बहराइच के जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि शासन के निर्देशों के अनुसार, साधारण मिट्टी के खनन और परिवहन से संबंधित पहले जारी किए गए सभी आदेशों को रद्द कर दिया गया है। अब 100 घन मीटर तक साधारण मिट्टी के खनन या परिवहन के लिए केवल ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। वहीं, यदि मिट्टी की मात्रा 100 घन मीटर से अधिक है, तो उसके खनन और परिवहन के लिए विभागीय 'माइन मित्रा पोर्टल' पर ऑनलाइन आवेदन कर अनुज्ञा पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। किसानों को अपने निजी उपयोग, जैसे खेत के काम या अन्य कृषि कार्यों के लिए, 100 घन मीटर तक साधारण मिट्टी के खनन और परिवहन हेतु पोर्टल पर अनुमति ब्लॉक में पंजीकरण करना आवश्यक होगा। इस प्रक्रिया के लिए उन्हें खनन योजना या खनन अनुज्ञा पत्र की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पंजीकरण के लिए इच्छुक किसानों को अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरकर अपना लॉगिन बनाना होगा। पंजीकरण प्रमाण पत्र मिलने के बाद वे नियमानुसार 100 घन मीटर तक मिट्टी का खनन कार्य कर सकते हैं। आमजन को यह भी सुझाव दिया गया है कि वे किसी भी प्रकार का अवैध खनन न करें और न ही बिना वैध प्रपत्रों के साधारण मिट्टी का खनन या परिवहन करें। खनन के लिए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन खनन अनुज्ञा पत्र प्राप्त करना आवश्यक है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए संबंधित तहसील, खनन कार्यालय अथवा माइन मित्रा पोर्टल पर संपर्क किया जा सकता है।
बहराइच के जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि शासन के निर्देशों के अनुसार, साधारण मिट्टी के खनन और परिवहन से संबंधित पहले जारी किए गए सभी आदेशों को रद्द कर दिया गया है। अब 100 घन मीटर तक साधारण मिट्टी के खनन या परिवहन के लिए केवल ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। वहीं, यदि मिट्टी की मात्रा 100 घन मीटर से अधिक है, तो उसके खनन और परिवहन के लिए विभागीय 'माइन मित्रा पोर्टल' पर ऑनलाइन आवेदन कर अनुज्ञा पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। किसानों को अपने निजी उपयोग, जैसे खेत के काम या अन्य कृषि कार्यों के लिए, 100 घन मीटर तक साधारण मिट्टी के खनन और परिवहन हेतु पोर्टल पर अनुमति ब्लॉक में पंजीकरण करना आवश्यक होगा। इस प्रक्रिया के लिए उन्हें खनन योजना या खनन अनुज्ञा पत्र की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पंजीकरण के लिए इच्छुक किसानों को अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरकर अपना लॉगिन बनाना होगा। पंजीकरण प्रमाण पत्र मिलने के बाद वे नियमानुसार 100 घन मीटर तक मिट्टी का खनन कार्य कर सकते हैं। आमजन को यह भी सुझाव दिया गया है कि वे किसी भी प्रकार का अवैध खनन न करें और न ही बिना वैध प्रपत्रों के साधारण मिट्टी का खनन या परिवहन करें। खनन के लिए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन खनन अनुज्ञा पत्र प्राप्त करना आवश्यक है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए संबंधित तहसील, खनन कार्यालय अथवा माइन मित्रा पोर्टल पर संपर्क किया जा सकता है।
- बहराइच में रिसिया पुलिस ने एक चोरी का सनसनीखेज़ खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को 24 घंटे के भीतर चोरी के आभूषणों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर नरसिंहडीहा पर जाल बिछाया गया और दबिश देकर शातिर चोर मुकीम को धर-दबोचा गया। आरोपी मुकीम के कब्जे से 2 झुमकी, 2 कान की बाली, 1 मंगलसूत्र और अन्य आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में चोरी की अन्य वारदातों से जुड़े अहम सुराग मिलने की भी चर्चा है। आरोपी के खिलाफ चोरी और माल बरामदगी का मामला दर्ज किया गया है, और कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।1
- जनपद बहराइच में जून माह का खाद्यान्न वितरण अभी तक नहीं किया गया है, जिसके चलते एक बड़े खाद्यान्न घोटाले की आशंका जताई जा रही है। शिवसेना जिला प्रमुख बहराइच, अर्जुन पंडित शिवाकांत ने माननीय मुख्यमंत्री जी से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आरोप है कि 14 ब्लॉक के सभी कोटेदार खाद्यान्न को "बंदर बांट" कर ब्लैक मार्केटिंग करना चाहते हैं, और यदि जिले के अधिकारी इसमें शामिल न होते तो वितरण 7 तारीख से ही शुरू हो जाता। शिकायत में कहा गया है कि खाद्यान्न वितरण न होने का मुख्य कारण उसका "बंदर बांट" कर ब्लैक मार्केटिंग करना और बेच देना है। इस स्थिति के चलते करोड़ों रुपए का खाद्यान्न घोटाला होने का आरोप लगाया गया है। यह दशा तेजवापुर, फखरपुर, जरवल, पयागपुर, चितौरा, मिहींपुरवा, शिवपुर, महसी, कैसरगंज, हुजूरपुर, रिसिया और बलहा विकासखंडों सहित कई लिखित ब्लॉकों में बताई गई है। अर्जुन पंडित शिवाकांत ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि एक उच्च स्तरीय टीम बनाकर इस बात की जांच कराई जाए कि आखिर खाद्यान्न अब तक क्यों वितरित नहीं कराया गया। उन्होंने जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने की भी मांग की है, यह कहते हुए कि सारा भ्रष्टाचार उन्हीं के द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने इस करोड़ों रुपए के खाद्यान्न घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें जेल भेजने की अपील की है।1
- भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें एक तस्कर को तेरह लाख रुपये मूल्य की चरस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई सीमा पार से होने वाले अपराधों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई, जो भारतीय पुलिस और एसएसबी द्वारा चलाए जा रहे ड्रग माफिया विरोधी अभियानों का हिस्सा है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार दोपहर बाद दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। यह विवाद एक किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप को लेकर शुरू हुआ। आक्रोशित लोगों ने आरोपी युवक के घर पहुंचकर जमकर पथराव किया और वहां की रेलिंग तोड़ दी। इसके बाद, भीड़ ने आरोपी युवक के सहयोगी की आटा चक्की में भी आग लगाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर तीन थानों की पुलिस तैनात की गई है, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।3
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बहराइच पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक वृंदजीत श्रीवास्तव के नेतृत्व में, भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख मार्गों पर पैदल रूट मार्च किया गया। इस रूट मार्च में पुलिस अधीक्षक वृंदजीत श्रीवास्तव के साथ अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर नारायण दत्त मिश्रा और कोतवाली नगर प्रभारी बृजेंद्र कुमार मिश्रा भी शामिल रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और उपस्थित लोगों से शांति तथा भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बहराइच पुलिस का यह शक्ति प्रदर्शन अमन-चैन बनाए रखने और मोहर्रम के त्योहार को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- माननीय मुख्यमंत्री जी से जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक करोड़ रुपये के जेवरात की बरामदगी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई है। बताया गया है कि 17 साल पहले मुदित अग्रवाल की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात पुलिस ने मालखाने में जमा करवाए थे। जब अग्रवाल का मुकदमा न्यायालय से समाप्त हुआ और उन्होंने अपने जेवरात वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, तो जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस ने लिखित बयान देकर चौंकाने वाला दावा किया। पुलिस के अनुसार, सोने के जेवरात पानी में भीगने से खराब हो गए थे और उन्हें सूखने के लिए छत पर पोटलों में रखा गया था, जहाँ से बंदर उन्हें उठा ले गए। इस अजीबोगरीब दावे पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या जनपद लखीमपुर खीरी की पुलिस ईमानदार है या भ्रष्टाचार में संलिप्त है। आरोप लगाया गया है कि जिले में सबसे ज्यादा गुंडागर्दी, भू-माफिया गर्दी, गैंगवार और अवैध असलहा फैक्ट्रियां चलती हैं, लेकिन वहाँ की 'निकम्मी पुलिस' कोई कार्रवाई नहीं करती। यह भी कहा गया है कि पुलिस का एकमात्र काम अवैध धन वसूली है, जिसमें ईसानगर और धौरहरा क्षेत्र में सर्वाधिक वसूली होती है, और वहाँ के क्षेत्र अधिकारी व थाना प्रभारी दोनों ही 'करप्ट और भ्रष्टाचारी' हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि लखीमपुर खीरी प्रशासन पर मुकदमा पंजीकृत हो और एक करोड़ रुपये के जेवरात बरामद करवाए जाएं।1
- बहराइच जनपद के नानपारा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इटहा जगदीश नगर से 15 वर्षीय नाबालिग रेशमा को एक युवक भगा ले गया है। इस घटना को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और न ही आरोपी युवक की गिरफ्तारी हुई है। जानकारी के अनुसार, जगदीश नगर की ही रहने वाली एक पड़ोसी महिला ने कथित तौर पर युवक को नाबालिग लड़की को भगाने में मदद की। अब यही महिला कह रही है कि उसका कुछ नहीं होगा, जिससे पीड़ित परिवार की हताशा और बढ़ गई है। पीड़ित पिता ने अपनी बेटी की वापसी और न्याय के लिए नानपारा कोतवाली थाने से लेकर उच्च अधिकारियों तक गुहार लगाई है। पिता लगातार अपनी बेटी को वापस पाने के लिए न्याय की अपील कर रहा है, लेकिन 11 दिन बाद भी रेशमा का कोई पता नहीं चला है।2
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित एक लाइब्रेरी भवन में अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके चलते अंदर मौजूद छात्र-छात्राओं में भारी अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान, अपनी जान बचाने के लिए कई छात्रों को ऊपरी मंजिल से कूदना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कुछ लोगों के घायल होने की आशंका जताई गई है, जबकि इमारत के अंदर फंसे सभी को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा है।1