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बहराइच में रिसिया पुलिस ने एक चोरी का सनसनीखेज़ खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को 24 घंटे के भीतर चोरी के आभूषणों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर नरसिंहडीहा पर जाल बिछाया गया और दबिश देकर शातिर चोर मुकीम को धर-दबोचा गया। आरोपी मुकीम के कब्जे से 2 झुमकी, 2 कान की बाली, 1 मंगलसूत्र और अन्य आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में चोरी की अन्य वारदातों से जुड़े अहम सुराग मिलने की भी चर्चा है। आरोपी के खिलाफ चोरी और माल बरामदगी का मामला दर्ज किया गया है, और कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
Mohit Nepali
बहराइच में रिसिया पुलिस ने एक चोरी का सनसनीखेज़ खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को 24 घंटे के भीतर चोरी के आभूषणों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर नरसिंहडीहा पर जाल बिछाया गया और दबिश देकर शातिर चोर मुकीम को धर-दबोचा गया। आरोपी मुकीम के कब्जे से 2 झुमकी, 2 कान की बाली, 1 मंगलसूत्र और अन्य आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस की पूछताछ में चोरी की अन्य वारदातों से जुड़े अहम सुराग मिलने की भी चर्चा है। आरोपी के खिलाफ चोरी और माल बरामदगी का मामला दर्ज किया गया है, और कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
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- भारत-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसमें एक तस्कर को तेरह लाख रुपये मूल्य की चरस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई सीमा पार से होने वाले अपराधों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई, जो भारतीय पुलिस और एसएसबी द्वारा चलाए जा रहे ड्रग माफिया विरोधी अभियानों का हिस्सा है।1
- बहराइच में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने पुलिस के सहयोग से एक संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों, वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाने वाले व्यक्तियों, मालवाहक वाहनों में अवैध रूप से सवारी ढोने वालों और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग की जांच में कुल 9 वाहनों को जब्त किया गया, वहीं 47 वाहनों का चालान काटा गया। इसके अलावा, 5 ओवरलोड मालवाहक वाहनों को भी बंद कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस तरह, बहराइच में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन का डंडा चला।1
- आगामी मोहर्रम के त्यौहार को देखते हुए बहराइच पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इसी क्रम में, बहराइच के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह, क्षेत्राधिकार नगर नारायण दत्त मिश्रा, और कोतवाली नगर प्रभारी बृजेंन्द्र कुमार मिश्रा ने पुलिस बल के साथ मिलकर शहर में पैदल रूट मार्च किया।1
- बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है, जहाँ नदी में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। गोकुलपुर निवासी विवेक और अतुल, जो नहा रहे थे, गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें पानी से बाहर निकालकर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो युवकों की एक साथ हुई इस दुखद मौत से उनके परिजनों में कोहराम मच गया है। गोकुलपुर गाँव में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है और हर तरफ मातम का माहौल छाया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँची और उसने मोर्चा संभाला। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, और हादसे की जांच अभी जारी है।1
- भारत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिससे इस पूरे प्रकरण पर सियासी और कानूनी बहस और भी तेज हो गई है। इस एनकाउंटर को लेकर लगातार कई सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, कई बीजेपी नेताओं ने भी इस मामले में पारदर्शी जांच की स्पष्ट मांग की है। मुख्य प्रश्न यह बना हुआ है कि क्या यह एनकाउंटर कानूनी दायरे में रहकर किया गया था, या इसके पीछे कोई गहरा सच छिपा हुआ है। अब देशभर की निगाहें सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या इस मामले का सच सामने आ पाएगा।1
- बहराइच जिले के थाना पयागपुर इलाके में दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। पहले हादसे में बिहार से पीलीभीत जा रही एक डीसीएम की डंपर से टक्कर हो गई। ओवरटेक करते समय हुए इस हादसे में डीसीएम में सवार खलासी पंकज की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे हादसे में, एक तेज रफ्तार बाइक ने सड़क पार कर रहे एक बुजुर्ग व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे उनकी भी जान चली गई। मृतक बुजुर्ग की पहचान पयागपुर के नेजाभार निवासी राजकुमार शुक्ल के रूप में हुई है। दोनों हादसों की सूचना पर थाना पयागपुर पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इन दोनों मामलों की जांच कर रही है।3
- माननीय मुख्यमंत्री जी से जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक करोड़ रुपये के जेवरात की बरामदगी और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई है। बताया गया है कि 17 साल पहले मुदित अग्रवाल की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात पुलिस ने मालखाने में जमा करवाए थे। जब अग्रवाल का मुकदमा न्यायालय से समाप्त हुआ और उन्होंने अपने जेवरात वापस लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया, तो जनपद लखीमपुर खीरी पुलिस ने लिखित बयान देकर चौंकाने वाला दावा किया। पुलिस के अनुसार, सोने के जेवरात पानी में भीगने से खराब हो गए थे और उन्हें सूखने के लिए छत पर पोटलों में रखा गया था, जहाँ से बंदर उन्हें उठा ले गए। इस अजीबोगरीब दावे पर सवाल उठाते हुए, यह पूछा गया है कि क्या जनपद लखीमपुर खीरी की पुलिस ईमानदार है या भ्रष्टाचार में संलिप्त है। आरोप लगाया गया है कि जिले में सबसे ज्यादा गुंडागर्दी, भू-माफिया गर्दी, गैंगवार और अवैध असलहा फैक्ट्रियां चलती हैं, लेकिन वहाँ की 'निकम्मी पुलिस' कोई कार्रवाई नहीं करती। यह भी कहा गया है कि पुलिस का एकमात्र काम अवैध धन वसूली है, जिसमें ईसानगर और धौरहरा क्षेत्र में सर्वाधिक वसूली होती है, और वहाँ के क्षेत्र अधिकारी व थाना प्रभारी दोनों ही 'करप्ट और भ्रष्टाचारी' हैं। मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि लखीमपुर खीरी प्रशासन पर मुकदमा पंजीकृत हो और एक करोड़ रुपये के जेवरात बरामद करवाए जाएं।1
- एक वायरल वीडियो और धमकी के संबंध में 'सम्राट' नामक व्यक्ति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पूछा जा रहा है कि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस 'सम्राट' का पता क्यों नहीं लगा पाई। पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या 57 पुलिसकर्मी उसे ज़िंदा पकड़ने में डरपोक साबित हुए। यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता बढ़ाती है और पुलिस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े करती है।1
- एक नई अपडेट में, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर RE-NEET 2026 परीक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि परीक्षा शुरू होने से ठीक 10 मिनट पहले ही केंद्र बदल दिया गया। इस घटना के बाद, NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और सीधा आरोप लगाया गया है कि "तुमसे ना हो पायेगा" यानी NTA ठीक ढंग से परीक्षा आयोजित करने में अक्षम है। इस पूरे मामले को लेकर यह भी मांग उठी है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा।1