मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अटेर में चंबल नदी पर बने पुल के चालू न होने को लेकर क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुल पर सफर करने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर 'जनकल्याण संघर्ष समिति' और स्थानीय ग्रामीण बीते 21 मई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। यह पुल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमाओं को आपस में जोड़ता है। आंदोलनकारी सीढ़ियों के सहारे जान जोखिम में डालकर पुल पर चढ़कर आवागमन कर रहे हैं। इस जन आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुँचे। उन्होंने पुल की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की घोर लापरवाही के कारण ही क्षेत्रवासी अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर विवश हैं। बघेल ने सरकार की संवेदनहीनता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही के चलते कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है।
मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अटेर में चंबल नदी पर बने पुल के चालू न होने को लेकर क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुल पर सफर करने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर 'जनकल्याण संघर्ष समिति' और स्थानीय ग्रामीण बीते 21 मई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। यह पुल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमाओं को आपस में जोड़ता है। आंदोलनकारी सीढ़ियों के सहारे जान जोखिम में डालकर पुल पर चढ़कर आवागमन कर रहे हैं। इस जन आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुँचे। उन्होंने पुल की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की घोर लापरवाही के कारण ही क्षेत्रवासी अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर विवश हैं। बघेल ने सरकार की संवेदनहीनता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही के चलते कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है।
- झांसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गाड़ी चालक अक्सर उनके ठीक सामने आकर खड़े हो जाते हैं, जिसके कारण यात्री आसानी से बाहर नहीं निकल पाते।1
- अटेर क्षेत्र के ग्राम सपाड़ में जगत नारायण पुत्र सरजू प्रसाद पर सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगा है। यह मामला खसरा नंबर 166, रकबा नंबर 0.23 और प्रकरण नंबर 00/19 अ. 68/24-25 से संबंधित है। आरोप है कि जगत नारायण ने पूरे तालाब की जमीन पर तारबंदी कर दी है, जिसके कारण जानवर तालाब से पानी नहीं पी पा रहे हैं। इतना ही नहीं, हर साल इस जमीन पर फसल भी उगाई जा रही है। शासन-प्रशासन पर इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन से निवेदन किया गया है कि तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके।2
- इटावा के गांधी नगर इलाके में एक कार पर पत्थरबाजी की गई, जिसके कारण कार का शीशा टूट गया। इस घटना में कार सवार लोग बाल-बाल बच गए। पीड़ित ने इस संबंध में फ्रेंड्स कॉलोनी थाने जाकर एक शिकायती पत्र सौंपा है और पुलिस से मामले में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है।1
- इटावा में विभिन्न स्तरों पर मिली शिकायतों के बाद उपजिलाधिकारी के निर्देशन में 4 जून 2026 को एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यह अभियान जुडियो मॉल से पक्का बाग तिराहे तक डीप टॉकीज रोड पर केंद्रित था। इस दौरान सड़क और फुटपाथ पर अवैध रूप से डंप की गई गिट्टी, मौरंग और अन्य निर्माण सामग्री को हटवाया गया। प्रशासन ने अतिक्रमण करने वाले कुल पांच दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें से चार दुकानदारों से ₹2,500 प्रति दुकान की दर से ₹10,000 और एक अन्य दुकानदार से ₹2,000 का जुर्माना वसूला गया, जिससे कुल ₹12,000 का जुर्माना जमा किया गया। इस अभियान में राजस्व एवं नगर पालिका की टीम के साथ पर्याप्त पुलिस बल, जेसीबी और ट्रैक्टर भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क और फुटपाथ पर अवैध कब्जा एवं निर्माण सामग्री रखने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।1
- इटावा में उपजिलाधिकारी के निर्देशन में 04 जून 2026 को जुडियो माल से पक्का बाग तिराहे तक डीप टाकीज रोड पर एक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई विभिन्न स्तरों पर प्राप्त शिकायतों के क्रम में की गई। अभियान के दौरान, सड़क और फुटपाथ पर जमा की गई गिट्टी, मौरंग जैसी सामग्री को हटवाया गया। इसके साथ ही, कुल पाँच दुकानदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई, जिनमें से चार दुकानदारों से ₹2,500 प्रति दुकान की दर से ₹10,000 और एक दुकानदार से ₹2,000 का जुर्माना वसूल किया गया। कुल मिलाकर, अतिक्रमण के खिलाफ ₹12,000 का जुर्माना वसूल करते हुए कड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान मौके पर राजस्व एवं पालिका टीम के अधिकारियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल, जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर भी मौजूद रहे।1
