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उत्तर पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित एक स्पेयर पार्ट्स की दुकान में आग लग गई। घटना की जानकारी मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर तत्काल काबू पा लिया गया।
भारत हिंदी खबर
उत्तर पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित एक स्पेयर पार्ट्स की दुकान में आग लग गई। घटना की जानकारी मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर तत्काल काबू पा लिया गया।
More news from दिल्ली and nearby areas
- खोड़ा कॉलोनी में शुक्रवार की नमाज़ के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुख्य इंतज़ाम किए गए हैं। इसी क्रम में, क्षेत्र में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।1
- ballamgarh thoda majbut1
- दिल्ली की हर्ष विहार मंडोली जेल में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक के परिवार वालों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके प्रियजन को जहर देकर मारा गया है।1
- केंद्र सरकार ने उन मेधावी छात्रों की सहायता के लिए पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना शुरू की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने में मुश्किलों का सामना करते हैं। यह योजना बढ़ते पढ़ाई के खर्चों के बीच छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित यह छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और डीएनटी (DNT) वर्ग के छात्रों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि हजारों परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम हो और बच्चे अपने सपनों को पूरा कर सकें। योजना के तहत, 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को हर साल अधिकतम ₹75,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाई का बढ़ता खर्च देखते हुए हर साल ₹1.25 लाख तक की सहायता मिलती है, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें। सरकार का मानना है कि इस पहल से देश के हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलेंगे।1
- दिल्ली के करावल नगर स्थित प्रकाश विहार में एक चार मंजिला मकान ढहने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रभावित परिवारों का स्पष्ट आरोप है कि यह हादसा नाले के निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान हुआ, जब उनके मकान में दरारें आ गईं और बाद में पूरी इमारत ढह गई। इस घटना के कारण मकान मालिक और कई किरायेदार बेघर हो गए हैं, जिससे यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर इस नुकसान की जिम्मेदारी किसकी है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि जांच में ठेकेदार की लापरवाही सामने आए या संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। मामले की जांच अभी जारी है। रोज़ाना टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय लोगों की पूरी बात सामने आई है।1
- मुमताज गैंग और हाशिम बाबा गैंग के बीच चल रही आपसी रंजिश के कारण हुई एक फायरिंग की घटना के संबंध में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने मुमताज गैंग के दो शातिर अपराधियों और एक सीसीएल (कानून से संघर्षरत बच्चा) को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, मुमताज गैंग के सदस्यों ने इस रंजिश के चलते पीड़ित पर फायरिंग की थी। गिरफ्तार किए गए गैंगवार के शूटरों के पास से पुलिस ने एक बेरेटा पिस्टल, एक देसी कट्टा और सात जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।1
- विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने स्पष्ट किया है कि हत्या कर शव ले जाने जैसे जघन्यतम अपराध के मामले में जल्द ही कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई योगी सरकार की मंशा के अनुरूप एक नजीर बनेगी, जिससे भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लग सके। इसके अतिरिक्त, विधायक ने बताया कि लोनी क्षेत्र में अवैध मदरसों के खिलाफ भी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- नेहरू कॉलोनी में प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि चुनाव के दौरान कॉलोनी को लेकर कोई आपत्ति नहीं उठाई गई थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनके मकानों और दुकानों को अवैध घोषित कर ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहाँ रह रहे थे, और उन्हें अचानक नोटिस देकर बेघर कर दिया गया। इस कार्रवाई में कई मकान और दुकानें जमींदोज हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने अब आजीविका और आवास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोगों ने विधायक धनेश अदलखा पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के समय विधायक ने कॉलोनीवासियों को आश्वासन दिया था कि किसी भी कीमत पर उनके घर नहीं तोड़े जाएंगे। हालाँकि, अब बुलडोजर चलने के बाद लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पुनर्वास और मुआवजे की मांग की है। दूसरी ओर, प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है और अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान जारी रहेगा। नेहरू कॉलोनी के प्रभावित परिवार अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से यह सवाल पूछ रहे हैं कि यदि निर्माण वास्तव में अवैध थे, तो इतने वर्षों तक उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, और यदि लोग वैध रूप से निवास कर रहे थे, तो उन्हें पर्याप्त राहत और पुनर्वास प्रदान क्यों नहीं किया गया।1