4 से 5 हेक्टेयर वन भूमि को कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती रही, जबकि 30 से ज्यादा जेसीबी मशीनों और डंपरों की मदद से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। शाम छह बजे शुरू हुई कार्रवाई रात दस बजे तक जारी रही। अभियान के बाद मौके से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया। रामनगर के पूछड़ी क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब साढ़े चार बजे प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ पहुंची। प्रभावित लोगों को शाम पांच बजे तक अपना सामान हटाने का समय दिया गया। इसके बाद शाम छह बजे से अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू कर दिया गया। मस्जिद मोहल्ला और मुल्ला पट्टी क्षेत्र में चिह्नित निर्माणों पर एक के बाद एक जेसीबी मशीनें गरजती रहीं। करीब चार घंटे तक चले इस अभियान में 81 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर वन भूमि को कब्जे में लिया गया। रात दस बजे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी हुई, जिसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। कार्रवाई के बाद तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ पुनीत तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूछड़ी के अपर कोसी बीट में पहले चरण के दौरान 51 अवैध निर्माण हटाए गए थे, जबकि दूसरे चरण में 83 निर्माणों की सूची तैयार की गई थी। जिला प्रशासन और वन विभाग ने दस्तावेजों का कई बार सत्यापन किया। न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त मामलों, वन अधिकार अधिनियम की प्रक्रिया के अंतर्गत आने वाले मामलों और जिनकी बेदखली की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया। जांच के बाद अंतिम रूप से 81 निर्माणों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किया गया। पुनीत तोमर, डीएफओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग डीएफओ के मुताबिक भारतीय वन अधिनियम के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए, आदेश पारित किए गए और अपीलों पर सुनवाई के बाद कार्रवाई की गई। न्यायालय में विचाराधीन और स्थगन आदेश वाले मामलों को अभियान से बाहर रखा गया। कार्रवाई को अंजाम देने के लिए तराई पश्चिमी, तराई पूर्वी, तराई केंद्रीय, हल्द्वानी, रामनगर और कॉर्बेट क्षेत्र से वनकर्मियों को बुलाया गया था। वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 800 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। अतिरिक्त बल और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को मिलाकर मौके पर एक हजार से अधिक जवान और कर्मचारी मौजूद रहे। अभियान के दौरान 30 से ज्यादा जेसीबी मशीनों, डंपरों और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। डीएफओ पुनीत तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वन भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, पीआईयू जमरानी और नगर पालिका सहित संबंधित विभागों का सहयोग रहा। उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। वहीं पूछड़ी में लोगों को स्टांप पेपर पर जमीन बेचकर बसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर डीएफओ ने कहा कि यह अलग विषय है। इस मामले में जिला स्तर पर कार्रवाई गतिमान है और एसआईटी का गठन भी किया गया है। वन विभाग के अनुसार उसकी प्राथमिकता वन भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराकर वापस विभाग के कब्जे में लेना था। फिलहाल पूछड़ी में अतिक्रमण हटाने के दूसरे चरण का अभियान पूरा हो चुका है। वन विभाग के मुताबिक 81 अवैध निर्माण ध्वस्त कर करीब 4 से 5 हेक्टेयर वन भूमि कब्जामुक्त कराई गई है। भारी पुलिस बल और मशीनरी की मौजूदगी में चले इस अभियान के बाद अब मौके से मलबा हटाने का काम जारी है।2
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहुंचे बीजेपी कार्यालय भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में शामिल होने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहुंचे बीजेपी कार्यालय भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में शामिल होने बैठक में MLC चुनाव मैं जीत और हर को लेकर चर्चा होगी संगठन सहित सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर होगी1
- चमोली में हुए हेलीकॉप्टर पर हादसे में रिस्क जारी ,जिलाधिकारी ने दी जानकारी1
- गौचर में मानवता की मिसाल 90 दिव्यांगों की जिंदगी बदली मिले कृत्रिम अंग चमोली चमोली नगर पालिका गौचर में शनिवार को बड़ा सेवा शिविर! पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज में लगे दो दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग सहायता शिविर में 90 दिव्यांगजनों को नया सहारा मिला। समाज कल्याण विभाग और जयपुर की प्रसिद्ध भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर जरूरतमंदों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण बांटे। शिविर का आगाज वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचंद्र गौड़ ने किया। उन्होंने कहा - "ऐसे शिविर निराश्रितों के लिए उम्मीद की किरण हैं।" मौके पर समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल, समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर बनशाली सहित तमाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे1
- विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन, नोडल अधिकारियों को दिए निर्देश चम्पावत। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार ने नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्वाचन संबंधी दायित्वों का अध्ययन कर निर्धारित समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्यों के लिए टीमों का गठन, कार्मिकों के प्रशिक्षण, मतदान दलों की उपलब्धता और रिटर्निंग ऑफिसर की हैंडबुक का अध्ययन करने को कहा। साथ ही मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति (एमसीएमसी), स्थैतिक निगरानी दलों (एसएसटी), वाहनों, खानपान और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की समय से तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने बताया कि तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाएगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी प्रत्येक सोमवार को बैठक कर निर्वाचन संबंधी तैयारियों की जानकारी साझा की जा रही है। बैठक में प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र सिंह अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।1
- कांग्रेस ने निकाली न्याय यात्रा, हरक सिंह रावत हुए शामिल CM धामी को बताया भ्रष्ट लोकेशन – लक्सर, उत्तराखंड रिपोर्टर – सीमा खेतवाल खबर लक्सर से है, जहां कांग्रेस पार्टी की ओर से न्याय यात्रा निकाली गई। यह यात्रा शिव चौक से शुरू होकर बालावाली तिराहे तक पहुंची। न्याय यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं उत्तराखंड कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत भी शामिल हुए। इस दौरान हरक सिंह रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने पुष्कर सिंह धामी से ज्यादा भ्रष्ट मुख्यमंत्री नहीं देखा। हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड से भाजपा की विदाई होगी और कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। बाइट – हरक सिंह रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं अध्यक्ष, कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति, उत्तराखंड।3
- हेली दुर्घटना जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के पार्थिव शरीरों को रेस्क्यू करने में प्रशासन की जुटा *चमोली - ज्योतिर्मठ के समीप कल दोपहर हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की दुखद मृत्यु के बाद जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित रेस्क्यू एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर रेस्क्यू अभियान तेजी से संचालित किया जा रहा है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के पार्थिव शरीरों को रेस्क्यू करने में प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। दुर्घटनास्थल अत्यंत दुर्गम एवं ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के चलते भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ एवं वन विभाग की टीमें पांडुकेश्वर की ओर से कठिन पहाड़ी रास्तों पर पैदल चढ़ाई कर घटनास्थल तक पहुंच चुकी हैं और पार्थिव शरीरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई में जुटी हैं। रेस्क्यू अभियान को सुरक्षित बनाने के लिए आसपास के ऊंचाई वाले गांवों की ओर से वैकल्पिक पैदल मार्गों की भी तलाश की जा रही है। सभी रेस्क्यू एजेंसियां आपसी समन्वय एवं बेहतर तालमेल के साथ कार्य कर रही हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम की चुनौतियों के बीच अभियान में जुटे जवानों एवं कार्मिकों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क एवं समन्वय बनाए हुए है। रेस्क्यू टीमों द्वारा पूरी तत्परता से कार्य किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी छह मृतकों के पार्थिव शरीरों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर जोशीमठ पहुंचाया जाए। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा अभियान की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा सभी आवश्यक सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।1