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केंद्र सरकार ने उन मेधावी छात्रों की सहायता के लिए पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना शुरू की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने में मुश्किलों का सामना करते हैं। यह योजना बढ़ते पढ़ाई के खर्चों के बीच छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित यह छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और डीएनटी (DNT) वर्ग के छात्रों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि हजारों परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम हो और बच्चे अपने सपनों को पूरा कर सकें। योजना के तहत, 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को हर साल अधिकतम ₹75,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाई का बढ़ता खर्च देखते हुए हर साल ₹1.25 लाख तक की सहायता मिलती है, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें। सरकार का मानना है कि इस पहल से देश के हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलेंगे।

2 hrs ago
user_Mohit Badtiya
Mohit Badtiya
Civil Lines, Central Delhi•
2 hrs ago

केंद्र सरकार ने उन मेधावी छात्रों की सहायता के लिए पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना शुरू की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने में मुश्किलों का सामना करते हैं। यह योजना बढ़ते पढ़ाई के खर्चों के बीच छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित यह छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और डीएनटी (DNT) वर्ग के छात्रों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि हजारों परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम हो और बच्चे अपने सपनों को पूरा कर सकें। योजना के तहत, 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को हर साल अधिकतम ₹75,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाई का बढ़ता खर्च देखते हुए हर साल ₹1.25 लाख तक की सहायता मिलती है, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें। सरकार का मानना है कि इस पहल से देश के हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलेंगे।

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  • स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्वी रोहतास नगर की लुधियाना बिल्डिंग में स्थित एक पुरानी इमारत में आज भी एक डिस्पेंसरी संचालित की जा रही है, जिसे नगर निगम ने वर्षों पहले लीज पर लिया था। हाल ही में, तेज आंधी और बारिश के दौरान इस भवन के छज्जे की दीवार अचानक नीचे गिर गई, जिससे नीचे खड़ी दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि जब भवन की हालत जर्जर बताई जा रही है, तो क्या नगर निगम ने समय रहते इसकी सुरक्षा जांच कराई थी? आम लोगों और वहां कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
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    स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्वी रोहतास नगर की लुधियाना बिल्डिंग में स्थित एक पुरानी इमारत में आज भी एक डिस्पेंसरी संचालित की जा रही है, जिसे नगर निगम ने वर्षों पहले लीज पर लिया था। हाल ही में, तेज आंधी और बारिश के दौरान इस भवन के छज्जे की दीवार अचानक नीचे गिर गई, जिससे नीचे खड़ी दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।

इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि जब भवन की हालत जर्जर बताई जा रही है, तो क्या नगर निगम ने समय रहते इसकी सुरक्षा जांच कराई थी? आम लोगों और वहां कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है।
    user_Rtn.1 News
    Rtn.1 News
    Local News Reporter यमुना विहार, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    28 min ago
  • खोड़ा कॉलोनी में शुक्रवार की नमाज़ के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुख्य इंतज़ाम किए गए हैं। इसी क्रम में, क्षेत्र में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
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    खोड़ा कॉलोनी में शुक्रवार की नमाज़ के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुख्य इंतज़ाम किए गए हैं। इसी क्रम में, क्षेत्र में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    55 min ago
  • नागरिकों के लिए अब अपनी शिकायतें, सुझाव या महत्वपूर्ण विचार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाना आसान हो गया है। इसके लिए NaMo App, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक वेबसाइट, डाक सेवा और एक विशेष हेल्पलाइन जैसे कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। NaMo App के ज़रिए नागरिक सीधे अपना संदेश भेज सकते हैं, जबकि CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने और हेल्पलाइन नंबर 011-23012312 पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। सरकार का दावा है कि आम जनता की आवाज़ को सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने के लिए ये सभी माध्यम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
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    नागरिकों के लिए अब अपनी शिकायतें, सुझाव या महत्वपूर्ण विचार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाना आसान हो गया है। इसके लिए NaMo App, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की आधिकारिक वेबसाइट, डाक सेवा और एक विशेष हेल्पलाइन जैसे कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं।