- जसवंतनगर में राज्य कर विभाग ने गुरुवार शाम विराट होटल में एक व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता अपर आयुक्त ग्रेड-2 सुरेंद्र मोहन सिंह ने की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की कर संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान करना, विभाग और व्यापारियों के बीच विश्वास बढ़ाना तथा अधिक से अधिक व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करना था। इसमें संयुक्त आयुक्त राज्य कर खंड-3 अनिरुद्ध कुमार राय और उपायुक्त राज्य कर खंड प्रथम अरुण सिंह सहित विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे, वहीं व्यापार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों और महिला उद्यमियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान, अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी 2.0 के नए प्रावधानों, ई-इनवॉयसिंग व्यवस्था और ऑनलाइन कर सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, ऑनलाइन और ऑफलाइन सेवाओं के साथ-साथ कर संबंधी विभिन्न नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विभागीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य कर विभाग ने अपनी अधिकांश प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और सरल बना दिया है, जिससे व्यापारियों को सुविधा मिलेगी और उनके समय की बचत होगी। संवाद के दौरान, व्यापारियों ने जीएसटी रिटर्न, बैंकिंग प्रक्रियाओं, ऋण वितरण में आने वाली कठिनाइयों और जटिल कर प्रक्रियाओं से संबंधित अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। विभागीय अधिकारियों ने इन सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कर व्यवस्था को और अधिक सरल तथा सुगम बनाने पर भी विशेष जोर दिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, महामंत्री अभिषेक पोरवाल, कोषाध्यक्ष संजय जैन, दयाशंकर गुप्ता, गौरव जैन, राजेंद्र गौड़ और नीरज दुबे सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजीव माथुर ने सफलतापूर्वक किया।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में देहात थाना पुलिस ने दिनदहाड़े फायरिंग कर हत्या का प्रयास करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक कट्टा भी बरामद किया है। यह जानलेवा हमला गत 31 मई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे रेलवे स्टेशन के पास हुआ था। अशोक नगर (भिंड) निवासी फरियादी अजीत भदौरिया ने देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह अपनी कार से जा रहे थे, तभी तीन बाइकों पर सवार होकर आए 6 हमलावरों ने उन पर कट्टे और पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फरियादी ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई थी। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन सिंह राजपूत के निर्देशन व मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। देहात थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में गठित टीम ने खुफिया तंत्र और मुखबिरों की सहायता से बीते कल (03 जून) की शाम को आईटीआई रोड, भिंड से दो आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके कब्जे से 315 बोर का एक कट्टा जब्त किया है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से जारी है। इस अंधे कत्ल के प्रयास का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक (SI) अजय यादव, प्रधान आरक्षक गुरुदास सोही, मनीष भदौरिया, आरक्षक फिरोज खान, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, अवधेश चौहान, महेन्द्र यादव, दलवीर जाट, अजीत सिकरवार, कमल तोमर, दीपक जादौन, बृजेश लाखरे और म.आर. किरण कुशवाह की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अटेर में चंबल नदी पर बने पुल के चालू न होने को लेकर क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुल पर सफर करने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर 'जनकल्याण संघर्ष समिति' और स्थानीय ग्रामीण बीते 21 मई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। यह पुल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमाओं को आपस में जोड़ता है। आंदोलनकारी सीढ़ियों के सहारे जान जोखिम में डालकर पुल पर चढ़कर आवागमन कर रहे हैं। इस जन आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुँचे। उन्होंने पुल की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की घोर लापरवाही के कारण ही क्षेत्रवासी अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर विवश हैं। बघेल ने सरकार की संवेदनहीनता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही के चलते कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है।1