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कलयुग में ममता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक माँ अपने ही मासूम बच्चों को इस तरह छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि क्या एक माँ अपने ही मासूम बच्चों को इस तरह छोड़कर जा सकती है।
Md Zafir Mansoor news report
कलयुग में ममता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक माँ अपने ही मासूम बच्चों को इस तरह छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि क्या एक माँ अपने ही मासूम बच्चों को इस तरह छोड़कर जा सकती है।
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- कलयुग में ममता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक माँ अपने ही मासूम बच्चों को इस तरह छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद हर किसी के मन में यही सवाल उठ रहा है कि क्या एक माँ अपने ही मासूम बच्चों को इस तरह छोड़कर जा सकती है।1
- IYC अध्यक्ष उदय भानु जी ने दिल्ली पुलिस से 3 तीखे सवाल पूछते हुए जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल किया है कि पुलिस हिरासत में कुल कितने छात्र मौजूद हैं और घायल छात्रों की मेडिकल जानकारी कब तक जारी की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए 20 जुलाई की CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने को कहा है, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।1
- भागलपुर के जिछो स्थित शिव मंदिर प्रांगण में सावन के पावन अवसर पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष विनीता सिंह और उनके सुपुत्र उत्कर्ष फाउंडेशन के निदेशक मंजीत सिंह द्वारा क्षेत्र की हजारों महिलाओं को साड़ी वितरित कर सम्मानित किया गया। मां-बेटे द्वारा मानवता और नारियों के प्रति सम्मान का परिचय देने वाले इस आयोजन से क्षेत्र की नारियों में काफी खुशी और उत्साह देखा गया। विनीता सिंह ने जानकारी दी कि यह परंपरा पिछले 10 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक भोलेनाथ की कृपा रहेगी, सावन की सोमवारी पर जिछो स्थित शिवलिंग पर जलार्पण करने आने वाली महिलाओं के सम्मान में साड़ी वितरण का यह कार्यक्रम हर साल आयोजित किया जाता रहेगा। वहीं मंजीत सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम पिछले दो दिनों से चल रहा है और सावन माह के प्रवेश तक लगातार जारी रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ी के दिलों में सनातन धर्म के प्रति आस्था अनवरत बनी रहे। इस विशेष सम्मान समारोह के दौरान स्थानीय ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। मौके पर डॉ. विभूति सिंह, राजेश कुमार, अभिमन्यु दास, सुभाष यादव और रंजीत कुमार सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- Post by Imtiyaz alam1
- बिहार के भागलपुर अंतर्गत सुल्तानगंज में साइबर अपराध पर रोक लगाने और लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य से 'साइबर स्मार्ट ट्यूसडे' अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के एक निजी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और सिटी एसपी अतुलेश झा सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्कूली बच्चों को साइबर ठगी के बढ़ते मामलों से सतर्क रहने की सलाह दी। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें तथा ओटीपी, बैंक खाता या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें। इसके अलावा सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास साइबर सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना है। इसी उद्देश्य से साइबर स्मार्ट ट्यूसडे अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों और थाना क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि बच्चे और आम जनता साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बच सकें।4
- तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित मध्य विद्यालय-2 परिसर में मंगलवार को आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक चले इस शिविर का नेतृत्व नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली प्रिया ने किया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ बड़ी संख्या में पहुँचे लोगों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी-अपनी समस्याएँ रखीं। शिविर के दौरान कुल 25 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों में से अधिकतर मामले नगर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था से जुड़े हुए थे। कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली प्रिया ने स्वयं लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्राप्त सभी आवेदनों के त्वरित निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचाना तथा उनकी शिकायतों का पारदर्शिता के साथ शीघ्र समाधान करना है। इस आयोजन में कई स्थानीय प्रतिनिधि और विभागीय कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- एक मां अपने तीन-तीन मासूम बच्चों को सुनसान नदी के किनारे अकेला छोड़कर चली गई। बच्चों के रोने और बिलखने की चीख सुनकर पास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों मासूम बच्चों को उनके दादा-दादी के सुपुर्द कर दिया है।1
- देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस की स्थिति और देश की सरकार के निकम्मेपन पर तीखा हमला बोला गया है। राजधानी में सुरक्षा के गिरते स्तर को लेकर सीधे तौर पर प्रशासन और सरकार की जवाबदेही तय करने की पुरजोर माँग की गई है। इस पूरे मुद्दे पर लोकतंत्र की दुहाई देते हुए कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछना जनता का अधिकार है और सत्ता में बैठे लोगों का यह दायित्व है कि वे उन सवालों का जवाब दें। दिल्ली पुलिस के इस हाल और सरकार के रवैये के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठाया गया है कि आखिर इन हालात के लिए जिम्मेदार कौन है।1