NaMo App के ज़रिए नागरिक सीधे अपना संदेश भेज सकते हैं, जबकि CPGRAMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजने और हेल्पलाइन नंबर 011-23012312 पर संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है। सरकार का दावा है कि आम जनता की आवाज़ को सीधे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने के लिए ये सभी माध्यम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
    user_Ragini Garg
    Ragini Garg
    Civil Lines, Central Delhi•
    1 hr ago
  • ballamgarh thoda majbut
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    ballamgarh
thoda majbut
    user_Raushan Kumar
    Raushan Kumar
    सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    1 hr ago
  • दिल्ली की हर्ष विहार मंडोली जेल में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक के परिवार वालों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके प्रियजन को जहर देकर मारा गया है।
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    दिल्ली की हर्ष विहार मंडोली जेल में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक के परिवार वालों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके प्रियजन को जहर देकर मारा गया है।
    user_भारत हिंदी खबर
    भारत हिंदी खबर
    Local News Reporter सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • केंद्र सरकार ने उन मेधावी छात्रों की सहायता के लिए पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना शुरू की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने में मुश्किलों का सामना करते हैं। यह योजना बढ़ते पढ़ाई के खर्चों के बीच छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित यह छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और डीएनटी (DNT) वर्ग के छात्रों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि हजारों परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम हो और बच्चे अपने सपनों को पूरा कर सकें। योजना के तहत, 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को हर साल अधिकतम ₹75,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाई का बढ़ता खर्च देखते हुए हर साल ₹1.25 लाख तक की सहायता मिलती है, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें। सरकार का मानना है कि इस पहल से देश के हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलेंगे।
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    केंद्र सरकार ने उन मेधावी छात्रों की सहायता के लिए पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना शुरू की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने में मुश्किलों का सामना करते हैं। यह योजना बढ़ते पढ़ाई के खर्चों के बीच छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित यह छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से ओबीसी (OBC), ईबीसी (EBC) और डीएनटी (DNT) वर्ग के छात्रों पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को फीस, किताबें, स्टेशनरी और पढ़ाई से जुड़े अन्य खर्चों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि हजारों परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम हो और बच्चे अपने सपनों को पूरा कर सकें।

योजना के तहत, 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को हर साल अधिकतम ₹75,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाई का बढ़ता खर्च देखते हुए हर साल ₹1.25 लाख तक की सहायता मिलती है, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें। सरकार का मानना है कि इस पहल से देश के हर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर मिलेंगे।
    user_Mohit Badtiya
    Mohit Badtiya
    Civil Lines, Central Delhi•
    2 hrs ago
  • नेहरू कॉलोनी में प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि चुनाव के दौरान कॉलोनी को लेकर कोई आपत्ति नहीं उठाई गई थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनके मकानों और दुकानों को अवैध घोषित कर ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहाँ रह रहे थे, और उन्हें अचानक नोटिस देकर बेघर कर दिया गया। इस कार्रवाई में कई मकान और दुकानें जमींदोज हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने अब आजीविका और आवास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोगों ने विधायक धनेश अदलखा पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के समय विधायक ने कॉलोनीवासियों को आश्वासन दिया था कि किसी भी कीमत पर उनके घर नहीं तोड़े जाएंगे। हालाँकि, अब बुलडोजर चलने के बाद लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पुनर्वास और मुआवजे की मांग की है। दूसरी ओर, प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है और अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान जारी रहेगा। नेहरू कॉलोनी के प्रभावित परिवार अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से यह सवाल पूछ रहे हैं कि यदि निर्माण वास्तव में अवैध थे, तो इतने वर्षों तक उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, और यदि लोग वैध रूप से निवास कर रहे थे, तो उन्हें पर्याप्त राहत और पुनर्वास प्रदान क्यों नहीं किया गया।
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    नेहरू कॉलोनी में प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि चुनाव के दौरान कॉलोनी को लेकर कोई आपत्ति नहीं उठाई गई थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनके मकानों और दुकानों को अवैध घोषित कर ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहाँ रह रहे थे, और उन्हें अचानक नोटिस देकर बेघर कर दिया गया। इस कार्रवाई में कई मकान और दुकानें जमींदोज हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने अब आजीविका और आवास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

लोगों ने विधायक धनेश अदलखा पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के समय विधायक ने कॉलोनीवासियों को आश्वासन दिया था कि किसी भी कीमत पर उनके घर नहीं तोड़े जाएंगे। हालाँकि, अब बुलडोजर चलने के बाद लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

प्रभावित परिवारों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पुनर्वास और मुआवजे की मांग की है। दूसरी ओर, प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है और अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान जारी रहेगा। नेहरू कॉलोनी के प्रभावित परिवार अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से यह सवाल पूछ रहे हैं कि यदि निर्माण वास्तव में अवैध थे, तो इतने वर्षों तक उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, और यदि लोग वैध रूप से निवास कर रहे थे, तो उन्हें पर्याप्त राहत और पुनर्वास प्रदान क्यों नहीं किया गया।
    user_Gaurav verma
    Gaurav verma
    Graphic designer करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
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